अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की दौड़ से बाहर हुए जो बाइडन

राष्ट्रपति जो बाइडन ने उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के लिए समर्थन की घोषणा की है.

सारांश

  • बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर हाईकोर्ट के फ़ैसले को पलटा
  • बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई झड़पों में अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत.
  • राजधानी ढाका में कर्फ़्यू के बावजूद शनिवार को 10 लोगों की मौत, कर्फ़्यू का समय बढ़ाया गया.
  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एनटीए ने नीट-यूजी के नतीजे घोषित किए.
  • रूस में अमेरिकी पत्रकार गर्शोकोविच को 16 साल जेल की सजा.

लाइव कवरेज

  1. ब्रेकिंग न्यूज़, जो बाइडन अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव से हटे, कमला हैरिस को समर्थन की घोषणा

    जो बाइडन

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    इमेज कैप्शन, डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता आपसी बातचीत में बाइडन को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी छोड़ने की सलाह दे रहे थे

    अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने फिर से राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव ना लड़ने का निर्णय लिया है. उन्होंने अपनी सहयोगी और उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के लिए समर्थन दिया है.

    बाइडन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक बयान के ज़रिए ये जानकारी दी है.

    रिपब्लिकन पार्टी की तरफ़ से पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मैदान में हैं.

    अमेरिका में चार महीने बाद ही राष्ट्रपति पद का चुनाव होना है.

    जून के अंत में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और राष्ट्रपति बाइडन के बीच बहस हुई थी जिसमें बाइडन का प्रदर्शन 'निराशाजनक' रहा था, इसके बाद से ही डेमोक्रेट नेता बाइडन पर उम्मीदवारी वापस लेने का दबाव बना रहे थे.

    जो बाइडन की तरफ़ से कहा गया है कि उनका ये निर्णय राष्ट्र और उनकी पार्टी के हित में है.

    बयान में कहा गया है, “राष्ट्रपति के रूप में सेवा देना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है. हालांकि, मेरा इरादा दोबारा चुनाव लड़ने का था, लेकिन मेरा ये मानना है कि मेरी पार्टी और देश के हित में यही है कि मैं उम्मीदवारी वापस ले लूं और पूरी तरह अपना ध्यान अपने बाकी कार्यकाल में राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी पूरी करने में लगाऊं.”

    बाइडन ने एक पोस्ट में उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस के लिए समर्थन की घोषणा भी की है.

    बाइडन ने कहा कि 2020 में पार्टी की तरफ़ से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के बाद मेरा पहला निर्णय कमला हैरिस को उप राष्ट्रपति चुनना था और यही सबसे बेहतर था.

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    बाइडन की तरफ़ से जारी बयान में कहा गया है कि वो इसी सप्ताह अपने निर्णय के बारे में अधिक जानकारी देने के लिए राष्ट्र को संबोधित करेंगे.

  2. बांग्लादेश में तनाव के बीच भारत ने 5,000 से अधिक छात्रों को सुरक्षित निकाला

    भारत लौटते छात्र

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    भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक़ अब तक बांग्लादेश से 4500 भारतीय छात्रों को भारत लाया जा चुका है.

    विदेश मंत्रालय के एक बयान के मुताबिक़, भारतीय छात्रों के साथ ही नेपाल के 500, भूटान के 38 और मालदीव के एक छात्र को भी सुरक्षित भारत लाया गया है.

    बांग्लादेश में मौजूद भारतीय दूतावास वहां फंसे छात्रों को सुरक्षित भारत लाने की व्यवस्था कर रहा है.

    भारतीय दूतावास के मुताबिक़, पिछले दो दिनों के दौरान भारत ने पाँच हज़ार से अधिक छात्रों को सुरक्षित भारत पहुँचाया हैं.

    वहीं, जो छात्र बांग्लादेश में हैं, उनसे भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार संपर्क बनाए हुए हैं.

    बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण व्यवस्था के ख़िलाफ़ छात्रों के प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा के कारण वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई है. इसके बाद भारत सरकार ने भारतीय छात्रों को देश लौटने की सलाह दी थी.

    अब तक यहां हुई हिंसा में सौ से अधिक लोग मारे गए हैं.

    वहीं, रविवार को बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण की इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया है.

    सुप्रीम कोर्ट ने बांग्लादेश में 1971 के स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल सेनानियों के परिजनों को मिलने वाले 30 फ़ीसदी आरक्षण को कम करके 5 फ़ीसदी कर दिया है.

    छात्र इस आरक्षण को समाप्त करने की माँग कर रहे थे.

    • बांग्लादेशः विरोध प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिया बड़ा फ़ैसला, सरकार ने क्या कहा
  3. मध्य प्रदेशः महिलाओं पर मुरम डालने का वीडियो वायरल, एक गिरफ़्तार, सुरैह नियाज़ी, बीबीसी के लिए

    रीवा पुलिस

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    मध्य प्रदेश के रीवा ज़िले में मुरम में दबी महिलाओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मुक़दमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

    मध्यप्रदेश के रीवा ज़िले में सड़क निर्माण के दौरान मुरम डालने का विरोध करने वाली दो महिलाओं आशा पाण्डेय और ममता पाण्डेय को मुरम से निकाले जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

    इस घटना को लेकर पीड़ित महिलाओं ने मुरम डालने वालों पर जान से मारने की कोशिश के आरोप लगाए हैं. पुलिस घटना की जांच कर रही है.

    रीवा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक का कहना है कि पूरे मामले का विश्लेषण करते हुए पुलिस जांच कर रही है.

    रीवा क्षेत्र के डीआईजी साकेत प्रकाश पाण्डेय ने बताया कि इस घटना के पीछे संपत्ति संबंधी पारिवारिक विवाद है.

    पुलिस ने इस घटना के संबंध में भारतीय न्याय संहिता की धारा 110 (आईपीसी 308) के तहत तीन लोगों के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कर लिया है. इनमें डंपर चालक प्रदीप कोल, महिलाओं के पारिवारिक ससुर गोकरण पाण्डेय और भतीजा विपिन पाण्डेय शामिल है.

    पुलिस के मुताबिक़, डंपर को ज़ब्त करके एक अभियुक्त को गिरफ़्तार किया गया है जबकि दो अन्य अभियुक्त फरार हैं.

    पुलिस का कहना है कि जांच वायरल वीडियो के आधार पर की जा रही है और अभियुक्तों की संख्या बढ़ सकती है.

    स्थानीय सूत्रों के मुताबिक़, इस घटना के पीछे ज़मीनी विवाद है. महिलाएं ज़मीन पर ज़बरदस्ती सड़क बनाये जाने का विरोध कर रहीं थीं.

    जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है उसमें महिलाएं मुरम में दबी हुई दिख रही हैं. गांव के कई लोग उन्हें बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं.

    ग्रामीणों ने महिलाओं को मुरम के नीचे से निकालकर तुरंत नज़दीकी अस्पताल पहुंचाया.

    पुलिस ने अपने बयान में ये नहीं कहा है कि महिलाओं पर मुरम ज़बरदस्ती डाला गया.

    अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, सड़क निर्माण के दौरान महिलाएं मुरम में दब गईं, पूरी घटना की जांच की जा रही है.

    पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि जिस ज़मीन पर सड़क बनाई जा रही है वो उनकी पट्टे की ज़मीन है. पीड़ित महिलाओं को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे गई है.

  4. नेपाल: केपी शर्मा ओली ने हासिल किया विश्वास मत, कहा- दो साल बाद बदलेगा नेतृत्व

    केपी शर्मा ओली एक बार फिर नेपाल के प्रधानमंत्री बने

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    नेपाल की संसद में विश्वास मत जीतने के बाद सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष खड्ग प्रसाद (केपी) शर्मा ओली नेपाल के नए प्रधानमंत्री बन गए हैं.

    275 सदस्यों की नेपाल की प्रतिनिधि सभा में 188 वोट उनके समर्थन में पड़े, जबकि 74 मत उनके ख़िलाफ़ पड़े थे.

    रविवार को विश्वास मत पर वोटिंग के वक्त प्रतिनिधि सभा में केवल 263 सदस्य उपस्थित थे.

    पिछली सरकार के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल प्रचंड के संसद में विश्वास मत हासिल करने में विफल रहने के बाद 30 जून को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी सीपीएन-यूएमएल के अध्यक्ष केपी ओली को नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया था.

    इसके बाद उन्हें 30 दिनों के भीतर विश्वास मत हासिल करना था.

    विश्वास मत हासिल करने से पहले उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूएमएल के बीच सात सूत्री समझौता हुआ है.

    इसके तहत सरकार के गठन की तारीख से दो साल के लिए यूएमएल के अध्यक्ष केपी ओली प्रधानमंत्री होंगे, जिसके बाद आम चुनाव होने तक नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा प्रधानमंत्री होंगे.

  5. सिक्किम सरकार का आदेश, सभी पर्यटक वाहनों को साथ रखना होगा कूड़े का बैग

    सिक्किम टूरिज़्म (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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    इमेज कैप्शन, सिक्किम टूरिज़्म (प्रतीकात्मक तस्वीर)

    सिक्किम सरकार ने राज्य में आने वाले सभी पर्यटक वाहनों के लिए अपने साथ एक बड़ा कूड़े का बैग ले जाना अनिवार्य कर दिया है.

    सरकार का कहना है कि यह फ़ैसला पर्यावरण को देखते हुए लिया गया है.

    सिक्किम सरकार ने इस संबंध में एक आदेश जारी करते हुए कहा, "सभी पर्यटन स्थलों में पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देने और इस लक्ष्य को हासिल करने में सामुदायिक भागीदारी तय करने के लिए पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने राज्य में आने वाले सभी पर्यटक वाहनों के लिए अपने साथ एक बड़ा कूड़ा बैग ले जाना अनिवार्य कर दिया है."

    आदेश के मुताबिक़, "संबंधित टूर ऑपरेटरों, ट्रैवल एजेंसियों और वाहन चालकों की ज़िम्मेदारी होगी कि वे कचरा इकट्ठा करने और उसके निपटान के लिए कूड़ा बैग के इस्तेमाल के बारे में जानकारी फैलाएं."

    सिक्किम सरकार का आदेश

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    आदेश में यह भी कहा गया है कि आदेश का पालन हो रहा है या नहीं यह पता लगाने के लिए पर्यटक वाहनों की आकस्मिक जांच की जाएगी. अगर कोई वाहन आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो निर्धारित नियमों के अनुसार उस पर जुर्माना लगाया जाएगा.

    इसके अलावा पर्यटकों को कचरा न फ़ैलाने, इसके उचित प्रबंधन और पर्यावरण की स्थिरता के बारे में शिक्षित करने के लिए जागरूकता अभियान और स्वच्छता अभियान भी चलाया जाएगा.

  6. बीसीसीआई इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को देगा 8.5 करोड़ रुपये

    बीसीसीआई सेक्रेटरी जय शाह

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    भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने पेरिस ओलंपिक अभियान के लिए इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन को 8.5 करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है.

    बीसीसीआई के सेक्रेटरी जय शाह ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट से एक पोस्ट साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी है.

    जय शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा, "मुझे यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि बीसीसीआई 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे बेहतरीन एथलीटों का समर्थन करेगा."

    जय शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, "हम अभियान के लिए IOA को 8.5 करोड़ रुपये दे रहे हैं. हमारे पूरे दल को हमारी शुभकामनाएं. भारत को गौरवान्वित करें! जय हिंद!"

    पेरिस ओलंपिक की शुरुआत 26 जुलाई से होगी और यह आयोजन 11 अगस्त 2024 तक चलेगा.

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  7. महिला एशिया कप में भारत ने यूएई को 78 रनों से हराया

    भारतीय महिला क्रिकेट टीम

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    इमेज कैप्शन, भारतीय महिला क्रिकेट टीम

    महिला एशिया कप के अपने दूसरे मैच में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने यूनाइटेड अरब अमीरात की टीम को 78 रनों से हराया.

    पहले बल्लेबाज़ी करते हुए भारतीय टीम ने 20 ओवरों में 201 रनों का स्कोर खड़ा किया. भारत की ओर से सबसे ज़्यादा रन कप्तान हरमनप्रीत कौर ने बनाए.

    हरमनप्रीत ने 47 गेंदों पर 66 रन और रिचा घोष ने 29 गेंदों पर 64 रनों की पारी खेली. इसके अलावा ओपनर शेफाली वर्मा ने भी 37 रनों का योगदान दिया.

    वहीं लक्ष्य का पीछा करने उतरी यूएई की महिला टीम 20 ओवरों में सात विकेट के नुक़सान पर महज़ 123 रन ही बना सकी.

    यूएई की तरफ़ से सबसे कविशा एगोडेगे ने सबसे ज़्यादा 40 रनों की पारी खेली. कविशा के अलावा कप्तान एशा रोहित ओज़ा ने भी 38 रनों की पारी खेली.

    एशिया कप में भारत ने अपना पहला मैच पाकिस्तान के साथ खेला था. उस मैच को भारत ने 7 विकेट से जीत लिया था.

  8. हरियाणा के नूंह में एक बार फ़िर लगी इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी

    नूंह में पिछले साल दो संप्रदायों के बीच हिंसा की घटनाएं हुईं थी (बीबीसी पर पिछले साल की तस्वीर)

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    हरियाणा के नूंह जिले में राज्य सरकार ने 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने का फैसला किया है.

    सरकार की तरफ से लिया गया यह फैसला रविवार शाम 6 बजे से लागू होगा और सोमवार शाम 6 बजे तक यह रोक जारी रहेगी.

    नूंह के पुलिस अधीक्षक विजय प्रताप सिंह ने बीबीसी से इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि रविवार शाम छह बजे से सोमवार शाम छह बजे तक नूंह ज़िले में इंटरनेट बंद रहेगा.

    सोमवार को नूंह में ब्रज मंडल जलाभिषेक यात्रा निकाली जानी है. उसी के मद्देनज़र हरियाणा सरकार ने यह फैसला लिया है.

    बीते साल 31 जुलाई को हरियाणा के नूंह में बजरंग दल ने धार्मिक यात्रा का आयोजन किया था. यात्रा में हरियाणा से हजारों की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया था.

    इस यात्रा के दौरान पथराव होने की वजह से दो समुदायों के बीच तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी.

    दो समुदायों के बीच हुई हिंसा की वजह से छह लोगों की मौत हुई थी. जिसमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल थे.

    इस हिंसा के बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर गिरफ़्तारियां की थीं और कई लोगों के घरों को बुलडोज़र से तोड़ दिया गया था.

  9. उत्तराखंड के विभागों में अग्निवीरों को दी जाएगी प्राथमिकता: सीएम पुष्कर सिंह धामी

    पुष्कर सिंह धामी

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    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीरों को राज्य के अलग-अलग विभागों में प्राथमिकता देने की बात कही है.

    अग्निवीर योजना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "अग्निवीर योजना को लेकर मैंने 15 जून 2022 को ट्वीट किया था कि पुलिस समेत जितने भी हमारे राज्य में काम करने वाले विभाग हैं उनमें अग्निवीरों को प्राथमिकता देंगे और आरक्षण का प्रावधान करना होगा तो मंत्रिमंडल में निर्णय करके आरक्षण का भी प्रावधान करेंगे."

    धामी ने कहा कि जब अग्निपथ योजना आई थी उस वक़्त भी मैंने सेना के अफ़सरों और जवानों के साथ मिलकर बैठक की थी. अगर अग्निवीरों को आरक्षण देने के लिए कोई क़ानून बनाना होगा तो उसे भी हम विधानसभा में लेकर आएंगे.

    अग्निपथ योजना पर बीते कुछ समय में अलग-अलग नेताओं के अलग-अलग बयान सामने आए हैं.

    लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सदन के अपने पहले भाषण में अग्निपथ योजना पर सवाल खड़े किए थे.

    वहीं हरियाणा सरकार ने भी अग्निवीरों को कॉन्सटेबल, माइनिंग गार्ड, फॉरेस्ट गार्ड, जेल वार्डन और एसपीओ के पदों पर सीधी भर्ती में 10 फ़ीसदी का आरक्षण देने का ऐलान किया था.

  10. तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में अखिलेश यादव ने कहा, "दिल्ली की सरकार चलने वाली नहीं है"

    ममता बनर्जी के साथ अखिलेश यादव

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    कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा,"सांप्रदायिक ताकतें षड्यंत्र रच रही हैं. जो सत्ता में लोग हैं और दिल्ली के इशारे पर जो लोग अलग-अलग जगहों पर बैठे हैं वो लगातार षड्यंत्र कर रहे हैं."

    अखिलेश ने रैली में आए लोगों को संबोधित करते हुए कहा, "बंगाल में आपने भाजपा को पीछे छोड़ दिया, उत्तर प्रदेश ने भी आपके साथ मिलकर पीछे छोड़ दिया."

    अखिलेश ने कहा कि ये जो लोग सरकार में बैठे हैं ये कुछ दिन के मेहमान हैं. दिल्ली की सरकार चलने वाली नहीं है. वो सरकार गिरने वाली है. हम एक दिन देखेंगे कि यही सरकार गिरेगी और हमारे आपके लिए खुशियों के दिन आएंगे.

    अखिलेश ने कहा, "देश की ऐसी ताक़तें हैं जो विभाजनकारी राजनीति के नाम पर बांट कर हमेशा के लिए राज करना चाहती हैं. ऐसा करने में वो कुछ समय के लिए कामयाब भी हो जाएं लेकिन आख़िरकार वो हारेंगी."

    उन्होंने कहा कि लोगों का भला ना कभी इनका मक़सद रहा है ना कभी रहेगा. नाकारात्मक ताक़तें आख़िर अपने अंदर की कलह से ही ख़त्म होती हैं.

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में रविवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से शहीद रैली का आयोजन किया जा रहा है.

    इस रैली के लिए शनिवार से ही राज्य के विभिन्न इलाकों से ट्रेनों और बसों के ज़रिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था. युवा कांग्रेस प्रमुख रहते ममता बनर्जी ने 21 जुलाई 1993 को राइटर्स अभियान की अपील की थी.

    तब इस अभियान के दौरान 13 बेकसूर युवक पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे. उसके बाद कांग्रेस से नाता तोड़ने के बावजूद ममता हर साल उस दिन शहीद दिवस मनाती रही हैं.

  11. मुज़फ़्फ़रनगर: नाम लिखवाने के विवाद पर बोले जयंत, समय है, ये फ़ैसला वापस हो जाना चाहिए, अमित सैनी, मुज़फ़्फ़रनगर से, बीबीसी के लिए

    राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी

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    उत्तर प्रदेश में कांवड़ मार्ग पर खाने-पीने की दुकानों पर नाम लिखवाने को लेकर बीजेपी की गठबंधन सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी बीजेपी को नसीहत दी है.

    मुज़फ़्फ़रनगर में ज़िला प्रशासन ने खाद्य सामग्री बेचने वाले दुकानदारों से अपने नाम बड़े-बड़े अक्षरों में लिखने के लिए कहा है. इस फ़ैसले को लेकर विवाद भी हो रहा है.

    अब जयंत चौधरी ने कहा है कि ये फ़ैसला सोच समझ कर नहीं लिया गया है और इसे वापस लिया जाना चाहिए.

    जयंत चौधरी ने कहा, "वैसे तो ये कोई मुद्दा नहीं है. इस विषय पर हमारे प्रदश अध्यक्ष बोल चुके है. वो एक पार्टी का स्टैंड है और जो कांवड़ लेकर जाते हैं, उनकी सेवा में सभी लोग लगते हैं. ना तो कांवड़ लेकर जाने वाला कोई व्यक्ति पहचान करता है. जो सेवादार है वो उनकी सेवा एक आशीवार्द की तरह प्राप्त करते है और आगे चलते है."

    उन्होंने कहा, "धर्म या जाति की पहचान करके कोई सेवा नहीं लेता. इस मामले को धर्म और जाति से भी नहीं जोड़ा जाना चाहिए."

    जयंत चौधरी तंज कसते हुए कहते है, "सब अपनी दुकानों पर नाम लिख रहे हैं. मालिक कोई और हो सकता है और ब्रांड कोई ओर हो सकता है. मैकडॉनल्ड क्या लिखेगा? खतौली में बर्गर किंग क्या लिखेगा? पुराने ब्रांड है. किसी के भी नाम हो सकते हैं. एक नहीं, कई मालिक हो सकते है."

    सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए जयंत चौधरी ने कहा, "सरकार ने यह फैसला ज्यादा सोच समझ कर नहीं लिया. अब फैसला ले लिया तो उस पर टिक रहे हैं, अभी भी समय है, वापस हो जाना चाहिए. या इस पर ज्यादा ज़ोर नहीं दिया जाना चाहिए."

    हालांकि उन्होंने ये भी कहा, "मैं देख रहा हूं. प्रशासन पर इसके लिए कोई ज्यादा जोर या दबाव नहीं दिया गया. जो अपनी मर्जी से लगा रहा है, वो लगा लें."

    अपने बयान में जयंत चौधरी ने ये भी कहा, "जहां तक वेज और नॉनवेज की बात है. इसमें सेंस है. अगर कोई वेजिटेरियन है तो उसे पता होना चाहिए कि जो पदार्थ है उसमें सब वेजिटेरियन होना चाहिए, जो प्रक्रिया है बनाने की वो वेजिटेरियन हो."

    जयंत चौधरी ने कहा, "किसके हाथ से बन रही है, उससे क्या मतलब? मुसलमान वेजिटेरियन है और हिंदू नॉनवेज खाने वाले भी है. कहां-कहां नाम लिखें?"

    टायर पंचर की दुकानों पर नेम प्लेट लगाए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "कहां-कहां लगाओगे अब? या अब कुर्ते में भी नाम लिखना शुरू कर दें, ताकि देख कर हाथ मिलाना है या गले लगाना है."

    रविवार को जयंत चौधरी जिले मुज़फ़्फ़रनगर के भोपा थाने के पास युसुफपुर गांव में शहीद जवान की प्रतिमा का अनावरण करने के लिए पहुंचे है. इस दौरान उनका ये बयान सामने आया.

  12. पाकिस्तान ने जर्मनी में अपने वाणिज्य दूतावास पर हमले की निंदा की

    फ्रैंकफर्ट स्थित पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास

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    जर्मनी में पाकिस्तानी दूतावास ने एक बयान जारी कर उस घटना की निंदा की है जिसमें प्रदर्शनकारियों ने जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास की इमारत पर पथराव किया और पाकिस्तानी झंडा उतार दिया.

    एक बयान में पाकिस्तानी दूतावास ने कहा है, "हम 20 जुलाई, 2024 को फ्रैंकफर्ट में हमारे वाणिज्य दूतावास पर किए गए हमले की निंदा करते हैं."

    पाकिस्तानी दूतावास ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करने के लिए जर्मन अधिकारियों के संपर्क में हैं कि ऐसी स्थिति फिर से न आए और अपराधियों को क़ानूनी परिणामों का सामना करना पड़े. हम अपने समुदाय से शांत रहने की अपील करते हैं.

    रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को फ्रैंकफर्ट में पाकिस्तानी वाणिज्य दूतावास के बाहर दर्जनों प्रदर्शनकारी इकट्ठा हो गए थे. घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं. हालांकि उनकी पुष्टि नहीं की जा सकती.

    जर्मनी के अधिकारियों ने अभी तक इस घटना पर कोई भी प्रतिक्रिया नहीं दी है.

  13. ब्रेकिंग न्यूज़, बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर हाईकोर्ट के फ़ैसले को पलटा

    बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट

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    बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण पर हाईकोर्ट के फ़ैसले को पलट दिया है.

    आरक्षण के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि लगभग सभी सरकारी नौकरियां योग्यता के आधार पर दी जानी चाहिए.

    हाई कोर्ट ने इस साल पांच जून को एक याचिका के आधार पर वर्ष 2018 में सरकारी नौकरियों में आरक्षण रद्द करने संबंधी सरकार की अधिसूचना को अवैध करार दिया था.

    बांग्लादेश में सरकारी नौकरियों में आरक्षण सिस्टम पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हो रही थी.

    सुप्रीम कोर्ट का यह फ़ैसला ऐसे समय में आया है जब आरक्षण सुधारों को लेकर बांग्लादेश में हिंसक झड़पें हो रही हैं. इन हिंसक झड़पों को देखते हुए सरकार ने शुक्रवार की रात ही कर्फ़्यू लगा दिया था.

    बांग्लादेश में हो रहे इस पूरे प्रदर्शन के केंद्र में है, सरकारी नौकरियों में 30 फ़ीसदी का वो आरक्षण जो बांग्लादेश की आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा लेने वालों के बच्चों को दिया जाता है.

    यूनिवर्सिटी के छात्र बीते कुछ दिनों से 1971 के मुक्ति युद्ध में लड़ने वाले सैनिकों के बच्चों के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण का विरोध कर रहे थे.

    1971 में पाकिस्तान से आज़ादी की जंग लड़ने वालों को यहां मुक्ति योद्धा कहा जाता है. देश में एक तिहाई सरकारी नौकरियां इनके बच्चों के लिए आरक्षित हैं.

    बांग्लादेश में हिंसक झड़पों को रोकने के लिए सेना की तैनाती भी की गई है. अटॉर्नी जनरल ने हाई कोर्ट के आदेश को रद्द करने के लिए एक आवेदन दायर किया था.

    इस आवेदन में छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाले पांच वकीलों को सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान बोलने की अनुमति दी गई थी.

    भाग लेने वाले नौ वकीलों में से आठ ने हाई कोर्ट के फ़ैसले को पलटने का समर्थन किया, जबकि एक ने आरक्षण सुधारों की वकालत की.

    2018 में, सरकार ने शुरू में प्रथम और द्वितीय श्रेणी की नौकरियों के लिए आरक्षण प्रणाली को रद्द कर दिया था, जिसके बाद विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे.

    बाद में हाई कोर्ट ने 5 जून को सरकार के फ़ैसले को अवैध घोषित कर दिया था, जिसके बाद कोटा सुधारों की मांग को लेकर छात्रों ने फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था.

    बांग्लादेश में आंदोलनकारी सरकारी नौकरियों में आरक्षण रद्द कर सिर्फ़ पिछड़ी जातियों के लिए अधिकतम पांच फ़ीसदी आरक्षण जारी रखते हुए आरक्षण व्यवस्था में संशोधन की मांग कर रहे हैं.

    वर्ष 2018 में आरक्षण रद्द करने की अधिसूचना जारी होने से पहले तक सरकारी नौकरियों में मुक्ति योद्धा (स्वाधीनता सेनानी), ज़िलावार, महिला, अल्पसंख्यक और विकलांग—इन पांच वर्गों में कुल 56 फ़ीसदी आरक्षण का प्रावधान था.

  14. तृणमूल कांग्रेस की शहीद रैली आज, अखिलेश यादव भी कोलकाता पहुंचे, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से, बीबीसी हिंदी के लिए

    तृणमूल कांग्रेस की शहीद रैली

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    इमेज कैप्शन, तृणमूल कांग्रेस की शहीद रैली

    पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में रविवार को तृणमूल कांग्रेस की ओर से शहीद रैली का आयोजन किया जा रहा है.

    उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इसमें हिस्सा लेने के लिए कोलकाता पहुंच गए हैं. इस रैली के लिए शनिवार से ही राज्य के विभिन्न इलाकों से ट्रेनों और बसों के ज़रिए लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था.

    इन सबके लिए अलग-अलग इलाकों में ठहरने और खाने-पीने का इंतज़ाम किया गया था. उसके बाद आज सुबह से ही यह लोग रैली की शक्ल में धर्मतल्ला पहुंच रहे हैं.

    रैली में उमड़ने वाली भीड़ के कारण महानगर में सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त होने का अंदेशा है. पुलिस ने कई इलाक़ों में वाहनों की आवाजाही नियंत्रित कर दी है.

    रविवार होने के कारण ज़्यादातर बाज़ार, दुकान और दफ्तर बंद हैं. महानगर की सड़कों पर बसों, टैक्सियों और निजी वाहनों की तादाद उंगलियों पर गिनने लायक है.

    युवा कांग्रेस प्रमुख रहते ममता बनर्जी ने 21 जुलाई 1993 को राइटर्स अभियान की अपील की थी. तब इस अभियान के दौरान 13 बेकसूर युवक पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे.

    उसके बाद कांग्रेस से नाता तोड़ने के बावजूद ममता हर साल उस दिन शहीद दिवस मनाती रही हैं. उस घटना ने ममता की भावी राजनीति की राह साफ़ करने और क़रीब 18 साल बाद उनके सत्ता के शिखर पर पहुंचने की नींव डाली थी.

    ममता बनर्जी ने रेल मंत्री रहते उन युवकों, जिसे पार्टी शहीद मानती है, के परिजनों को रेलवे में नौकरी दी थी. हर साल रैली के मौके़ पर उनके परिजनों को भी मंच पर बिठाया जाता है.

    तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी हर साल इस रैली से कुछ नया ऐलान करती रही हैं. उन्होंने कहा है कि इस साल यह रैली देश बचाने के लिए है.

    अब राजनीतिक पर्यवेक्षकों की निगाहें इस बात पर लगी हैं कि केंद्रीय राजनीति के संदर्भ में ममता इस रैली में क्या कहती हैं. इस साल हुए लोकसभा चुनाव और चार विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में जीत के बाद पार्टी की यह पहली रैली है.

  15. बांग्लादेश में क्या आरक्षण के मुद्दे पर जारी हिंसा रुकेगी, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

    बांग्लादेश का सुप्रीम कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश का सुप्रीम कोर्ट (फ़ाइल फ़ोटो)

    बांग्लादेश में व्यापक हिंसा के बाद सरकारी नौकरियों में आरक्षण के मुद्दे को लेकर अपील पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करने वाला है.

    यह हाईकोर्ट के उस फ़ैसले के बाद हुआ है जिसमें उसने कोटा पर सरकार के 2018 के सर्कुलर को रद्द कर दिया था, जिसके कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन और झड़पें हुईं.

    छात्रों की मांगों के जवाब में सरकार सुनवाई में आरक्षण सुधारों के लिए बहस करने की योजना बना रही है.

    हालांकि, इस बात पर अनिश्चितता है कि क्या इससे हिंसा रुकेगी, क्योंकि प्रदर्शनकारी नेताओं और व्यापक राजनीतिक हितों के बीच मतभेद हैं.

    हाल ही में हुई हिंसा में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, जिसके कारण सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा और सेना को तैनात करना पड़ा.

    प्रधानमंत्री शेख हसीना ने छात्रों के मुद्दे के प्रति समर्थन जताया है, लेकिन साथ ही उन्होंने अदालत के आगामी फैसले पर निराशा न जताने का भी आग्रह किया है.

    इस बीच, विपक्षी बीएनपी आंदोलन जारी रखने का समर्थन कर रही है.

  16. केदारनाथ यात्रा मार्ग पर हुआ भूस्खलन, कुछ यात्रियों के हताहत होने की ख़बर

    केदारनाथ यात्रा का मार्ग

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    इमेज कैप्शन, केदारनाथ यात्रा का मार्ग

    केदारनाथ यात्रा मार्ग पर रविवार की सुबह भूस्खलन के चलते कुछ लोग हताहत हुए हैं.

    हालांकि इस हादसे में जान-माल का कितना नुक़सान हुआ है इसके बारे में साफ़तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, इस घटना में तीन लोगों की मौत हुई है जबकि दो लोग घायल हैं.

    हादसे को लेकर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी अपने आधिकारिक एक्स हैंडल से एक पोस्ट करते हुए लिखा, "केदारनाथ यात्रा मार्ग के पास पहाड़ी से मलबा और भारी पत्थर गिरने से कुछ यात्रियों के हताहत होने का समाचार अत्यंत दुःखद है."

    पुष्कर सिंह धामी ने लिखा कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य जारी है, इस सम्बन्ध में निरंतर अधिकारियों के संपर्क में हूं.

    "हादसे में घायल हुए लोगों को त्वरित रूप से बेहतर उपचार उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए हैं."

    "ईश्वर दिवंगतों की आत्मा को श्री चरणों में स्थान एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें."

  17. यूपी: अमरोहा में मालगाड़ी के डिब्बे पटरी से उतरे, रेल यातायात प्रभावित

    रेलवे

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    उत्तर प्रदेश में अमरोहा रेलवे स्टेशन के नज़दीक एक मालगाड़ी के सात डिब्बों के पटरी से उतरने की वजह से मुरादाबाद-ग़ाज़ियाबाद के बीच रेलवे यातायात प्रभावित हुआ है.

    मुरादाबाद के डीआरएम राजकुमार सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा है कि दोनों रेलवे लाइनों पर यातायात सामान्य करने का काम जारी है.

    उन्होंने बताया कि पहले डाउन लाइन को ठीक करके उस पर ट्रेन का संचालन शुरू किया जाएगा जिस पर काम दो घंटे में पूरे होने की उम्मीद है.

    डीआरएम राजकुमार ने बताया कि अप लाइन पर अगले छह से आठ घंटों में काम पूरा कर लिया जाएगा.

    वहीं राजस्थान के अलवर में रविवार की सुबह एक मालगाड़ी के तीन डिब्बे पटरी से उतर गए.

    एडीआरएम जयपुर मनीष गोयल ने बताया है कि तिजारा गेट के नज़दीक ये हादसा हुआ है और इस वजह से मेन रूट या ट्रेन प्रभावित नहीं हुई है.

  18. जानलेवा हमले के बाद पहली रैली में ट्रंप बोले- ‘मैंने लोकतंत्र की ख़ातिर गोली...’

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, मिशिगन की रैली में लोगों को संबोधित करते डोनाल्ड ट्रंप

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिशिगन की एक रैली में अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले का हवाला देकर कहा कि उन्होंने ‘लोकतंत्र की ख़ातिर गोली खाई’ है.

    अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के पक्ष में प्रचार अभियान चला रहे ट्रंप अपने ऊपर हमले के बाद पहली बार किसी चुनावी रैली में बोल रहे थे. उनके साथ उप राष्ट्रपति पद के लिए रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जेडी वेन्स भी थे.

    शुक्रवार को उन्होंने खचाखच भरी रैली स्थल ग्रांड रैपिड्स में मौजूद लोगों से कहा कि डेमोक्रेट्स उन्हें लोकतंत्र के लिए ख़तरा बताते रहे हैं.

    फिर इसके बाद उन्होंने लोगों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि वो ‘व्हाइट हाउस को वापस लेने’ को तैयार हैं.

    डोनाल्ड ट्रंप
    इमेज कैप्शन, मिशिगन की रैली में आए लोगों ने कहा कि वे पेंसिल्वेनिया में चली गोलियों से डरे नहीं हैं

    पिछले सप्ताह डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की जांच चल रही है. हमले में चली गोली ट्रंप के कान को छूकर निकल गई थी.

    पिछले शनिवार को ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मलेन में कान पर पट्टी लगा कर पहुंचे थे. लेकिन मिशिगन की रैली में उनके कान पर लगी पट्टी नहीं दिखी.

    मिशिगन की रैली में आए लोगों ने कहा कि वे पेंसिल्वेनिया में चली गोलियों से डरे नहीं हैं. ट्रंप का उनका समर्थन जारी रहेगा.

  19. माइक्रोसॉफ़्ट ने बताया दुनियाभर में कितने कंप्यूटरों पर पड़ा था असर

    एयरपोर्ट

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    इमेज कैप्शन, कंप्यूटरों के प्रभावित होने की वजह से हवाई यातायात पर ख़ासा असर पड़ा है

    सॉफ़्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ़्ट ने बताया है कि शुक्रवार को आईटी सेवाओं में आई बाधा के कारण दुनियाभर में 85 लाख कंप्यूटरों ने काम करना बंद कर दिया था.

    साइबर सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर क्राउडस्ट्राइक के एक अपडेट के बाद आई इस ख़ामी को लेकर अब तक कोई आंकड़ा जारी नहीं किया गया था.

    इस घटना को साइबर इतिहास की सबसे ख़राब घटना बताया गया है.

    माइक्रोसॉफ़्ट अपने उपभोक्ताओं को इससे निकलने में मदद कर रही है.

    कंपनी ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया है कि ‘हमने वर्तमान में अनुमान लगाया है कि क्राउडस्ट्राइक के अपडेट की वजह से 85 लाख विंडोज़ डिवाइसेज़ पर असर हुआ है.’

    इस पोस्ट में कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट डेविड वेस्टन ने कहा है कि ये संख्या दुनियाभर की विंडोज़ मशीनों का एक फ़ीसदी से भी कम है

  20. बांग्लादेश: कर्फ़्यू के बावजूद हिंसा, ढाका में एक दिन में 10 लोगों की मौत

    सुरक्षाबल

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    इमेज कैप्शन, बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी आंदोलन के दौरान हुई हिंसा में अब तक 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

    बांग्लादेश में जारी आरक्षण विरोधी आंदोलन में हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही है.

    कर्फ़्यू के बावजूद राजधानी ढाका में शनिवार को हुई हिंसक झड़पों में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है. इस दौरान कम से कम 91 लोग घायल भी हुए हैं. मारे गए लोगों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं.

    ढाका के जातराबाड़ी के राएर बाग़ में आठ लोगों की मौत हुई है वहीं मीरपुर और आज़िमपुर में दो लोगों की मौत हुई है.

    शनिवार की दोपहर को बीबीसी संवाददाताओं ने ढाका के बड्डा और सैयदाबाद इलाक़ों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें देखी हैं.

    मंगलवार से शुरू हुई हिंसा में देशभर में अब तक कम से कम 110 लोगों की मौत हो चुकी है.

    सरकार ने शुक्रवार की आधी रात से कर्फ़्यू घोषित कर दिया था. इसके साथ ही देशभर में सेना की तैनाती की गई है. कर्फ़्यू को रविवार को बढ़ाया भी गया है.

    इसके अलावा रविवार और सोमवार को सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है.