देशवासियों 2014 में आप मुझे ज़्यादा जानते नहीं थे. लेकिन मुझे जानने के बाद आपके समर्थन में और ताक़त आई है. मैं इसके पीछे की भावना को भली-भांति समझता हूं. जैसे अमित भाई कह रहे थे कि बहुत वर्षों बाद एक चुनी हुई सरकार दूसरी बार पूर्ण बहुमत और पहले से अधिक ताक़त से जीतकर आए- इसका मतलब देश की जनता का बड़ा भरोसा है. भरोसा जैसे बढ़ता है, ज़िम्मेदारी ज़्यादा बढ़ती है.
इसलिए देशवासियों ने मुझे जो दायित्व दिया है, इसे मेरा वादा, संकल्प या प्रतिबद्धता मानिए, आपने फिर से मुझे जो काम दिया है, आने वाले दिनों में भी मैं बदइरादे से या बदनीयत से कोई काम नहीं करूंगा. काम करते-करते ग़लती हो सकती है लेकिन बद-इरादे या बद-नीयत से कोई काम नहीं करूंगा.आपने मुझे इतना बड़ा भरोसा दिया है कि मैं मेरे लिए कुछ नहीं करूंगा.और तीसरी बात, मेरे समय का पल-पल, मेरे शरीर का कण-कण सिर्फ़ और सिर्फ़ देशवासियों के लिए है.