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कोरोना अपडेट: संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी, महामारी के कारण आ सकता है अकाल
संयुक्त राष्ट्र ने कहा ग़रीब देशों को महामारी से ज़्यादा ख़तरा. दुनिया के कमज़ोर देशों की मदद के लिए जारी की 6.7 अरब डॉलर की अपील.
लाइव कवरेज
ब्रेकिंग न्यूज़, ब्रिटेनः मृतकों की संख्या 30,615; लॉकडाउन में ढील पर विचार
ब्रिटेन में कोरोना संक्रमण से और 539 लोगों की मौत हुई है जिसके बाद ब्रिटेन में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 30,615 हो गई है.
ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने कोरोना संकट पर दैनिक ब्रीफ़िंग में कहा कि मृतकों की संख्या सभी लोगों के लिए दुःखद है और संकट के दौरान पीपीई की सप्लाई और केयर होम्स की व्यवस्था एक बड़ी चुनौती थी.
राब ने कहा कि ब्रिटेन में पाबंदियों को लागू रखा गया और अब संकट के दूसरे चरण के बारे में सोचा जा सकता है.
उन्होंने साथ ही लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहने की चेतावनी देते हुए कहा कि इसकी अवहेलना करने से वायरस तेज़ी से फैल सकता है.
विदेश मंत्री ने कहा,"ऐसा हुआ तो दोबारा लॉकडाउन की ज़रूरत पड़ेगी."
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन रविवार को अगले चरण की योजना और लॉकडाउन में ढील की शर्तों का ब्यौरा पेश करेंगे.
झारखंड: क़रीब तीन लाख प्रवासी मज़दूरों ने वापसी के लिए कराया रजिस्ट्रेशन
रवि प्रकाश
राँची से, बीबीसी हिन्दी के लिए
झारखंड के क़रीब 3 लाख प्रवासियों ने घर वापसी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इनमें से अधिकतर मज़दूर हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को मीडिया को बताया कि ये रजिस्ट्रेशन राज्य सरकार द्वारा वापसी के लिए जारी वेबसाइट लिंक और गूगल डॉक्यूमेंट पर उपलब्ध फ़ार्म के ज़रिये कराए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा, "वापस आना चाहने वाले प्रवासी मज़दूरों की हम मदद करेंगे. झारखंड वापसी पर उनके लिए रोज़गार का भी इंतज़ाम कराया जाएगा. इसके लिए हमने कई योजनाओं का ऐलान किया है."
झारखंड सरकार ने कहा है कि उनके किसी मज़दूर को रेल किराया नहीं देना होगा. साथ ही प्रदेश में फँसे दूसरे राज्यों के लोगों को भी सरकार अपने ख़र्च पर वापस उनके घर भेजेगी.
केरल और गुजरात से झारखंड आए श्रमिक ट्रेनों के यात्रियों से रेलवे द्वारा किराया वसूले जाने के विवाद के बाद सरकार की तरफ से यह महत्वपूर्ण बयान माना जा रहा है.
कोरोना काल में फँसे मज़दूरों की सहायता के लिए झारखंड सरकार द्वारा नियुक्त मुख्य नोडल अधिकारी अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बीबीसी को बताया, "जिन राज्यों ने हमारे प्रवासी मज़दूरों की वापसी का ख़र्च माँगा, हमने उन्हें पैसे भेजे हैं. इस क्रम में हमने राजस्थान सरकार को 16 लाख रुपये भेजे ताकि कोटा से छात्रों को वापस लाया जा सके. उस पैसे से सरकार ने रेलवे को 2 विशेष ट्रेनों का किराया भरा."
इस बीच आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के प्रधान सचिवों ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि शुरू के दिनों में बेहतर समन्वय नहीं होने और स्पष्ट गाइडलाइन नहीं होने के कारण केरल और गुजरात से झारखंड आए मज़दूरों को अपना किराया खुद भरना पड़ा लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.
ब्रेकिंग न्यूज़, पाकिस्तानः शनिवार से लॉकडाउन हटेगा, पर कुछ पाबंदियाँ जारी रहेंगी
एम इलियास हुसैन
बीबीसी संवाददाता, कराची
पाकिस्तान में शनिवार से लॉकडाउन ख़त्म किया जा रहा है जिसके बाद कारोबार और बाज़ारों में लागू पाबंदियाँ हटा ली जाएँगी.
अस्पतालों में ओपीडी भी दोबारा खोल दिए जाएँगे जिन्हें संक्रमण को रोकने के लिए एहतियातन बंद कर दिया गया था.
लेकिन स्कूल, कॉलेज अभी भी बंद रहेंगे. सभी परीक्षाएँ रद्द कर दी गई हैं.
दुकानों के खुलने का समय भी सीमित कर दिया गया है. भीड़ ना हो इसलिए दुकानें केवल दिन में खुलेंगी. रमज़ान के दौरान लोग शाम और रात को ख़रीदारी करना पसंद करते हैं. दुकानें वीकेंड पर बंद रहेंगी.
लॉकडाउन हटाने का एलान करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने ज़ोर देकर कहा कि लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते रहना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो सरकार और सख़्त लॉकडाउन लागू कर देगी.
पाकिस्तान में चिंता जताई जा रही है कि लॉकडाउन में ढील देने से हालात और ख़राब हो सकते हैं.
अधिकारियों का कहना है कि 80% से ज़्यादा संक्रमण स्थानीय लोगों से ही फैला.
फ़्रांस में 11 मई से हटना शुरू होगा लॉकडाउन
फ़्रांस के प्रधानमंत्री एदुआर्द फ़िलिपे ने कहा है कि फ़्रांस में 11 मई से लॉकडाउन आहिस्ता-आहिस्ता ख़त्म किया जाएगा.
मगर संक्रमण वाले रेड ज़ोन के इलाक़ों में अब भी पाबंदियाँ जारी रहेंगी जिनमें राजधानी पेरिस का इलाक़ा भी शामिल है.
ग्रीन ज़ोन वाले इलाक़ों में अगर स्थिति क़ाबू में रही तो सेकंडरी स्कूल, रेस्तरां आदि जून से खोले जा सकेंगे.
फ़्रांस के गृह मंत्री ने कहा है कि 100 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी यात्रा करने वाले लोगों को एक फ़ॉर्म रखना होगा.
मगर देश की सीमाएँ अभी सील रहेंगी.
दुनिया भर में 37 लाख से ज़्यादा लोग संक्रमित
अमरीका की जॉन्स हॉप्किन्स यूनिवर्सिटी के आंकड़ों के अनुसार दुनिया भर में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 37,84,085 मामले हो चुके हैं.
वहीं, संक्रमण की चपेट में आकर अब तक कुल 2,64,679 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं.
संक्रमण के मामले में टॉप-5 देश
अमरीका-12,31,992
स्पेन-2,20,325
इटली-2,14,457
ब्रिटेन- 2,02,359
रूस-1,77,160
स्वीडन में मृतकों की संख्या 3,000 के पार, लॉकडाउन नहीं लगाने का अब भी बचाव
स्वीडन में और 99 कोविड रोगियों की मौत हो गई है जिसके बाद वहाँ मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 3,040 हो गई है.
स्वीडन में सरकार की लॉकडाउन लागू नहीं करने को लेकर आलोचना हुई थी जबकि उसके पड़ोसी देशों में काफ़ी सख़्ती बरती जा रही थी.
मगर स्वीडन के स्वास्थ्य अधिकारी अभी भी अपने फ़ैसले का बचाव कर रहे हैं और उनका कहना है कि वो महामारी को बेकाबू नहीं होने देने में कामयाब रहे है.
स्वीडन के लोग अभी भी बार और रेस्तरां में जा सकते हैं, मगर उनसे सोशल डिस्टैंसिंग और साफ़-सफ़ाई बरतने की अपील की जा रही है.
स्वीडन ने स्कूलों को भी बंद नहीं किया है.
मॉस्को में लॉकडाउन 31 मई तक बढ़ा
रूस की राजधानी मॉस्को में लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया गया है.
मॉस्को के मेयर सर्गेइ सोब्यनिन ने बताया है कि 12 मई से कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी जिनमें औद्योगिक और कंस्ट्रक्शन कंपनियों में कर्मचारी लौट सकेंगे.
मगर उन्होंने कहा कि अभी भी थिएटर, रेस्तरां, खेल-कूद के स्थान और ऐसी जगहों को खोलना संभव नहीं है जहाँ भीड़ होती हो.
मॉस्को रूस में कोरोना महामारी का केंद्र बना हुआ है. देश में संक्रमण के 177,160 मामलों में से 92,676 मामले केवल मॉस्को के हैं.
जापान ने भी रेमडेसिविर दवा के इस्तेमाल की मंज़ूरी दी
जापान ने कोरोना संक्रमित रोगियों के इलाज के लिए ऐंटी-वायरल दवा रेमडेसिविर के इलाज की अनुमति दे दी है.
जापान सरकार ने साथ ही कहा है कि वो इस महीने एक और दवा ऐविगन के इस्तेमाल की अनुमति देने के बारे में भी विचार कर रही है.
अमरीका के बाद जापान दुनिया का दूसरा देश है जहाँ रेमडेसिविर के प्रयोग को मंज़ूरी दे दी गई है.
अमरीका ने पिछले सप्ताह इस दवा के इमर्जेसी मामलों में इस्तेमाल को हरी झंडी दे दी थी.
एक अमरीकी कंपनी की बनाई ये दवा इबोला रोगियों के इलाज में इस्तेमाल होती थी मगर परीक्षणों में पाया गया कि ये दवा कोरोना मरीज़ों की सेहत में जल्दी सुधार करने में मदद करती है.
ऑनलाइन शराब बिक्री के क्या फ़ायदे और नुक़सान होंगे?
दिल्ली से मध्य प्रदेश रवाना हुए 1,200 मज़दूर
दिल्ली के शेल्टर होम्स में रह रहे 1,200 मज़दूरों को आज शाम विशेष बसों से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन ले जाया गया है.
बीबीसी संवाददाता चिंकी सिन्हा के अनुसार अब तक 75 बसें रेलवे स्टेशन पहुंच चुकी हैं और हर बस में 10 से 12 मज़दूर हैं. रेलवे स्टेशन को सील किया गया है. बसों के साथ मज़दूरों के लिए एंबुलेंस भी हैं.
यहां से इन्हें शाम आठ बजे श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन से मध्य प्रदेश रवाना किया जाएगा. दिल्ली से मज़दूरों को ले जाने वाली ये पहली ट्रेन है.
उत्तर रेलवे के अनुसार मध्य प्रदेश पहला राज्य है जिसके दिल्ली में फंसे मज़दूरों को वापिस लेने की हामी भरी है. दिल्ली सरकार का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार सरकारों को भी मज़दूरों के बारे में लिखा है लेकिन अब तक उन्हें कोई उत्तर नहीं मिला है.
Corona Virus पर BBC Hindi का ख़ास Digital Bulletin: कोरोना दिनभर फ़ेसबुक पर
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रद्द की गर्मियों की छुट्टियां
आलोक प्रकाश पुतुलरायपुर से बीबीसी हिंदी के लिये
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने ग्रीष्मकालीन अवकाश रद्द कर दिया है. हाईकोर्ट में इस साल घोषित कैलेंडर के अनुसार गरमी के दिनों में 16 मई से 14 जून तक अवकाश घोषित किया गया था. इसमें 18 मई से 12 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश शामिल था.
गुरुवार को हाईकोर्ट ने एक आदेश जारी करते हुये इस अवकाश को रद्द कर दिया है. इस आदेश के अनुसार यही व्यवस्था ज़िला न्यायलय समेत अन्य न्यायालयों पर भी लागू होगी.
कोरोना संक्रमण के कारण मार्च महीने से ही छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कामकाज प्रभावित हो रहा था. इसके बाद हाईकोर्ट ने बेहद ज़रुरी मामलों की ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था की थी.
इसी महीने की 2 तारीख़ को इस व्यवस्था को दो सप्ताह और बढ़ाने का निर्देश जारी किया गया था. लेकिन इस बीच हाईकोर्ट के कर्मचारियों को काम पर लौटने के लिये कहा गया और बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने अपनी उपस्थिति भी दर्ज़ कराई. हालांकि अभी मामलों की ऑनलाइन सुनवाई की व्यवस्था जारी रहेगी.
गुरुवार को जारी आदेश के संबंध में हाईकोर्ट के अधिकारियों ने बताया कि निरस्त किये गये ग्रीष्मकालीन अवकाश की तिथियों में नये मामलों के अलावा पांच साल से अधिक पुराने प्रकरणों की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की जायेगी.
'ब्राज़ील एक साथ दो वायरस से लड़ रहा है'
जोआ डोरिया ब्राज़ील के सबसे धनी राज्य साओ पालो के गवर्नर हैं. एक समय में वे ब्राज़ील के राष्ट्रपति ज़ायर बोलसोनारो के सहयोगी थे. लेकिन ये दोनों लोग अब इस बात को लेकर भिड़ गए हैं कि कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप को कैसे रोका जाना चाहिए.
बुधवार को बताया गया कि बीते 24 घंटे में कोविड-19 की वजह से ब्राज़ील में 615 लोगों की मौत हुई है. ब्राज़ील में एक दिन में कोरोना वायरस की वजह से मरने वालों की अब तक की यह सबसे अधिक संख्या है.
डोरिया ने अपने पूरे राज्य में लॉकडाउन लागू कर रखा है. लेकिन बोलसोनारो चाहते हैं कि सिर्फ़ वही लोग घरों में रहें जिन्हें बीमारी से सबसे ज़्यादा ख़तरा है, बाकी लोग अपने काम पर लौटें.
माना जा रहा है कि बोलसोनारो कोरोना वायरस महामारी की गंभीरता को समझ नहीं रहे हैं. पिछले महीने राष्ट्रपति ज़ायर बोलसोनारो लॉकडाउन विरोधी एक रैली में भी शामिल हुए थे जहाँ उन्हें बिना मुँह पर हाथ लगाए खांसते हुए भी देखा गया था.
तभी से डोरिया और बोलसोनारो के बीच कोरोना वायरस महामारी को लेकर वैचारिक मतभेद है.
बीबीसी संवाददाता केटी वॉटसन से बात करते हुए डोरिया ने कहा, “हम दो वायरसों से लड़ रहे हैं. एक है कोरोना वायरस, दूसरा है बोलसोनारो वायरस.”
रूस: कोरोना संक्रमण का बड़ा केंद्र बना मॉस्को शहर
रूस की राजधानी मॉस्को देश में कोरोना वायरस के प्रकोप का केंद्र बन गई है.
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रूस में कोरोना वायरस संक्रमण के जो 1,77,160 मामले अब तक सामने आये हैं, उनमें से 92,676 मामले सिर्फ़ मॉस्को शहर में दर्ज किये गए हैं.
मॉस्को के मेयर सरगेई सोबयानिन का कहना है कि संक्रमित लोगों की असल संख्या इससे काफ़ी ज़्यादा हो सकती है. रूस की एक समाचार एजेंसी से बातचीत में उन्होंने कहा, “अकेले मॉस्को शहर में कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या क़रीब तीन लाख होगी.”
- ताज़ा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार रूस अब दुनिया का पाँचवा सबसे अधिक संक्रमण वाला देश बन गया है. बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 11,231 नए मामले सामने आये हैं.
- पिछले पाँच दिनों से लगातार रूस में कोरोना संक्रमण के मामले प्रति दिन 10,000 के औसत से बढ़ रहे हैं.
- आधिकारिक रूप से कोविड-19 की वजह से अब तक 1,625 लोगों की मौत हुई है जो कि अन्य देशों की तुलना में बहुत कम है.
कोरोना से जुड़ा आपका सवाल और बीबीसी का जवाब
क्या कपड़ों से भी फैल सकता है कोरोना, जानिए वायरस से जुड़े 7 अहम सवालों के जवाब
बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर आर्यन ने पूछा है कि क्या एक बार कोरोना से उबरने के बाद क्या फिर इसके संक्रंमण का ख़तरा है?
बीबीसी ने कोरोना से जुड़े ऐसे ही कई सवालों का जवाब खोजने की कोशिश की है.
ये रहा इस सवाल का जवाब:
ICMR ने कोरोना रोगियों का इलाज गंगा जल से करने के सरकारी प्रस्ताव को किया ख़ारिज
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद यानी ICMR ने जल शक्ति मंत्रालय के उस प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं देने का फ़ैसला किया है जिसमें कहा गया था कि कोविड रोगियों की चिकित्सा गंगा जल से करने के बारे में क्लीनिकल ट्रायल किया जाना चाहिए. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार परिषद ने कहा है कि इस बारे में अभी और वैज्ञानिक डेटा जुटाए जाने की आवश्यकता है.
अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बदला फ़ोकस
अमरीका में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बावजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमरीका को फिर से खोलने और अर्थव्यवस्था को शुरू करने से जुड़ी योजनाओं के साथ आगे बढ़ रहे हैं.
माना जा रहा है कि अमरीकी राष्ट्रपति ने कोरोना वायरस महामारी को लेकर अपना फ़ोकस बदल दिया है.
बुधवार को उन्होंने माना कि अगर वे लॉकडाउन को हटाते हैं, तो मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है. पर उन्होंने यह भी कहा, “हो सकता है ऐसा ना हो.”
अमरीका में अभी लगभग 12 लाख लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और 73 हज़ार से ज़्यादा लोगों की कोविड-19 की वजह से मौत हो चुकी है.
सरकारी डेटा के अनुसार अमरीका में पिछले हफ़्तों में क़रीब तीन करोड़ लोग बेरोज़गारों को मिलने वाली सुविधाओं के लिए आवेदन कर चुके हैं.
UN को पाकिस्तान समेत दूसरे ग़रीब देशों के लिए और पैसा क्यों चाहिए?
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी दी है कि कोरोना महामारी से बहुत सारे अकाल आ सकते हैं.
संस्था ने इसके साथ ही 6.7 अरब डॉलर की अपील भी जारी की है ताकि दुनिया के कमज़ोर देशों की मदद की जा सके.
यूएन ने इन कमज़ोर देशों की पहले से तैयार लिस्ट का विस्तार किया है.
50 से ज़्यादा देशों की इस लिस्ट में नौ नए देशों को शामिल किया गया है – बेनिन, जिबूती, लाइबेरिया, मोज़ांबिक, पाकिस्तान, फ़िलीपींस, सियरा लियोन, टोगो और ज़िम्बाब्वे. लेकिन ऐसा क्यों है कि ग़रीब देशों को ही महामारी से ज़्यादा ख़तरा है?
संक्षेप में, इसके तीन कारण हैं:
- वस्तुओं की कीमतें – इनमें कई देश सामानों का निर्यात करते हैं, ऐसे में, उदाहरण के लिए, तेल की कीमतें गिरने से तेल पर निर्भर देशों की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है.
- निवेशकों का पलायन – विकासशील देशों से विदेशी निवेशक अपना पैसा निकाल सकते हैं, और आगे अपने निवेश में कटौती कर सकते हैं.
- विदेशी कर्ज़ – कई देशों पर अमीर देशों का भारी कर्ज़ है जो उन्हें डॉलर या यूरो में चुकाने हैं. ऐसे में अगर उनकी अपनी मुद्रा की कीमत गिरती है, तो उनके लिए ये कर्ज़ और महंगा बन जाएगा.