ट्रंप दख़ल न देते तो पाकिस्तान और भारत के बीच विनाशकारी युद्ध हो सकता थाः शहबाज़ शरीफ़

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया.

सारांश

लाइव कवरेज

इफ़्तेख़ार अली, संदीप राय

  1. ट्रंप दख़ल न देते तो पाकिस्तान और भारत के बीच विनाशकारी युद्ध हो सकता थाः शहबाज़ शरीफ़

    शहबाज़ शरीफ़

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध को लेकर बात की.

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए भारत पाकिस्तान के बीच जंग रुकवाने का श्रेय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दिया.

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान ने अपनी पूर्वी सीमा पर दुश्मन के उकसावे का जवाब दिया और पाकिस्तान ने भारत को पहलगाम हमले की निष्पक्ष जांच की पेशकश की थी.”

    उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तान अपने संस्थापक क़ायदे आज़म मुहम्मद अली जिन्ना के दृष्टिकोण के अनुरूप हर मुद्दे को बातचीत और वार्ता के माध्यम से हल करना चाहता है.”

    पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भारत पर पहलगाम की घटना का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.

    उन्होंने कहा, "पाकिस्तान बाहरी आक्रमण से पूरी तरह अपनी रक्षा करेगा."

    उन्होंने कहा, "हमने भारत के साथ युद्ध जीत लिया है, अब हम शांति चाहते हैं और पाकिस्तान सभी लंबित मुद्दों पर भारत के साथ व्यापक और कारगर वार्ता करने के लिए तैयार है."

    शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "पाकिस्तान की विदेश नीति आपसी सम्मान और सहयोग पर आधारित है. हम विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं."

    ट्रंप को नोबेल की वक़ालत

    उन्होंने आगे कहा, "अगर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव में दख़ल नहीं दिया होता तो युद्ध के परिणाम विनाशकारी हो सकते थे."

    शहबाज़ शरीफ़ ने कहा, "पाकिस्तान और भारत के बीच युद्ध रोकने के लिए ट्रंप नोबेल शांति सम्मान के हकदार हैं."

    भारत क्या कहता रहा है?

    वहीं भारत इस बात को नकारता रहा है कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष रोकने में किसी तीसरे पक्ष की कोई भूमिका थी?

    हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इसी से जुड़े सवाल के जवाब में कहा था कि कई सालों से एक राष्ट्रीय सहमति रही है कि पाकिस्तान के साथ हमारे सभी मामले आपसी यानी द्विपक्षीय हैं.

    साथ ही भारत का दावा है कि पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना के 'ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान में स्थित नौ आतंकी शिविर नष्ट किए गए और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए.'

  2. यूएन में नेतन्याहू के भाषण के दौरान टाइम्स स्क्वायर पर ‘फ़्री फ़लस्तीन’ के नारे

    न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर प्रदर्शन
    इमेज कैप्शन, न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर पर फ़लस्तीन के पक्ष में प्रदर्शन

    आज संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू का भाषण था और बाहर टाइम्स स्क्वायर पर फ़्री फ़लस्तीन का नारा लगाते हुए प्रदर्शनकारियों की भीड़ जमा थी.

    न्यूयॉर्क से बीबीसी संवाददाता प्रतीक्षा घिल्डियाल ने बताया कि जैसे ही नेतन्याहू का भाषण हुआ, कई प्रदर्शनकारी टाइम्स स्क्वायर पर इकट्ठा हो गए.

    न्यूयॉर्क में प्रदर्शन

    नारे लगाने वाले प्रदर्शनकारियों में यहूदी धर्मगुरु रब्बी यित्ज्चोक ड्यूश भी शामिल थे.

    उन्होंने कहा कि नेतन्याहू को संयुक्त राष्ट्र में बोलने का हक़ नहीं है.

    उन्होंने कहा, “हम यहां ये कहने को आए हैं कि वह हमारे नाम पर नहीं बोल रहे हैं. वो हमारे धर्म का इस्तेमाल अपने अपराधों को सही ठहराने के लिए कर रहे हैं.”

    रब्बी ड्यूश
    प्रदर्शन स्थल पर भारी पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया था.
    इमेज कैप्शन, प्रदर्शन स्थल पर भारी पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया गया था.

    रब्बी ड्यूश का मानना है कि पूरी दुनिया में अधिकांश यहूदी लोग इस बात सहमत हैं कि ग़ज़ा में जंग समाप्त होनी चाहिए.

    सात अक्तूबर के हमले की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि संघर्ष के ‘मूल कारणों’ को हल किए बिना शांति नहीं हासिल की जा सकती.

    नेतन्याहू के भाषण का इसराइल के बॉर्डर पर लाउडस्पीकर से प्रसारण किया गया.

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    इमेज कैप्शन, नेतन्याहू के भाषण का इसराइल के बॉर्डर पर लाउडस्पीकर से प्रसारण किया गया.

    इस बीच नेतन्याहू ने कहा कि उनके भाषण का प्रसारण ग़ज़ा के लोगों को लाउडस्पीकर से सुनाया जा रहा है.

    हालांकि ग़ज़ा में बहुत सारे लोगों का इस पर ध्यान नहीं गया.

    बीबीसी वर्ल्ड सर्विस के ओएस कार्यक्रम में ग़ज़ा के फ़ादी ने कहा, "टेंटों में क़ैद नागरिकों को ज़बरदस्ती अपना भाषण सुनाने से उन्हें क्या मिलेगा, सिवाय नागरिकों का और अपमान करने के."

  3. रायपुर की फ़ैक्ट्री में दुर्घटना, छह कर्मचारियों की मौत, कई गंभीर, आलोक पुतुल, रायपुर से बीबीसी हिंदी के लिए

    औद्योगिक दुर्घटना

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    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में एक निर्माणाधीन फैक्ट्री में स्लैब गिरने से 6 कर्मचारियों की मौत हो गई.

    इस घटना में 6 लोग गंभीर रुप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है.

    पुलिस ने मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इंकार नहीं किया है.

    ज़िले के पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के अनुसार हीरा समूह के गोदावरी पावर एंड इस्पात लिमिटेड के एक प्लांट में मरम्मत का काम चल रहा था, उसी दौरान यह हादसा हुआ.

    उन्होंने बताया कि अब तक 6 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, इसके अलावा 6 घायलों को अस्पताल में भर्ती किया गया है.

    इस घटना के बाद मज़दूरों ने बड़ी संख्या में फैक्ट्री को घेर कर रखा है. उनका आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था के बिना ही मज़दूरों से काम लिया जा रहा था, जिसके कारण यह हादसा हुआ.

    इधर मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है. इसके अलावा ज़िले के आला अधिकारी भी मौके पर उपस्थित हैं.

    राज्य के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस घटना पर शोक जताते हुए, घायलों के बेहतर इलाज के निर्देश दिए हैं.

  4. यूएन में नेतन्याहू का भाषण शुरू होते ही कई देशों के प्रतिनिधि उठकर बाहर चले गए

    बिन्यामिन नेतन्याहू

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    इमेज कैप्शन, बिन्यामिन नेतन्याहू आज संयुक्त राष्ट्र महासभा में भाषण दे रहे थे.

    शुक्रवार को इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करने मंच पर पहुंचे.

    जैसे ही नेतन्याहू मंच पर पहुंचे, कई देशों के प्रतिनिधि विरोध में बाहर निकलने लगे.

    असेंबली हॉल में बहुत सारी कुर्सियां खाली दिख रही थीं.

    हालांकि जनरल असेंबली हॉल के ऊपर बालकनी में बैठे कई लोगों ने खड़े होकर तालियों से नेतन्याहू का स्वागत किया.

    हाल ही में फ़्रांस और स्पेन ने फ़लस्तीन को मान्यता दी है.

    इसी महीने संयुक्त राष्ट्र ने अपनी जांच के बाद कहा कि इसराइल ने ग़ज़ा में 'फ़लस्तीनियों का जनसंहार' किया है.

    संयुक्त राष्ट्र महासभा

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में इसराइली पीएम के विरोध में कई सदस्य उठकर चले गए.

    नेतन्याहू ने अपने भाषण में फ़लस्तीन को राष्ट्र का दर्जा देने को ‘सरासर पागलपन’ बताया और कहा कि कई देशों द्वारा मान्यता देना "शर्मनाक" है.

    नेतन्याहू का कहना था कि इसराइल के लाउडस्पीकर ग़ज़ा में उनके भाषण का प्रसारण कर रहे हैं.

    उन्होंने एक नक्शा दिखाया और ईरान, हूती और हमास को ईरान का 'टेरर एक्सिस' कहा.

    उन्होंने हमास से कहा, "आप हथियार डाल दें, हमें अंदर जाने दें और बंधकों को छुड़ाने दें, वरना हम आपको ढूंढ निकालेंगे और मार डालेंगे."

    हमास द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा, "हम आपको नहीं भूले हैं - एक पल के लिए भी नहीं. इसराइल के लोग आपके साथ हैं."

    उनका यह भाषण ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इसराइल को कब्ज़े वाले पश्चिमी तट पर कब्ज़ा करने की अनुमति नहीं देंगे.

    सोमवार को ट्रंप और नेतन्याहू की मुलाक़ात होने वाली है.

  5. बांग्लादेशी बता जिस गर्भवती महिला को बांग्लादेश भेजा, उसे भारत वापस लाने का कोर्ट ने दिया आदेश, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    कोलकाता हाई कोर्ट

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    इमेज कैप्शन, कलकत्ता हाई कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण (हैबियस कॉर्पस) याचिका पर सुनाया फ़ैसला.

    कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के बीरभूम की रहने वाली एक महिला सोनाली बीबी को उनके पति और पुत्र समेत बांग्लादेश भेजने के केंद्र सरकार के फ़ैसले को ग़लत क़रार दिया है.

    साथ ही उच्च न्यायालय ने उन्हें चार सप्ताह के भीतर भारत वापस लाने का निर्देश दिया.

    केंद्र सरकार ने अदालत से फिलहाल यह निर्देश स्थगित रखने की अपील की थी लेकिन वह याचिका भी ख़ारिज़ हो गई है.

    आरोप है कि सोनाली को बांग्लादेशी क़रार देकर पति और पुत्र के साथ बांग्लादेश भेज दिया गया है.

    परिजनों का दावा है कि वहां उसे गिरफ़्तार कर लिया गया. सोनाली गर्भवती है. इस मामले के सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को इस मामले की शीघ्र सुनवाई का निर्देश दिया था.

    शुक्रवार को न्यायमूर्ति तपोब्रत चक्रवर्ती और न्यायमूर्ति ऋतब्रत कुमार मित्र की खंडपीठ ने कहा कि सोनाली को बांग्लादेश भेजने का फैसला ग़लत था. केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर सोनाली और उसके परिवार को भारत लाना होगा.

    बीरभूम की रहने वाली सोनाली रोजगार के सिलसिले में पति दानिश शेख़ के साथ बीते क़रीब दो दशकों से दिल्ली के रोहिणी इलाक़े के सेक्टर 26 में रह रही थीं.

    वह वहां कचरा बीनने के अलावा घरेलू नौकरानी के तौर पर काम करती थीं. उनका आठ साल का एक बेटा भी है.

    सोनाली के घरवालों का दावा है कि बीते 18 जून को बांग्लादेशी होने के संदेह में अचानक दिल्ली पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया.

    उसके बाद सोनाली समेत पांच लोगों को बांग्लादेश भेज दिया गया. आरोप है कि वहां चांपाईनवाबगंज थाने की पुलिस ने उनको गिरफ़्तार कर लिया.

    अदालत में सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने सोनाली के बीरभूम की निवासी होने के समर्थन में ज़मीन के दस्तावेज के अलावा उनके पिता और दादा के वोटर कार्ड भी पेश किए.

    सोनाली के पिता की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के बाद अदालत ने यह निर्देश दिया.

    सोनाली के पिता ने अदालत के फैसले पर राहत की सांस ली और समीरुल इस्लाम का आभार जताया.

    पश्चिम बंगाल प्रवासी कल्याण समिति के प्रमुख और राज्यसभा सदस्य समीरुल इस्लाम ने कहा, “सोनाली को बांग्लादेश भेजे जाने के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर हमने उसके परिवार की मदद की है. अब सोनाली के परिवार की स्वदेश वापसी में भी हरसंभव मदद की जाएगी.”

  6. उत्तर प्रदेश के बरेली में 'आई लव मोहम्मद' को लेकर प्रदर्शन, लाठीचार्ज के बाद तनाव

    उत्तर प्रदेश पुलिस

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    इमेज कैप्शन, बरेली में तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया है

    उत्तर प्रदेश के बरेली में आज जुमे की नमाज के बाद 'आई लव मोहम्मद' को लेकर प्रदर्शन के बाद तनाव फैल गया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, प्रदर्शनकारी हाथ में 'आई लव मोहम्मद' के प्लेकार्ड लेकर आला हज़रात दरगाह और आईएमसी प्रमुख मौलाना तौक़ीर रज़ा ख़ान के घर के बाहर इकट्ठा हो गए थे.

    वहां भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. पुलिस ने तनावग्रस्त इलाक़ों में फ़्लैग मार्च भी किया है.

    उत्तर प्रदेश के मंत्री जयवीर सिंह ने कहा, “पूरा राज्य जानता है कि आई लव मोहम्मद मुद्दे का क्या मक़सद है...जब कोई केस नहीं दर्ज किया गया तो इस तरह की बातें बहुत चिंताजनक, गुमराह करने वाली है और कुछ लोगों द्वारा शांति और क़ानून व्यवस्था को भंग करने की जानबूझकर साज़िश है.”

    उधर, विपक्षी पार्टियों ने बरेली की घटना को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    समाजवादी पार्टी के नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा, "बरेली में जुमे की नमाज के बाद बर्बर लाठी चार्ज किया गया. यह प्रदेश सरकार के आदेश पर किया गया था, जिसमें सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं."

    उन्होंने कहा, "बीजेपी की सरकार दमन, जुल्म और तानाशाही से जनता की आवाज़ को दबाना चाहती है. बीजेपी जनता में नफ़रत फैला कर सरकार में बने रहना चाहती है."

    उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा, “हर किसी को अपने भगवान से प्यार करना चाहिए. आई लव मोहम्मद. आई लव महादेव, आई लव गणेश जी, आई लव जीसस क्राइस्ट. आई लव गुरुनानक, आई लव गौतम बुद्ध, आई लव महावीर...”

    आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “हिंसा भड़काने में बीजेपी नंबर वन है. यूपी से कोई ख़बर आती है तो इसी तरह की होती है. कभी पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई और धंधे की बात क्यों नहीं होती.”

    पुलिस ने क्या बताया

    आईजी अजय साहनी ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, "हम सब सड़क पर थे. वहां पूरी तरह शांति थी. किसी तरह की अफ़रातफ़री नहीं थी. जब फ़ोर्स ने फ़्लैग मार्च किया, कुछ उपद्रवी सड़क पर आकर नारेबाज़ी करने लगे. उनकी गिरफ़्तारी सुनिश्चित की जाएगी."

  7. अमेरिका से अब तक कितने भारतीय वापस भेजे गए, विदेश मंत्रालय ने बताया

    रणधीर जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

    भारत के विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस साल जनवरी से अब तक अमेरिका से 2427 भारतीय नागरिकों को भारत भेजा गया है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफ़िंग के दौरान कहा, हरजीत कौर के मामले में भी ऐसा ही हुआ है जो हाल ही में अमेरिका से लौटी हैं. वैध आप्रवासन को लेकर भारत की नीति बहुत स्पष्ट है.

    "जब भी ऐसा मामला आता है, हम व्यक्ति की नागरिकता के बारे में जांच करते हैं और उसके भारतीय होने की पुष्टि करते हैं इसके बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया होती है. अमेरिका से हुए निर्वासन के मामले में यही प्रक्रिया अपनाई गई है."

    उन्होंने कहा, "जहां तक वीज़ा फ़्रॉड के मामलों की बात है तो भारत वैध माइग्रेशन को प्रमोट करता है, दूसरी तरफ़ हमने अवैध प्रवासियों के मामले में कार्रवाई की है. इस मामले में भारत सरकार अलग-अलग राज्य सरकारों के साथ मिलकर अवैध प्रवासियों को बढ़ावा देने वाले एजेंटों पर कार्रवाई कर रही है."

  8. पीएम मोदी और पुतिन को लेकर नेटो महासचिव का बयान बेबुनियाद: भारत सरकार

    नेटो के महासचिव मार्क रुट

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    इमेज कैप्शन, नेटो के महासचिव मार्क रुट ने भारत को रूस से तेल आयात के मामले में पहले भी चेतावनी दी थी.

    भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच फ़ोन कॉल को लेकर नेटो के महासचिव मार्क रुट के दावे को भारत ने 'बेबुनियाद बताते' हुए 'अस्वीकार्य' कहा है.

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज प्रेस ब्रीफ़िंग में कहा, "हमने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच कथित फ़ोन पर हुई बातचीत के बारे में नेटो महासचिव मार्क रुट का बयान देखा है. यह बयान तथ्यात्मक रूप से ग़लत और पूरी तरह से निराधार है."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन से किसी भी समय उस तरीके से बात नहीं की जैसा बताया जा रहा है. ऐसी कोई बातचीत हुई ही नहीं है. हम नेटो जैसे महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित संस्थान के नेतृत्व से अपेक्षा करते हैं कि वह सार्वजनिक बयानों में ज़्यादा ज़िम्मेदारी और सटीकता बरते."

    "प्रधानमंत्री की बातचीत को ग़लत ढंग से पेश करने वाली या ऐसी बातचीत का संकेत देने वाली अटकलबाज़ी या लापरवाही भरी टिप्पणियाँ अस्वीकार्य हैं."

    रणधीर जायसवाल ने कहा, "जैसा कि पहले कहा गया है, भारत के ऊर्जा आयात का उद्देश्य भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक पूर्वानुमानित और किफ़ायती ऊर्जा लागत सुनिश्चित करना है. भारत अपने राष्ट्रीय हितों और आर्थिक सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी ज़रूरी उपाय करता रहेगा."

    नेटो महासचिव ने क्या कहा था

    नेटो महासचिव ने एक साक्षात्कार में कहा था कि ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ़ ने मोदी को पुतिन से यूक्रेन जंग समाप्त करने के लिए फ़ोन करने पर मजबूर किया.

    उन्होंने कहा था, "दिल्ली से मॉस्को फ़ोन गया था और पीएम मोदी राष्ट्रपति पुतिन से पूछ रहे थे कि हम आपको सपोर्ट करते हैं लेकिन क्या बताएंगे कि आपकी रणनीति क्या है क्योंकि हमें टैरिफ़ से नुकसान उठाना पड़ रहा है."

  9. पीएम की बिहार में महिलाओं को 10,000 रुपये देने की घोषणा, तेजस्वी ने कहा- 'चुनाव के बाद वसूलेंगे'

    पीएम मोदी ने आज 'मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना' की शुरुआत की.

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने आज 'मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना' की शुरुआत की.

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में 'मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना' की शुरूआत की है जिस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियों ने तीख़ी प्रतिक्रिया दी है.

    पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, “बिहार की माताओं-बहनों और बेटियों के कल्याण के लिए डबल इंजन सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही है. इसी क्रम में आज ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ का शुभारंभ करना मेरे लिए बहुत गर्व की बात है.”

    पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग के ज़रिए लोगों को संबोधित करते हुए कहा, “आज से मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू की जा रही है. इस योजना से अब तक 75 लाख बहनें जुड़ चुकी हैं अभी एक साथ इन बहनों के खाते में 10,000-10,000 रुपए भेजे गए हैं."

    उधर, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दावा किया कि महिलाएं, पिछड़े, वंचित, सभी भाजपा और एनडीए के साथ हैं और उनका गठबंधन फिर से नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव जीतेगा.

    विपक्षी दलों ने क्या कहा?

    कांग्रेस ने इस घोषणा को ‘चुनावी वायदा’ कहा है जबकि राजद नेता और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि ‘चुनाव के बाद ये 10,000 रुपये वसूले जाएंगे.’

    तेजस्वी यादव ने कहा, “यह राज्य सरकार का पैसा है... वे बिहार की जनता को मूर्ख न समझें... दबाव में, मुख्यमंत्री और एनडीए सरकार माई बहन मान योजना की नकल भले कर ले... लेकिन चुनाव बाद, वे यह उधार रूपी 10,000 रुपये वसूलेंगे, ये बिहार की जनता समझती है.”

    पटना में महिला संवाद सभा में कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “सम्मान का मतलब चुनाव से 10 दिन पहले 10,000 रुपये देना नहीं है; यह हमें खरीदने की कोशिश है... आपको सम्मान तब मिलेगा जब आपको मासिक मानदेय मिलेगा, जब आप सशक्त होंगी, जब बेटियां सुरक्षित महसूस करेंगी.”

  10. अब ब्रिटेन के पीएम ने अवैध प्रवासियों पर अंकुश लगाने का रखा प्रस्ताव, कहा, 'मुद्दे से वामपंथी पार्टियां बचती रही हैं'

    कीएर स्टार्मर

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    इमेज कैप्शन, कीएर स्टार्मर ने कहा वामपंथी पार्टियां अवैध आप्रवासन के मुद्दे से बचती रही हैं.

    अमेरिका में अवैध प्रवासियों पर लागू किए गए कड़े नियमों के बाद ब्रिटेन भी अवैध प्रवासियों पर अंकुश लगाने की एक नई योजना लाने जा रहा है.

    ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने कहा कि डिजिटल आईडी के लिए नई योजना, ब्रिटेन में अवैध रूप से काम करना और मुश्किल बना देगी और देश की सीमा को और सुरक्षित करेगी.

    पीएम स्टार्मर ने कहा कि लेबर पार्टी समेत वामपंथी पार्टियां अवैध आप्रवासन से जुड़ी चिंताओं को संबोधित करने से बचती रही हैं और उनकी पार्टी को हर हाल में इस समस्या से जुड़े हर पहलू से निपटना होगा.

    नए प्रस्ताव के तहत, ब्रिटेन में कोई भी नई नौकरी शुरू करता है तो उसे ये डिजिटल आईडी दिखानी होगी.

    कंज़र्वेटिव नेता केमी बैडेनोक ने इसे हताशा भरा दांव बताया, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स को डर है कि यह योजना लोगों को अपना डेटा छिपाने के लिए मजबूर करेगी.

    डिजिटल आईडी कैसे काम करेगी?

    सरकारी डिजिटल आईडी स्कीम, उन लोगों पर निगरानी को संभव बनाएगी जिन्हें ब्रिटेन में रहने और काम करने का अधिकार है.

    इसके तहत नई नौकरी शुरू करने वाले व्यक्ति को या किराए का घर लेते समय इस आईडी को अपने फ़ोन पर दिखाना होगा.

    हालांकि इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए क़ानून बनाने की ज़रूरत होगी और इस पर व्यापक विचार-विमर्श भी ज़रूरी होगा ताकि बिना स्मार्टफ़ोन या पासपोर्ट वाले लोग अपने अधिकार से वंचित न हो जाएं.

  11. ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद पर ओवैसी ने क्यों कहा, 'क़ानून बनाने' के लिए

    असदुद्दीन ओवैसी

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    इमेज कैप्शन, असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा कि 'यूपी के एडीजी को लव लफ़्ज़ से दिक़्क़त क्यों है.'

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ‘आई लव मोहम्मद’ लिखे पोस्टर को लेकर शुरू हुई बहस पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "जब लफ़्ज़े लव इसमें आ रहा है, तो उसमें आपको क्यों तकलीफ़ हो रही है? इसका मतलब है कि आप लव के ख़िलाफ़ हैं. आप मोहब्बत को नहीं मानते."

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, "यह आरएसएस और बीजेपी के लोग कभी सोच भी रहे हैं कि भारत में 18-19 करोड़ मुसलमान रहते हैं, एशिया में सबसे ज़्यादा यहां पर रहते हैं. आप दुनिया को क्या मैसेज दे रहे हैं और भारत के बारे में आप लोग ऐसा क्यों कर रहे हैं."

    उन्होंने कहा, "यहां लव की बात हो रही है और उत्तर प्रदेश के एडीजीपी साहब कह रहे हैं कि हमारी सरकार ने कहा है कि यहां नया पोस्टर नहीं लगेगा. हैप्पी बर्थ-डे प्राइम मिनिस्टर, चीफ़ मिनिस्टर के लिए अनुमति होगी."

    ओवैसी ने कहा कि आप एक क़ानून बना दीजिए कि इस देश में कोई लव की बात करेगा ही नहीं.

    पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के कानपुर में बारावफ़ात (ईद मिलाद-उन-नबी) के मौक़े पर 'आई लव मोहम्मद' का बैनर लगाने को लेकर विवाद हो गया है.

  12. भारतीय वायुसेना से रूस निर्मित लड़ाकू विमान मिग-21 की अंतिम विदाई

    मिग-21

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    इमेज कैप्शन, मिग-21 ने छह दशकों तक भारतीय वायु सेना में सेवा दी

    कई दशकों तक भारतीय वायुसेना की अग्रिम रक्षा पंक्ति में रहने वाले रूस से ख़रीदे गए मिग-21 लड़ाकू विमानों को आज डी-कमीशन कर दिया गया.

    विदाई समारोह चंडीगढ़ में आयोजित हो रहा है, जहां वायु सेना के पायलट इन विमानों को अंतिम बार उड़ा रहे हैं.

    समारोह में मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "मिग 21 महज एक विमान नहीं है बल्कि यह भारत-रूस संबंधों का प्रमाण है."

    राजनाथ सिंह ने कहा, "आज जब हम मिग-21 को इसकी ऑपरेशनल जर्नी से विदाई दे रहे हैं तो मुझे लगता है हम एक ऐसे अध्याय को विदा करने जा रहे हैं जो न केवल भारतीय वायुसेना के इतिहास में बल्कि हमारी पूरी सैन्य उड्डयन की जर्नी में स्वर्ण अक्षरों से लिखा जाएगा."

    मिग-21 विमानों को 1963 में भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया था और 63 वर्षों की सेवा के बाद आज इन्हें सेवामुक्त किया जा रहा है.

    एक पूर्व इंजीनियर जीवन कुमार ने समाचार एजेंसी एएनआई से मिग-21 की ख़ासियत बयां करते हुए कहा, "इसकी ख़ासियत है 90 डिग्री पर सीधे क्लाइंब करने की क्षमता. आज आपने यह करतब देखा होगा. यह दुनिया के सबसे बेहतरीन लड़ाकू विमानों में से एक है. इसका कोई मुकाबला नहीं. हमने इसकी उम्र की वजह से इसे अंतिम विदाई दी, लेकिन इसकी कमी कोई पूरा नहीं कर सकता. हम उम्मीद करते हैं कि तेजस इसकी जगह लेगा."

  13. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे.

    अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता संदीप राय आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

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  14. उत्तराखंड पेपर लीक मामले में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

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    इमेज कैप्शन, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जानकारी दी है कि मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है

    उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने यूकेएसएसएससी पेपर मुद्दे पर पत्रकारों से बात की है. उनका कहना है कि प्रदर्शन को 'राजनीतिकरण' किया जा रहा है.

    सरकारी नौकरियों के लिए भर्ती परीक्षा करवाने वाले उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर यह विवाद हुआ.

    दरअसल आरोप है कि बीते रविवार को आयोजित यूकेएसएसएससी की भर्ती परीक्षा शुरू होने के कुछ देर बाद ही उसका पेपर लीक हो गया. जिसके बाद से राजधानी देहरादून में युवा प्रदर्शन कर रहे हैं.

    सीएम धामी ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मैं सभी युवाओं से अपील करता हूं कि वो तय करें कि उनके आंदोलन का नेतृत्व कौन लोग कर रहे हैं."

    उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "जो युवाओं को सड़कों पर लाकर अपना हित साध रहे हैं,ऐसे लोग हैं जिनका युवाओं या भर्ती प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है."

    मुख्यमंत्री ने कहा, "लेकिन हमारी प्रतिबद्धता है कि जैसे हमने 25 हज़ार नियुक्तियां पारदर्शी तरीके़ से बिना किसी भ्रष्टाचार के की हैं, आगे भी इस क्रम को हम बढ़ाएंगे."

    उन्होंने कहा, "जो घटना सामने आई है उसकी जांच के लिए हमने एक एसआईटी का गठन किया है. छात्रों के हित में जो भी फै़सला लेना होगा हम एक मिनट भी पीछे नहीं हटने वाले हैं, लेकिन ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि छात्रों की आड़ में सरकार को निशाना बनाया जा रहा है"

    उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान देशद्रोह के नारे लगाए जा रहे हैं और सनातन धर्म का अपमान किया जा रहा है.

  15. लद्दाख में हिंसा को उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने बताया 'बड़ी साज़िश', और क्या कहा?

    उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता

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    इमेज कैप्शन, उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता का कहना है कि माहौल बिगाड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

    केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख की राजधानी लेह में हुई हिंसा को लेकर उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता का कहना है कि इसके पीछे 'बहुत बड़ी साज़िश' थी.

    लेह में बुधवार को युवाओं का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कम से कम 50 लोग घायल हुए.

    इसी पर उपराज्यपाल ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से कहा, "लद्दाख में जो कुछ हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है."

    उन्होंने कहा, "हमने अपने पुलिसवालों को सिर्फ़ लाठियां देकर भेजा था ताकि भीड़ को रोका जा सके, क्योंकि इस भीड़ के पीछे बहुत बड़ी साजिश थी."

    उपराज्यपाल ने दावा किया कि इसमें बाहर से भी लोग शामिल थे.

    कविंदर गुप्ता ने कहा, "हम नहीं चाहते कि लद्दाख, जो शांति वाला क्षेत्र है, वहां इस तरह का माहौल बने. कुछ लोगों ने सीआरपीएफ़ और पुलिस की गाड़ियों को जलाने का प्रयास किया, जिनमें हमारे जवान बैठे थे. यह कार्रवाई आत्मरक्षा में करनी पड़ी, हालांकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है."

    इलाके़ की स्थिति को लेकर उपराज्यपाल ने कहा, "धारा 144 लागू की गई है और एहतियातन स्कूल, कॉलेज बंद किए गए हैं. उम्मीद है कि जल्द ही माहौल सामान्य हो जाएगा."

    प्रदर्शनकारी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठे शेड्यूल के प्रोटेक्शन की मांग कर रहे हैं.

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  16. लद्दाख में हिंसा पर कांग्रेस का सरकार पर तंज, चीन को लेकर कही ये बात

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश

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    इमेज कैप्शन, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने लद्दाख में हुए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया दी है

    केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन पर कांग्रेस ने कहा है कि 'उनकी ज़मीन और रोज़गार के अधिकार गंभीर ख़तरे में हैं'.

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "छह साल पहले जब लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, तब वहां के लोगों को बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन आज हालात बिल्कुल अलग हैं."

    उनका कहना है कि लोग गहरी निराशा और मोहभंग की स्थिति में हैं, क्योंकि उनकी ज़मीन और रोज़गार के अधिकार गंभीर ख़तरे में हैं.

    कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, "संविधान की छठी अनुसूची के तहत सुरक्षा और निर्वाचित विधायिका की उनकी जायज़ मांगों पर सिर्फ़ बैठकें होती रही हैं, कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ."

    उन्होंने कहा, "लाइन ऑफ़ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन की ओर से यथास्थिति का एकतरफ़ा उल्लंघन और प्रधानमंत्री द्वारा 19 जून 2020 को चीन को दी गई क्लीन चिट ने भारी अनिश्चितता पैदा कर दी है."

    कांग्रेस नेता ने साथ ही कहा है कि लद्दाख के लोगों की वैध आकांक्षाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए ठोस और वास्तविक प्रयास होने चाहिए.

    केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) लद्दाख की राजधानी लेह में युवाओं का विरोध प्रदर्शन बुधवार को हिंसक हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत हुई है और कम से कम 50 लोग ज़ख़्मी हुए हैं.

    प्रदर्शनकारी लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और छठे शेड्यूल के प्रोटेक्शन की मांग कर रहे हैं.

    इस आंदोलन का नेतृत्व लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस कर रहे हैं.

    कारगिल मुस्लिम बहुल इलाक़ा है और लेह बौद्ध बहुल. संविधान के छठे शेड्यूल का प्रोटेक्शन जनजातियों के अधिकारों, उनकी पहचान और हितों को सुनिश्चित करने के लिए है.

  17. ट्रंप ने कहा: नेतन्याहू को वेस्ट बैंक पर क़ब्ज़ा नहीं करने देंगे

    राष्ट्रपति ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, संयुक्त राष्ट्र महासभा में पीएम नेतन्याहू के संबोधन से पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बात कही है

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू को वेस्ट बैंक पर क़ब्ज़ा नहीं करने देंगे.

    इसराइली प्रधानमंत्री शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन करने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ट्रंप ने ओवल ऑफ़िस में पत्रकारों से कहा, "मैं इसराइल को वेस्ट बैंक को क़ब्ज़ा करने की अनुमति नहीं दूंगा. यह नहीं होने वाला है."

    राष्ट्रपति ट्रंप सोमवार को पीएम नेतन्याहू से मुलाक़ात करने वाले हैं. मुलाक़ात से पहले उन्होंने कहा है कि ग़ज़ा समझौता 'काफ़ी क़रीब' है.

    इसराइल पर ग़ज़ा में युद्ध और वेस्ट बैंक पर क़ब्ज़ा ख़त्म करने के लिए अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है.

    कई पश्चिमी देश औपचारिक रूप से फ़लस्तीन को एक देश के तौर पर मान्यता दे रहे हैं.

  18. अमेरिका: एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख जेम्स कॉमी पर झूठे बयान देने और न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप

    पूर्व एफ़बीआई प्रमुख जेम्स कॉमी

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    इमेज कैप्शन, एफ़बीआई के पूर्व प्रमुख जेम्स कॉमी

    फेडरल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (एफ़बीआई) के पूर्व प्रमुख जेम्स कॉमी पर संवेदनशील जानकारी को सार्वजनिक करने का आरोप लगाया गया है. यह जानकारी अमेरिकी न्याय विभाग ने दी है.

    जेम्स कॉमी पर एक मामले में झूठे बयान देने और दूसरे मामले में न्याय प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप है.

    अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बॉंडी ने अभियोग की घोषणा के बाद कहा, "कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं है."

    इस हफ़्ते की शुरुआत में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि कॉमी और कई अन्य राजनीतिक विरोधी 'दोषी' हैं और 'न्याय होना चाहिए'.

    अपने ऊपर लगे आरोप को लेकर कॉमी ने एक वीडियो बयान में कहा कि वह निर्दोष हैं.

    कॉमी को ट्रंप ने 2017 में अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान हटा दिया था, और उसके बाद दोनों के बीच सार्वजनिक स्तर पर कई बार तकरार देखी गई हैं.

  19. व्हाइट हाउस पहुँचे शहबाज़ शरीफ़ और आसिम मुनीर, ट्रंप बोले- फील्ड मार्शल बहुत शानदार इंसान

    पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और राष्ट्रपति ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में भाग लेने के लिए अमेरिका में हैं

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और पाकिस्तानी सेना के प्रमुख फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर से व्हाइट हाउस में मुलाक़ात की है.

    ओवल ऑफ़िस में हुई इस बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हुए.

    इससे पहले न्यूज़ एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान ने बताया था कि अपने कार्यालय में कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर समारोह के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही ओवल ऑफिस में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनिर से मिलने वाले हैं.

    एजेंसी के मुताबिक़, उन्होंने कहा, "वास्तव में, हमारे पास एक महान नेता आ रहे हैं. हमारे पास पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और फील्ड मार्शल आ रहे हैं. फील्ड मार्शल बहुत शानदार इंसान हैं और प्रधानमंत्री भी."

    पीएम शहबाज़, न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र की बहस में पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.

    इससे पहले पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय का कहना था कि महासभा में पीएम शहबाज़ शरीफ़ इसराइल-ग़ज़ा संघर्ष को सुलझाने की ज़रूरत पर ज़ोर देंगे.

  20. जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने ग़ज़ा और यूक्रेन पर क्या कहा?

    विदेश मंत्री एस जयशंकर

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    इमेज कैप्शन, विदेश मंत्री का कहना है कि विकास को ख़तरा पहुंचाने से शांति संभव नहीं हो सकती

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में कहा कि 'आतंकवाद विकास' के लिए एक 'लगातार बना रहने वाला ख़तरा' है.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि दुनिया को 'आतंकवादी' गतिविधियों के प्रति न तो सहनशीलता दिखानी चाहिए और न ही उन्हें जगह देनी चाहिए.

    जयशंकर ने कहा कि जिस तरह दुनिया संघर्षों, आर्थिक दबावों और आतंकवाद का सामना कर रही है, उसमें बहुपक्षवाद और संयुक्त राष्ट्र की सीमाएं साफ़ दिखती हैं.

    उन्होंने कहा, "बहुपक्षवाद में सुधार करने की ज़रूरत पहले कभी इतनी ज़्यादा नहीं थी. आज, अंतरराष्ट्रीय स्थिति राजनीतिक और आर्थिक दोनों तरह से अस्थिर है."

    विदेश मंत्री ने यूक्रेन और ग़ज़ा में जारी संघर्षों का ज़िक्र करते हुए कहा कि इनसे खासतौर पर ग्लोबल साउथ पर ऊर्जा, खाद्य और फर्टिलाइज़र सुरक्षा के मामले में गंभीर असर पड़ा है.

    जयशंकर ने इस बात पर ज़ोर दिया कि शांति विकास को संभव बनाती है, लेकिन विकास को ख़तरा पहुंचाने से शांति संभव नहीं हो सकती.

    उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में कुछ ऐसे देश होंगे जिनमें दोनों पक्षों से संवाद करने की क्षमता होगी. ऐसे देशों का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से शांति स्थापित करने और उसे बनाए रखने के लिए किया जा सकता है.