You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

जेएनयू हिंसा: कहीं मशाल जुलूस तो कहीं मार्च

दिल्ली की जेएनयू यूनिवर्सिटी में हुए हमले का भारी विरोध. मगर हमलावरों को लेकर रहस्य बरक़रार.

लाइव कवरेज

  1. 'फ्री कश्मीर' नारे पर फडणवीस का सवाल

    महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने जेएनयू मामले को लेकर सोमवार को मुंबई में हुए विरोध प्रदर्शन पर सवाल उठाए हैं.

    प्रदर्शन के दौरान एक प्रदर्शनकारी एक तख्ती थामे नज़र आईं, जिस पर लिखा था "फ्री कश्मीर"

    फडणवीस ने इसे लेकर ट्विटर पर सवाल किया, "विरोध वास्तव में किस लिए है? "

    उन्होंने आगे लिखा, "फ्री कश्मीर " के नारे क्यों?

    फडणवीस ने इसे लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से सवाल किया, "उद्धव जी क्या आप इस फ्री कश्मीर भारत विरोधी अभियान को ठीक अपनी नाक के नीचे बर्दाश्त करने वाले हैं?"

  2. जेएनयू हिंसा के ख़िलाफ़ चेन्नई में कैंडल मार्च

  3. दिल्ली में यूथ कांग्रेस का मशाल जुलूस

    युवक कांग्रेस ने जेएनयू में हुई हिंसा के विरोध में दिल्ली के इंडिया गेट पर मशाल जुलूस निकाला.

    जूलूस में कई कार्यकर्ता चेहरे पर मास्क लगाकर शामिल हुए.

  4. रांची में विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों के बीच झड़प

    झारखंड की राजधानी रांची में भी सोमवार को युवाओं और छात्रों ने जेएनयू में हुई हिंसा के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.

    प्रदर्शनकारी रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर जमा हुए और जेएनयू छात्रों के प्रति समर्थन जाहिर किया. छात्रों ने अपने हाथों में तख्तियां और बैनर थामे हुए थे.

    विरोध प्रदर्शन का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने विरोध किया. इसे लेकर दोनों पक्षों के बीच हल्की झड़प भी हुई.

  5. हमने नहीं देखे थे 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग : विदेश मंत्री एस जयशंकर

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि जब वो जेएनयू में पढ़ते थे तो उन्होंने वहाँ कोई 'टुकड़े टुकड़े' गैंग नहीं देखे थे.

  6. जेएनयू हिंसा मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी- दिल्ली पुलिस

    दिल्ली पुलिस ने जेएनयू हिंसा मामले में ख़ुद पर उठ रहे सवालों की सफाई देते हुए सोमवार को बताया कि जेएनयू हिंसा मामले की जांच क्राइम ब्रांच करेगी.

    दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता एमएस रंधावा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, "मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच ने अलग से टीमें बनाई हैं. पुलिस के अधिकारियों ने आज मौके का मुआयना किया. पुलिस कई अहम जानकारियां मिली हैं."

    उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने तथ्य जुटाने के लिए ज्वाइंट सीपी शालिनी सिंह की अगुवाई में एक कमेटी बनाई है. उन्होंने बताया कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा कर रही है.

    दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने पुलिस की कार्रवाई पर उठ रहे सवालों को लेकर सफ़ाई देते हुए कहा कि पुलिस ने 'प्रोफेशनल तरीके से काम किया.' उन्होंने ये भी बताया कि हमले में घायल हुए सभी 34 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज हो चुके हैं.

  7. अनिल कपूर- रात भर सो नहीं पाया

    फ़िल्म अभिनेता अनिल कपूर ने जेएनयू कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करते हुए कहा है कि जो कुछ हुआ वो बहुत परेशान करने वाला था.

    अनिल कपूर के मुताबिक वो 'पूरी रात इसके बारे में सोचते रहे और सो नहीं पाए. '

  8. मुंबई में दिखे विरोध के कई रंग, दिल्ली पुलिस पर सवाल

    दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में हिंसा के विरोध में सोमवार को मुंबई में गेटवे ऑफ इंडिया पर प्रदर्शन हुए.

    कई प्रदर्शनकारी अपने हाथों में बैनर और तख्तियां थामे हुए थे. इन पर हिंसा के ख़िलाफ़ और संविधान और विश्वविद्यालयों को बचाने के नारे लिखे हुए थे. कई प्रदर्शनकारी दिल्ली पुलिस के कामकाज पर भी सवालिया निशान लगा रहे थे.

  9. RSS और ABVP ने किया हमला: छात्र संघ अध्यक्ष

    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी छात्र संघ (जेएनयूएसयू) की अध्यक्ष आइशी घोष ने यूनिवर्सिटी कैंपस में रविवार को हुई हिंसा के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) पर आरोप लगाए हैं.

    आइशी को भी हमलें चोटें आईं थीं.

    उन्होंने कहा, "बीते 4-5 दिन से कुछ आरएसएस समर्थित प्रोफ़ेसर और एबीवीपी कैंपस में हिंसा को प्रोत्साहित कर रहे थे."

  10. विश्वविद्यालयों को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देंगे : मानव संसाधन मंत्री

    केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री डा. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने कहा है कि जेएनयू मामले में दोषियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

    निशंक ने कहा कि विश्वविद्यालयों को राजनीति का 'अड्डा' नहीं बनने दिया जाएगा.

  11. 'संघर्ष की प्रेरणा देता है जेएनयू'

    जेएनयू में हुए हमले के विरोध में कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं.

    प्रदर्शनकारियों में से एक मलिगे सिरीमाने ने कहा, "जेएनयू देशभर में कई संघर्षों के लिए प्रेरणा बना है. ऐसा सिर्फ़ इसलिए नहीं है कि ये एक आदर्श विश्वविद्यालय है. ऐसा इसलिए भी है कि यहां संघर्ष की भावना दिखती है. यहां के छात्रों ने कई जुल्म सहे हैं. पहले भी कुछ छात्र यूनियन के अध्यक्ष मारे गए हैं."

  12. जेएनयू के बाहर क़रीब 700 पुलिसकर्मी तैनात

  13. जेएनयू छात्रों के साथ है जेडीयू : के सी त्यागी

    केंद्र के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल जनता दल (यूनाइटेड) ने एक बयान जारी कर जेएनयू कैंपस में हुए हमले की निंदा की है और मामले की सुप्रीम कोर्ट के जज से 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' जांच कराने की मांग की है.

    पार्टी ने जेएनयू छात्रों के साथ एकजुटता भी जाहिर की है. जेडीयू के महासचिव और प्रवक्ता के सी त्यागी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, " जेएनयू कैंपस में गुंडों की ओर से हिंसात्मक गतिविधियों की जनता दल (यू ) कड़ी निंदा करता है."

    बयान में आगे कहा गया है, "जेएनयू की पहचान बहस, बातचीत और वैचारिक मतभेदों की रही है न कि ऐसी घटनाओं की. ये बहस में वैचारिक हार झेलने वालों की कायरताभरी कार्रवाई है."

    बयान में जेएनयू के कुलपति और दूसरे अधिकारियों की 'मूक दर्शक' बने रहने के लिए निंदा की गई है और उन्हें हटाने की मांग की गई है. पार्टी ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं.

  14. जेएनयू के बाहर बड़ी संख्या में छात्र मौजूद

  15. ब्रेकिंग न्यूज़, आरोप-प्रत्यारोपों से नहीं सुलझेगा मुद्दा : राज्य मंत्री धोत्रे

    मानव संसाधन विकास मंत्रालय में राज्य मंत्री संजय धोत्रे ने सभी छात्र संगठनों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए विपक्ष को 'बोलने के पहले सोचने' की सलाह दी है.

    राज्य मंत्री ने कहा, "मैं सभी छात्र संगठनों और समूहों से अपील करता हूं कि कैंपस में शांति बनाए रखी जाए. विपक्ष को ऐसे संवेदनशील मामले पर बोलने के पहले सोचना चाहिए, आरोप और प्रत्यारोप से मुद्दे का समाधान नहीं होगा."

  16. जेएनयू कुलपति को हटाया जाए : टीचर्स एसोसिएशन

    जेएनयू टीचर्स एसोसिएशन ने यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों और शिक्षकों पर हुए हमले को लेकर कुलपति को हटाने की मांग की है.

    एसोसिएशन ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा, "कुलपति ने शिक्षा और सीखने की प्रक्रिया का मजाक बनाया है."

  17. विरोध में उतरे जेएनयू के शिक्षक

    जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई हिंसा के विरोध में सोमवार को यूनिवर्सिटी के शिक्षक भी विरोध में उतरे. शिक्षकों ने हाथ में तख्तियां थामी हुईं थीं. इनमें फ़ीस बढ़ाने और हिंसा के विरोध में बातें लिखी हुईं थीं.

  18. 24 घंटे में गिरफ़्तार हों साजिश रचने वाले : कांग्रेस

    कांग्रेस ने जेएनयू में हुए हमले के दोषियों को 24 घंटे के अंदर गिरफ़्तार करने की मांग उठाई है.

    कांग्रेस नेता पी चिंदबरम ने कहा, "ये घटना शायद इस बात की सबसे पुख़्ता सबूत है कि हम तेज़ी के साथ अराजक राज्य में तब्दील हो रहे हैं. ये राष्ट्रीय राजधानी में भारत के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालय में केंद्र सरकार, गृहमंत्री, एलजी और पुलिस कमिश्नर की देखरेख में हुआ."

    चिदंबरम ने कहा, "हम मांग करते हैं कि हिंसा की साजिश रचने वाले पहचाने जाएं और 24 घंटे के अंदर गिरफ़्तार किए जाएं और उन्हें क़ानून के दायरे में लाया जाए. हम ये भी मांग करते हैं कि अधिकारियों की भी जवाबदेही तय और तुरंत कार्रवाई की जाए."

  19. एमनेस्टी इंटरनेशनल ने दिल्ली पुलिस पर उठाए सवाल

    एमनेस्टी इंटरनेशनल ने जेएनयू में छात्रों पर हुए हमले को 'सदमे में डालने वाला ' बताते हुए दिल्ली पुलिस के कामकाज पर सवाल उठाए हैं.

    एमनेस्टी इंटरनेशनल की भारत इकाई के एक्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर अविनाश कुमार ने एक बयान जारी कर कहा है, "जेएनयू कैंपस में छात्रों पर हुई हिंसा सदमे में डालने वाली है. दिल्ली पुलिस के लिए, ऐसा हिंसक हमला बर्दाश्त करना और भी बुरा है. ये अभिव्यक्ति की आज़ादी और शांतिपूर्वक तरीके से इकट्ठा होने के अधिकार के प्रति शर्मनाक उदासीनता दिखाता है."

  20. 71 साल के पूर्व जेएनयू छात्र ने जताई निराशा

    बेंगलुरु से वरिष्ठ पत्रकार इमरान क़ुरैशी ने बताया कि वहाँ टाउन हॉल में CAA के ख़िलाफ़ धरने के दौरान एक रिटायर्ड प्रोफ़ेसर और जेएनयू के एक पूर्व छात्र भी शामिल हुए.

    71वर्षीय प्रोफ़ेसर टी वेंकटेश मूर्ति ने हिंसा पर दुःख जताते हुए कहा, "हमारे समय छात्राएँ कैंपस में देर रात तक घूम सकती थींं. कल रात जो हुआ वैसी घटना कभी नहीं हुई जब छात्रों को होस्टलों में बर्बरता से पीटा गया."