इसराइल और मोरक्को पूर्ण राजनयिक संबंधों के लिए तैयार: ट्रंप

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इसराइल और मोरक्को पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो गए हैं.
मोरक्को अगस्त से अबतक इसराइल के साथ समझौता करना वाला ऐसा चौथा देश बन गया है. इससे पहले संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और सूडान के साथ हाल ही में समझौते हुए हैं. मिस्र और जॉर्डन के साथ मोरक्को इसराइल के साथ रिश्ते सुधारने वाला अरब लीग का छठा सदस्य बन गया है.
ट्रंप ने ट्वीट कर कहा, "आज एक और ऐतिहासिक दिन. हमारे दो महान दोस्त इसराइल और मोरक्को पूर्ण राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए तैयार हो गए हैं. मध्य-पूर्व में शांति स्थापित करने के लिए यह एक बहुत बड़ा क़दम है.''
व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप और मोरक्को के राजा मोहम्मद VI सहमत हुए हैं कि "मोरक्को इसराइल के साथ राजनयिक संबंध फिर से बहाल करेगा और क्षेत्रीय स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक और सांस्कृतिक सहयोग का विस्तार करेगा."
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इस समझौते के तहत, अमेरिका ने विवादित पश्चिमी सहारा क्षेत्र पर मोरक्को के दावे को मान्यता देने पर सहमति दी है.
ये मोरक्को और अल्जीरिया समर्थित पोलिसारियो फ्रंट के बीच विवाद का विषय है, जो एक स्वतंत्र राज्य स्थापित करने की मांग कर रहा है.
मोरक्को और इसराइल के बीच ताज़ा समझौते में साल 2002 में बंद कर दिए गए तेल अवीव और रबात में संपर्क कार्यालय फिर से खोलना शामिल है. फिर दूतावास भी खोले जाएंगे. अधिकारियों के मुताबिक़, मोरक्को इसराइल के लोगों के लिए इसराइल से सीधी उड़ाने शुरू करेगा.
इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने समझौते को “ऐतिहासिक” क़रार दिया है.
टेलीविज़न संबोधन में उन्होंने मोरक्को के राजा को धन्यवाद दिया और कहा कि इसराइल और मोरक्को के लोगों के बीच "आधुनिक काल में मधुर संबंध" रहे हैं.
मोरक्को ने भी बयान जारी कर समझौते की पुष्टि की है. मिस्र, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन ने बयान जारी कर मोरक्को और इसराइल के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है.
वहीं फलस्तीन के अधिकारियों ने समझौते की निंदा की है. फलस्तीन के लोग ने हाल में अरब लीग के देशों और इसराइल के बीच हुए समझौतों की निंदा की है. उनका मानना है कि ऐसा करके अरब देश अपना वो वादा तोड़ रहे हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि जब तक फलस्तीन स्टेटहुड हासिल नहीं कर लेता तब तक वो इसराइल के साथ रिश्तों को बहाल नहीं करेंगे.
हालांकि मोरक्को के राजा ने कहा है कि इस कदम से फलस्तीनियों के मसले पर उनकी प्रतिबद्धता पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
बयान में कहा गया है कि राजा ने फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात की थी और उन्हें आश्वासन दिया था कि वो "फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों का बचाव करने में अपनी भूमिका से पीछे नहीं हटेंगे."
बयान में कहा गया है कि राजा ने दो-राज्य के समाधान को अपना समर्थन दोहराया है.








