लाइव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक की ज़िम्मेदारी लेते हुए क्या कहा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'गेस पेपर' के नाम पर असली सवाल लीक हुए थे.

सारांश

लाइव कवरेज

संदीप राय

  1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट पेपर लीक की ज़िम्मेदारी लेते हुए क्या कहा

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नीट पेपर लीक मामले में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि पेपर कैसे लीक हुए थे

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 'गेस पेपर' के नाम पर असली सवाल लीक हुए थे.

    धर्मेंद्र प्रधान ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "नीट यूजी 2026 परीक्षा में पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद परीक्षा रद्द करने का फ़ैसला लिया गया."

    उन्होंने बताया कि दोबारा परीक्षा अब 21 जून को आयोजित की जाएगी.

    धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "परीक्षा 3 मई को हुई थी और 7 मई को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए को शिकायत मिली कि 'गेस पेपर' में मौजूद कुछ सवाल इस बार के प्रश्नपत्र से मेल खा रहे थे."

    इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने तुरंत जांच शुरू की और मामला सरकारी एजेंसी को सौंप दिया गया.

    उन्होंने कहा, “राज्य एजेंसियों से संपर्क किया गया और 12 मई तक यह पुष्टि हो गई कि गेस पेपर के नाम पर असली परीक्षा के सवाल लीक हुए थे.”

    केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार नहीं चाहती थी कि “फ़र्ज़ी अभ्यर्थियों की साज़िश या शिक्षा माफिया” की वजह से किसी योग्य छात्र का नुकसान हो.

    धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि पिछली बार सामने आई अनियमितताओं के बाद राधाकृष्णन समिति बनाई गई थी और उसकी सिफ़ारिशों को 2025 और 2026 दोनों परीक्षाओं में “शब्दशः” लागू किया गया था. इसके बावजूद यह घटना सामने आई.

    सरकार और एनटीए अब परीक्षा प्रक्रिया को लेकर फिर से सवालों के घेरे में हैं. लगातार दूसरे साल परीक्षा की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर बहस तेज़ हो गई है.

  2. पेट्रोल डीज़ल महंगा होने पर कांग्रेस ने कहा- 'चुनाव ख़त्म, मोदी की वसूली शुरू'

    जयराम रमेश

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि 'अब महंगाई बढ़ना तय है'

    पेट्रोल और डीज़ल के दाम बढ़ाने पर प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने मोदी सरकार के फ़ैसले की सख़्त आलोचना की है.

    कांग्रेस ने अपने एक्स हैंडल पर लिखा, "'महंगाई मैन' मोदी ने आज फिर जनता पर हंटर चलाया. पेट्रोल और डीज़ल 3-3 रुपए महंगा कर दिया गया. वहीं, सीएनजी के दाम भी 2 रुपए बढ़ा दिए गए. चुनाव ख़त्म - मोदी की वसूली शुरू."

    कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा, "सालों तक जब अंतरराष्ट्रीय तेल क़ीमतें कम थीं या गिर रही थीं, तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही कि उसका लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और गैस, पेट्रोल और डीज़ल की घरेलू क़ीमतों में कमी की जाए."

    "लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उपभोक्ताओं को लूटा गया. अब जबकि प्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों-अमेरिका और इसराइल-द्वारा पश्चिम एशिया में छेड़े गए युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल क़ीमतें बढ़ रही हैं और विधानसभा चुनाव भी समाप्त हो चुके हैं, मोदी सरकार ने पहले कॉमर्शियल एलपीजी की क़ीमतें बढ़ाने के बाद अब पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है."

    उन्होंने कहा कि इससे महंगाई और बढ़ना तय है, जो अब इस वित्त वर्ष में करीब 6% तक पहुंचने का अनुमान है और विकास दर के अनुमान भी काफ़ी कम हो जाएंगे.

    उधर, टीएमसी के राज्यसभा नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने पूछा कि क्या पश्चिम बंगाल की सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर वैट कम करेगी?

    उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “पहले आपका वोट लूटते हैं, फिर वहीं चोट पहुंचाते हैं जहां सबसे ज़्यादा दर्द होता है. बेहद अनुमानित. डीज़ल और पेट्रोल की क़ीमतें बढ़ा दी गईं. क्या अब बंगाल सरकार पेट्रोल और डीज़ल पर वैट कम करेगी, जबकि अब दिल्ली के नियंत्रण वाली सरकार है जिसे केंद्र की तरफ़ से फ़ंड रोके जाने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी?”

    कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रधानमंत्री मोदी पर अंतरराष्ट्रीय रिश्तों में नाकाम होने और इसे ठीक से संभाल न पाने के आरोप लगाए.

    उन्होंने कहा, "जैसे कोविड के दौरान कहा गया था, घंटी बजाओ, दीया जलाओ वगैरह. मैं अपने घर में तेल का इस्तेमाल कैसे बंद करूं? मैं गाड़ी चलाना कैसे रोक दूं?"

  3. पेपर लीक के बाद रद्द हुई नीट परीक्षा की तारीख़ दोबारा घोषित

    नीट परीक्षा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, तीन मई को होने वाली नीट यूजी 2026 की परीक्षा को पेपर लीक के कारण रद्द कर दिया गया था

    पेपर लीक के बाद रद्द हुई नीट की परीक्षा अब दोबारा 21 जून को होगी.

    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सरकार की मंज़ूरी के बाद परीक्षा की नई तारीख़ घोषित की है.

    एनटीए ने घोषणा की है कि नीट अंडरग्रैजुएट 2026 की दोबारा परीक्षा 21 जून 2026, रविवार को आयोजित की जाएगी.

    एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी सूचना में कहा कि अभ्यर्थी और अभिभावक केवल एजेंसी के आधिकारिक चैनलों से जारी जानकारी पर ही भरोसा करें.

    एजेंसी ने किसी भी अफ़वाह या ग़ैर-आधिकारिक सूचना से बचने की सलाह दी है.

    एनटीए ने छात्रों के लिए हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं.

    अभ्यर्थी neet-ug@nta.ac.in पर संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा 011-40759000 और 011-69227700 नंबरों पर भी जानकारी ली जा सकती है.

    ग़ौतलब है कि एनटीए ने तीन मई को आयोजित हुई नीट की परीक्षा को पेपर लीक की चर्चाओं के बीच रद्द कर दिया था.

  4. पेट्रोल-डीज़ल महंगा होने पर विपक्ष का तंज़, दिलीप घोष ने कहा- न्यूनतम बढ़ाया

    पेट्रोल

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, शुक्रवार से पेट्रोल, डीज़ल और सीएनजी के दाम बढ़ गए हैं

    शुक्रवार को पेट्रोल और डीज़ल के साथ सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी के एलान के बाद विपक्ष ने सरकार पर सवाल किए हैं.

    विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार पर तथ्य छिपाने और आम लोगों पर बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है, जबकि सरकार समर्थक नेताओं ने वैश्विक संकट और युद्ध की स्थिति को इसकी वजह बताया है.

    पूर्व पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने एनडीटीवी से एक टेलीफ़ोन इंटरव्यू में सरकार की आलोचना करते हुए कहा, “उन्होंने साफ़ तस्वीर सामने नहीं रखी और तथ्यों को छुपाया.”

    उन्होंने पेट्रोल और डीज़ल की क़ीमतों में बढ़ोतरी को लेकर सरकार की पारदर्शिता पर सवाल उठाए.

    सपा नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तंज़ करते हुए एक्स पर लिखा, "आगे बढ़ना है तो साइकिल ही विकल्प है."

    वहीं पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, "पिछले तीन सालों से दुनिया में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है, जिसकी वजह से कई देशों में संकट पैदा हुए हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने हमें नुकसान नहीं होने दिया. सिर्फ़ गैस की क़ीमत बढ़ी."

    उन्होंने कहा, "काफ़ी समय से कहा जा रहा था तेल के दाम बढ़ेंगे. अभी कम से कम बढ़ाया है क्योंकि तेल कंपनियों को नुकसान हो रहा था. जितना न्यूनतम बढ़ाना चाहिए, सरकार ने उतना बढ़ाया है.”

    इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक्स पर लिखा, "फ़्यूल फ़्राईडेः चुनाव ख़त्म, नए मुख्यमंत्री चुन लिए गए, अब ईंधन क़ीमतों में “अनिवार्य बढ़ोतरी” सामने है."

    "पेट्रोल की क़ीमतें 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई हैं, जबकि डीज़ल के दाम 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया. आप शायद कहेंगे कि मौजूदा हालात में यह बढ़ोतरी अपेक्षाकृत कम है. खै़र, ख़र्च में कटौती कीजिए, भले ही इसके लिए आपको साइकिल से ही क्यों न जाना पड़े."

    कांग्रेस के नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पहले भी चेतावनी दी थी कि 29 अप्रैल को विधानसभा चुनावों के समाप्त होने के बाद पेट्रोल डीज़ल के दाम बढ़ जाएंगे.

  5. शी जिनपिंग के ‘ढलते अमेरिका’ वाले बयान पर ट्रंप ने क्या कहा?

    अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इस समय चीन के दौरे पर हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस समय चीन के दौरे पर हैं और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के एक बयान को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट किया है.

    दरअसल शी जिनपिंग कहते आए हैं कि ‘पश्चिमी देश ढलान पर' हैं, हालांकि चीनी मीडिया इसे अमेरिका के संदर्भ में बताता रहा है.

    शुक्रवार को ट्रंप ने अपने ट्रुथसोशल अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट किया, “चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जब अमेरिका को ‘डिक्लाइनिंग नेशन यानी ढलता हुआ देश’ बताया था, तब उनका इशारा मौजूदा प्रशासन नहीं बल्कि पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन के दौर की तरफ़ था.”

    इस पोस्ट को व्हाइट हाउस ने भी रीपोस्ट किया है.

    इस लंबे पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि पूर्ववर्ती बाइडन प्रशासन के दौरान अमेरिका को ‘भारी नुकसान’ हुआ. उन्होंने खुली सीमाओं, ऊंचे टैक्स, अपराध और व्यापार समझौतों को लेकर पिछली सरकार की आलोचना की.

    ट्रंप ने दावा किया कि उनके प्रशासन के ‘16 महीनों में अमेरिका ने तेज़ आर्थिक और सैन्य बढ़त हासिल’ की है. उन्होंने शेयर बाजार में रिकॉर्ड बढ़त, रोज़गार के आंकड़ों और विदेशी निवेश का हवाला देते हुए कहा कि ‘अमेरिका फिर से आर्थिक ताक़त’ बन गया है.

    उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया भर से 18 ट्रिलियन डॉलर के निवेश अमेरिका में आ रहे हैं और देश का रोज़गार बाज़ार “इतिहास में सबसे मजबूत” है. ट्रंप ने अपने पोस्ट में ईरान और वेनेज़ुएला से जुड़े अमेरिकी संबंधों और सैन्य अभियानों का भी ज़िक्र किया.

    ट्रंप के मुताबिक़, शी जिनपिंग ने भी कम समय में उनकी सरकार की उपलब्धियों की तारीफ़ की. उन्होंने कहा, “दो साल पहले अमेरिका ढलान पर था, इस बात पर मैं शी जिनपिंग से पूरी सहमत हूं. लेकिन अब अमेरिका दुनिया का सबसे चर्चित और मजबूत देश है.”

    ट्रंप ने उम्मीद जताई कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से ज़्यादा मजबूत हो सकते हैं.

    हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप की मौजूदा यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ऐसी कोई टिप्पणी की है.

    लेकिन शी जिनपिंग ने गुरुवार को अपने शुरुआती संबोधन में एक मुहावरे थ्यूसीडाइड्स ट्रैप का ज़िक्र किया था.

    उन्होंने कहा था, “दुनिया एक नए मोड़ पर पहुंच गई है. क्या चीन और अमेरिका ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ से बाहर निकलकर संबंधों का नया मॉडल बना सकते हैं?”

    यह मुहावरा एक पुराना सिद्धांत है जो बताता है कि जब कोई उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित शक्ति को चुनौती देती है, तो युद्ध की संभावना बहुत अधिक बढ़ जाती है.

    यह शब्द हार्वर्ड के प्रोफेसर ग्राहम एलिसन ने प्रतिपादित किया था, जोकि प्राचीन ग्रीक इतिहासकार थ्यूसीडाइड्स के नाम पर है जिन्होंने कहा था कि एथेंस के उदय और स्पार्टा में पैदा हुए डर ने पेलोपोनेशियन युद्ध को अनिवार्य बना दिया था.

  6. सोने के आयात पर नियम और कड़े हुए, जानिए क्या-क्या बदला

    गोल्ड

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, कुछ दिन पहले ही सरकार ने गोल्ड पर ड्यूटी बढ़ा दी थी

    भारत सरकार ने सोने के आयात पर ड्यूटी बढ़ाने के बाद अब ड्यूटी-फ़्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख़्त कर दिए हैं.

    डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ़ फ़ॉरेन ट्रेड (डीजीएफ़टी) ने गोल्ड ज्वैलरी एक्सपोर्ट्र्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी की है, जिसके तहत आयात और निगरानी से जुड़े कई नियम बदले गए हैं.

    नए नियमों के मुताबिक़, अब एक लाइसेंस पर अधिकतम 100 किलोग्राम सोना ही आयात किया जा सकेगा. इससे पहले इस सीमा को लेकर नियम अपेक्षाकृत ढीले माने जाते थे.

    डीजीएफ़टी ने कहा है कि नए आवेदकों के लिए फ़ैक्ट्री और सुविधा केंद्र का अनिवार्य निरीक्षण किया जाएगा. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ड्यूटी-फ़्री सोने का इस्तेमाल तय निर्यात गतिविधियों में ही हो.

    मौजूदा निर्यातकों के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं. नई अनुमति लेने के लिए उन्हें अपने पिछले एक्सपोर्ट ऑब्लिगेशन का कम से कम 50 प्रतिशत पूरा करना होगा.

    यानी जिन कंपनियों ने पहले तय निर्यात लक्ष्य पूरे नहीं किए हैं, उन्हें नई मंजूरी मिलने में दिक्कत हो सकती है.

    इसके अलावा अब निर्यातकों को हर 15 दिन में रिपोर्ट जमा करनी होगी. सरकार का कहना है कि इससे निगरानी व्यवस्था और सख़्त होगी और सोने के आयात के इस्तेमाल पर क़रीब से नज़र रखी जा सकेगी.

    विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का फोकस सोने के आयात पर नियंत्रण और नियमों के पालन को मजबूत करने पर है. हाल के महीनों में सोने के आयात और व्यापार घाटे को लेकर चिंता बढ़ी है.

    पिछले दिनों भारत ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था.

  7. ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत, ट्रेड डील पर नहीं बनी सहमति, सुरंजना तिवारी, एशिया बिज़नेस संवाददाता

    डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति एक बड़े बिज़नेस प्रतिनिधिमंडल के साथ चीन के दौरे पर हैं

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बातचीत में कोई बड़ा व्यापार समझौता नहीं हो सका है.

    अमेरिका और चीन के बीच पिछले साल अक्तूबर में ट्रेड वॉर रोकने पर सहमति बनी थी. अक्तूबर मैं हुए समझौते के तहत अमेरिका ने चीनी सामानों पर प्रस्तावित भारी टैरिफ़ बढ़ोतरी रोक रखी है. वहीं चीन ने रेयर अर्थ एक्सपोर्ट पर सख़्ती कम की थी.

    व्हाइट हाउस के मुताबिक़ दोनों नेताओं ने “बोर्ड ऑफ़ ट्रेड” बनाने पर सहमति जताई है. इसका मक़सद व्यापार संबंधों को संभालना है ताकि बार-बार टैरिफ़ पर बातचीत की ज़रूरत न पड़े.

    हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था को पूरी तरह लागू करने में अभी काफी काम बाकी है.

    अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि इस दौरे के दौरान बोइंग के बड़े ऑर्डर और अमेरिकी ऊर्जा व कृषि उत्पादों की चीनी खरीद से जुड़े एलान हो सकते हैं.

    ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रमुख कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को भी शामिल किया गया है

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रमुख कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व को भी शामिल किया गया है

    बुधवार को शुरू हुए ट्रंप के इस दौरे में कारोबारी जगत की मौजूदगी भी चर्चा में रही.

    ट्रंप ने ख़ुद कहा कि वो अमेरिका के दर्जनों शीर्ष व्यवसायियों के प्रतिनिधिमंडल भी साथ लाए हैं, जिसमें टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और एनवीडिया के सीईओ जेनसेन हुआंग शामिल हैं.

    ये दोनों ही कंपनियां अमेरिका-चीन आर्थिक रिश्तों की सबसे संवेदनशील कड़ी हैं. टेस्ला की चीन के शंघाई प्लांट और वहां के ग्राहकों पर बड़ी निर्भरता है. वहीं एनवीडिया के माइक्रोचिप्स वैश्विक एआई रेस के केंद्र में हैं.

    अमेरिका ने पहले ही चीन को एडवांस कंप्यूटिंग तकनीक की पहुंच सीमित करने के लिए एक्सपोर्ट नियंत्रण को लेकर कई कदम उठाए हैं.

    जेनसन हुआंग की मौजूदगी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि उनका नाम प्रतिनिधिमंडल की शुरुआती सूची में नहीं था. इससे यह अटकलें तेज़ हुई हैं कि एआई और सेमीकंडक्टर चिप्स तक चीन की पहुंच बातचीत का अहम हिस्सा हो सकती है.

    आज शुक्रवार को ट्रंप के दौरे का दूसरा दिन है. और उम्मीद लगाई जा रही है कि कुछ अन्य मुद्दों पर दोनों राष्ट्रपतियों के बीच बातचीत हो सकती है.

    व्हाइट हाउस ने उन कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों की पूरी सूची जारी की है जो इस दौरे में शामिल हैं. इनमें प्रमुख हैं-

    • टिम कुक (एप्पल)
    • स्टीफन श्वार्ज़मैन (ब्लैकस्टोन)
    • केली ऑर्टबर्ग (बोइंग)
    • ब्रायन साइक्स (कारगिल)
    • जेन फ्रेजर (सिटीग्रुप)
    • हेनरी लॉरेंस कल्प (जीई एयरोस्पेस)
    • डेविड सोलोमन (गोल्डमैन सैक्स)
    • जैकब थायसेन (इल्यूमिना)
    • माइकल मीबाख (मास्टरकार्ड)
    • संजय मेहरोत्रा (माइक्रों टेक्नोलॉजी)
    • जेनसन हुआंग (एनवीडिया)
    • क्रिस्टियानो एमन (क्वालकॉम)
    • एलन मस्क (स्पेसएक्स और टेस्ला)
    • रयान मैकइनर्नी (वीज़ा)
  8. नमस्कार!

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता संदीप राय अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

    कल के लाइव पेज की ख़बरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.

    बीबीसी हिन्दी के पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को आप उनके साथ दिए गए लिंक पर क्लिक कर विस्तार से पढ़ सकते हैं.