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कोरोना वायरस: ईरान अब तक के अपने सबसे बुरे दौर से गुज़र रहा है- राष्ट्रपति हसन रूहानी
दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले एक करोड़ एक हज़ार से अधिक हो गए हैं. वहीं कोरोना से मरने वालों का आंकड़ा पांच लाख के करीब पहुंच चुका है.
लाइव कवरेज
कोरोना वायरस: महाराष्ट्र में 24 घंटे में सामने आए 5493 नए मामले
महाराष्ट्र में रविवार को बीते 24 घंटों में 5493 नए लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है.
ये लगातार तीसरा दिन है जब 24 घंटे के अंदर पाँच हज़ार से ज़्यादा लोगों के संक्रमित होने की बात सामने आई है.
ऑल इंडिया रेडियो के मुताबिक़, रविवार को कोरोनावायरस की वजह से 156 लोगों की जान गई है.
महाराष्ट्र में अब तक कुल 7429 लोगों की मौत कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद हो चुकी है.
यूरोप में इन देशों के लोग आ सकेंगे लेकिन अमरीकियों को नहीं इजाज़त, कैट्या एडलर, बीबीसी यूरोप संपादक
यूरोपीय संघ के कई सदस्यों ने देश में कौन लोग आ सकते हैं और कौन नहीं, इसको लेकर 'सुरक्षित' ग़ैर-यूरोपीय देशों की एक सूची जारी की है.
इस सूची में शामिल देशों के लोग एक जुलाई से यूरोपीय संघ और शेंगन इलाक़े में आ सकेंगे.
इस सूची में अमरीका को जगह नहीं दी गई है जबकि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा के लोग यूरोप के इन देशों में आ सकेंगे.
चीन के लोगों को उस शर्त में आने की अनुमति दी जाएगी अगर वो भी अपने लोगों को यूरोपीय संघ में आने की अनुमति देता है. ब्रिटेन के लोगों को आने की इजाज़त होगी या नहीं, इस बारे में यूरोपीय संघ अलग से घोषणा करेगा.
ट्रंप की रैली से पहले ‘हटाए गए थे’ सोशल डिस्टेंसिंग के स्टिकर
वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार ने रिपोर्ट किया है कि टुल्सा और ओकलाहोमा में इस महीने की शुरुआत में हुई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रैली के स्टाफ़ ने दर्शकों के बीच दूरी बनाए रखने के लिए लगाए गए स्टिकर को हटा दिया गया था.
अख़बार को मिले एक वीडियो में कर्मचारी सोशल डिस्टेंसिंग के लिए बनाए गए डिज़ाइन में सीटों पर से स्टिकर हटाते हुए दिख रहे हैं.
20 जून को हुई ट्रंप की रैली को लेकर बहुत सी स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं थीं क्योंकि अमरीका के प्रांतों में कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के बाद यह कोई पहली रैली थी.
लोगों को इस रैली में भाग लेने से पहले उस शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करना था जिसके तहत किसी भी बीमारी के लिए वो शख़्स ख़ुद ज़िम्मेदार होता. इस रैली के छह सदस्य कार्यक्रम शुरू होने से पहले पॉज़िटिव पाए गए थे.
19,000 सीटों वाले इस स्टेडियम में उम्मीद से भी कम दर्शक पहुंचे थे.
तमिलनाडु में एक दिन में 3,940 संक्रमण के मामले, 54 की मौत
कोरोना वायरस से सबसे अधिक प्रभावित राज्यों में से एक तमिलनाडु में बीते 24 घंटों में संक्रमण के 3,940 मामलों का पता चला है जबकि 54 लोगों की मौत हुई है.
इसके साथ ही राज्य में कुल संक्रमित मरीज़ों की संख्या 82,275 हो गई है जिनमें से सक्रिय मरीज़ों की संख्या 35,656 और ठीक हो चुके मरीज़ों की संख्या 45,537 है.
कोरोना वायरस के कारण तमिलनाडु में 1,079 लोगों की मौत हुई है.
दिल्ली में 83,000 से अधिक हुए संक्रमण के मामले
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ दिल्ली में बीते 24 घंटों में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,889 नए मामलों का पता चला है.
इसके साथ ही देश की राजधानी में संक्रमण के कुल मामले 83,000 से अधिक हो गए हैं.
वहीं, कोविड-19 के कारण दिल्ली में 2,623 लोगों की मौत हुई है.
ईरान अपने 'सबसे मुश्किल दौर' में क्यों? हसन रूहानी ने बताया
ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने कहा है कि ‘ईरान इस वक़्त अपने सबसे ख़राब दौर से गुज़र रहा है.’
इसकी वजह उन्होंने कोविड-19 महामारी और अमरीका द्वारा लगाये गए कड़े प्रतिबंधों को बताया है. उन्होंने कहा है कि "महामारी ने उनकी अर्थव्यवस्था के सामने बहुत सी चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं जिनसे पार पाना अमरीकी प्रतिबंधों के कारण और भी मुश्किल हो गया है."
रविवार को ईरान में टीवी पर प्रसारित हुए अपने भाषण में रूहानी ने कहा, “दुश्मन देश द्वारा बनाये गए आर्थिक दबाव और महामारी के कारण ये वर्ष ईरान के लिए सबसे मुश्किल समय है.”
उन्होंने कहा, “साल 2018 में बनना शुरू हुआ आर्थिक दबाव अब बढ़ गया है... और मौजूदा समय हमारे देश के लिए सबसे कठिन समय है.”
चीन के बाद और यूरोप से पहले, कोरोना वायरस महामारी ने ईरान को बुरी तरह प्रभावित किया था.
रविवार को ईरान के स्वास्थ्य विभाग की प्रवक्ता सिमा सादत लारी ने बताया में ईरान में अब तक कोरोना संक्रमण के दो लाख 22 हज़ार 669 केस दर्ज किये गए हैं और दस हज़ार से ज़्यादा लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है.
हसन रूहानी ने कहा है कि अगले रविवार से ईरान में भीड़भाड़ वाली जगहों और चिन्हित किये गए रेड ज़ोन में मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया जाएगा.
वर्ष 2018 में अमरीका ने ईरान न्यूक्लियर डील से हाथ खींच लिए थे और फिर से ईरान पर कई प्रतिबंध लगा दिये थे.
बीते सोमवार को ईरान की करेंसी अमरीकी डॉलर की तुलना में अपने सबसे निचले स्तर तक गिर गई थी.
ब्रेकिंग न्यूज़, 1 जुलाई से गुरुग्राम और फ़रीदाबाद में खुलेंगे मॉल
दो महीने से भी अधिक समय के लॉकडाउन के बाद हरियाणा सरकार ने 1 जुलाई से गुरुग्राम और फ़रीदाबाद में मॉल खोलने की अनुमति दे दी है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरुग्राम ज़िला प्रशासन ने कहा है कि वो राज्य सरकार के आदेश को कुछ प्रतिबंधों के साथ लागू करेगा. वहीं फ़रीदाबाद प्रशासन इस मामले पर सोमवार को बैठक के बाद फ़ैसला लेगा.
स्थानीय शहर निकाय विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव के आदेशानुसार, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम और फ़रीदाबाद में ज़िला प्रशासन को मॉल दोबारा खोलने की अनुमति दे दी गई है.
हरियाणा सरकार ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनज़र 7 जून को गुरुग्राम और फ़रीदाबाद को छोड़कर बाकी जगहों पर दोबारा मॉल खोलने की अनुमति दे दी थी.
शनिवार को आए हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 13,427 संक्रमण के मामलों में से सिर्फ़ गुरुग्राम में 5,070 मामले हैं जबकि फ़रीदाबाद में 3,325 मामले हैं.
कोविड-19 के कारण अब तक गुरुग्राम में 83 और फ़रीदाबाद में 71 लोगों की मौत हुई है. वहीं पूरे राज्य में मौतों का आंकड़ा 218 है.
जब गुरुग्राम के ज़िला कमिश्नर अमित खत्री से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि प्रशासन मॉल खोलने के राज्य सरकार के आदेश को लागू करेगा.
फ़रीदाबाद के ज़िला कमिश्नर यशपाल यादव का कहना था कि इस पर अंतिम फ़ैसला सोमवार की बैठक के बाद लिया जाएगा.
राज्य सरकार ने अपने आदेश में कई प्रतिबंध भी लगाए हैं. इसमें मॉल के अंदर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना और रेस्त्रां में सिर्फ़ 50 फ़ीसद लोगों के बैठने की अनुमति ही होगी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, सिनेमा हॉल और बच्चों के गेमिंग ज़ोन बंद रहेंगे.
आंध्र प्रदेश में कोविड-19: एक दिन में सबसे बड़ा उछाल, मामले हुए 13 हज़ार से अधिक
आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़कर 13 हज़ार के पार चले गए हैं.
प्रदेश सरकार के अनुसार रविवार को वहाँ एक दिन में अब तक सबसे अधिक - 813 नये मामले सामने आये हैं.
साथ ही बीते 24 घंटे में 12 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है जिनके बाद प्रदेश में इस महामारी से मरने वालों की संख्या 169 हो गई है.
कोविड-19: श्रीलंका ने पूरी तरह हटाया कर्फ़्यू
श्रीलंका सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए मार्च महीने में लागू किया कर्फ़्यू पूरी तरह हटाने का निर्णय लिया है.
स्थानीय प्रशासन के अनुसार दिन के कर्फ़्यू को धीरे-धीरे समाप्ती की ओर ले जाया गया. हालांकि मध्य रात्रि से चार घंटे पहले तक कुछ प्रतिबंध रखे गए थे.
अब जब कर्फ़्यू पूरी तरह हटा लिया गया है, तो स्थानीय अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे व्यक्तिगत स्तर पर सावधानी बरतें और सोशल डिस्टेन्सिंग जैसे ज़रूरी नियमों का पालन करें.
एक सख़्त लॉकडाउन और व्यापक कोविड टेस्टिंग ने अन्य दक्षिण एशियाई देशों की तुलना में श्रीलंका को मृत्यु-दर कम रखने में काफ़ी मदद की.
पाकिस्तान में कोरोना के मामले दो लाख पार, पीएम इमरान ख़ान ने कहा- 'टीम ने जैसे काम किया, उससे ख़ुश हूँ'
बीते 24 घंटे में 4,072 नये मामलों के साथ पाकिस्तान में कोरोना संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 2 लाख 2 हज़ार 955 हो गई है.
पाकिस्तान का पंजाब और सिंध प्रांत कोरोना संक्रमण से सबसे अधिक प्रभावित हैं. राजधानी इस्लामाबाद में भी अब तक 12 हज़ार से ज़्यादा मामलों की पुष्टि हो चुकी है.
पाकिस्तान में अब तक 4,118 लोगों की कोविड-19 से मौत हुई है जिनमें बीते 24 घंटे में गुज़रे 83 लोग शामिल हैं.
पाकिस्तान के स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वो प्रतिदिन औसतन 25 हज़ार कोविड टेस्ट कर रहे हैं.
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, अब तक 92 हज़ार 624 मरीज़ इलाज के बाद पूरी तरह ठीक हुए हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि ‘जिस तरह उनकी टीम ने कोविड-19 महामारी के दौर में काम किया, उससे वे ख़ुश हैं.’
उन्होंने अपने एक ट्वीट में लिखा है, “अगर सभी लोग सरकारी गाइडलाइंस का पालन करें तो इस महामारी से जो सबसे बुरा हो सकता है, उसे हम टाल सकते हैं.”
ब्रेकिंग न्यूज़, दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामले एक करोड़ से ज़्यादा हुए
जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के डैशबोर्ड के अनुसार दुनियाभर में कोरोना संक्रमण के मामले अब एक करोड़ से अधिक हो गए हैं. वहीं मरने वालों की संख्या 4 लाख 99 हज़ार 124 हो गई है जो अगले कुछ ही घंटों में पाँच लाख के पार चली जाएगी.
कोरोना वायरस से सबसे ज़्यादा प्रभावित अमरीका है जहाँ संक्रमण के 25 लाख से अधिक मामलों की पुष्टि हुई है. अमरीका में अब तक कम से कम एक लाख 25 हज़ार लोगों की कोविड-19 से मौत हो चुकी है.
कोरोना महामारी के मामलों में आई तेज़ी के बाद अमरीका के फ़्लोरिडा और टेक्सस प्रांतों में फिर से प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं.
इसके बाद ब्राज़ील में तेरह लाख से अधिक मामले हैं. ब्राज़ील में अब तक 57 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं तीसरे नंबर पर रूस है जहाँ 6 लाख 33 हज़ार से अधिक मामले हैं. रूस में अब तक 9 हज़ार से अधिक लोगों की मौत हुई है.
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में भारत चौथे नंबर पर है.
अब भारत में 5 लाख 29 हज़ार मामले हैं जबकि भारत में 16 हज़ार से अधिक लोगों की मौत अब तक हो चुकी है.
73 हज़ार से अधिक मामलों के साथ दिल्ली अब भारत का सबसे संक्रमित शहर है.
2021 में दसवीं की परीक्षाएं ना ली जायें: कपिल सिब्बल
कांग्रेस पार्टी के नेता कपिल सिब्बल ने कहा है कि भारतीय विश्वविद्यालयों को कोविड-19 महामारी के दौरान छात्रों की परीक्षाएं नहीं करवानी चाहिए.
उन्होंने कहा है कि ‘ऑनलाइन टेस्ट की व्यवस्था भेदभावपूर्ण साबित हो सकती है.’
सिब्बल ने यह भी कहा है कि कोविड-19 महामारी के कारण बच्चों के अकादमिक वर्ष के एक महत्वपूर्ण हिस्से में पढ़ाई का नुक़सान हुआ है, इसलिए अगले वर्ष दसवीं की परीक्षाएं ना रखी जायें.
पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी इस मुद्दे को उठाया है.
उन्होंने कहा है, “ऐसे समय में जब कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं, उत्तर प्रदेश सरकार का एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने का निर्णय, छात्रों की सुरक्षा के लिहाज़ से सही नहीं है.”
'दिल्ली में अब तक कम्युनिटी ट्रांसमिशन नहीं, लोग डरें ना' - गृह मंत्री अमित शाह
समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में भारत के गृह मंत्री अमित शाह ने देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति से जुड़े कुछ सवालों के जवाब दिये हैं. पढ़िए उन्होंने क्या कहा:
- कोरोना के ख़िलाफ़ भारत सरकार ढंग से लड़ी है. दुनिया की तुलना में हमारे आंकड़े बहुत बेहतर हैं.
- प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हमने अच्छे से कोरोना से लड़ाई लड़ी है. मैंने आज तक ऐसा नहीं देखा जब एक व्यक्ति की आवाज़ पर लोग एकजुट दिखें. लोग लॉकडाउन में गए और उन्होंने फ़्रंट पर खड़े लोगों के लिए ताली-थाली बजाई.
- 31 जुलाई तक दिल्ली में कोरोना संक्रमण के साढ़े पाँच लाख मामले होंगे – ये दिल्ली सरकार के अपने आंकड़े होंगे लेकिन 31 जुलाई तक ऐसी नौबत नहीं आएगी.
- हमने दिल्ली सरकार के उस फ़ैसले को भी पलटा जिसमें कहा गया था कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ़ दिल्ली के लोगों का इलाज किया जाएगा.
- यह फ़ैसला भी लिया गया कि मास लेवल पर टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी.
- दिल्ली सरकार की ऑक्सीमीटर, वेंटिलेटर और एंबुलेंस - हर चीज़ से मदद की गई है.
- पहले आइसोलेशन बेड की क़ीमत 24-25 हज़ार थी जो अब 8-10 हज़ार कर दी गई है.
- बिना वेंटिलेटर के ICU का पहले रेट 34-43 हज़ार था जिसे अब 13-15 हज़ार किया गया है.
- वेंटिलेटर के साथ ICU का रेट 44-54 हज़ार था, उसे 15-18 हज़ार कर दिया गया है. इसमें रहने, टेस्ट और दवाइयों का ख़र्चा शामिल है.
- दिल्ली-एनसीआर की पूरी रणनीति तैयार है. सब मुख्यमंत्रियों से बात की जाएगी और ढेर सारे फ़ैसले लिये गये हैं.
- दिल्ली में अभी कम्युनिटी ट्रांसमिशन की स्थिति नहीं आई है.
- दिल्ली में रोज़ाना 20,000 टेस्ट हो रहे हैं. दिल्ली के लोगों को घबराने की ज़रूरत नहीं है.
कोविड-19 का इलाज कर रहे डॉक्टरों को अब तक इसके बारे में क्या-क्या समझ आया
बीते 6 महीने से दुनिया भर के डॉक्टर एक नए वायरल संक्रमण से लड़ रहे मरीज़ों की मदद कर रहे हैं.
इस वैश्विक महामारी के दौर में अब तक रोज़ कोई ना कोई नई जानकारी सामने आती रही है. साथ ही डॉक्टरों ने अपने तजुर्बों के आधार पर कोविड-19 के मरीज़ों के इलाज के तरीके विकसित किए हैं.
माना जा रहा है कि जब तक इस वायरल संक्रमण की कोई वैक्सीन नहीं तैयार हो जाती, इसे रोक पाना बहुत मुश्किल है, बशर्ते दुनिया भर में लोग सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का बहुत गंभीरता से पालन करें और साफ सफाई का ध्यान रखें.
इस बीच कोविड-19 के मरीज़ों का इलाज कर रहे डॉक्टरों की वैश्विक स्तर पर जो समझ बनी है, वो क्या कहती है? पढ़िए:
- कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों में ‘ब्लड क्लॉट’ यानी ख़ून के थक्के बनने की बहुत संभावना देखी गई है, ऐसे में ख़ून को पतला करने वाली दवाएं मददगार साबित हुई हैं.
- ‘प्रूनिंग’ – संक्रमित लोगों को राहत देने का एक कारगर तरीका समझा गया है. इसमें मरीज़ को पेट के बल लेटने को कहा जाता है ताकि फ़ेफड़ों का प्रेशर कम किया जा सके. देखा गया है कि ऐसा करने पर मरीज़ों में मकैनिकल वेंटिलेशन की ज़रूरत कम हुई.
- कोरोना वायरस संक्रमण इंसान के सांस लेने की प्रक्रिया और फ़ेफड़ों के अलावा, अन्य अंगों जैसे हार्ट, लीवर, किडनी और ब्रेन पर भी हमला बोल सकता है.
- कोविड-19 के मरीज़ों पर अब तक सबसे प्रभावी – एंटी वायरल दवा रेमडेसिवीर को माना गया है. इसके अलावा साँस की समस्या में मरीज़ को राहत देने वाली स्टेरॉयड आधारित दवा डेक्सामेथासोन और प्लाज़्मा थैरेपी के ज़रिए मरीज़ के शरीर में एटी-बॉडी विकसित करने की प्रक्रिया को सहायक माना गया है.
- जिन देशों में कोविड-19 की ज़्यादा से ज़्यादा टेस्टिंग हो रही है, वहाँ देखा गया है कि उससे अंतत: अस्पतालों में भीड़ कम हुई.
- दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे डॉक्टरों के नए तजुर्बों पर खुली चर्चा को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इससे महामारी की बेहतर समझ विकसित हुई है.
कुछ चीज़ें जिनके सही जवाब मिलने बाकी हैं:
- किस तरह के मरीज़ पर कौन सा इलाज काम करेगा, इसका स्पष्ट जवाब मिलना अभी बाकी है.
- कोविड-19 के मरीज़ को पूरी तरह रिकवर होने में कितना समय लगता है? बहुत से लोग पाँच दिन में रिकवर हुए हैं, तो बहुत से लोगों के सेंपल नेगेटिव आने में 25 दिन से ज़्यादा समय लगा है.
- इस संक्रमण का लंबे समय बाद इंसान के शरीर पर क्या असर हो सकता है? इसके बारे में अब तक कोई समझ नहीं बन पाई है.
भारत में किस दवा को कोविड-19 के इलाज के रूप में पेश किया जा रहा है?
पिछले दो दिनों से भारत में सोशल मीडिया पर ख़बरें चल रही हैं कि भारत में कोरोना की दवा बन गई है.
लोग इस दवा का नाम भी ख़ूब शेयर कर रहे हैं. फ़ैबिफ़्लू नाम की इस दवा को कोरोना के तोड़ के तौर पर पेश किया जा रहा है.
भारत में ये दवा ग्लेनमार्क फ़ार्मा कंपनी बनाती है. कंपनी का दावा है कि कोविड-19 के माइल्ड और मॉडरेट मरीज़ों पर इसका इस्तेमाल किया जा सकता है.
ग्लेनमार्क कंपनी का दावा है कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (डीसीजीआई) ने इस दवा के ट्रायल के लिए सशर्त मंज़ूरी दी है. यानी केवल इमरजेंसी में और रेस्ट्रिक्टेड इस्तेमाल करने के लिए.
जानिए इस दवा के बारे में सब कुछ और इसे लेने से कोरोना के मरीज़ों पर क्या असर देखने को मिल रहा है.
फ़ैबिफ़्लू एक रीपर्पस्ड (Repurposed Drug) दवा है. इसका मतलब ये है कि इस दवा का इस्तेमाल पहले से फ़्लू की बीमारी के इलाज में किया जाता रहा है. रेमडेसिवियर की ही तरह ये भी एक एंटीवायरल दवा है.
स्टोरीः सरोज सिंह
आवाज़ः नवीन नेगी
वीडियो एडिटः देबलिन रॉय
कोविड-19 के मामले हर साल होने वाले गंभीर नज़ला-जुक़ाम से दोगुने, अब तक एक करोड़ मामलों की पुष्टि हुई: रॉयटर्स
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार रविवार को दुनिया भर में कोरोना संक्रमण के मामलों ने एक करोड़ के बड़े आंकड़े को छू लिया है जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ हर साल होने वाले गंभीर नज़ला-ज़ुकाम के मामलों की तुलना में मोटे तौर पर दोगुने से अधिक है.
अब तक इस वैश्विक महामारी से दुनिया भर में पाँच लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.
कुछ देशों में देखा गया है कि संक्रमण का पीक गुज़रने के बाद, एक बार फिर वहाँ संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. वहीं कुछ देशों में संक्रमण के मामले बढ़ने के बावजूद लॉकडाउन के प्रतिबंधों में ढील देना जारी रखा है.
हालांकि विशेषज्ञों की राय है कि अगर सोशल डिस्टेन्सिंग के नियम-क़ायदों का लागू किया जाना संभव ना हो तो, इस महामारी को वैक्सीन के बिना रोक पाना मुश्किल है.
विभिन्न देशों से मिल रहे डेटा के आधार पर समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट तैयार की है जिसके अनुसार उत्तरी अमरीका, लैटिन अमरीका और यूरोप के कोविड-19 केस जोड़ दें तो दुनिया भर में फैले संक्रमण का क़रीब 75 प्रतिशत हिस्सा बनता है. इनके अलावा एशिया और मध्य-पूर्व से 11 और 9 प्रतिशत केस हैं.
रॉयटर्स की इस रिपोर्ट में एक दिलचस्प बात ये है कि कोरोना वायरस संक्रमण काफ़ी तेज़ी से फ़ैला है और संक्रमण की संख्या दुनिया में हर साल होने वाले गंभीर नज़ला-ज़ुकाम से लगभग दोगुनी है, पर इससे जितने लोगों की अब तक मौत हुई है, लगभग उतने ही लोग हर साल गंभीर नज़ला-ज़ुकाम बिगड़ने से मरते हैं.
- 10 जनवरी को चीन के वुहान शहर में कोविड-19 के पहले मामले की आधिकारिक पुष्टि हुई थी जिसके बाद इस संक्रमण ने यूरोप, अमरीका और फिर रूस को प्रभावित किया.
- माना जा रहा है कि यह संक्रमण अब एक नये चरण में है जब ये भारत और ब्राज़ील जैसे देशों को प्रभावित कर रहा है और इन देशों में पिछले कुछ दिनों से रोज़ाना औसतन 10 हज़ार से ज़्यादा नये मामले सामने आ रहे हैं.
- 19 जून को ब्राज़ील ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया था जब एक ही दिन में वहाँ 54 हज़ार से ज़्यादा नये मामलों की पुष्टि हुई थी. कुछ शोधकर्ताओं का मानना है कि अक्तूबर महीने तक ब्राज़ील में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3 लाख 80 हज़ार हो सकती है.
'मन की बात' में कोविड-19 के बारे में पीएम मोदी ने कहा:
- लॉकडाउन से ज़्यादा सतर्कता हमें अनलॉक के दौरान बरतनी है. आपकी सतर्कता ही आपको कोरोना से बचाएगी. इस बात को हमेशा याद रखिए कि अगर आप मास्क नहीं पहनते हैं, दो गज की दूरी का पालन नहीं करते हैं, या फिर दूसरी ज़रूरी सावधानियाँ नहीं बरतते हैं, तो आप अपने साथ-साथ दूसरों को भी जोखिम में डाल रहे हैं. ख़ासतौर पर बच्चों और बुज़ुर्गों को.
- हमें सोशल डिस्टेन्सिंग के नियमों का पालन करना चाहिए ताकि आप ख़ुद को सुरक्षित रख सकें और अन्य लोगों तक संक्रमण को पहुँचने से रोक सकें.
- ये साल कब बितेगा? अब लोगों में एक आम प्रश्न बन गया है. लोग चाहते हैं कि जल्द से जल्द ये साल बीत जाये.
- मुश्किलें आती हैं, संकट आते हैं, लेकिन सवाल यही है कि क्या इन आपदाओं की वजह से हमें साल 2020 को खराब मान लेना चाहिए? बिल्कुल नहीं. एक साल में एक चुनौती आए या पचास चुनौतियां, नंबर कम ज़्यादा हो जाने से वो साल ख़राब नहीं हो जाता.
- अरुणाचल प्रदेश के सियांग ज़िले के मिरेम गाँव के लोगों ने जब गाँव के बाहर से लौट रहे लोगों को गाँव में आते देखा तो उनके क्वारंटीन की सुविधा गाँव के बाहर ही कर दी. गाँव से कुछ दूरी पर उन्होंने 14 अस्थाई झोपड़ियां बनाकर उनमें सभी सुविधाएं लोगों को मुहैया करवाईं.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत में कोविड-19: बीते 24 घंटे में 19,906 नए मामलों की पुष्टि, 410 लोगों की मौत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बीते 24 घंटे में भारत के भीतर कोरोना वायरस संक्रमण के 19,906 नए मामलों की पुष्टि हुई है.
मंत्रालय के अनुसार, एक दिन में नए मामले सामने आने का यह अब तक का सबसे बड़ा नंबर है.
साथ ही बताया गया है कि बीते 24 में कोविड-19 की वजह से 410 लोगों की मौत हुई है, जिनके बाद इस महामारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 16,095 हो गई है.
भारत में अब तक पाँच लाख 28 हज़ार 859 लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हो चुकी है जिनमें से दो लाख तीन हज़ार से अधिक मामले फ़िलहाल सक्रिय हैं यानी इन मरीज़ों में संक्रमण का प्रभाव है जबकि तीन लाख नौ हज़ार से ज़्यादा मरीज़ इलाज के बाद पूरी तरह से ठीक हो चुके हैं.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बार फिर इस बात पर ज़ोर दिया है कि भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के सक्रिय मामलों की तुलना में इससे स्वस्थ होने वालों की संख्या ज़्यादा हो गई है.
मंत्रालय के मुताबिक़, कोविड-19 मरीज़ों के स्वस्थ होने की दर 58.13 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई है.
आठ राज्यों (महाराष्ट्र, तमिलनाडु, दिल्ली, तेलंगाना, गुजरात, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल) का भारत के कुल सक्रिय मामलों में 85.5 प्रतिशत और मृत्यु के कुल मामलों में 87 प्रतिशत अंशदान है.
इस बीच केन्द्र सरकार ने कोविड-19 की रोकथाम और प्रबंधन के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली को सहयोग बढ़ाया है; दिल्ली में 1,000 बिस्तर का नया अस्पताल जल्द ही काम करना शुरू कर देगा.
रविवार सुबह दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ‘दिल्ली में कोविड-19 कंटेनमेंट ज़ोन की संख्या अब 280 से बढ़कर 417 हो गई है.’
अधिकारियों ने यह भी बताया है कि कंटेनमेंट ज़ोन में रहने वाले 45,000 लोगों के अलावा दिल्ली में क़रीब दो लाख लोगों की कोविड-19 के लिए जाँच की जा चुकी है.