नीदरलैंड्स: इसराइली फ़ुटबॉल फ़ैन्स पर हमले के बाद पीएम बोले- शर्मिंदा हूं
एम्स्टर्डम में इसराइली फ़ुटबॉल प्रशंसकों पर हुए हमले को लेकर नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कॉफ़ ने कहा कि ये घटना नीदरलैंड में "बढ़ती यहूदी विरोधी भावना" का संकेत है.
जम्मू-कश्मीर में एक चरमपपंथी हमले में दो विलेज डिफ़ेंस गार्ड की हत्या के बाद किश्तवाड़ में बंद का अह्वान किया गया है.
जम्मू-कश्मीर में दो विलेज डिफ़ेंस अधिकारियों की हत्या पर उमर अब्दुल्लाह ने दी प्रतिक्रिया.
लाइव कवरेज
अभिषेक पोद्दार, कीर्ति रावत
नमस्कार!
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर सुप्रीम कोर्ट ने साल 1967 के अपने फ़ैसले को पलटा, लेकिन अल्पसंख्यक दर्जे का क्या होगा? इस ख़बर को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. अगले साल पदभार संभालने के बाद वो कौन से काम सबसे पहले कर सकते हैं, इस रिपोर्ट को पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
इराक़ ने डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रपति चुने जाने की बधाई दी, लेकिन इस पर विवाद भड़क उठा है. क्या है पूरा मामला, पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें.
कहा जा रहा है कि व्हाइट हाउस में एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप की वापसी के साथ दुनिया भर में संघर्ष वाले क्षेत्रों में अमेरिका अपनी सहभागिता को घटा सकता है. बीबीसी के पाँच संवाददाताओं ने कुछ देशों में ट्रंप की जीत के बाद बनने वाली स्थिति का आकलन किया है. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें.
नीदरलैंड्स: इसराइली फ़ुटबॉल फ़ैन्स पर हमले के बाद पीएम बोले- शार्मिंदा हूं
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इमेज कैप्शन, नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ़ (फाइल फोटो)
एम्स्टर्डम में इसराइली फ़ुटबॉल प्रशंसकों पर हुए हमले को लेकर नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री डिक स्कॉफ़ ने कहा कि ये घटना नीदरलैंड में "बढ़ती यहूदी विरोधी भावना" का संकेत है.
प्रधानमंत्री डिक स्कॉफ़ यूरोपीय संघ के नेताओं की बैठक में शामिल होने के लिए हंगरी के बुडापेस्ट में हैं.
यहां संवाददाताओं से बात करते हुए उन्होंने कहा, "नीदरलैंड्स में जो कुछ हुआ, उसे लेकर मैं शर्मिंदा हूं ."
उन्होंने कहा, "यह एक भयानक रात रही है."
प्रधानमंत्री डिक स्कॉफ़ का कहना है कि वो बैठक ख़त्म होने से पहले ही एम्स्टर्डम के लिए रवाना हो जाएंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि देश में मौजूद इसराइली नागरिक खु़द को सुरक्षित महसूस करेंगे.
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इमेज कैप्शन, इससे पहले प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा था कि एम्स्टर्डम में फंसे इसराइली नागरिकों को सुरक्षित वापिस लाया जाएगा
इसराइली नागरिकों के लेकर पहली उड़ान तेल अवीव पहुंची
इसराइली एयरपोर्ट्स ऑथोरिटी ने कहा है कि एम्स्टर्डम से इसराइली नागरिकों के लेकर चली पहली उड़ान इसराइल पहुंच गई है.
एयरपोर्ट्स ऑथोरिटी की प्रवक्ता ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा "तेल अवीव में पहुंचे इस विमान में वो नागरिक हैं जिन्हें एम्स्टर्डम से सुरक्षित बाहर निकाला गया है."
इससे पहले मकाबी तेल अवीव फ़ुटबॉल क्लब ने अपने फैन्स से कहा था कि वो जल्द से जल्द इसराइल लौटने वाली फ्लाइट लें और इसराइल लौट जाएं.
कुछ देर पहले इसराइली विदेश मंत्रालय ने कहा है कि एम्स्टर्डम में मौजूद सभी इसराइली नागरिकों से उनका संपर्क हो गया है.
नीदरलैंड्स में मौजूद इसराइली फ़ुटबॉल फ़ैन्स ने बताया क्या हुआ
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नीदरलैंड्स में इसराइली फ़ुटबॉल प्रशंसकों पर हुए हमलों को कुछ इसराइली नागरिकों ने बीबीसी को आपबीती बताई है.
24 साल के एडी रूबेन मकाबी तेल अवीव टीम के फै़न हैं और एजैक्स के साथ क्लब मैच देखने के लिए एम्स्टर्डम पहुंचे थे.
चेतावनी: इस रिपोर्ट में दिया कुछ ब्योरा पाठकों को विचलित कर सकता है.
उन्होंने बीबीसी को बताया कि जब वे अपने होटल की तरफ जा रहे थे, उस वक्त कुछ लोगों ने उन पर हमला किया और उन्हें लात मारकर ज़मीन पर गिरा दिया.
वो कहते हैं कि उन पर हमला करने वाले 10 से अधिक लोग थए जो उनके और उनके दोस्तों की तरफ आए और उनसे पूछा कि वो कहां से हैं.
एडी रूबेन ने कहा, "वे यहूदी, यहूदी, आईडीएफ़,आईडीएफ़ चिल्ला रहे थे."
"उन्होंने मुझसे उलझना शुरु कर दिया. मुझे एहसास हुआ कि मुझे भागना चाहिए लेकिन बहुत अंधेरा हो चुका था. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कहां जाऊं. मैं ज़मीन पर गिर गया और वो लोग मुझे लात मारने लगे. वे 'फ़लस्तीन' चिल्ला रहे थे."
"वो लोग लगभग एक मिनट तक मुझे लातों से मारते रहे, फिर चले गए. उन्हें किसी बात का डर नहीं था. मुझे महसूस हुआ कि मेरा चेहरा ख़ून से लथपथ हैं और मेरी नाक टूट गई है. यह बहुत दर्दनाक था."
गेल बिन्यामिन शूवा की आपबीती
29 साल के गेल बिन्यामिन बताते हैं कि जिस वक्त उन पर हमला हुए वो मैच देखकर लौटते हुए शहर में एक कैसीनो के बाहर थे.
उन्होंने बताया, "हमने देखा कि क़रीब 20 लोग हमारी तरफ़ आए. उन्होंने पूछा कि हम कहां से हैं. मैंने उनसे कहा मैं ग्रीस से हूं. उन्होंने मेरी बात की यक़ीन नहीं किया और मुझसे मेरा पासपोर्ट मांगा."
"मैंने कहा कि मेरे पास अभी पासपोर्ट नहीं है. इसके बाद वो मुझे मारने लगे. उन्होंने मुझे ज़मीन पर फेंक दिया और मेरे चेहरे पर लात बरसाने लगे."
"मुझे नहीं पता इसके बाद मेरे साथ क्या हुआ. जब मुझे होश आय मैं एंबुलेंस में था, मेरे पूरे चेहरे पर खू़न था और मेरे दो दांत टूट चुके थे."
नीदरलैंड्स: हिंसा के बाद इसराइली राष्ट्रपति से नीदरलैंड्स के किंग ने की बात
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इमेज कैप्शन, किंग विलेम अलेक्ज़ेंडर
नीदरलैंड्स के किंग विलेम-अलेक्ज़ेंडर ने इसराइली राष्ट्रपति आइजैक हर्ज़ोग से एम्स्टर्डम में बीती रात हुई हिंसा के बारे में बात की है.
उन्होंने इसराइली राष्ट्रपति से कहा कि वो और उनकी पत्नी इस हिंसा से सकते में हैं.
नीदरलैंड्स के किंग ने इसराइली राष्ट्रपति से कहा, "हमारी सड़कों पर यहूदी विरोधी बर्ताव पर हम आंखें नहीं मूंद सकते. इतिहास ने हमें सिखाया है कि कैसे डराने से शुरू हुए मामले बदतर होते जाते हैं और इसके कितने भयावह परिणाम होते हैं."
"यहूदियों को नीदरलैंड्स की हर जगह, हर वक्त सुरक्षित महसूस करना चाहिए. हम उनके साथ हैं और उन्हें यहां से जाने नहीं देंगे."
ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद बीएचयू से क्यों की अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तुलना
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इमेज कैप्शन, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख और हैदराबाद से लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है.
सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा है, "यह भारत के मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है. साल 1967 के फैसले में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को ख़ारिज कर दिया गया था जबकि वास्तव में वह अल्पसंख्यक दर्जा रखता था. अनुच्छेद 30 में कहा गया है कि अल्पसंख्यकों को अपने शैक्षणिक संस्थानों को उस तरीके से स्थापित करने और प्रशासित करने का अधिकार है जिसे वे उचित समझते हैं."
"अल्पसंख्यकों के खुद को शिक्षित करने के अधिकार को बरकरार रखा गया है. मैं आज एएमयू के सभी छात्रों और फैकल्टी को बधाई देता हूं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि यूनिवर्सिटी को संविधान से पहले स्थापित किया गया था, या सरकार के कानून से स्थापित किया गया था. यदि इसे अल्पसंख्यकों ने स्थापित किया है तो यह एक अल्पसंख्यक संस्थान है. बीजेपी की सारी दलीलें खारिज हो गई हैं."
"बीजेपी ने इतने सालों तक एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा देने का विरोध किया है. अब ये क्या करने जा रहे हैं? बीजेपी ने एएमयू और जामिया और यहां तक कि मदरसा चलाने के हमारे अधिकार पर हमला करने का हर संभव प्रयास किया है. बीजेपी को आत्ममंथन करना चाहिए और सुधार करना चाहिए."
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बीएचयू से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की तुलना
ओवैसी ने लिखा, "मोदी सरकार को इस फैसले को गंभीरता से लेना चाहिए. उन्हें एएमयू को मदद देनी चाहिए क्योंकि यह भी एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी है. जामिया को प्रति छात्र तीन लाख रुपये मिलते हैं, एएमयू को प्रति छात्र 3.9 लाख रुपये मिलते हैं, लेकिन बीएचयू को प्रति छात्र 6.15 लाख रुपये मिलते हैं. जामिया और एएमयू ने राष्ट्रीय रैंकिंग में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. अगर इन विश्वविद्यालयों को सही तरीके से मदद दी जाए तो ये विश्व स्तर पर प्रख्यात हो सकते हैं. लेकिन इसके लिए मोदी को उनके साथ भेदभाव करना बंद करना होगा. एएमयू का किशनगंज सेंटर पिछले कई सालों से बंद पड़ा हुआ है. इस पर भी तत्काल ध्यान दिया जाना चाहिए और केंद्र को जल्द से जल्द इस पर काम शुरू करना चाहिए."
सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ ने शुक्रवार को साल 1967 के अपने उस फ़ैसले को पलट दिया है जिसमें कहा गया था कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल नहीं हो सकता था.
हालांकि, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा प्राप्त होगा या नहीं इसका फ़ैसला शीर्ष न्यायालय की एक रेगुलर बेंच करेगी.
सीजेआई के तौर पर सुप्रीम कोर्ट में आख़िरी दिन जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने क्या-क्या कहा?
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इमेज कैप्शन, पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़
भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ का आज सुप्रीम कोर्ट में आखिरी दिन था. हालांकि उनका कार्यकाल आगामी 10 नवंबर को समाप्त हो रहा है.
सुप्रीम कोर्ट को अलविदा कहते हुए उन्होंने कहा, "ज़रूरतमंदों और जिन लोगों से मैं ना कभी मिला और ना ही मैं उन्हें जानता था, उनकी सेवा करने में सक्षम होने से बड़ी कोई भावना नहीं है."
अपने आखिरी दिन सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने चार न्यायाधीशों की पीठ का नेतृत्व किया, जिसमें मनोनीत मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा भी शामिल थे.
उन्होंने यह भी कहा, "मैं इस कोर्ट में महान लोगों की उपस्थिति से और इस कुर्सी पर बैठकर आने वाली ज़िम्मेदारी के बारे में हमेशा से अवगत था."
"लेकिन आख़िर में, यह एक व्यक्ति के बारे में नहीं है, यह एक संस्था और उन न्याय के मुद्दे के बारे में है जिसे हम यहां कायम रखते हैं."
ट्रंप की जीत से अमेरिका संग रिश्ते बहाल होने के सवाल पर रूस ने क्या कहा?, बीबीसी मॉनिटरिंग
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इमेज कैप्शन, दिमित्री पेसकोव
रूस की सरकार के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रपति चुनावों में जीत के बाद अमेरिका और रूस के रिश्तों में गर्मजोशी आएगी, ये कहना अभी जल्दबाज़ी है.
रूस की सरकारी समाचार एजेंसी तास ने पेसकोव के हवाले से लिखा है, "ऐसे कुछ बयान आए हैं, लेकिन जब तक कुछ ठोस कदम उठाने का वक्त नहीं आता, तब तक इस बारे में बात करना जल्दबाज़ी होगी."
सोची में शुक्रवार को एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए डोनाल्ड ट्रंप को बधाई दी और ये संकेत भी दिए कि वो अमेरिका के साथ दोबारा संपर्क बनाने के लिए तैयार हैं.
पुतिन ने कहा, "रूस के साथ संबंधों को बहाल करने की मंशा के बारे में, यूक्रेन युद्ध खत्म करने के बारे में, जो कहा गया (ट्रंप की तरफ़ से) उसपर ध्यान देना चाहिए."
अपने चुनावी अभियान में ट्रंप अमेरिका की ओर से रूस के साथ जंग के लिए यूक्रेन को दी जा रही मदद पर होने वाले भारी-भरकम खर्च की आलोचना की थी. उन्होंने ये वादा किया था कि वो इस युद्ध को समझौते के ज़रिए '24 घंटे के अंदर' खत्म कर देंगे.
केरल के सीएम पी विजयन बोले- प्रियंका गांधी जमात-ए-इस्लामी की मदद से वायनाड उपचुनाव लड़ रही हैं
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इमेज कैप्शन, केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन
केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा जमात-ए-इस्लामी की मदद से वायनाड लोकसभा उपचुनाव लड़ रही हैं.
गुरुवार को एक फेसबुक पोस्ट पर विजयन ने यह दावा किया है कि वायनाड के उपचुनाव ने कांग्रेस पार्टी की ओर से सेक्युलर होने के नक़ाब को पूरी तरह से हटा दिया है.
उन्होंने लिखा है," प्रियंका गांधी जमात-ए-इस्लामी की मदद से वहां उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रही हैं. तो, वास्तव में कांग्रेस का रुख क्या है?"
"हमारा देश जमात-ए-इस्लामी से अपरिचित नहीं है. क्या उस संगठन की विचारधारा लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मेल खाती है?"
इसराइली फ़ुटबॉल फ़ैन्स पर हमले के मामले में नीदरलैंड्स की पुलिस और अधिकारियों ने क्या बताया
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बीती रात नीदरलैंड्स में इसराइली फ़ुटबॉल फ़ैन्स पर हुए हमलों के बारे में अब डच अधिकारियों और पुलिस ने जानकारी दी है.
इस मामले पर एम्स्टर्डम की मेयर फेमके हलसेमा, शहर के पुलिस चीफ़ पीटर होला और स्थानीय प्रॉसीक्यूटर ऑफ़िस के रेने डे ब्यूकेलर ने एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की है.
मेयर हलसेमा ने अपने बयान की शुरुआत में ही कहा कि बीती रात को ये शहर "काला दिन" मान रहा है. उन्होंने कहा कि यहूदी विरोधी अपराधियों ने यहां आए यहूदी पर्यटकों पर हमला किया.
उन्होंने कहा कि उनका मन एम्स्टर्डम और इसराइल में पीड़ितों और उनके परिवारों के प्रति सहानुभूति से भरा हुआ है.
हलसेमा ने बताया कि कुछ शख्स स्कूटर पर मकाबी तेल अवीव फुटबॉल क्लब के समर्थकों की तलाश कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "ये हिट एंड रन" जैसा मामला है.
उन्होंने ये भी बताया कि मकाबी तेल अवीव और अजैक्स क्लब के बीच यूरोपा लीग फुटबॉल मुकाबले से पहले उन्होंने एंटी-टेरर अधिकारियों से संपर्क किया था. हेलसेमा ने कहा, "मैच से पहले खिलाड़ियों या समर्थकों के लिए कोई ख़तरे की आशंका नहीं थी."
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इमेज कैप्शन, एम्स्टर्डम में प्रदर्शन करते इसराइली फ़ुटबॉल फैन्स
हालांकि, सावधानी बरतने का सुझाव ज़रूर दिया गया था ताकि सबकुछ शांतिपूर्ण तरीके से हो जाए.
वहीं शहर के पुलिस चीफ़ पीटर होला ने कहा कि पिछले 36 घंटे में जो भी हुआ है उससे वह वाक़ई स्तब्ध हैं.
उन्होंने कहा, "इसराइली फ़ैन्स ने कुछ भयावह पल देखे. कुछ के साथ बुरी तरह से बर्ताव और मारपीट हुई."
हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि मकाबी के समर्थकों ने एक टैक्सी पर हमला किया और फ़लस्तीनी झंडे को आग लगा दी.
होला ने कहा कि अस्पताल में भर्ती पाँच लोगों को अब छुट्टी दे दी गई है. करीब 20-30 मकाबी समर्थकों को हल्की-फुल्की चोटें आई थीं.
हालांकि, कुछ इसराइली समर्थकों के लापता होने के सवाल पर उन्होंने कहा, "हमारे पास किसी को अगवा किए जाने या लापता होने की कोई सूचना नहीं है. लेकिन हम इन रिपोर्ट्स को गंभीरता से लेंगे और इसकी जाँच करेंगे."
उन्होंने बताया कि कुछ समर्थक जिन्हें लापता बताया जा रहा था वो अब ढूंढ लिए गए हैं और वे अपने परिवार के संपर्क में हैं.
भारतीय सेना ने कहा- ‘कश्मीर में मारे गए दो आतंकवादी’
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इमेज कैप्शन, भारतीय सेना (सांकेतिक तस्वीर)
भारतीय सेना की शाखा चिनार कोर ने एक्स पोस्ट में कहा है, “पानीपुरा सेक्टर में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को
मार दिया है.”
चिनार कोर ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, "इन दो आतंकवादियों को बारामूला के सोपोर में पानीपुरा सेक्टर में जारी ऑपरेशन में
मारा गया है. सर्च अभियान अभी भी जारी है."
सोपोर की एसएसपी दिव्या डी ने ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए बताया, "कल रात को सोपोर के सुरक्षा बलों को दो आतंकवादियों
के बारे में ख़बर मिली थी. हमने तुरंत संयुक्त सुरक्षाबलों के साथ सर्च ऑपरेशन
शुरू किया."
सोपोर की एसएसपी ने कहा, "उस वक़्त आतंकियों ने गोलीबारी की उसके बाद हमने ऑपरेशन शुरू किया. हमने
रातों-रात स्थानीय लोगों को वहां से निकाला. अब तक जो ऑपरेशन चल रहा था, उसमें आतंकवादी मारे गए हैं हम उनकी शिनाख़्त कर रहे हैं."
नीदरलैंड्स में हमले के बाद इसराइली फ़ुटबॉल क्लब ने अपने समर्थकों को दी ये हिदायत
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इमेज कैप्शन, 5-0 से मैच हारा मकाबी तेल अवीव
बीती रात यूरोपियन लीग फ़ुटबॉल मैच खेलने पहुंचे इसराइली क्लब मकाबी तेल अवीव का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य "इसराइल में फैन्स की तुरंत और सुरक्षित वापसी है."
उन्होंने अपने प्रंशसकों को इसराइली सरकार की सलाह का पालन करने के लिए कहा हैं, जिसमें होटल के कमरों में रहना, इसराइली या यहूदी प्रतीकों को पहनने से बचना और किसी भी खतरे और हमले को लेकर पुलिस को सूचित करना शामिल है.
फ़ैन्स को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द इसराइल वापस जाने की फ़्लाइट लें.
हमले के बाद अल अल एयरलाइंस फ्री में उड़ानें उपलब्ध करवा रही है.
इस बीच यूरोपीय यूनियन कमीशन उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इस हिंसा पर कहा है कि एम्स्टर्डम में हुए घिनौने हमलों से वह काफी निराश हैं.
उन्होंने इसराइली फ़ुटबॉल प्रशंसकों पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और इसको लेकर नीदरलैंड के प्रधानमंत्री से बात भी की है.
बीती रात इसराइली क्लब मकाबी तेल अवीव यूरोपीयन लीग मैच के लिए नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में था. जहां पर मैच के दौरान उनके प्रशंसकों पर कई हमले होने की ख़बर है. इसके बाद एस्म्सटर्डम में पूरी रात हिंसा की ख़बरें आती रहीं.
ब्रेकिंग न्यूज़, इसराइली विदेश मंत्री फ़ुटबॉल फैन्स पर हमले के बाद नीदरलैंड रवाना हुए
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इमेज कैप्शन, डैम स्क्वायर पर इकट्ठा हुए मकाबी तेल अवीव के समर्थक
इसराइली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार "तत्काल राजनयिक यात्रा" के लिए नीदरलैंड जा रहे है.
आधिकारियों का कहना है कि नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में इसराइली फ़ुटबॉल प्रशंसकों पर कई हमले हुए हैं, जिसमें पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा है.
कल रात इसराइली क्लब मकाबी तेल अवीव यूरोपीयन लीग मैच के लिए नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में था. जहां पर मैच के दैरान उनके प्रशंसकों पर कई हमले हुए.
डच पुलिस के मुताबिक, एम्स्टर्डम में रात भर हुए हमलों के बाद पांच लोगों को घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया है और 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने इन हमलों को "यूरोप और दुनिया के लिए खतरे की घंटी" कहा है.
उन्होंने यह भी कहा है, "स्वतंत्रता प्रेमी और लोकतांत्रिक देश नफरत को सड़कों पर खुलेआम घूमने की इजाजत नहीं दे सकता है. जैसा कि इतिहास ने हमें दिखाया है - जो उत्पीड़न और हिंसा यहूदियों के ख़िलाफ़ शुरू होती है वह यहूदियों के साथ कभी ख़त्म नहीं होती है."
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इमेज कैप्शन, मैच के बाद बस के पास खड़े पुलिसकर्मी
नीदरलैंड के प्रधानमंत्री डिक स्कोफ़ ने इसराइली पर हुए "यहूदी विरोधी हमलों" की निंदा की और कहा कि शहर अब "शांत" है.
इन हमलों को लेकर सोशल मीडिया में कई वीडियो वायरल हुए थे, जिसमें एक वीडियो में एक व्यक्ति को जमीन पर पीटते हुए दिखाया गया था, जबकि दूसरे वीडियो में किसी को कुचलते हुए दिखाया गया था.
इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इस हमले की शुरू में कहा था कि वह एम्स्टर्डम में दो "बचाव विमान" भेज रहे हैं. लेकिन यह योजना बाद में रद्द कर दी गई और अब इसराइली नागरिक को सिविल एयरलाइंस के विमानों से घर लाया जाएगा.
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इमेज कैप्शन, एक व्यक्ति को हिरासत में लेती नीदरलैंड पुलिस
राजस्थान में ब्यूटीशियन हत्याकांड का मुख्य अभियुक्त गिरफ़्तार, 9 दिन से शव रखा है मॉर्चरी में, मोहर सिंह मीणा, जयपुर से बीबीसी हिंदी के लिए
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इमेज कैप्शन, 50 वर्षीय मृतक अनीता चौधरी ब्यूटी पार्लर चलती थीं.
जोधपुर में एक ब्यूटीशियन महिला की हत्या के मामले में आठ दिन से फ़रार चल रहे मुख्य अभियुक्त को मुंबई से गुरुवार रात गिरफ्तार कर लिया गया.
जोधपुर पुलिस की टीम अभियुक्त
को मुंबई से जोधपुर लेकर आ रही है.
जोधपुर पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह ने बीबीसी को जानकारी देते हुए बताया है कि, "मुख्य अभियुक्त ग़ुलमुद्दीन बचने के लिए कई जगह से होते हुए मुंबई पहुंचा था, जहां से उसे गिरफ़्तार कर लिया गया है."
कमिश्नर ने कहा, "मृतक अनीता चौधरी के पति मनमोहन और बेटा राहुल धरना स्थल से कहीं चले गए हैं. हमने उन्हें पोस्टमार्टम कराने के लिए कई बार नोटिस दिए थे. हम लीगल कार्रवाई करते हुए जल्द पोस्टमार्टम करवाएंगे."
"अभियुक्त से पूछताछ में किसी अन्य की भी यदि इस मामले में इन्वॉल्वमेंट सामने आती है तो उसे भी पकड़ा जाएगा."
इसके अलावा, असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ
पुलिस (एसीपी) छवि शर्मा ने बीबीसी से कहा, "अभियुक्त
के जोधपुर आने के बाद उससे पूछताछ की जाएगी. अभियुक्त ग़ुलामुद्दीन मुंबई में छिपा
हुआ था."
बताया जाता है कि महिला की हत्या कर शव के छह टुकड़े किए गए थे.
एसीपी छवि शर्मा अपनी
टीम के साथ शुक्रवार सुबह अभियुक्त के घर पहुंची और घटनास्थल पर जांच की है.
9 दिन बाद भी शव का पोस्टमार्टम
नहीं हो सका है? इस
सवाल पर एसीपी शर्मा कहती हैं, "इस मामले में हम परिजनों को पोस्टमार्टम करवाने के लिए समझा रहे
हैं. पोस्टमार्टम में देरी होने से कई एविडेंस नष्ट होने की आशंका बनी रहती है,
इसलिए हम चाहते हैं कि जल्द ही पोस्टमार्टम
करवाया जा सके."
एसीपी छवि का कहना है
कि आज शव का पोस्टमार्टम करवाने का प्रयास करेंगे.
जोधपुर पुलिस ने इस मामले
में क़रीब तीन दर्जन लोगों से पूछताछ की है और एक स्थानीय बड़े प्रोपर्टी कारोबारी
के घर भी छापामारी की थी.
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इमेज कैप्शन, एसीपी छवि शर्मा अपनी टीम के साथ शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचीं.
घटना के बाद मुख्य अभियुक्त की पत्नी को गिरफ़्तार किया गया था और कोर्ट के ज़रिए उनको रिमांड पर लिया
गया. उनकी ही निशानदेही पर मृतक अनीता चौधरी का शव ग़ुलामुद्दीन के घर के बाहर से
30 अक्टूबर की रात बरामद हुआ था.
सरदारपुरा थाना इलाक़े
की इस घटना में मृतका के परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया था.
सरदारपुरा थाना प्रभारी
दिलीप सिंह ने बीबीसी से फ़ोन पर बताया, "हमने परिजनों को शव का पोस्टमार्टम करवाने
के लिए नोटिस भी दिया है."
इस मामले में शुरुआती
जांच के आधार पर जोधपुर पश्चिम के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने लूट के इरादे से हत्या
होना बताया था.
नमस्कार
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर क्या कह रहे हैं एएमयू के छात्र
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इमेज कैप्शन, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्जे को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर अब वहां के
छात्रों की प्रतिक्रिया भी सामने आ रही है.
विश्वविद्यालय के एक छात्र ने फ़ैसले पर खुशी ज़ाहिर करते हुए समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “यह एक अल्पसंख्यक संस्थान है और
हम इस फ़ैसले का स्वागत करते हैं. लेकिन इन्होंने ऐसा कह दिया कि यूनिवर्सिटी ही इसे
साबित करे. रही बात साबित करने की तो आप इसके इतिहास में जाइये. इसकी इमारत को
देखिए. ये यही कह रही है कि एएमयू एक अल्पसंख्यक संस्थान है. हम वक़्त के साथ इसे
साबित भी कर देंगे. हमें सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले से इंसाफ़ की उम्मीद थी. हम
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले का स्वागत करते हैं.”
एक और छात्र ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर कहा, “हमारे लिए यह ऐतिहासक पल था.
हमें इसका बहुत दिन से इंतज़ार है. सुप्रीम कोर्ट ने जो फ़ैसला दिया है हम उसका
स्वागत करते हैं. यूनिवर्सिटी की हर एक ईंट यह बताती है कि यह एक अल्पसंख्यक
संस्थान है.”
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की सात जजों की पीठ ने साल 1967 के अपने उस फ़ैसले को पलट दिया जिसके तहत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे
केंद्रीय विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल नहीं हो सकता था.
साल 1967 के फ़ैसले के मुताबिक़, एएमयू को अल्पसंख्यक का
दर्जा प्राप्त नहीं है, क्योंकि इसकी स्थापना कानून के ज़रिए की गई थी.
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर शिया पर्सनल लॉ बोर्ड ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता यासूब अब्बास
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को लेकर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता और महासचिव यासूब अब्बास की प्रतिक्रिया सामने आई
है.
उन्होंने फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह बहुत अच्छा फ़ैसला है. मैं
इस फ़ैसले का स्वागत करता हूं. इसलिए कि जो तीन जजों की बेंच है, ऐसी उम्मीद है कि वह हक़
में फ़ैसला देगी."
शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता ने कहा, “अल्पसंख्यक दर्जे की अपनी अहमियत और ताकत होती है क्योंकि
उसमें किसी की दख़लअंदाज़ी नहीं होती है. जहां तक तीन जजों की बेंच का सवाल है तो
मेरे हिसाब से वह बहुत अच्छा फ़ैसला लेगी और वे भी अल्पसंख्यक दर्जे को बरकरार
रखने का फ़ैसला ही करेगी.”
एएमयू से जुड़े विवादों
को लेकर यासूब
अब्बास ने कहा, “एएमयू
को लेकर इसलिए विवाद रहता है क्योंकि वह अच्छी शिक्षा दे रहा है. पूरे देश को
एएमयू से बेहतरीन लोग मिले हैं. इसी वजह से कुछ लोग एएमयू को शक की निगाह से देखते
हैं. अगर एएमयू को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा मिला रहता है तो यह बहुत अच्छी बात
है.”
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में क्या कहा, वहीं एएमयू प्रशासन क्या बोला
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इमेज कैप्शन, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी
सुप्रीम कोर्ट ने साल 1967 के अपने उस फ़ैसले को पलट दिया है जिसके तहत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल नहीं हो सकता था.
साल 1967 के फ़ैसले के मुताबिक़, एएमयू को अल्पसंख्यक
का दर्जा प्राप्त नहीं है, क्योंकि इसकी स्थापना कानून के ज़रिए की गई थी.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इसी फ़ैसले को पलटते हुए कुछ परीक्षण भी
निर्धारित किए हैं. अब अगली अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के अल्पसंख्यक दर्ज पर सुनवाई या फ़ैसला इन्हीं
परीक्षणों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि व्यापक तौर पर परीक्षण यह है
कि संस्थान की स्थापना किसने की, क्या संस्थान का चरित्र अल्पसंख्यक है और क्या यह
अल्पसंख्यकों के हित में काम करता है?
मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने बहुमत का फ़ैसला
सुनाते हुए कहा, "एएमयू के अल्पसंख्यक दर्जे का फ़ैसला वर्तमान मामले में निर्धारित
परीक्षणों के आधार पर किया जाना चाहिए. इस मामले पर फ़ैसला करने के लिए एक पीठ का
गठन होना चाहिए और इसके लिए मुख्य न्यायाधीश के सामने काग़ज़ात रखे जाने चाहिए."
मुख्य न्यायाधीश ने अपने, जस्टिस संजीव खन्ना, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस
मनोज मिश्रा के लिए यह फैसला लिखा.
एएमयू की वीसी ने क्या कहा
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इमेज कैप्शन, नईमा ख़ातून (फ़ाइल फ़ोटो)
सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते
हुए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर नईमा ख़ातून ने कहा, “हम फ़ैसले का सम्मान करते हैं. हम इंतज़ार करेंगे और अपने एक्सपर्ट्स से बात
करेंगे कि आगे क्या किया जाए."
"हमारे पास क़ानूनी सलाहकारों की टीम है हम उनसे भी
विचार-विमर्श करेंगे. जो फ़ैसला आप लोगों ने सुना है वही फ़ैसला हमने भी सुना है.
मेरे पास इस पर कुछ कहने को नहीं है और इसीलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना
चाहूंगी.”
विश्वविद्यालय के पीआरओ उमर सलीम पीरज़ादा ने कहा, “अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करती है. इस
फ़ैसले के सभी बिंदुओं पर हमारी प्रशासनिक टीम के समीक्षा पूरी करने के बाद ही हम
मीडिया के सभी प्रश्नों का विस्तार से उत्तर देने की स्थिति में होंगे. फ़िलहाल हम
एएमयू कि आकादमिक, राष्ट्र निर्माण और समावेशिता की विरासत को बनाए रखने की प्रतिबद्धता को जारी
रखेंगे.”
ब्रेकिंग न्यूज़, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी: सुप्रीम कोर्ट ने 1967 के अपने फ़ैसले को पलटा
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इमेज कैप्शन, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का प्रवेश द्वार
सुप्रीम कोर्ट की
संवैधानिक पीठ ने शुक्रवार को साल 1967 के अपने उस फ़ैसले को पलट
दिया है जिसके तहत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय को
अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल नहीं हो सकता था.
सात जजों की
संवैधानिक पीठ के बहुमत के फ़ैसले में एस अज़ीज़ बाशा बनाम केंद्र सरकार मामले में दिए फ़ैसले
को पलटा है.
इस मामले में फ़ैसला दिया गया था कि कोई संस्थान अगर क़ानून के ज़रिए
बनाया गया है तो उसे अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा हासिल नहीं हो सकता है.
हालांकि, अलीगढ़
मुस्लिम यूनिवर्सिटी को अल्पसंख्यक संस्थान का दर्जा प्राप्त होगा या नहीं इसका
फ़ैसला एक रेगुलर बेंच करेगी.
अमेरिकी सेंट्रल बैंक के प्रमुख ने कहा- 'ट्रंप के कहने पर भी नहीं छोड़ूंगा पद'
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इमेज कैप्शन, अमेरिकी सेंट्रल बैंक के प्रमुख जोरम पॉवेल (फ़ाइल फ़ोटो)
अमेरिकी सेंट्रल बैंक फ़ेडरल रिज़र्व के प्रमुख जेरोम
पॉवेल ने खुद के लिए लगाई जा रही अटकलों पर प्रतिक्रिया ज़ाहिर की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप की जीत के पाद
पॉवेल के पद को लेकर अनिश्चितता जताई जा रही हैं.
लेकिन अब पॉवेल ने कहा है कि अगर खु़द ट्रंप भी उनको पद छोड़ने के लिए कहते हैं तो भी वो नहीं छोड़ेंगे.
उन्होंने कहा,"व्हाइट हाउस की तरफ़ से उन
पर पद छोड़ने के लिए दबाव बनाना गै़रक़ानूनी है."
पॉवेल ने अपने बयान में यह भी कहा कि फ़िलहाल यह कहना
जल्दबाज़ी होगी कि ट्रंप प्रशासन के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था किस गति से आगे
बढ़ेगी.या उसकी नीतियां इसे कैसे प्रभावित करेंगी.
राहुल गांधी ने ट्रंप और हैरिस को दिए नए संदेश में क्या लिखा
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इमेज कैप्शन, राहुल गांधी (फ़ाइल फ़ोटो)
लोकसभा में विपक्ष के
नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर डोनाल्ड ट्रंप
को एक और बधाई संदेश दिया है.
इसके अलावा उन्होंने डेमोक्रेटिक
पार्टी की उम्मीदवार कमला हैरिस को भी एक संदेश दिया है.
अपने लोकसभा में विपक्ष
के नेता के लेटर पैड के ज़रिए दिए गए संदेश में राहुल ने ट्रंप
के लिए लिखा, "मैं आपको अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में
चुने जाने पर बधाई देना चाहता हूं. लोगों ने भविष्य के लिए आपके नज़रिए पर अपना
भरोसा जताया है."
राहुल ने अपने संदेश में लिखा, "भारत और अमेरिका के
बीच पुरानी दोस्ती रही है जो कि लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए हमारी प्रतिबद्धता पर
आधारित रही है."
राहुल गांधी ने उम्मीद जताई कि डोनाल्ड ट्रंप अपने
नेतृत्व में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग को और भी गहरा करेंगे. साथ ही भारत और
अमेरिका दोनों के लिए अवसरों को बढ़ाने की दिशा में काम करना जारी रखेंगे.
कमला हैरिस को भेजे गए अपने संदेश में राहुल गांधी ने
उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए लिखा, “मैं आपको जोशीले राष्ट्रपति अभियान के लिए बधाई देना
चाहता हूं. आपका एकजुट करने वाला संदेश कई लोगों को प्रेरित करता रहेगा.”
राहुल ने लिखा, “बाइडन प्रशासन के तहत, भारत और अमेरिका ने वैश्विक
महत्व के मुद्दों पर सहयोग को गहरा किया है. लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति हमारी
साझा प्रतिबद्धता हमारी मित्रता का मार्गदर्शन करती रहेगी.”