चिदंबरम के बयान पर जगदीप धनखड़ की तीखी प्रतिक्रिया, कहा- 'क्या हम पार्ट-टाइमर्स हैं?'

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नए आपराधिक क़ानूनों पर कांग्रेस नेता पी चिदंबरम के एक इंटरव्यू को लेकर उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
उन्होंने कहा, "आज सवेरे जब मैंने अख़बार पढ़ा तो लंबे वक़्त तक सांसद रहे एक नेता, जो फ़िलहाल राज्यसभा नेता हैं, उनका इंटरव्यू पढ़कर मैं दुखी हुआ."
उन्होंने कहा, "मुझे इस बात पर गर्व है कि संसद ने कई अच्छे काम किए हैं, जिसमें तीन आपराधिक क़ानून शामिल हैं. हम दंड विधान से न्याय विधान तक आए हैं."
उन्होंने पी चिदंबरम का नाम तो नहीं लिया लेकिन कहा कि एक नेता जो वित्त मंत्री रह चुके हैं उन्होंने कहा है कि "नए क़ानून पार्ट-टाइमर्स द्वारा बनाए गए हैं."
जगदीप धनखड़ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी के 12वें कॉन्वोकेशन समारोह में बोल रहे थे.
जिस इंटरव्यू का वो ज़िक्र कर रहे थे वो शनिवार को इंडियन एक्सप्रेस अख़बार को दिया पी चिदंबरम का इंटरव्यू था.
इस इंटरव्यू में चिदंबरम कहते हैं कि एक जुलाई से लागू हुए तीन आपराधिक क़ानून नॉन-प्रोफ़ेशनल लोगों ने तैयार किए हैं जो एक समिति के पार्ट-टाइम सदस्य थे.

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जगदीप धनखड़ ने नाराज़गी जताते हुए सवाल किया, "क्या हम संसद में पार्ट-टाइमर्स हैं. ये संसद की समझ की तौहीन है जिसे माफ़ नहीं किया जा सकता."
"मैं भारी मन के साथ आपके साथ साझा कर रहा हूं कि इन सांसद ने बोलने के लिए खुद को ज़रा भी तक़लीफ़ नहीं दी. जिस वक़्त इन क़ानूनों पर संसद में बहस चल रही थी उन्होंने चुप्पी बनाए रखी.
"केवल वो ही नहीं, उनके साथ काम कर चुके क़ानून का जानकार, वरिष्ठ वकील भी देश की मदद के लिए सामने नहीं आए. उनके पास एक मौक़ा था और वो संसद में अपनी बात रख सकते थे. लेकिन अपनी संवैधानिक ज़िम्मेदारियां निभाने में वो नाकाम रहे."
"इस तरह के व्यक्ति की बात पर आप क्या कहेंगे जो लोगों की राय को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि एक व्यवस्था को अस्थिर किया जा सके."
उन्होंने कहा, "मैं सदमें में हूं, मेरे पास शब्द नहीं हैं. इसलिए आप उन लोगों से सावधान रहें जो जानबूझकर रणनीति के रूप में, नैरेटिव के माध्यम से हमारे देश को नीचा दिखाने, हमारी संस्थाओं को नीचा दिखाने, हमारी प्रगति पर दाग़ लगाने की कोशिश करते हैं... वो केवल आलोचना करने के लिए करते हैं."
"मेरे पास इसकी निंदा करने के लिए कड़े शब्द नहीं हैं. एक सांसद को पार्ट-टाइमर करार दिया जा रहा है. अंत में ये संसद ही तो है जो क़ानून बनाती है."
उन्होंने अपील की कि चिदंबरम इस "अपमानजनक टिप्पणी" को वापस लें.



















