कोरोना वायरस: भारत के ग्रामीण इलाक़ों में कम्यूनिटी ट्रांसमिशन के संकेत- आईएमए
मॉनसून और सर्दी आने पर भारत में कोरोना को लेकर स्थिति कितनी गंभीर होगी और दुनिया भर में संक्रमण के कितने नए मामले सामने आए हैं.
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कोरोना वायरस: अस्पताल में 86 दिन रहकर ज़िंदा वापस लौटने की कहानी
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ब्रेकिंग न्यूज़, भारत के ग्रामीण इलाक़ों में पहुंचा कोरोना, अब कैसे होगा कंट्रोल?

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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को कहा है कि भारत में कोरोना वायरस महामारी की स्थिति बेहद ख़राब है. मेडिकल एसोसिएशन ने कहा है कि अब भारत के ग्रामीण इलाक़ों कोरोना संक्रमण का फैलना कम्युनिटी ट्रांसमिशन के संकेत हैं.
आईएमए हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. वी. के. मोंगा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से कहा कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण में तेज़ी से फैल रहा है. अब रोज़ 30,000 से ज़्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं.
मोंगा ने कहा, ''देश के लिए ये बेहद ख़राब स्थिति है. इससे जुड़े कई पहलू हैं लेकिन अब ये ग्रामीण इलाक़ों में फैल रहा है. ये एक बेहद ख़राब संकेत हैं.''
मोंगा ने चेतावनी दी कि कस्बों और गाँवों में कोरोना वायरस की रोकथाम करना सरकार के लिए और भी ज़्यादा मुश्किल होगा.
उन्होंने कहा, ''दिल्ली में तो हम कोरोना की रोकथाम करने में सक्षम हैं लेकिन महाराष्ट्र, केरल, गोवा और मध्य प्रदेश के सुदूर हिस्सों में क्या होगा? राज्य सरकारों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर स्वास्थ्य संकट को गहराने से रोकना चाहिए.''
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में कोरोना वायरस के कम्युनिटी ट्रांसमिशन को लगातार ख़ारिज किया है. केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने शुक्रवार को कहा कि तिरुवनंतपुरम के कुछ हिस्सों में कम्युनिटी ट्रांसमिशन की शुरुआत हो चुकी है.
शनिवार को तिरुवनंतपुरम को तीन कंटेनमेंट ज़ोन में बाँटा गया और 10 दिनों के लिए लॉकडाउन कर दिया गया है.
मोंगा ने कहा है कि हर्ड इम्युनिटी और वैक्सीन ही इस बीमारी की रोकथाम का एकमात्र रास्ता है. उन्होंने कहा, वैक्सीन के लिए कई ट्रायल और इंसानी ट्रायल होंगे, उसके बाद उसके प्रभावी होने और साइड इफेक्ट को लेकर भी स्टडी की जाएगी.
ये भी देखना होगा कि इससे विकसित हुई इम्युनिटी कितने दिन बनी रहेगी क्योंकि तमाम मरीज़ों में तीन महीनों से ज्यादा इम्युनिटी देखने को नहीं मिल रही है.
भारत में अभी दो वैक्सीन का ट्रायल चल रहा है. ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) की एथिक्स कमिटी ने शनिवार को पहली देसी वैक्सीन कोवैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की अनुमति दे दी है.
एम्स सोमवार से वैक्सीन के ट्रायल के लिए वॉलंटियर्स की भर्ती शुरू करेगा. भारत की दूसरी वैक्सीन जाइडस कैडिला की ZyCoV भी इसी सप्ताह ह्यूमन ट्रायल के शुरुआती फेज़ में पहुंची है. इस वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल भारत के कई शहरों में कराया जाएगा.
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या रविवार को 10,77,618 पहुंच गई है. अब तक देश में कोरोना से 26,000 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 6.7 लाख लोग रिकवर हो चुके हैं.
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ब्रेकिंग न्यूज़, बांग्लादेश में टेस्टिंग स्कैम, बिना जाँच के ही बताया जा रहा था निगेटिव रिपोर्ट
बांग्लादेश में कोरोना वायरस की जाँच की रफ़्तार अचानक से धीमी हो गई है. जाँच का दायरा लगभग आधा हो गया है.
जून के आख़िरी हफ़्तों में हर दिन 18 हज़ार टेस्ट किए जा रहे थे और अब पिछले दो हफ़्तों से महज़ 10 हज़ार ही टेस्ट हो रहे हैं.
बांग्लादेश में स्क्रीनिंग स्कैम सामने आया है. ढाका के अस्पताल में बिना जाँच के ही निगेटिव रिपोर्ट दी जा रही थी.
इस मामले में दर्जनों लोगों को गिरफ़्तार किया गया है. ढाका के एक हॉस्पिटल मालिक को भी गिरफ़्तार किया गया है. इस अस्पताल से हज़ारों लोगों को बिना टेस्ट के ही कोरोना का निगेटिव सर्टिफिकेट दिया गया है.
ब्रेकिंग न्यूज़, मॉनसून और सर्दी में कोरोना से और तबाह होगा भारत- स्टडी

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आईआईटी-भुवनेश्वर और एम्स के रिसर्चरों की संयुक्त स्टडी में पता चला है कि मॉनसून और सर्दी के मौसम में भारत में कोरोना का संक्रमण और तेज़ी से बढ़ेगा.
इस स्टडी में कहा गया है कि बारिश के कारण ताापमान में गिरावट और सर्दी में मौसम का ठंडा होना कोविड 19 के फैलने के लिए अनुकूल होगा. इस स्टडी को आईआईटी भुवनेश्वर में स्कूल ऑफ अर्थ, ओसियन एंड क्लाइमेट साइंस के असिस्टेंट प्रोफ़ेसर वी विनोज के नेतृत्व में किया गया है.
इस स्टडी की रिपोर्ट का टाइटल है- 'कोविड-19 स्प्रेड इन इंडिया एंड इट्स डिपेंडेंस ऑन टेंपरेचर एंड रिलोटिव ह्यूमिडिटी'. इस स्टडी में 28 राज्यों में कोरोना संक्रमण के फैलने के पैटर्न को भी देखा गया है. विनोज ने कहा है कि तापमान बढ़ने से संक्रमण की रफ़्तार धीमी पड़ती है.
यह स्टडी अभी प्रिंट नहीं हुई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार इस स्टडी की रिपोर्ट से पता चलता है कि तापमान और संबंधित उमस का संक्रमण बढ़ने से संबंध है. विनोज कुमार ने पीटीआई से कहा, ''एक डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ता है तो संक्रमण के 0.99 फ़ीसदी मामले कम होने में मदद मिलेगी.''
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ईरान के राष्ट्रपति ने ढाई करोड़ लोगों के संक्रमित होने की बात किस टेस्ट के आधार पर कही?

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ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ईरान में ढाई करोड़ लोगों के कोरोना से संक्रमित होने की आशंका जताई थी. हालाँकि उनके इस अनुमान को वहां के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ख़ारिज कर दिया है.
ईरान के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रपति का अनुमान सेरोलॉजिकल ब्लड टेस्ट पर आधारित था जिससे बीमार व्यक्ति की वर्तमान स्थिति का पता नहीं चलता है.ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने शनिवार को कहा था कि उनके देश में क़रीब 2.5 करोड़ लोग कोरोना संक्रमित हो सकते हैं. ये आँकड़ा ईरान की कुल आबादी का एक-तिहाई है. ईरान के कोरोना संक्रमण के आधिकारिक आँकड़े से भी ये संख्या बहुत ज़्यादा है. स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रवक्ता सिमा सदत लारी ने कहा, ''ईरान में रविवार को कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या 2,73,788 पहुंच गई है. इसकी चपेट में आने से अब तक 14,188 लोगों की मौत हो चुकी हैं.''
ईरान के मीडिया में छपे स्वास्थ्य मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति की ओर से दिया गया आँकड़ा मंत्रालय के डेप्युटी ने तैयार किया था. बयान में कहा गया है कि बीमारी की वर्तमान स्थिति का आकलन करने के लिए सेरोलॉजिकल टेस्ट पर भरोसा नहीं किया जा सकता है.
सेरोलॉजिकल टेस्ट में ये देखा जाता है कि किसी शख़्स में एंटीबॉडी विकसित हुई है या नहीं. अगर किसी व्यक्ति में एंटीबॉडी मिलती है तो उसे कोरोना वायरस से संक्रमित माना जाता है. कई देश विशाल आबादी में संक्रमण दर का पता लगाने और सैंपल जुटाने के लिए इस टेस्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसमें कोरोना के गंभीर लक्षण वाले, हल्के लक्षण वाले या फिर बिना किसी लक्षण वाले सभी मरीज़ शामिल होते हैं.
ईरान की सरकार की ओर से बनाई गई कोरोना वायरस टास्क फोर्स की साइंटिफिक कमिटी के अध्यक्ष मुस्तफा कानेई ने ईरनी न्यूज़ से कहा, ''सेरोलॉजिकल टेस्ट सिर्फ़ ये दिखाते हैं कि अतीत में कोई शख्स कोरोना वायरस के संक्रमण का शिकार हुआ था या नहीं. कोविड-19 बीमारी का सटीक तौर पर पता लगाने के लिए नाक और गले के सैंपल लेकर पीसीआर टेस्ट किया जाना ज़रूरी है.''
ईरान मध्य-पूर्व एशिया में कोरोना महामारी से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अप्रैल महीने के मध्य में जब पाबंदियों में ढील दी जाने लगी तो कोरोना संक्रमण के मामले और मौत के आँकड़े तेज़ी से बढ़ने लगे. हालांकि, ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने जो आँकड़ा दिया, उससे हर कोई हैरान रह गया.
संसद के उपाध्यक्ष अलीरेजा सलीमी ने सरकार से मांग की कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को लेकर एक आधिकारिक आँकड़ा जारी किया जाए.
शनिवार को ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कोरोना संक्रमितों का 2.5 करोड़ का आँकड़ा दिया था. हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया था कि ये आँकड़ा किस आधार पर आया है. ईरानी राष्ट्रपति ने ये भी कहा था कि 3-3.5 करोड़ लोगों के कोरोना की चपेट में आने की आशंका है.
कोरोना वायरस टास्क फोर्स के एक अधिकारी ने शनिवार को कहा कि 2.5 करोड़ संक्रमितों का आँकड़ा कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीज़ों का है जिन्हें किसी मेडिकल परामर्श की ज़रूरत नहीं है.
तुर्की ने ईरान के लिए हवाई सेवा निलंबित की

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इमेज कैप्शन, तुर्की ने ईरान के लिए हवाई सेवा रद्द की तुर्की ने ईरान के लिए हवाई सेवा रद्द कर दी है. तुर्की ने यह फ़ैसला ईरान में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लिया है. ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार ईरानी सिविल एविएशन विभाग के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है.
ईरना न्यूज़ एजेंसी के अनुसार प्रवक्ता रज़ा जाफ़रज़ादेह ने कहा कि विमान का निलंबन शनिवार से शुरू हो गया है. शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी ने ढाई करोड़ लोगों के संक्रमित होने की आशंका ज़ाहिर की थी. यह ईरान की कुल आबादी के एक तिहाई के क़रीब है.
हालाँकि रूहानी ने जो अनुमान लगाया था वो सेरोलॉजिकल ब्लड टेस्ट के आधार पर कहा था. इस टेस्ट से बीमारी के होने की आशंका तो होती है लेकिन वर्तमान स्थिति क्या है ये नहीं पता चलता है.
ब्रेकिंग न्यूज़, चीन ने ब्रिटेन से कहा- पलटवार झेलने के लिए तैयार रहे

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इमेज कैप्शन, ब्रिटेन में चीन के राजदूत कोरोना वायरस की महामारी ने पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय संबंधों को बुरी तरह से प्रभावित किया है. दुनिया के कई देशों को लगता है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत चीन से हुई लेकिन उसने इसे लेकर पारदर्शिता नहीं बरती जिसके कारण लाखों लोगों की मौत हुई और अब भी इसका क़हर जारी है.
चीन को दुनिया भर के कई देश तमाम मुद्दों पर घेर रहे हैं. वो चाहे हॉन्ग कॉन्ग का मुद्दा हो या साउथ चाइना सी का. हाल ही में चीन ने हॉन्ग कॉन्ग में नया सुरक्षा क़ानून लागू किया तो अमरीका और ब्रिटेन समेत पश्चिम के तमाम देशों ने कड़ी आपत्ति ज़ाहिर की.
अमरीका और ब्रिटेन ने तो चीन के ख़िलाफ़ कुछ क़दम भी उठाए. ब्रिटेन ने चीन के उन लोगों पर प्रतिबंध लगा दिया जो हॉन्ग कॉन्ग में मानवाधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने में शामिल हैं.
प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन की कंजर्वेटिव पार्टी के कुछ सासंदों ने कहा है कि प्रतिबंधों का इस्तेमाल चीनी अधिकारियों को टार्गेट करने में किया जाना चाहिए.
ब्रिटेन में चीन के राजदूत लियु शियामिंग ने बीबीसी से कहा, ''अगर ब्रिटेन की सरकार चीन के किसी भी शख्स पर प्रतिबंध लगाना शुरू कर देती है तो चीन भी निश्चित तौर पर इसका जवाब देगा.''
उन्होंने कहा, ''आपने देखा है कि अमरीका में क्या हुआ, वे चीनी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हैं और हम उनके सांसदों और अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाते हैं. मैं नहीं चाहता है कि चीन-ब्रिटेन के संबंधों में भी जैसे को तैसे की रणनीति देखने को मिले.''
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमनिक राब ने इसी कार्यक्रम में कहा कि वह ब्रिटेन के प्रतिबंधों की सूची को बहुत आगे नहीं ले जाना चाहते हैं. लेकिन ब्रिटेन इतना भी कमज़ोर नहीं होगा कि इसके ज़रिए चीन को चुनौती ना दे सके. राब ने कहा कि वह हॉन्ग कॉन्ग और चीन पर आगे की कार्रवाई को लेकर संसद को सोमवार को सूचित करेंगे.
हॉन्ग कॉन्ग कभी ब्रिटेन का उपनिवेश था. जब ब्रिटेन ने हॉन्ग कॉन्ग शहर चीन को सौंपा था तो उससे हॉन्ग कॉन्ग को साल 2047 तक स्वायत्तता देने की गारंटी ली थी. ब्रिटेन का कहना है कि नए क़ानून से हॉन्ग कॉन्ग को दी गई स्वायत्तता छीनी जा रही है.
हॉन्ग कॉन्ग और बीजिंग के अधिकारियों का कहना है कि इस क़ानून की मदद से राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए मौजूद ख़तरे को ख़त्म किया जा सकेगा. चीन लगातार पश्चिमी देशों को हॉन्ग कॉन्ग के मुद्दे में दखल ना देने की चेतावनी देता रहा है.
बीजिंग में भी चीन ने कोरोना को कर लिया कंट्रोल

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चीन की राजधानी बीजिंग में पिछले 13 दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण का कोई मामला सामने नहीं आया है. बीजिंग के एक अधिकारी ने रविवार को कहा है कि अब बीजिंग में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए आपातकालीन पाबंदियों में ढील दी जाएगी.
हालांकि, अब भी कई पाबंदियां लागू रहेंगी. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, म्यूजियम, जिम और लाइब्रेरी में सिर्फ 50 फ़ीसदी विजिटर्स आ सकेंगे. प्रदर्शनी, खेल प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियां भी धीरे-धीरे शुरू की जाएंगी. सभी विदेशी पर्यटकों को परीक्षण के साथ-साथ मेडिकल निगरानी में रखा जाएगा और क्वारंटीन करना होगा.
बता दें कि रविवार को शिनजियांग प्रांत में कोरोना संक्रमण के 13 नए मामले सामने आए हैं. शनिवार को प्रांतीय राजधानी उरुमकी के एक अधिकारी ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा, पूरा शहर कोरोना से युद्धस्तर पर लड़ रहा है इसलिए सभी सामूहिक गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी.
शिनजियांग प्रांत में किसी घर में आने वाले मेहमानों की संख्या सीमित करने और बड़ी संख्या में लोगों के इकठ्ठा होने पर पाबंदियां लगाई गई हैं. किसी इमारत में कोरोना वायरस संक्रमण का कोई भी मामला सामने आने पर मास स्क्रीनिंग अनिवार्य कर दी गई है.
शिनजियांग प्रांत के लोगों से कहा गया है कि जब तक बहुत जरूरी ना हो, वे शहर छोड़कर बाहर ना जाएं. अगर शहर से बाहर जाना जरूरी है तो पहले टेस्ट करा लें.
ब्रेकिंग न्यूज़, रूस ने कोरोना वैक्सीन की रिसर्च को टार्गेट करने के आरोपों को नकारा
ब्रिटेन में रूस के राजदूत ने ब्रिटेन और सहयोगी देशों के उन आरोपों को नकार दिया है जिसमें रूस पर कोराना वैक्सीन से जुड़ी रिसर्च को चुराने में हैकर्स को मदद करने की बात कही गई थी. रविवार को रूस के राजदूत ने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में आरोपों को ख़ारिज किया है.
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में रूसी राजदूत ने कहा, ''हम इस पर भरोसा नहीं करते हैं. इन आरोपों का कोई मतलब ही नहीं है.''
ब्रिटेन, कनाडा और अमरीका ने गुरुवार को आरोप लगाए थे कि हैकरों के एक समूह, जो ड्यूक्स या कोज़ी बीयर नाम से जाना जाता है, उसका संबंध रूसी ख़ुफ़िया एजेंसियों से है. इस ग्रुप ने रिसर्च बॉडी को निशाने पर लिया और इसमें ब्रिटेन भी शामिल है.
ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने कहा- लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था चौपट हो रही

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ब्राज़ील के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लगे लॉकडाउन से देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हो रही है. राष्ट्रपति ने कहा, ''बिना सैलरी और नौकरी के लोग मर रहे हैं. लॉकडाउन हमें मार देगा. कुछ राजनेताओें ने जबरन कर्फ़्यू से अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है.''
ब्राज़ील की अर्थव्यवस्था को लेकर अनुमान है कि इस साल 6.4% तक गिर सकती है. 19 जुलाई को बोलसोनारो भी कोरोना से संक्रमित पाए गए थे. ब्राज़ील के राष्ट्रपति ने कहा है कि अभी वो ठीक हैं.
उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत अभी हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्विन के कारण ठीक है. हालाँकि अब तक साइंटिफिक सबूत नहीं मिले हैं कि क्लोरोक्विन खाने से कोविड 19 ठीक हो रहा है.
शनिवार को ब्राज़ील में 28,532 नए मामले सामने आए हैं और 921 लोगों की मौत हुई है. अमरीका के बाद ब्राज़ील में अब तक सबसे ज़्यादा लोगों कोरोना से संक्रमित हुए हैं. ब्राज़ील में अब तक 2,074,860 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं और 78,772 लोगों की मौत हुई है.
ब्रेकिंग न्यूज़, ईरान में एक डॉलर की क़ीमत हुई दो लाख 55 हज़ार 300 रियाल

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ईरान की मुद्रा रियाल का ग़ैर-आधिकारिक मार्केट में अमरीकी मुद्रा डॉलर की तुलना में भयावह तरीक़े से गिरना जारी है. शनिवार को सारे रिकॉर्ड ही टूट गए.
अमरीकी प्रतिबंधों और कोरोना वायरस की महमारी के कारण इस साल ईरानी मुद्रा रियाल में लगभग 50 फ़ीसदी की गिरावट आई है.
फ़ॉरन एक्सचेंज साइट Bonbast.com के मुताबिक़ शुक्रवार को एक डॉलर की क़ीमत 242,500 रियाल थी जो शनिवार को बढ़कर 255,300 रियाल हो गई.
आर्थिक अख़बार दुनिया-ए-एक़्तेसाद के अनुसार शनिवार को एक डॉलर के बदले ईरान के ग़ैर-आधिकारिक मार्केट में 252,300 रियाल देने पड़े जबकि शुक्रवार को एक डॉलर के लिए 241,300 रियाल देने पड़ रहे थे.
2020 में रियाल में लगभग 48 फ़ीसदी की गिरावट आई है. तेल की क़ीमतों में गिरावट और वैश्विक अर्थव्यवस्था में मंदी के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित हुई है. मध्य-पूर्व में कोरोना का असर भी सबसे ज़्यादा ईरान में है. यहाँ सबसे ज़्यादा लोग संक्रमित हुए हैं और मध्य-पूर्व के बाक़ी के देशों की तुलना में मौत भी ज़्यादा हुई है. ईरान को डॉलर की ज़रूरत मुख्य रूप से दवाइयों के आयात में पड़ती है. ईरान के आधिकारिक मार्केट में भी एक डॉलर की क़ीमत 42,000 रियाल है.
2018 के मई महीने में अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ हुए परमाणु करार को ख़त्म कर दिया था और फिर से नए प्रतिबंध लगा दिए थे. ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने रियाल में भारी गिरावट के लिए निर्यातकों को ज़िम्मेदार बताया है.

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वायरस में आ रहा म्यूटेशन क्या इसे और ख़तरनाक बना रहा है?
दुनियाभर में जिस कोरोना वायरस ने इस वक्त तबाही मचा रखी है, लेकिन ये वो कोरानावायरस नहीं है जो पहली बार चीन से निकला था.
आधिकारिक तौर पर Sars-CoV-2 के नाम से जाना जाने वाला ये वायरस, जिससे दुनियाभर के लोग संक्रमित हो रहे हैं, म्यूटेट हो रहा है.
म्यूटेट होने का मतलब है वायरस के जेनेटिक मटेरियल में बदलाव होना. वैज्ञानिकों ने इस वायरस में हज़ारों म्यूटेशन देखे हैं. हालांकि सिर्फ एक म्यूटेशन ऐसा है जिससे इस वायरस के व्यवहार के बदलाव के संकेत मिले हैं.
तो क्या ये म्यूटेशन वायरस को और ज़्यादा ख़तरनाक और जानलेवा बना सकता है? क्या जिन वैक्सीन से हम उम्मीद लगाए बैठे हैं, उनकी सफलता को भी इससे ख़तरा है?
वैज्ञानिकों ने D614G नाम का म्यूटेशन देखा है जो वायरस की ‘स्पाइक’ में मौजूद होता है और जिसकी मदद से वायरस हमारी कोशिकाओं में घुस जाता हैं.
चीन के शहर वुहान में फैलने के बाद ये अनुमान है कि वायरस के इस म्यूटेशन को इटली में पाया गया था. यही म्यूटेशन अब दुनिया के 97 प्रतिशत सैंपल में पाया जा रहा है.
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दिल्ली एनसीआर के लोगों पर होगा वैक्सीन का क्लीनिकल ट्रायल

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प्रसार भारती के मुताबिक़, एम्स में वैक्सीन पर क्लीनिकल ट्रायल सिर्फ दिल्ली एनसीआर में रहने वाले लोगों पर होगा.
इसके लिए दिल्ली एनसीआर के 18 से 55 साल के स्वस्थ व्यक्ति दिए गए नंबर और ईमेल पर मैसेज करके अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं.
इस प्रयास के तहत इन व्यक्तियों को वैक्सीन के दो डोज़ दिए जाएंगे, पहले डोज़ और दूसरे डोज़ के बीच दो हफ़्ते का अंतराल होगा और ये वैक्सीन इंजेक्शन के जरिए दिया जाएगा.
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उत्तर प्रदेश में बढ़ी टेस्टिंग स्पीड, रोज़ हो रही है 50 हज़ार लोगों की जांच

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उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रतिदिन जांच की संख्या बढ़ा दी है.
उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि राज्य में प्रतिदिन होने वाली कोरोना जांचों की संख्या पचास हज़ार से ज़्यादा हो चुकी है. इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के कोविड अस्पतालों में बेड्स की संख्या 1.5 लाख हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश में अब तक 47036 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. इनमें से 1108 लोगों की मौत हो चुकी है और 28664 लोग रिकवर हो चुके हैं.
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बच्चों को दिन में कितने घंटे स्मार्टफोन इस्तेमाल करना चाहिए
उत्तर प्रदेश सरकार का ऐलान, होटलों में बनाए जाएं कोविड केयर सेंटर

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उत्तर प्रदेश के प्रमुख स्वास्थ्य सचिव अमित मोहन ने प्रदेश के ज़िलाधिकारियों को उनके ही ज़िलों के होटलों में कोविड केयर सेंटर बनाने के लिए पत्र लिखा है.
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़, मोहन ने अपने पत्र में लिखा है कि ज़िलाधिकारी अपने ज़िलों के होटलों में कोविड केयर सेंटर बनाएं और वहां रहने का खर्चा मरीज़ को ही उठाना होगा.
लेकिन प्रमुख स्वास्थ्य सचिव मोहन ने ये भी कहा है कि जिलाधिकारियों को ये भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रतिदिन के लिहाज़ से दो लोगों के रहने का खर्च 2000 रुपये और एक व्यक्ति के रहने का खर्च 1500 रुपये से ज़्यादा न हो.
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