राहुल गांधी ने 'लीडर ऑफ अपोज़िशन' का क्या मतलब समझाया

राहुल ने कहा- हिंदुस्तान के ग़रीब लोग, दलित,आदिवासी, पिछड़े ,अल्पसंख्यक, किसान और मज़दूर मैं आप का हूं.

सारांश

  • ओम बिरला चुने गए लोकसभा स्पीकर, पीएम मोदी समेत कई सांसदों ने दी बधाई
  • पीएम मोदी बोले- सदन का सौभाग्य है कि आप दूसरी बार इस आसन पर विराजमान हो रहे हैं
  • राहुल गांधी बोले- विपक्ष की आवाज़ दबाकर संसद चलाने का विचार अलोकतांत्रिक
  • दिल्ली सीएम केजरीवाल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर करेंगे याचिका
  • अमेरिकी अदालत से रिहा हुए जूलियन असांज, ऑस्ट्रेलिया पहुंचे

लाइव कवरेज

मुकुन्द झा, अरशद मिसाल

  1. राहुल गांधी ने 'लीडर ऑफ अपोज़िशन' का क्या मतलब समझाया

    राहुल गांधी

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    इमेज कैप्शन, राहुल गांधी (फ़ाइल फोटो)

    कांग्रेस नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता बनाए गए हैं.

    उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो पोस्ट कर लीडर ऑफ अपोज़िशन (एलओपी) का मतलब समझाया.

    उन्होंने कहा, "देश की जनता, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और INDIA गठबंधन के नेताओं का मैं दिल से धन्यवाद देता हूं."

    "मुझ से किसी ने पूछा मेरे लिए लीडर ऑफ अपोज़िशन (एलओपी) का क्या मतलब है. एलओपी आप की आवाज़ है, आप का औज़ार है. जो भी आपके दिल में भावना है, समस्याए हैं एलओपी के माध्यम से मैं लोकसभा में आपके लिए उठाऊंगा."

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    राहुल ने कहा, "हिंदुस्तान के ग़रीब लोग, दलित, आदिवासी, पिछड़े , अल्पसंख्यक, किसान और मज़दूर मैं आप का हूं. संविधान से आप की रक्षा होती है. जहां भी सरकार ने संविधान पर आक्रमण किया, संविधान को दबाने की कोशिश की. वहां पूरे दम से संविधान की हम रक्षा करेंगे. मैं आपका हूं, आप की आवाज़ संसद में उठाएंगे."

  2. 22 मौतों के बाद केन्या के राष्ट्रपति ने विवादास्पद टैक्स बिल वापस लेने का एलान किया

    केन्या

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    इमेज कैप्शन, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो (फ़ाइल फोटो)

    हिंसक प्रदर्शनों में 22 लोगों की मौत के बाद केन्या सरकार ने विवादास्पद वित्तीय विधेयक को वापस लेने का एलान किया है.

    इस विधेयक में विवादास्पद टैक्स बढ़ोतरी के प्रावधान थे. इससे देश भर में गुस्सा फैल गया था. प्रावधानों का विरोध कर रहे लोगों ने केन्याई संसद का एक हिस्सा भी जला दिया था.

    केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने कहा कि वो उस वित्त विधेयक को वापस ले लेंगे जिसमें ये प्रावधान हैं.

    इन प्रावधानों के तहत ब्रेड पर 16 फ़ीसदी सेल्स टैक्स और कुकिंग ऑयल पर 25 फ़ीसदी ड्यूटी लगाई जानी थी.

    गाड़ियों पर उनकी कीमत का 2.5 फीसदी टैक्स लगना था. साथ ही वित्तीय लेनदेन पर भी टैक्स बढ़ाने की योजना थी. इससे आम केन्याई लोगों का जीवन काफ़ी कठिन हो जाता.

    केन्या

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    उन्होंने कहा कि ये साफ़ है केन्या के लोग इस बिल से कोई वास्ता नहीं रखना चाहते. देश के नाम एक संबोधन में उन्होंने कहा कि अब वो बिल पर दस्तखत नहीं करेंगे. तमाम विरोध के बावजूद ये बिल मंगलवार को पारित हो गया था. राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद ये कानून बन जाता.

    केन्या के राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि इस विधेयक के विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों में अब तक 22 लोग मारे गए हैं.

  3. सैम पित्रोदा एक बार फिर बने इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस के अध्यक्ष

    सैम पित्रोदा

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    इमेज कैप्शन, सैम पित्रोदा (फ़ाइल फोटो)

    कांग्रेस ने सैम पित्रोदा को एक बार फिर से इंडियन ओवरसीज़ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया है.

    कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने प्रेस रिलीज जारी कर इसकी सूचना दी.

    सैम पित्रोदा ने लोकसभा चुनाव के दौरान 8 मई को एक इंटरव्यू में कहा था, "हम भारत जैसे विविधता से भरे देश को एकजुट रख सकते हैं, जहाँ पूर्व में रहने वाले लोग चाइनीज़ जैसे दिखते हैं, पश्चिम में रहने वाले अरब जैसे दिखते हैं, उत्तर में रहने वाले मेरे ख़्याल से गोरे लोगों की तरह दिखते हैं, वहीं दक्षिण में रहने वाले अफ़्रीकी जैसे लगते हैं. इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता. हम सब भाई-बहन हैं."

    उनके इस बयान के बाद देश में काफ़ी हंगामा हुआ था.

    बीजेपी ने इसे नस्लीय टिप्पणी बताया था और ख़ुद पीएम मोदी ने अपने चुनावी भाषण में सैम पित्रोदा के बयान के ज़रिए राहुल गांधी को घेरा.

    इसके बाद कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सैम पित्रोदा के बयान से किनारा किया और शाम होते-होते पित्रोदा ने इंडियन ओवरसीज़ के अध्यक्ष पद इस्तीफ़ा दे दिया.

    ये पहली बार नहीं है जब सैम पित्रोदा ने अपने बयानों से कांग्रेस को मुश्किल में डाला हो.

    इससे पहले साल 2019 में उन्होंने 1984 सिख दंगों पर एक बयान दिया था, जिस पर काफी हँगामा हुआ था.

  4. जाने-माने राजनयिक और पूर्व विदेश सचिव मुचकुंद दुबे का निधन

    मुचकुंद दुबे

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    इमेज कैप्शन, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ओर जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला के साथ मुचकुंद दुबे (बीच में) - फाइल फोटो

    पूर्व विदेश सचिव मुचकुंद दुबे का बुधवार को दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया.

    पिछले कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं.

    उनके दोस्त मनोरंजन महांति ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया,'' पिछले कुछ दिनों से वो बीमार चल रहे थे. इन्हें इस महीने की शुरुआत में फोर्टिस (एस्कॉर्ट्स) हॉस्पिटल दिल्ली में भर्ती कराया गया था. उन्हें हृदय संबंधी बीमारी और कुछ और भी दिक्कतें थीं. आज दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली.''

    उनके पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की शाम को लोदी रोड शवदाह गृह में होगा.

    मुचकुंद दुबे 1990-91 के दौरान भारत के विदेश सचिव थे, जब देश आर्थिक उदारीकरण की तैयारी कर रहा था. वो बांग्लादेश में भारत के हाई कमिश्नर और संयुक्त राष्ट्र में देश के स्थायी प्रतिनिधि रहे थे.

    रिटायरमेंट के बाद उन्होंने दिल्ली स्थित काउंसिल फॉर सोशल डेवलपमेंट के अध्यक्ष की भी जिम्मेदारी संभाली थी. उन्हें निरस्त्रीकरण का विशेषज्ञ माना जाता था.

    मुचकुंद दुबे का जन्म 1933 में अविभाजित बिहार में हुआ था. उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में मास्टर डिग्री ली थी. उसके बाद उन्होंने ऑक्सफोर्ड और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी से भी डिग्री ली.

  5. कोर्ट ने केजरीवाल को तीन दिनों के सीबीआई रिमांड पर भेजा

    अरविंद केजरीवाल

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    इमेज कैप्शन, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

    दिल्ली के राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को तीन दिनों के लिए सीबीआई रिमांड पर भेज दिया.

    बुधवार को कोर्ट की इजाज़त के बाद सीबीआई ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को औपचारिक रूप से गिरफ़्तार कर लिया.

    कथित शराब घोटाले मामले में सीबीआई ने मंगलवार रात केजरीवाल से तिहाड़ जेल में पूछताछ की थी.

    पूछताछ के बाद सीबीआई ने बयान दर्ज किया था और बुधवार सुबह केजरीवाल को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची.

    राउज़ एवेन्यू कोर्ट में जज अमिताभ रावत ने केजरीवाल के मामले की सुनवाई की.

    सीबीआई ने सुनवाई के बाद कोर्ट में ही केजरीवाल को गिरफ़्तार कर लिया. सीबीआई कोर्ट से केजरीवाल को रिमांड पर लेने की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया.

  6. केन्या : सरकार के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन में अब तक 13 की मौत

    केन्या

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    इमेज कैप्शन, केन्या में प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश करते सेना के जवान

    केन्या में सरकार के ख़िलाफ़ हिंसक प्रदर्शन हो रहा है. सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अब तक 13 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

    डॉक्टरों ने बताया कि केन्या में विरोध प्रदर्शन के दौरान 13 प्रदर्शनकारी मारे गए हैं.

    मंगलवार को नए कर प्रस्तावों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन तेज़ होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद के एक हिस्से में आग लगा दी थी.

    राजधानी नैरोबी में गुस्साई भीड़ ने पुलिस लाइन तोड़कर संसद पर धावा बोल दिया था उसके कुछ हिस्सों में आग लगा दी थी.

    मंगलवार को एक संबोधन में राष्ट्रपति विलियम रुटो ने कहा था "हमारे देश की सुरक्षा और स्थिरता को कमज़ोर करने वाले ख़तरनाक अपराधियों के किसी भी प्रयास को विफ़ल करने के लिए सभी साधन तैनात किए जाएंगे."

    उन्होंने विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए सेना की तैनाती की है. कई समूहों ने सुरक्षा बलों पर ज़्यादा गोला बारूद के इस्तेमाल का आरोप लगाया है.

    केन्या मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष साइमन किगोंडू ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि 13 मौतों का आंकड़ा अंतिम संख्या नहीं है.

    सुरक्षा अधिकारियों ने रात भर में दर्जनों लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने की सोशल मीडिया रिपोर्ट्स भी आई हैं, लेकिन अभी इसकी पुष्टि नहीं सकी है.

    साथ ही देश में जहां विरोध हुए थे, वहां से भी मौतों की खबरें आई हैं.

    केन्या में कर वृद्धि सहित एक वित्त विधेयक के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन कई दिनों से जारी है लेकिन मंगलवार को सांसदों ने एक संशोधित विधेयक पारित किया जिसके बाद प्रदर्शन और बढ़ गया.

  7. जपान में अमेरिकी सैनिक पर लगा किशोरी से रेप का आरोप

    ओकिनावा द्वीप

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    इमेज कैप्शन, ओकिनावा द्वीप पर अमेरिकी सैनिकों का बेस

    एक अमेरिकी सैनिक पर जापानी द्वीप ओकिनावा में एक किशोरी के अपहरण और बलात्कार करने का आरोप लगा है.

    यह मामला देश में अमेरिकी सेना के ख़िलाफ़ लंबे समय से चले आ रहे स्थानीय विरोध को भड़का सकता है.

    जापान में मौजूद 54,000 अमेरिकी सैनिकों में से आधे से अधिक सैनिकों का घर ओकिनावा द्वीप में है.

    स्थानीय लोगों का गुस्सा अमेरिकी सैनिकों के किए गए कथित यौन उत्पीड़न के मामलों से भी भड़का है.

    ऐसा ही मामला साल 1995 में सामने आया था. तीन अमेरिकी कर्मियों ने 12 साल की एक लड़की के साथ बलात्कार किया था. इसके बाद महीनों तक विरोध प्रदर्शन हुआ था.

    अमेरिकी सैनिक पर लगे नए आरोप में भी एक नाबालिग शामिल है. जिसकी उम्र 16 साल से कम है.

    24 दिसंबर को वायुसेना के 25 साल के एक जवान ने कथित तौर पर किशोरी के साथ यौन उत्पीड़न किया. स्थानीय मीडिया के अनुसार- लड़की के परिवार की शिकायत के बाद सुरक्षा कैमरे के ज़रिए जवान की पहचान हुई.

    जवान पर मार्च के अंत में आरोप लगाया गया था और तब से वह जापानी अधिकारियों की हिरासत में है.

    जपानी सरकार के प्रवक्ता योशिमासा हयाशी ने मंगलवार को जनता के सामने आरोपों की जानकारी दी.

    हयाशी ने कहा, "हम अमेरिकी पक्ष से हर अवसर पर ऐसी घटनाओं को रोकने का अनुरोध करना जारी रखेंगे."

    उन्होंने कहा कि अमेरिकी अधिकारियों ने जांच में पूरा सहयोग किया है.

  8. इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज ओली रॉबिन्सन ने काउंटी चैंपियनशिप में एक ओवर में 43 रन दिए

    लुइस किम्बर

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    इमेज कैप्शन, ओली रॉबिन्सन के गेंद पर शॉट लगाते लुइस किम्बर

    इंग्लैंड के तेज़ गेंदबाज़ ओली रॉबिन्सन ने काउंटी चैंपियनशिप में एक ओवर में 43 रन दिए हैं. यह काउंटी चैंपियनशिप के इतिहास का सबसे महंगा ओवर है.

    बुधवार को दूसरे डिवीज़न मैच के चौथे और अंतिम दिन में ससेक्स के रॉबिन्सन को लीसेस्टरशायर के लुइस किम्बर ने पांच छक्के मारे, इनमें से तीन नो बॉल थीं. इस ओवर में तीन चौके और एक सिंगल रन भी लिया गया.

    इसे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अब तक का सबसे महंगा ओवर माना जा रहा है. बल्लेबाज किम्बर इंग्लिश प्रथम श्रेणी क्रिकेट में एक ओवर में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं.

    1998 में सरे के एलेक्स ट्यूडर ने लंकाशायर के एंड्रयू फ्लिंटॉफ को एक ओवर में 38 रन दिए थे. इस हफ़्ते की शुरुआत में सरे के डैन लॉरेंस ने इंग्लैंड टीम के साथी शोएब बशीर की गेंद पर इस स्कोर की बराबरी की थी.

    रॉबिन्सन आने वाले दिनों में इंग्लैंड की पुरुष टेस्ट टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद कर रहे हैं, ख़ासकर जिमी एंडरसन के संन्यास लेने के बाद.

  9. जूलियन असांज के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने पर पत्नी स्टेला ने जताई ये उम्मीद

    स्टेला असांज

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    इमेज कैप्शन, स्टेला असांज

    जूलियन असांज के ऑस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद उनकी पत्नी स्टेला असांज ने पत्रकारों से बात की.

    उन्होंने बताया कि जूलियन प्रेस कॉन्फ़्रेंस में शामिल नहीं होंगे.

    स्टेला ने कहा कि जूलियन को सार्वजनिक रूप से बात करने से पहले स्वस्थ होने के लिए समय चाहिए.

    स्टेला बोलीं, "जूलियन को रिकवर होने और आज़ादी की आदत डालने के लिए समय चाहिए. आपको समझना होगा कि वो किस दौर से गुज़र रहे हैं."

    उन्होंने कहा कि जूलियन अब भी सिद्धांतवादी और निडर हैं.

    स्टेला कहती हैं, "मुझे उम्मीद है कि मीडिया को जूलियन के ख़िलाफ़ इस अमेरिकी मामले के ख़तरे का एहसास होगा. जो समाचार एकत्र करने और सार्वजनिक हित में जानकारी प्रकाशित करने को अपराध मानता है और उन्हें इसके लिए सजा दी है."

    स्टेला ने दोहराया कि उन्हें उम्मीद है कि जूलियन को अमेरिकी राष्ट्रपति से माफ़ी मिल जाएगी.

    उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि अगर प्रेस इसके ख़िलाफ़ एकजुट होकर आगे बढ़े तो उन्हें माफ़ कर दिया जाएगा."

  10. लोकसभा में बोले ओवैसी- मैं उस समुदाय से आता हूं, जो इस सदन में सिर्फ चार फ़ीसदी हैं

    असदुद्दीन ओवैसी

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    हैदराबाद से सांसद और एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में नए स्पीकर ओम बिरला को बधाई देते हुए कहा, "सर आप इस सदन के स्पीकर बने हैं. आप इस सदन के संरक्षक हैं. मेरी आपसे गुजारिश है कि आप छोटी पार्टियों को मौका दीजिए.''

    ऐसी ही मांग कई और सांसदों ने की. इनमें हरसिमरत कौर बादल, चंद्रशेखर आज़ाद जैसे नेता भी शामिल हैं.

    ओवैसी बोले, "मुझे यक़ीन है कि 17वीं लोकसभा में आपने मुझे और मेरे जैसी छोटी पार्टी को प्यार दिया, मैं उस समुदाय से आता हूं, जो इस सदन में सिर्फ चार फ़ीसदी हैं तो हमें आवाज़ उठाने की आवाज़ दीजिए."

    "मुझे यकीन है कि आप वहां बैठे हैं तो यह सदन एक क़ीमती हीरे की तरफ न सिर्फ़ इस देश के नागरिकों में बल्कि दुनिया में चमकेगा. सरकार डिप्टी स्पीकर बनाकर आपके बोझ को कम करे. इतना बोझ आप पर नहीं डालना चाहिए."

    ओवैसी कहते हैं, "मैं आपको बधाई देना चाहता हूं कि आप छोटी पार्टियों को मौका देंगे, ये सदन छोटी पार्टियों और विपक्ष का भी है. इस हाउस का कैरेक्टर बदल चुका है, अब बीजेपी स्ट्रीम रोल नहीं कर पाएगी."

  11. जूलियन असांज पहुंचे ऑस्ट्रेलिया, देखिए तस्वीरें

    जूलियन असांज

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    विकिलीक्स संस्थापक जूलियन असांज अपने देश ऑस्ट्रेलिया पहुंच चुके हैं.

    प्लेन से उतरते ही उन्होंने अपनी पत्नी और पिता को गले लगाया. असांज 14 साल की लंबी कानूनी लड़ाइयों के बाद आज़ाद हुए हैं.

    अमेरिका के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिकी कोर्ट में जूलियन असांज को अपना गुनाह कबूल करना था.

    अमेरिकी सरकार असांज के लिए 62 महीने कैद की मांग करती. जज इस मांग को स्वीकार करते हुए सज़ा सुनाते लेकिन इतना वक़्त वो पहले ही ब्रिटेन की जेल में बिता चुके हैं. इस कारण जूलियन असांज कोर्ट से रिहा हो गए.

    जूलियन असांज के आस्ट्रेलिया पहुंचने के बाद की तस्वीरें देखिए-

    जूलियन असांज

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    जूलियन असांज

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  12. केजरीवाल की पत्नी सुनीता बोलीं- 'पूरा तंत्र इस कोशिश में कि बंदा जेल से बाहर ना आ जाए'

    अरविंद केजरीवाल और सुनीता

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    इमेज कैप्शन, अरविंद केजरीवाल और सुनीता

    दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने औपचारिक तौर पर गिरफ़्तार कर लिया है.

    ये गिरफ़्तारी दिल्ली के कथित शराब घोटाले मामले में हुई है. सीबीआई केजरीवाल की रिमांड की मांग कर सकती है.

    इस बारे में केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने सोशल मीडिया पर ट्वीट किया है.

    सुनीता अग्रवाल ने लिखा, ''20 जून को अरविंद केजरीवाल को बेल मिली. तुरंत ईडी ने स्टे लगवा लिया. अगले ही दिन सीबीआई ने अभियुक्त बना दिया और आज गिरफ़्तार कर लिया.''

    सुनीता अग्रवाल ने लिखा, ''पूरा तंत्र इस कोशिश में है कि बंदा जेल से बाहर ना आ जाए. ये क़ानून नहीं है. ये तानाशाही है, इमरजेंसी है.''

  13. आपातकाल पर प्रदर्शन, अखिलेश यादव बोले- बीजेपी दिखावा कर रही है

    अखिलेश यादव और अवधेश प्रसाद

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    आपातकाल के 49 साल पूरे होने पर बुधवार को संसद के अंदर और बाहर नेताओं के बयान सुनने को मिले.

    पहले ओम बिरला ने सदन को संबोधित करते हुए आपातकाल लगाए जाने की निंदा की.

    फिर एनडीए सांसदों ने भी संसद के दरवाज़े के बाहर विरोध प्रदर्शन किया.

    इस बारे में जब सपा सांसद अखिलेश यादव से पूछा गया तो वो बोले- ये बीजेपी के लोगों ने जो आज किया, वो दिखावा किया है.

    अखिलेश यादव ने कहा, ''ऐसा नहीं है कि उस समय केवल वही जेल गए हों, समाजवादी और उस समय के जितने जनता पार्टी या तमाम नेताओं ने भी उस समय को देखा. हम पीछे मुड़कर कितना देखें. भविष्य हमारे सामने है.''

    अखिलेश कहते हैं,''जो लोकतंत्र सेनानी थे, उनको जो सम्मान मिलता था बीजेपी ने उसे कम किया और बढ़ाया नहीं. महंगाई बढ़ गई. बीजेपी इतनी शुभचिंतक है तो लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान दोगुना कर दे.''

    वो बोले, ''जो लोकतंत्र सेनानी हैं, क्या उनका भत्ता, उनकी सुविधाएं बीजेपी दोगुना करेगी? बीजेपी एक लाख रुपये भत्ता कब करेगी.''

  14. आपातकाल के 49 साल पूरे होने पर लोकसभा में क्या बोले स्पीकर ओम बिरला?

    ओम बिरला

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    लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आपातकाल के 49 साल पूरे होने पर बुधवार को सदन को संबोधित किया.

    एनडीए से जुड़े सांसद आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेर रहे हैं. वहीं इंडिया गठबंधन से जुड़े सांसद संविधान के मुद्दे पर बीजेपी को घेर रहे हैं.

    25 जून 1975 को देश में आपातकाल लगाया गया था. तब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री थीं.

    ओम बिरला ने कहा, "यह सदन 1975 में देश में आपातकाल लगाने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करता है. इसके साथ ही हम सभी लोगों की संकल्प शक्ति की सराहना करते हैं जिन्होंने इमरजेंसी का विरोध किया. अभूतपूर्व संघर्ष किया और भारत के लोकतंत्र के रक्षा के लिए दायित्व निभाया."

    "भारत के इतिहास में 25 जून 1975 के उस दिन को हमेशा काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा. इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाई. बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान पर प्रचंड प्रहार किया था. भारत की पहचान पूरी दुनिया में लोकतंत्र की जननी के तौर पर है. भारत में हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और वाद-संवाद का समर्थन हुआ. उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया गया है."

    आपातकाल लगाए जाने के 49 साल पूरे होने पर एनडीए के सांसदों ने संसद भवन के बाहर विरोध प्रदर्शन भी किया है.

    संसद में जब विपक्ष के सांसद ओम बिरला को स्पीकर बनने पर बधाई दे रहे थे, तब विपक्षी सांसद पिछली सरकार के दौरान सांसदों को निष्कासित किए जाने और विपक्ष की आवाज़ को अहमियत दिए जाने की बातें भी कह रहे थे.

    अखिलेश यादव ने कहा- आपका अंकुश विपक्ष पर तो रहता ही है, सत्ता पक्ष पर भी रहे.

    ओम बिरला ने कहा, "ऐसे में भारत पर इंदिरा गांधी द्वारा तानाशाही थोप दी गई. भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचला गया. अभिव्यक्ति की आज़ादी का गला घोंटा गया. इमरजेंसी के दौरान भारत के नागरिकों के अधिकार नष्ट कर दिए गए और उनकी आज़ादी छीन ली गई. "

    "यह वो दौर था जब विपक्ष के नेताओं को जेल में बंद कर दिया गया. पूरे देश को जेलखाना बना दिया गया. तब की सरकार ने मीडिया पर अनेक पाबंदिया लगा दी थीं. न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर अंकुश लगा दिया गया था."

    उन्होंने कहा, "इमरजेंसी का वो समय हमारे देश के इतिहास में अन्याय काल का एक काला खंड था. आपातकाल लगाने के बाद उस समय कांग्रेस सरकार ने कई ऐसे निर्णय किए जिन्होंने हमारे संविधान की भावनाओं को कुचलने का काम किया."

  15. पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री भारत से रिश्तों पर क्या बोले?

    पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार

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    पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि पाकिस्तान भारत से अच्छे रिश्ते चाहता है.

    इशाक डार पाकिस्तान सरकार के थिंकटैंक इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ के 51वें स्थापना दिवस के मौके पर बोल रहे थे.

    डार ने कहा, ''पूर्व में भारत के साथ हमारे रिश्ते ऐतिहासिक तौर से खराब रहे हैं. लेकिन पाकिस्तान निरंतर शत्रुता में विश्वास नहीं रखता. हम आपसी सम्मान, संप्रभुता और जम्मू-कश्मीर मसले के समाधान के आधार पर भारत के साथ अच्छे रिश्ते चाहते हैं.''

    ''पाकिस्तान कभी भी एक-तरफा फैसलों या भारत के थोपे हुए नेतृत्व को स्वीकार नहीं करेगा. दक्षिण एशिया में हर रणनीतिक स्थिरता को बरकरार रखने के लिए हम हर कदम उठाने के लिए तैयार हैं.''

    इशाक डार ने 5 अगस्त 2019 को हटाए गए धारा 370 का भी ज़िक्र किया.

    डार ने कहा, ''भारत, पाकिस्तान के भविष्य और 5 अगस्त 2019 को कश्मीर से धारा 370 हटाने के भारत के अकेले लिए गए और अवैध फैसले पर बात करने के लिए बेहतरीन वक्त है जिसने द्वि-पक्षीय रिश्तों को प्रभावित किया. अब ये भारत पर निर्भर करता है कि वो ऐसे कदम उठाए जिससे दोनों पक्षों के बीच हर मुद्दे पर संवाद स्थापित हो.''

    इशाक डार ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ रिश्तों को बेहतर करने के लिए सकारात्मक कदम उठाने की ज़रूरत है और पाकिस्तान भी इसके लिए तैयार है.

  16. ओम बिरला क्यों बोले- पहली बार कह रहा हूं, अगले पांच साल कहने का अवसर नहीं मिलना चाहिए

    लोकसभा स्पीकर ओम बिरला

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    ओम बिरला दोबारा लोकसभा के स्पीकर चुने गए हैं. इस मौक़े पर पीएम नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी समेत कई सांसदों ने ओम बिरला को बधाई दी.

    स्पीकर बनने के बाद ओम बिरला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

    ये वीडियो संसद की कार्यवाही के दौरान का है. इस वीडियो में ओम बिरला अपनी नाराज़गी व्यक्त करते हुए दिख रहे हैं.

    ये वाकया लोकसभा में सांसदों के ओम बिरला को बधाई देते हुए ज़ोर से बोलने, शोरगुल होने और कुछ सांसदों के खड़े होने के बाद का है.

    ओम बिरला इसके बाद कहते हैं, ''एक-एक मिनट बोलना. प्लीज़ बैठिए. माननीय सदस्यगण, जब स्पीकर सीट से खड़ा हो जाता है तो मैं माननीय सदस्यगण को अवगत करवाना चाहता हूं वो बैठ जाया करें. ये मैं पहली बार कह रहा हूं अगले पांच साल कहने का अवसर नहीं मिलना चाहिए.''

    इसके बाद ओम बिरला असदुद्दीन ओवैसी से सदन में बोलने के लिए कहते हैं.

  17. अमेरिकी अदालत से रिहा हुए जूलियन असांज, ऑस्ट्रेलिया के लिए हुए रवाना

    अमेरिकी अदालत से बाहर आते हुए जूलियन असांज

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    विकिलीक्स के संस्थापक जूलियन असांज ने अमेरिकी अदालत में अपना गुनाह कबूल कर लिया है और समझौते के तहत वो रिहा हो गए हैं.

    14 साल की लंबी कानूनी लड़ाइयों के बाद असांज आज़ाद हुए हैं और अब वो ऑस्ट्रेलिया अपने घर वापस जा रहे हैं.

    जूलियन असांज और अमेरिका के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिकी कोर्ट में जूलियन असांज को अपना गुनाह कबूल करना था.

    अमेरिकी सरकार असांज के लिए 62 महीने कैद की मांग करती. जज इस मांग को स्वीकार करते हुए सज़ा सुनाते लेकिन इतना वक़्त वो पहले ही ब्रिटेन की जेल में बिता चुके हैं. इस कारण जूलियन असांज कोर्ट से रिहा हो गए.

    मंगलवार को असांज ने जेल से बाहर आने के बाद ब्रिटेन छोड़ दिया था, जिसके बाद उनका विमान बैंकॉक में रुका था. दक्षिणी प्रशांत महासागर में स्थित नॉर्थर्न मरियाना आयलैंड्स पर एक अमेरिकी कोर्ट में असांज की पेशी होनी थी.

    ऑस्ट्रेलिया से करीबी के कारण इस कोर्ट को चुना गया था.

    असांज के आज़ाद होने के बाद उनके परिवार वाले बेहद खुश हैं.

    असांज की पत्नी स्टेला असांज ने एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर पोस्ट की जिसमें असांज काले रंग की एक टीशर्ट पहने हुए हैं जिसपर 'ट्रुथ' लिखा है.

    असांज के पिता ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों को धन्यवाद कहा है जिनके निरंतर प्रयासों के कारण असांज को रिहाई मिली है.

    हालांकि अभी भी असांज को पूरी तरह से माफ़ नहीं किया गया है.

    असांज के भाई गेब्रिएल शिपटन ने कहा है कि वो(जूलियन) आज़ाद होकर भले ही निकले हों लेकिन अभी भी उन्हें अमेरिका में जाने के लिए विशेष अनुमति चाहिए होगी.

    बीबीसी को गेब्रिएल ने बताया कि वो अमेरिकी राष्ट्रपति से माफ़ी की अपील करेंगे.

    गेब्रिएल ने कहा, ''हम राष्ट्रपति बाइडन से माफ़ी की अपील करेंगे ताकि जो दोष साबित हुए हैं, वो रिकॉर्ड से हटाए जा सकें.''

  18. सीएम केजरीवाल को सीबीआई ने किया गिरफ्तार, सुप्रीम कोर्ट में फिर दायर करेंगे याचिका

    अरविंद केजरीवाल फिर से सुप्रीम कोर्ट में दायर करेंगे याचिका

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    उमंग पोद्दार

    बीबीसी संवाददाता

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को सीबीआई ने औपचारिक रूप से गिरफ़्तार कर लिया है.

    कथित शराब घोटाले मामले में सीबीआई ने मंगलवार रात केजरीवाल से तिहाड़ जेल में पूछताछ की थी. पूछताछ के बाद सीबीआई ने बयान दर्ज किया था और बुधवार सुबह केजरीवाल को राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेशी के लिए लेकर पहुंची.

    राउज़ एवेन्यू कोर्ट में जज अमिताभ रावत ने केजरीवाल के मामले की सुनवाई की.

    सीबीआई ने सुनवाई के बाद कोर्ट में ही केजरीवाल को गिरफ़्तार कर लिया. सीबीआई कोर्ट से केजरीवाल को रिमांड पर लेने की मांग भी करने वाली है.

    बुधवार सुबह सुप्रीम कोर्ट में केजरीवाल की ज़मानत अर्ज़ी पर सुनवाई भी होनी थी लेकिन इससे पहले ही सीबीआई ने तिहाड़ जेल में उन्हें हिरासत में ले लिया.

    अरविंद केजरीवाल ने इसके बाद सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली और ये कहा कि वो फिर से याचिका दायर करेंगे.

    अरविंद केजरीवाल के वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ''हर रोज़ हमारे साथ कुछ न कुछ हो रहा है. 2022 के एक नोटिस और पूछताछ के मामले में सीबीआई ने कल गिरफ़्तारी की है.''

    सिंघवी ने ये भी कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश कल ही आया था जिसमें कई कमियां थीं.

    उन्होंने कहा कि इन सबके लिए एक नई खास चुनौती तैयार करनी होगी. इसके बाद ही उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने और नई याचिका दायर करने के लिए इजाज़त मांगी.

    कोर्ट ने याचिका वापस लेने के लिए अनुमति दे दी है.

  19. ओम बिरला के दोबारा लोकसभा स्पीकर चुने जाने पर क्या बोले अखिलेश यादव?

    अखिलेश यादव

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    लोकसभा में ओम बिरला स्पीकर चुन लिए गए हैं. इस मौक़े पर पीएम नरेंद्र मोदी, विपक्ष के नेता राहुल गांधी और अखिलेश यादव ने ओम बिरला को बधाई दी.

    पीएम मोदी ने ओम बिरला के दोबारा स्पीकर चुने जाने को अहम बताया.

    वहीं राहुल गांधी ने कहा, ''सवाल यह नहीं है कि संसद कितनी शांति से चल रही है. सवाल यह है कि भारत के लोगों की आवाज़ उठाने के लिए कितनी अनुमति मिलती है.''

    इसके बाद अखिलेश यादव बोलने आए.

    अखिलेश यादव ने कहा, ''मैं स्पीकर सर आपको बधाई देता हूं. आप सदन के स्पीकर दोबारा चुने गए हैं. आपके पास पांच साल का अनुभव भी है.''

    अखिलेश यादव ने कहा- ''आप जिस पद पर आप बैठे हैं, इससे बहुत गौरवशाली परंपराएं जुड़ी हुई हैं. हम सब यही मानते हैं कि बिना भेदभाव के (सदन) आगे बढ़ेगा. आप हर सांसद और दल को बराबरी का मौक़ा और सम्मान देंगे. निष्पक्षता इस महान पद की महान ज़िम्मेदारी है.''

    अखिलेश यादव ने और क्या कुछ कहा?

    ''आप लोकतांत्रिक न्याय के मुख्य न्यायाधीश की तरह बैठे हैं. दोबारा निष्कासन जैसी कार्रवाई से सदन की गरिमा को ठेस ना पहुंचाएं. आपका अंकुश विपक्ष पर तो रहता ही है. आपका अंकुश सत्ता पक्ष पर भी रहे.

    आपके इशारे पर सदन चले, इसका उल्टा ना हो. हम आपके न्यायसंगत फ़ैसले के साथ खड़े हैं. मैं नए सदन में पहली बार आया हूं.

    मैं उम्मीद करता हूं कि आप जितना सत्ता पक्ष को मौक़ा देंगे, उतना ही विपक्ष को भी देंगे.''

  20. राहुल गांधी बोले- सवाल ये नहीं है कि संसद कितनी शांति से चल रही है...

    राहुल गांधी

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    18वीं लोकसभा में ओम बिरला को स्पीकर पद के लिए चुन लिया गया है.

    इस मौक़े पर पीएम नरेंद्र मोदी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ओम बिरला को स्पीकर की कुर्सी तक छोड़कर आए और ओम बिरला को बधाई दी.

    इस मौक़े पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, ''ज़ाहिर है कि सरकार के पास राजनीतिक शक्ति है लेकिन विपक्ष भी भारत के लोगों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता रहा है.''

    राहुल गांधी बोले, ''इस बार विपक्ष भारत के लोगों की आवाज़ का प्रतिनिधित्व ज़्यादा दमदार तरीक़े से कर रहा है. विपक्ष आपको संसद चलाने में मदद करेगा. यह बहुत महत्वपूर्ण है कि सहयोग भरोसे के साथ होना चाहिए.''

    राहुल कहते हैं, ''विपक्ष की आवाज़ संसद में सुनाई दे, यह बहुत ज़रूरी है. हमें पूरी उम्मीद है कि विपक्ष की आवाज़ संसद में दबाई नहीं जाएगी. सवाल यह नहीं है कि संसद कितनी शांति से चल रही है. सवाल यह है कि भारत के लोगों की आवाज़ उठाने के लिए कितनी अनुमति मिलती है.''

    वो बोले, ''आप विपक्ष की आवाज़ दबाकर संसद को शांति से चला सकते हैं लेकिन यह आइडिया अलोकतांत्रिक है. स्पीकर की यह ज़िम्मेदारी होती है कि संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करे.''