क्रोएशिया में 6.4 तीव्रता का भूकंप, सात लोगों की मौत
भूकंप के कारण जान-माल को काफी नुकसान हुआ है. कम से कम सात लोगों की मौत हो गई और काफी संख्या में लोग जख़्मी भी हुए हैं.
लाइव कवरेज
अमेरिका की नव-निर्वाचित उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस को लाइव टीवी पर लगा कोविड का टीका

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अमेरिका की नव-निर्वाचित उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस का नाम कोविड-19 की वैक्सीन लेने वाले राजनीतिज्ञों में शामिल हो गया है.
कमला हैरिस ने मंगलवार को कोविड19 का टीका टीवी पर लाइव लिया. उन्हें मॉडर्ना का टीका लगाया गया.
इस मौक़े पर कमला हैरिस ने कहा, "मुझे पता भी नहीं चला कि इंजेक्शन कब लग गया."
उन्होंने कहा, "मैं हर किसी को प्रोत्साहित करना चाहूंगी कि वे इंजेक्शन लें. यह लगभग दर्दरहित है. यह सुरक्षित है. मुझे वैज्ञानिकों पर भरोसा है."
क्रोएशिया में 6.4 तीव्रता का भूकंप, सात लोगों की मौत, बचावकार्य जारी
क्रोएशिया में मंगलवार को 6.4 तीव्रता वाले भूकंप के तेज़ झटके महसूस किये गए. भूकंप के कारण भारी जान-माल के नुकसान की भी सूचना है.
भूकंप के कारण हुए हादसे में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई. मरने वालों में एक 12 वर्षीय लड़की भी है. इसके अलावा कई लोग घायल भी हुए हैं.
क्रोएशिया के सरकारी टीवी रिपोर्ट के मुताबिक़, मरने वाली 12 वर्षीय लड़की पेट्रीनिजा कस्बे की रहने वाली था. जबकि ग्लीना कस्बे में चार लोगों के मरने की पुष्टि हुई है.
पेट्रीनिजा कस्बे के मेयर ने कहा कि लगभग आधा कस्बा बर्बाद हो चुका है और लोगों को मलबे से निकाला जा रहा है.
भूकंप के झटके बोस्निया, सर्बिया और इटली में भी महसूस किये गए.
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क्रोएशिया मीडिया ने बताया कि एक महिला को पेट्रीनिजा के टाउन हॉल के मलबे से ज़िंदा निकाला गया है. स्थानीय चैनल एन1 से बातचीत में पेट्रीनिजा के मेयर डारिंको ड्यूमबोविक ने बताया, "लोगों को कारों से बाहर निकाला जा रहा है. हम फिलहाल ये नहीं बता सकते हैं कि वे मृत हैं या गंभीर तौर पर जख़्मी."
ब्रेकिंग न्यूज़, ब्रिटेन में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 53 हज़ार मामले
ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. मंगलवार को ब्रिटेन में कोरोना वायरस संक्रमण के रिकॉर्ड 53 हज़ार से अधिक मामले सामने आए. जबकि 414 लोगों की मौत हो गई.
इससे एक दिन पहले 41 हज़ार से अधिक नए मामले दर्ज किये गए थे. जबकि मरने वालों की संख्या 357 थी.
ऐसा माना जा रहा था कि इस दौरान संक्रमण की दर पहले पीक यानी अप्रैल महीने की संक्रमण दर से भी अधिक है लेकिन उस दौरान होने वाले टेस्ट की संख्या और इस समय टेस्ट-क्षमता में काफी अंतर है.
ऐसे में संक्रमण की बढ़ी संख्या के पीछे एक वजह तो यह मानी जा रही है लेकिन इस बात से भी इनक़ार नहीं किया जा सकता है कि क्रिसमस वीक के दौरान संक्रमण काफी तेज़ी से फैला है.
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पाकिस्तान के पूर्व रक्षा और विदेश मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ गिरफ़्तार

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पाकिस्तान के पूर्व विदेश और रक्षा मंत्री ख़्वाजा आसिफ़ भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ़्तार कर लिए गए हैं.
ख़्वाजा आसिफ़ पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की पार्टी मुस्लिम लीग (नून) के वरिष्ठ नेता हैं.
पाकिस्तान में भ्रष्टाचार निरोधी संस्था नेशनल एकाउंटिबिलिटी ब्योरो (नैब) ने उन्हें राजधानी इस्लामाबाद से गिरफ़़्तार किया है.
उन्हें आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में गिरफ़्तार किया गया है.
नैब के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता उमरदराज़ नंगियाना को गिफ़्तारी की पुष्टि करते हुए कहा कि ख़्वाजा आसिफ़ को मंगलवार की रात रावलपिंडि नैब दफ़्तर में रखा जाएगा और बुधवार सुबह नैब अदालत से ट्रांज़िट रिमांड हासिल करने के बाद उन्हें लाहौर ले जाया जाएगा.
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बीजेपी विधानसभा चुनाव में तीस सीटें जीत कर दिखाए: ममता
प्रभाकर मणि तिवारी
कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा कि वो आने वाले विधानसभा चुनाव में तीस सीटें जीतकर दिखाए.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा से लेकर बीजेपी का हर नेता यही कह रहा है कि इस बार बीजेपी बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीतेगी.
इससे पहले उन्होंने बीजेपी पर कविगुरू रवींद्रनाथ और शांतिनिकेतन स्थित विश्वभारती विश्वविद्यालय का अपमान करने का आरोप लगाया है.
उन्होंने कहा है कि भगवा पार्टी ने चुनाव जीतने के लिए बंगाल में संकीर्ण और दंगे की राजनीति शुरू की है.
ममता मंगलवार को बीरभूम ज़िले के बोलपुर में टीएमसी के मेगा रोड शो के बाद जामबुनी इलाक़े में आयोजित रैली को संबोधित कर रही थीं.
इससे पहले उन्होंने चार किमी की पदयात्रा की. उनके साथ भारी भीड़ थी.
ममता का यह रोड शो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 20 दिसंबर के रोड शो का जवाब था.
इस रोड शो की ख़ायिसत यह थी कि शाह ने उस दौरान जिस कलाकार बासुदेब बाउल के घर दोपहर का खाना खाया था वह भी इसमें ममता के साथ थे.
बाद में ममता ने अपनी सभा में उनको मंच पर बिठाया था.
ममता ने कहा, “जिस तरह कविगुरू और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन पर हमले हो रहे हैं और उनका अपमान किया जा रहा है, उसके विरोध के लिए मेरा यहां आना ज़रूरी था."
बीजेपी पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि चुनावों के समय पार्टी के नेता बंगाल के दौरे पर आकर आदिवासियों के घर बैठ कर फ़ाइव स्टार होटल का खाना खाते हैं. चुनाव बीतने पर वह लोग नज़र नहीं आएंगे. भगवा पार्टी बाहरी लोगों को लाकर राज्य सरकार के ख़िलाफ़ कुप्रचार कर रही है. इसी रणनीति के तहत शांतिनिकेतन विश्वविद्यालय का माहौल दूषित किया जा रहा है.”
टीएमसी अध्यक्ष ने कहा कि ''बंगाल पहले से ही सोनार बांग्ला है. जो लोग स्वामी विवेकानंद और गांधी जी का सम्मान नहीं करते, वह रवींद्रनाथ का सम्मान क्या करेंगे?''
उन्होंने बीजेपी पर बंगाल में दंगे की राजनीति फैलाने का भी आरोप लगाया.
राष्ट्रगान जन, गण मन अधिनायक को बदलने के प्रयास के लिए बीजेपी को चुनौती देते हुए ममता ने कहा कि अगर साहस है तो वह इसे छू कर देखे.
बंगाल को हाईजैक नहीं किया जा सकता.
ममता का कहना था कि टीएमसी अब बरगद का पेड़ बन चुका है. आम लोग हमारे साथ हैं. अब इसकी जड़ों को नहीं हिलाया जा सकता.
किसानों के आंदोलन का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारी सर्दी में महीने भर से आंदोलन करने वाले किसानों पर केंद्र ने चुप्पी साध रखी है.
ईरान ने अपनी वैक्सीन का परीक्षण शुरू किया.
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार ईरान ने अपने देश में बनी वैक्सीन का परीक्षण शुरू कर दिया है.
देश के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद मोखबर की बेटी, ताएबेह मोखबर को मंगलवार को ‘कोव-ईरानब्लेसिंग’ की डोज़ दी गई.
ईरान के स्वास्थ्य मंत्री सईद नमाकी ने सरकारी टीवी पर एक बयान में कहा, “यह ईरान के लोगों के लिए एक संदेश था. हमें पहले से ही विश्वास था कि हम अपने लोगों को टीका देंगे, और अगर कोई जटिलताएं सामने आती हैं तो हम और हमारा परिवार उन्हें स्वेच्छा से स्वीकार करेंगे.”
मोखबर ने कहा कि देश कुछ हफ्तों के भीतर लगभग 15 लाख टीके का उत्पादन करने में सक्षम होगा.
महामारी शुरू होने के बाद से लगभग 55,000 ईरानी कोरोनोवायरस के कारण जान गंवा चुके हैं. मध्य पूर्व में आंकड़ा सबसे ज़्यादा है. इसके अलावा 12 लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं.
ईरान के नेताओं ने बार-बार कहा है कि अमेरिकी प्रतिबंध देश में कोरोनावायरस वैक्सीन को पहुंचने से रोकते हैं.हालांकि ये प्रतिबंध चिकित्सा और मानवीय सहायता पर लागू नहीं होते.

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बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'दिनभर' सुनिए फ़ैसल मोहम्मद अली से.
विश्लेषण: कोरोनावायरस के नए स्ट्रेन का फैलना चिंताजनक, लेकिन हैरान की बात नहीं, मिशेल रॉबर्ट्स, हेल्थ एडिटर, बीबीसी न्यूज़ ऑनलाइन
कोरोनावायरस का तेज़ी से फैलने वाला स्ट्रेन जिसकी सबसे पहले पहचान ब्रिटेन में की गई थी, अब दुनियाभर के 20 से अधिक देशों में पहुँच चुका है. सबसे ताज़ा मामला पाकिस्तान का है.
ये चिंता की बात है, लेकिन आश्चर्यजनक नहीं है. पहला मामला इंग्लैंड के दक्षिण में सितंबर के अंत में सामने आया था. इसका मतलब है कि इसे दूसरे देशों में फैलना का पर्याप्त समय मिला.
अब जब इसे लेकर चिंता बढ़ रही है, दुनियाभर के वैज्ञानिक इस नए स्ट्रेन को खोजने और ट्रैक करने में लगे हैं, जो कि लोगों के बीच आसानी से फैलता है. और जितना आप इसे खोजेंगे, इसके मिलने की संभावना उतनी ही ज़्यादा है.
50 से अधिक देशों ने हाल के दिनों में यूके पर यात्रा प्रतिबंध लगाए हैं ताकि इसे ज़्यादा फैलने से रोका जा सके. डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि जो देश अधिक मात्रा में टेस्ट कर रहे हैं और इसे खोजने की कोशिश में हैं, उन्हें ही ये मिलेंगे और वो इसके अनुसार क़दम उठा पाएंगे.

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पटना में कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ 10 हज़ार लोगों का विरोध प्रदर्शन
बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ विभिन्न किसान संगठनों ने मार्च किया.
दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हज़ारों किसान पिछले 34 दिनों से कृषि क़ानूनों के विरोध में डटे हुए हैं.
ऐसे में मीडिया में इस बात पर भी चर्चा हो रही है कि बिहार के किसान आख़िर विरोध प्रदर्शन क्यों नहीं कर रहे हैं.
इन सवालों का जवाब मंगलवार को शायद मिल गया जब अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के नेतृत्व में किसानों ने पटना के गांधी मैदान से राजभवन तक एक मार्च निकाला.
समन्वय समिति के अनुसार इस मार्च में 30 किसान यूनियन और वामपंथी पार्टियां शामिल थे.
उनके अनुसार मार्च में राज्य भर से आए क़रीब दस हज़ार लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें एक बड़ी संख्या महिलाओं की भी थी.





इमेज कैप्शन, विरोध मार्च में भाग लेती हुईं कांति देवी 
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पुलिस ने मार्च को रोकने के लिए डाकबंगला के पास लाठीचार्ज भी किया जिसमें कुछ लोग ज़ख़्मी बताए जा रहे हैं.
समन्वय समिति के लोगों ने राज्यपाल के ज़रिए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक विज्ञापन सौंपना चाहते थे जिनमें उनकी माँगों का ब्यौरा था.
उन्होंने प्रमुख माँगें इस प्रकार हैं-
-किसान व कृषि विरोधी 2020 तीनों काले क़ानून वापस लिये जाएं.
-जनविरोधी बिजली विधेयक 2020 वापस लिए जाएं.
-बिहार में कृषि बाज़ार समिति को पुनः बहाल किया जाय.
-तमाम किसानों से संपूर्ण धान शीघ्र न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ख़रीद की गारंटी की जाय.
झारखंड में आदिवासियों के हालात पर क्या बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन
कोरोना: रूस ने माना तीन गुना ज़्यादा मौतें हुईं

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रूस के उप-प्रधानमंत्री तातियाना गोलिकोवा ने कहा कि इस साल रूस में जो अत्यधिक मौतें हुईं हैं उनमें से 80 फ़ीसद मौतें कोरोना से हुईं हैं.
रॉसस्टैट स्टैटिस्टिक्स एजेंसी के अनुसार पिछले साल(2019) की तुलना में इस साल (2020) जनवरी से नवंबर के बीच रूस में दो लाख 30 हज़ार अधिक मौतें हुईं हैं.
इन ताज़ा आंकड़ों के अनुसार रूस में कोरोना से मरने वालों की संख्या एक लाख 86 हज़ार हो गई है.
रूस ने अब तक आधिकारिक तौर पर कोरोना से मरने वालों की संख्या 55 हज़ार बताई थी. इसका अर्थ है कि रूस में कोरोना से तीन गुना ज़्यादा मौतें हुईं हैं.
अमेरिका और ब्राज़ील में ही कोरोना से इससे ज़्यादा मौतें हुईं हैं.
रूस ने स्पूटनिक-V नामक कोरोना वैक्सीन बनाने का दावा किया है और लोगों को वैक्सीन देना शुरू भी किया जा चुका है.
रजनीकांत ने कहा - राजनीति में नहीं आ सकता, पार्टी शुरू नहीं कर सकता
जदयू के नए अध्यक्ष ने इशारों में बीजेपी पर निशाना साधा
बिहार में गठबंधन सरकार का नेतृत्व कर रही जनता दल-यूनाइटेड(जदयू) के नए अध्यक्ष आरसीपी सिंह ने इशारों में गठबंधन के साथी बीजेपी पर निशाना साधा है.
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि वो अपने नेता नीतीश कुमार के ख़िलाफ़ कोई बात बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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एक लंबे समय से नीतीश कुमार पार्टी के अध्यक्ष थे और आरसीपी सिंह को पार्टी में दूसरे नंबर का नेता कहा जाता था.
लेकिन पार्टी कार्यकारिणी की बैठक में नीतीश कुमार ने सबको चौंकाते हुए अध्यक्ष पद छोड़ दिया और आरसीपी सिंह को अध्यक्ष बना दिया गया.
इस बीच अरुणाचल प्रदेश में जदयू के छह विधायकों के बीजेपी में शामिल होने के बाद से दोनों पार्टियों में खटास पैदा हो गई है.
हालांकि नीतीश इस मामले में सीधे कोई बात करने से बचते हुए नज़र आए और बीजेपी के नेता सुशील कुमार मोदी ने भी कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में जो कुछ भी हुआ उसका असर बिहार की गठबंधन सरकार पर नहीं पड़ेगा.
भारत के क्वॉड समूह में शामिल होने से रूस क्यों खफ़ा?
नीतीश कुमार और बीजेपी में अनबन के बीच सक्रिय हुई RJD

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आरजेडी के वरिष्ठ नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने सोमवार को कहा कि अगर नीतीश कुमार एनडीए से बाहर निकलते हैं और तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाते हैं, तो विपक्ष उन्हें '' 2024 चुनावों के लिए पीएम उम्मीदवार की तरह प्रोजेक्ट करने की कोशिश करेगा.”
अखबार इन्डियन एक्सप्रेस के मुताबिक उन्होंने कहा कि वो बिहार के घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहे हुए हैं. उन्होंने कहा कि ये साफ़ है कि बीजेपी बिहार गठबंधन में “नीतीश कुमार पर अपना अधिकार जताना चाहती है.”
इससे पहले जेडीयू ने बीजेपी पर गठबंधन के धर्म का पालन नहीं करने का आरोप लगाया था, जब अरुणाचल प्रदेश में उसके छह विधायक बीजेपी में चले गए थे. इसके अलावा जेडीयू ने बिहार में ‘लव जिहाद’ पर कानून लाने की संभावना से इनकार किया.
हालांकि राज्यसभा सांसद और पूर्व डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी ने कहा कि एनडीए गठबंधन "अटूट" है और यह कि नीतीश बिहार के सीएम पद के लिए एनडीए के "स्वाभाविक विकल्प" थे, भले ही "वह मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे".
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार सही कह रहे हैं कि वो सीएम नहीं बनना चाहते थे, लेकिन एनडीए चाहता था कि वो सीएम बने, वो हमारे स्वाभाविक विकल्प थे. हम उनके चेहरे पर चुनाव लड़े थे.”
इसपर पलटवार करते हुए आरजेडी नेता और राज्यसभा सांसद मनोज झा ने समाचार एजेंसी एनआई से कहा, “इतनी लाचारी हमनें बिहार के किसी कद्दावर नेता में नहीं देखी.”
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पिछले एक हफ़्ते में बिहार की राजनीति में काफ़ी हलचल हुई है. आरसीपी सिंह ने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार संभाला है, वहीं केसी त्यागी जैसे वरिष्ठ नेताओं ने अरुणाचल प्रदेश में जो हुआ उसे गठबंधन धर्म के ख़िलाफ़ बताया है, कुछ वरिष्ठ जेडीयू नेताओं ने ये माना है कि "विश्वास की कमी है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता.”
आरजेडी नेता शिवानंद तिवारी और कांग्रेस के अजीत शर्मा जैसे विपक्षी नेताओं ने कहा है कि पहला कदम नीतीश कुमार को उठाना होगा.
जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता के सी त्यागी ने द इंडियन एक्सप्रेस अखबार से बात करते हुए कहा, “हमने कुछ चीजों को लेकर आपत्ति दर्ज की है. हम अभी भी मानते हैं कि बीजेपी ने अरुणाचल प्रदेश में गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया. ऐसा करने की कोई ज़रूरत नहीं थी. हमने यह भी स्पष्ट किया कि बिहार में लव जिहाद पर कोई कानून बनाने का सवाल नहीं उठता."
"जहां तक बीजेपी के साथ हमारे संबंधों की बात है, यह बिहार में बहुत मजबूत है.''
ब्रेकिंग न्यूज़, बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनसुख वसावा ने पार्टी छोड़ी
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनसुख वसावा ने पार्टी छोड़ दी है. उन्होंने कहा कि लोकसभा के बजट सत्र में वो सांसदी से भी इस्तीफ़ा दे देंगे.
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