कोरोना अपडेट: इटली के प्रधानमंत्री से लॉकडाउन के बारे में पूछताछ
दुनिया भर में 75 लाख से ज़्यादा लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और अब तक चार लाख से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
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दिल्ली में एक दिन में कोरोना के 2,137 मामले
राजधानी दिल्ली में एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,137 मामले सामने आए हैं.
अधिकारियों के अनुसार पहली बार एक दिन में इतनी बड़ी संख्या में संक्रमण के मामलों में उछाल देखा गया है. दिल्ली में कोरोना के कारण अब तक 1,214 लोगों की जान जा चुकी है.
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इटली के प्रधानमंत्री ज्यूसेप कोंटे से अभियोजकों ने पूछताछ की है.
कोविड-19 महामारी की चपेट में आकर मारे गए इटली के लोगों के परिजनों ने सरकार पर कोताही बरतने का आरोप लगाते हुए जाँच की मांग की है.
परिवार वालों का आरोप है कि अधिकारियों ने लोम्बार्डी में लॉकडाउन लगाने में काफ़ी ढीलाई बरती थी.
लोम्बार्डी इटली में कोरोना महामारी फैलने के केंद्र में था.
प्रधानमंत्री से पूछताछ के लिए बरगैमो से अभियोजक रोम पहुंचे. बरगैमो एक शहर है जो मिलान के पास है.
बरगैमो शहर में कोरोना महामारी की वजह से बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे.
इसके बाद ही मार्च में पूरे इटली में लॉकडाउन लगाया गया था.
अभियोजकों ने इटली के प्रधानमंत्री से लगभग तीन घंटे तक पूछताछ की.
गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री से भी पूछताछ की गई.
इटली के प्रधानमंत्री का कहना है कि लोम्बार्डी में विपक्षी पार्टी की सरकार है और उन्हें लॉकडाउन लागू करने का पूरा अधिकार था.
पूछताछ का फोकस, लॉकडाउन पॉलिसी पर था.
इटली में सबसे पहले 21 फ़रवरी को क्वारंटीन लागू किया गया था. ज़्यादातर उत्तरी इटली में आठ मार्च को लॉकडाउन लागू किया गया था और उसके दो दिन बाद पूरे इटली में लॉकडाउन लागू किया गया था.

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कोरोना वायरस पर ग़लत जानकारी देने वाले एक लाख से ज्यादा ट्विटर अकाउंट्स हटाए गए

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ट्विटर ने एक लाख 70 हज़ार से ज्यादा अकाउंट्स को हटा दिया है.
ट्विटर का कहना है कि उसने यह कदम चीन सरकार के 'ग़लत सूचना देने वाले कैम्पेन' को मज़बूत करने के लिए उठाया है.
ट्विटर का कहना है कि इनमें से कुछ अकाउंट्स ऐसे थे जिनमें कोरोना वायरस के बारे में लिखा गया था.
चीन की विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा है कि उनका देश ग़लत सूचनाओं का शिकार बना है.
उन्होंने इसलिए चीन से ऐसे अकाउंट्स बंद करने के लिए कहा जो चीन के लिए 'क्रिटिकल' थे.
ट्विटर ने ये भी जानकारी दी है कि उसने रूस से संचालित होने वाले एक हज़ार से ज्यादा अकाउंट्स भी बंद किए हैं जो ग़लत सूचनाएं दे रहे थे.
पेशे से डॉक्टर अमरीकी सीनेटर को 'अभद्र टिप्पणी' के लिए किया गया बर्ख़ास्त

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पेशे से डॉक्टर अमरीका के आहायो राज्य के एक सांसद को बर्ख़ास्त कर दिया गया है.
रिपब्लिकन सीनेटर स्टीव हफ़मैन ने एक अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था, काले लोग कोरोना वायरस के ज़्यादा शिकार हो रहे हैं क्योंकि वो अपना हाथ नहीं धोते हैं.
सांसद हफ़मैन ने ये बात तब कही जब इस बात पर सुनवाई हो रही थी कि क्या नस्लभेद को पब्लिक हेल्थ संकट घोषित किया जाना चाहिए या नहीं.
अमरीका में एक काले जॉर्ज फ़्लॉयड की पुलिस हिरासत में मौत के बाद से पूरे अमरीका में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
हफ़मैन ने इस सुनवाई के दौरान कहा, "क्या ये हो सकता है कि अफ़्रीकन-अमरीकन या काले लोग अपने हाथ नहीं धोते हैं, या मास्क नहीं लगाते हैं या फिर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते हैं. क्या ये वजह हो सकती है कि वो ज़्यादा संख्या में कोरोना के शिकार हो रहे हैं.''
बाद में सांसद हफ़मैन ने माफ़ी माँगी और कहा, मुझे खेद है कि मैंने अनजाने में एक बहुत ही फूहड़ सवाल पूछ लिया जिससे लोगों को तकलीफ़ हुई लेकिन ये बिल्कुल उसके विपरीत था जो मैं कहना चाहता था.
लेकिन माफ़ी के बावजूद उनके एम्पलॉयर टीमहेल्थ ने उन्हें इमरजेंसी डॉक्टर की ड्यूटी से हटा दिया है.
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'इंडिया बोल'
बीबीसी हिंदी का डिजिटल बुलेटिन 'इंडिया बोल' सुनिए मोहनलाल शर्मा से.
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कोरोना: दुनिया में 'बेहद ग़रीबों' की तादाद एक अरब हो सकती है
कोरोना महामारी और फिर लॉकडाउन के कारण होने वाले आर्थिक नुक़सान की बुनियाद पर आशंका जताई जा रही है कि दुनिया भर में क़रीब एक अरब लोग 'बेहद ग़रीब' की श्रेणी में दाख़िल हो सकते हैं.
एक शोध के अनुसार कोरोना के कारण 40 करोड़ नए लोग ग़रीबी के शिकार होंगे और उनमें दक्षिण और पूर्वी एशिया के लोग सबसे ज़्यादा प्रभावित होंगे.
यूएन के ज़रिए जारी इस रिपोर्ट में इसका आकलन किया गया है कि कोरोना के कारण वैश्विक आमदनी पर कितना असर पड़ा है.
रिपोर्ट के अनुसार अगर हालात बहुत ज़्यादा ख़राब हुए और पर कैपिटा आमदनी में 20 फ़ीसद की कमी आती है तो इस बात की आशंका है कि एक दिन में क़रीब दो डॉलर यानी क़रीब 145 भारतीय रुपए से भी कम पर गुज़ारा करने के लिए मजबूर लोगों की संख्या एक अरब से ज़्यादा हो सकती है.
इसके अलावा तीन अरब सत्तर करोड़ लोग यानी दुनिया की आधी से ज़्यादा आबादी की आमदनी भी घटकर रोज़ाना 5.50 डॉलर यानी क़रीब 420 रुपए हो जाएगी.
इस कारण दुनिया भर में चल रहे ग़रीबी उन्मूलन कार्यक्रम भी 20 से 30 साल पीछे चले जाएंगे और ग़रीबी दूर करने का यूएन का लक्ष्य एक दूर का सपना बनकर रह जाएगा.

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पाकिस्तान ने भारत को दिया मदद का ऑफ़र, लेकिन ये प्रोग्राम है क्या?
कीर्तीश का कार्टून

जावेद अख़्तर ने जब प्रवासी मज़दूरों पर लिखी अपनी कविता सुनाई
ब्रेकिंग न्यूज़, क्या रूस को पीछे छोड़ देगा भारत?

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पिछले 24 घटों में रूस की तुलना में भारत में कोरोना वायरस से संक्रमण के ज़्यादा नए मामले सामने आए हैं. रूस में 8,779 मामले सामने आए है जबकि भारत में 10,956. रूस में संक्रमितों की कुल संख्या 511,423 हो गई. भारत में तीन लाख के क़रीब यह तादाद है. पिछले 24 घटों में रूस में 183 लोगों की मौत हुई और भारत में 396 लोगों की. रूस में मृतकों की कुल संख्या 6,715 है जबकि भारत में 8,498 है.
महाराष्ट्र में फिर से नहीं लागू होगा लॉकडाउन- उद्धव ठाकरे
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा है कि लॉकडाउन फिर से नहीं लागू किया जाएगा. उद्धव ठाकरे ने लोगों से अपील की है कि भीड़ से बचें और भीड़ जमा न होने दें. मुख्यमंत्री के कार्यालय से कहा गया है कि लोग कोरोना संक्रमण को रोकने में मदद करें और सरकार के नियमों का सख़्ती से पालन करें.
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ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली समेत तीन राज्यों से माँगा जवाब

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सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वायरस के मरीज़ों को लेकर शुक्रवार को स्वतः सज्ञान लेते हुए दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु की सरकारों से जवाब माँगा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अस्पताल शवों को लेकर बिल्कुल लापरवाह हैं और यहाँ तक कि परिजनों को सूचित तक नहीं किया जा रहा है.
जस्टिस शाह ने कहा कि अस्पतालों में सुविधाओं का घोर अभाव है. उन्होंने कहा, ''यहाँ बेड की कमी है. मरीज़ों को देखा नहीं जा रहा है.''
जस्टिस कॉल ने दिल्ली को लेकर कहा कि यहाँ टेस्ट बहुत कम हो रहा है. जस्टिस शाह और कौल की बेंच ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में अस्पतालों में शवों की जो हालत है वो भयावह है. इस बेंच ने कहा कि वेटिंग एरिया में शवों को रखा गया है.
कोरोना वायरस से कैसे लड़ रहे हैं नेपाल, पाकिस्तान और बांग्लादेश, देखिए यह रिपोर्ट
वीडियो कैप्शन, कोरोनावायरस: कैसा है पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल का हाल? कोरोना महामारी के कारण बढ़ेगी बाल मज़दूरी- यूएन

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संयुक्त राष्ट्र ने शुक्रवार को कहा है कि कोरोना वायरस संक्रमण के कारण लाखों बच्चे बाल मज़दूरी करने पर मजबूर हो सकते हैं. यूएन ने कहा है कि बाल मज़दूरी में पिछले दो दशक में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी देखी जा सकती है.
यूएन ने कहा है कि महामारी के कारण परिवारों की कमाई पर बहुत बुरा असर पड़ा है. ऐसे में बिना कोई वित्तीय मदद के बच्चे काम करने पर मजबूर हो सकते हैं. दुनिया भर के अर्थशास्त्री भी कह रहे हैं महामारी के कारण वैश्विक महामंदी की आशंका प्रबल है.
ब्रेकिंग न्यूज़, 29 जुलाई तक अमरीका को पीछे छोड़ देगा ब्राज़ील

ब्राज़ील में कोरोना वायरस संक्रमण जिस रफ़्तार से घातक हो रहा है, उसमें अगर कोई तब्दीली नहीं आयी तो 29 जुलाई तक कोरोना से हुई मौतों के मामले ब्राज़ील अमरीका को पीछे छोड़ देगा.
ये उस मैथड के ज़रिए आशंका जताई जा रही है जिसका इस्तेमाल व्हाइट हाउस ने कोरोना को लेकर प्रोजेक्शन के लिए किया था.
इस गणितीय मैथड के मुताबिक कहा जा रहा है कि 29 जुलाई तक ब्राज़ील में मौजूदा रफ़्तार से एक लाख 37 हज़ार पांच सौ से ज़्यादा लोगों की मौत हो जाएगी. जबकि मौजूदा रफ़्तार से अमरीका में 29 जुलाई तक एक लाख 37 हज़ार लोगों की मौत होने की आशंका है.
इसका मतलब यह है कि अगले 50 दिनों में ब्राज़ील में मरने वालों की संख्या मौजूदा संख्या से साढ़े तीन गुना बढ़ जाएगी. मौजूदा रफ़्तार से यह असंभव नहीं दिख रहा है. बीते एक महीने में ब्राज़ील में कोरोना से मरने वाले लोगों की संख्या लगभग चार गुना हो चुकी है.
नौ मई तक ब्राज़ील में कोरोना से दस हज़ार लोगों की मौत हुई थी, जबकि नौ जून तक यह संख्या 38 हज़ार को पार कर गई.
माना जा रहा है कि 29 जुलाई तक एक दिन में मौतों के लिहाज से भी ब्राज़ील नया रिकॉर्ड बना देगा. आशंका के मुताबिक ब्राज़ील में 29 जुलाई तक एक दिन में चार हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत होने लगेगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, अप्रैल महीने में ब्रिटेन की जीडीपी में 20.4% की गिरावट
अप्रैल महीने में ब्रिटेन की जीडीपी में 20.4% की गिरावट आई है. 1997 से मासिक गणना शुरू हुई थी और तब से यह अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है. ब्रिटेन में 23 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा हुई थी और अप्रैल लॉकडाउन का पहला पूरा महीना था. इस डेटा से पता चलता है कि सर्विस, प्रोडक्शन और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में भारी गिरावट आई है.
क्या इस बार नहीं होगी हज यात्रा? अगर होगी तो कैसी होगी?

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समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार सऊदी अरब कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए हाजियों की संख्या में भारी कटौती करने पर विचार कर रहा है. इस साल जुलाई महीने के आख़िर में हज यात्रा शुरू होनी है. हर साल दुनिया भर के क़रीब 25 लाख मुसलमान हज के लिए सऊदी अरब के मक्का और मदीना जाते हैं. इस यात्रा से सऊदी अरब को हर साल 12 अरब डॉलर का राजस्व हासिल होता है.
सऊदी अरब ने मार्च महीने में दुनिया भर के मुसलमानों से कहा था कि वो अगले नोटिस तक हज यात्रा स्थगित रखें. रॉयटर्स के अनुसार अगर इस साल हज होता भी है तो प्रतीकात्मक होगा. इसके साथ ही ज़्यादा उम्र वालों के आने पर पाबंदी होगी और कड़ी स्वास्थ्य जांच भी होगी. कई अधिकारी अब भी इसे रद्द करने पर ज़ोर दे रहे हैं.
हालांकि हाल-फ़िलहाल में सऊदी अरब ने इस पर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है. हाजियों की संख्या में भारी कटौती पर सऊदी का मजबूर होना तेल की क़ीमतों में गिरावट के बाद दूसरा बड़ा आर्थिक झटका होगा. इसी साल मार्च महीने में सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा बंद कर दी थी. जेद्दा में अब भी कर्फ़्यू है.
यहीं पर हाजियों की फ्लाइट लैंड करती है. कड़ी जांच प्रक्रिया के कारण कहा जा रहा है कि दुनिया भर के देशों को जितना कोटा मिलता है उसके 20 फ़ीसदी लोगों को ही हज के लिए वीज़ा मिल पाएगा. ऐसे भी दुनिया के कई देश ख़ुद से ही हज यात्रा पर अपने नागरिकों को जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं.

