अमेरिका: विश्वविद्यालय परिसरों में ग़ज़ा पर इसराइली हमलों का विरोध जारी

देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राएं क्लास-रूम से निकल कर ग़ज़ा में इसराइल के सैन्य अभियान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं.

सारांश

  • पश्चिम बंगाल: हाई कोर्ट के आदेश से जिनकी नौकरी गई, उनको अप्रैल का वेतन देगी ममता सरकार,
  • पटना के होटल में लगी आग, तीन महिलाओं समेत छह लोगों की मौत
  • भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अमेरिकी रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने बताया पक्षपातपूर्ण
  • हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को झामुमो ने विधानसभा उपचुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार
  • मीटू मामले में दोषी हॉलीवुड निर्देशक हार्वी वाइनस्टीन के ख़िलाफ़ अदालत ने पलटा फैसला

लाइव कवरेज

  1. अमेरिका: विश्वविद्यालय परिसरों में ग़ज़ा पर इसराइली हमलों का विरोध जारी

    इसराइल

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    अमेरिका के विश्वविद्यालय परिसरों में ग़ज़ा में इसराइल के हमले के ख़िलाफ़ विरोध करने वाले सैकड़ों और छात्र-छात्राओं को गिरफ़्तार किया गया है.

    देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्र-छात्राएं क्लास-रूम से निकल कर ग़ज़ा में इसराइल के सैन्य अभियान के ख़िलाफ़ प्रदर्शन कर रहे हैं. जगह-जगह वो धरने पर भी बैठ रहे हैं.

    अमेरिका में बीबीसी के सहयोगी न्यूज़ चैनल 'सीबीएस' ने बोस्टन पुलिस के हवाले से बताया है कि कल रात से इमर्सन कॉलेज में 108 स्टूडेंट्स को गिरफ़्तार किया गया है. इससे पहले लॉस एजिंलिस में यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया में 93 लोगों को हिरासत में लिया गया था.

    ऑस्टिन में टेक्सास के नजदीक पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प भी हुई. इस दौरान 34 लोगों को गिरफ़्तार किया गया. कोलंबिया, येल और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी में भी ग़ज़ा मे इसराइली कार्रवाई का विरोध कर रहे लोगों को गिरफ़्तार किया गया. इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने इन विरोध प्रदर्शनों पर अपनी नाराजगी जाहिर की है.

  2. मीटू मामले में दोषी हॉलीवुड निर्देशक हार्वी वाइनस्टीन के ख़िलाफ़ अदालत ने पलटा फैसला

    हार्वी वाइनस्टीन

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    इमेज कैप्शन, हार्वी वाइनस्टीन (फाइल फोटो)

    अमेरिका में न्यूयॉर्क की एक अदालत ने 2020 में महिला के साथ बलात्कार के दोषी करार दिए गए हॉलीवुड निर्देशक हार्वी वाइनस्टीन के ख़िलाफ़ फैसले को पलट दिया है.

    अदालत का कहना है हार्वी वाइनस्टीन को सही सुनवाई का मौका नहीं मिला. अदालत ने कहा है कि हार्वी वाइनस्टीन के ख़िलाफ 'मीटू' से जुड़े मामलों में बुलाए गए गवाह रेप से संबंधित मामले से जुड़े नहीं थे.

    अदालत ने कहा कि इसका मतलब ये है कि हार्वी वाइनस्टीन के पिछले व्यवहार के मामले में उन्हें सही सुनवाई का हक नहीं दिया गया. अदालत ने इस मामले में नई सुनवाई का आदेश दिया है.

    हार्वी वाइनस्टीन फिलहाल जेल में हैं. उनके ख़िलाफ़ लॉस एंजिलिस में रेप के मामले में अलग से सुनवाई हुई थी और उन्हें दोषी करार दिया गया था. अदालत गुरुवार को चार के मुकाबले तीन मतों से इस फैसले पर पहुंची.

    इसमें कहा गया कि मुक़दमे में हार्वी वाइनस्टीन पर उन आरोपों के मामले में गवाही स्वीकार कर लिए जो रेप मामले से संबंधित नहीं थे.

  3. आकाश आनंद का मोदी सरकार पर निशाना, कहा- जो रोज़गार नहीं दे रहे हैं, उनको वोट मांगने का कितना अधिकार?

    आकाश आनंद

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट वाराणसी में बहुजन समाज पार्टी के लिए प्रचार करने उतरे पार्टी के नेशनल को-ऑर्डिनेटर आकाश आनंद ने बीजेपी को रोज़गार के सवाल पर घेरा है.

    वाराणसी में गुरुवार को प्रचार के दौरान पत्रकारों से उन्होंने कहा, "जो सरकार रोजगार नहीं दे पा रही है उसे वोट मांगने का कितना अधिकार है?"

    आकाश आनंद से पत्रकारों ने ये सवाल पूछा था कि बीजेपी कह रही है कि उसकी सरकार लोगों को मुफ्त राशन दे रही है. इसलिए लोगों को वोट भी उसे ही देना चाहिए.

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    उन्होंने कहा, "ये तीन मुद्दे हमारे आने वाले भविष्य की रीढ़ की हड्डी है. बाबा साहेब कहते थे कि शिक्षा शेरनी का दूध है."

    वाराणसी में नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ समाजवादी पार्टी ने सुरेंद्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है. अजय राय कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. जबकि बहुजन समाज पार्टी ने अतहर जमाल लारी को उतारा है.

    साल 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने समाजवादी पार्टी की शालिनी यादव और कांग्रेस के अजय राय को बड़े अंतर से हराया था.

  4. बांग्लादेश में गर्मी से जनता बेहाल, स्कूल-कॉलेज बंद होने से 3.3 करोड़ छात्रों पर असर, केली एनजी, बीबीसी न्यूज़

    बांग्लादेश में गर्मी

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    भीषण गर्मी की वजह से बांग्लादेश में स्कूल और कॉलेजों को बंद कर दिया गया है. इस फ़ैसले का असर करीब 3.3 करोड़ छात्रों पर पड़ेगा.

    बांग्लादेश में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है. इसके बाद स्कूल और कॉलेजों को 27 अप्रैल तक बंद रखने का एलान किया गया है.

    ये लगातार दूसरा साल है जब प्रशासन ने अत्यधिक गर्मी की वजह से ऐसा फ़ैसला लिया है.

    बांग्लादेश में सेव द चिल्ड्रन के डायरेक्टर शुमोन सेनगुप्ता ने कहा, "बांग्लादेश में बच्चे दुनिया में सबसे गरीबों में से हैं और गर्मी की वजह से स्कूलों को बंद होना हमारे लिए खतरे की घंटी की तरह है."

    बुधवार को देश के हज़ारों मुसलमानों ने मस्जिदों और मैदानों में इकट्ठे होकर बारिश के लिए प्रार्थना की.

    इस्लामिक धर्मगुरु अबु यूसुफ़ ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा, "बारिश कम होने की वजह से लोगों का जीवन असहनीय हो गया है. लोगों को बहुत कुछ सहना पड़ रहा है."

    बांग्लादेश के मौसम विभाग का मानना है कि ये कम से कम एक सप्ताह ये चिलचिलाती गर्मी का दौर बना रहेगा.

  5. अमेरिका में चीन के एक छात्र को हुई नौ महीने की जेल की सज़ा

    एफ़बीआई को इंटरव्यू देते हुए वू

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    इमेज कैप्शन, एफ़बीआई को इंटरव्यू देते हुए वू

    अमेरिका में एक चीनी छात्र को नौ महीने की जेल की सज़ा हुई है.

    ये कार्रवाई लोकतंत्र के समर्थन में पर्चे दिखाने वाली एक महिला चीनी छात्र का पीछा करने और उन्हें धमकाने के मामले में हुई है.

    महिला ने साल 2022 में बॉस्टन के बर्कलीज़ कॉलेज ऑफ़ म्यूज़िक के दौरान लोकतंत्र समर्थक पर्चे अपने हाथ में उठाए थे, जिनपर लिखा था, "हम आज़ादी चाहते हैं.. हम लोकतंत्र चाहते हैं, हम प्यार करना चाहते हैं और चीन के लोगों के साथ खड़े होना चाहते हैं."

    इसके जवाब में शियाओली वू ने कहा था कि वह "उसका (महिला) हाथ काट कर अलग कर देंगे."

    फ़ेडरल जज ने आदेश दिया कि 26 वर्षीय इस शख्स को सज़ा पूरी करने के बाद वापस चीन भेज दिया जाएगा.

    कोर्ट को बताया गया कि वू जो जैज़ की पढ़ाई कर रहे थे, कई बार पीड़ित महिला से वीचैट, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों और ईमेल के ज़रिए सीधे संपर्क किया था.

    वू ने महिला को कहा था कि उन्होंने चीनी प्रशासन को उनकी गतिविधियों की जानकारी दे दी है और चीन की सुरक्षा एजेंसियां पीड़ित के परिवार का अच्छे से 'सत्कार करेंगी.'

    अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि वू ने पीड़ित महिला का ईमेल पता भी इस उम्मीद के साथ सार्वजनिक कर दिया कि इससे बाकी लोग भी उन्हें बुरा-भला कहेंगे.

    वू पर दिसंबर 2022 में आरोप तय किए गए थे.

  6. भारत में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर अमेरिकी रिपोर्ट को विदेश मंत्रालय ने बताया पक्षपातपूर्ण

    रणधीर जायसवाल

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    इमेज कैप्शन, भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल

    भारत ने गुरुवार को कहा है कि वो अमेरिकी विदेश विभाग उस रिपोर्ट को ख़ारिज करता है जिसमें कहा गया था कि मणिपुर में हुई हिंसा के दौरान मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ था.

    भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दिल्ली में पत्रकारों को बताया, "ये रिपोर्ट पूरी तरह से पक्षपातपूर्ण है और भारत की स्थिति को ठीक से नहीं समझती. हम इसे कोई अहमियत नहीं देते हैं और आपसे भी गुज़ारिश करते हैं कि आप भी यही करें."

    बीते दिनों अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने अलग-अलग देशों में मानवाधिकारों से जुड़े क़ानूनों के पालन की स्थिति को लेकर एक रिपोर्ट जारी की थी.

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    रिपोर्ट में भारत से जुड़े कई मामलों की ज़िक्र भी विस्तार से किया गया है. साथ ही ये भी कहा गया है कि भारत में तानाशाही बढ़ी है.

    रिपोर्ट के अनुसार, "इस बीच चीनी सरकार के दमनकारी लक्ष्यों को लेकर परेशानी बढ़ी है और ऑस्ट्रेलिया, जापान, कनाडा, ब्रिटेन, यूरोपीय संघ और अमेरिका ने भारत के साथ व्यापार और सुरक्षा संबंध बढ़ाए हैं जो दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र है."

    रिपोर्ट में लिखा है, "लेकिन भारत में मोदी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार ने चीन की सरकार के कई ऐसे दमनकारी तौर-तरीकों को अपनाया है. इनमें धार्मिक अल्पसंख्यकों के साथ सुनियोजित तरीके से भेदभाव करना, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों का गला घोंटना और अभिव्यक्ति की आज़ादी को ख़त्म करने और सत्ता पर अपनी पकड़ बढ़ाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल शामिल है."

  7. हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन चुनावी मैदान में उतरेंगीं, झामुमो ने विधानसभा उपचुनाव के लिए बनाया उम्मीदवार

    कल्पना सोरेन

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    इमेज कैप्शन, कल्पना सोरेन (फाइल फोटो)

    झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन अब चुनावी राजनीति में उतरेंगी. झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उन्हें गांडेय विधानसभा सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया है.

    जेएमएम विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे की वजह से ये सीट खाली हुई थी. यहां 20 मई को वोटिंग होगी. इसके साथ ही पार्टी ने जमशेदपुर लोकसभा सीट से समीर मोहन्ती को भी अपना उम्मीदवार घोषित किया है.

    गांडेय विधानसभा सीट गिरिडीह जिले में आती है. पिछले दिनों कल्पना सोरेन ने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन को संबोधित किया था. इसके बाद से ही ये कयास लगाए जाने लगे थे कि उन्हें यहां से पार्टी का टिकट मिल सकता है.

    झारखंड मुक्ति मोर्चा

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    एक कथित जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉड्रिंग में हेमंत सोरेन की गिरफ्तारी से पहले ही यह कहा जा रहा था कि कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है.

    लेकिन आखिरी वक़्त में पार्टी के वरिष्ठ नेता चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया.

    हेमंत सोरेन की गिरफ़्तारी के बाद कल्पना सोरेन ने इंडिया गठबंधन की रैलियों में भी हिस्सा लिया था.

    उनका कहना है कि उनके पति को साजिश के तहत गिरफ़्तार किया गया है. .

  8. पश्चिम बंगाल: हाई कोर्ट के आदेश से जिनकी नौकरी गई, उनको अप्रैल का वेतन देगी ममता सरकार, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से

    पश्चिम बंगाल

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    पश्चिम बंगाल सरकार उन करीब 26 हजार शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को अप्रैल के वेतन का भुगतान करेगी जिनकी नौकरियां कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले से छिन गई हैं.

    शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि श्रम कानून के तहत यह फैसला किया गया है. उस अधिकारी का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट में यह मामले विचाराधीन रहने तक उन लोगों का वेतन बंद नहीं किया जाएगा.

    राज्य सरकार के अलावा स्कूल सेवा आयोग और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं.

    शिक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि जिन 25,753 लोगों की नौकरियां गई हैं उन्होंने अप्रैल महीने में काम किया है. श्रम कानून के मुताबिक काम के एवज में पारिश्रमिक का भुगतान करना अनिवार्य है.

    सरकार ने इसी कानून के तहत उनको अप्रैल के वेतन का भुगतान करने का फैसला किया है. ध्यान रहे कि कलकत्ता हाई कोर्ट ने सोमवार को वर्ष 2016 की पूरी भर्ती प्रक्रिया को रद्द करते हुए 25,753 शिक्षकों और गैर शिक्षण कर्मचारियों को नौकरी से हटाने का निर्देश दिया था.

    कोलकाता

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    इमेज कैप्शन, कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले के बाद धरने पर बैठे प्रभावित शिक्षक

    अदालत ने स्कूल सेवा आयोग को लोकसभा चुनाव खत्म होने के 15 दिनों के भीतर नए सिरे से इन खाली पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने को भी कहा है.

    इनमें से जिन लोगों ने पैनल की मियाद खत्म होने के बाद या परीक्षा में कोरी उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर नौकरी हासिल की है उनको चार सप्ताह के भीतर 12 फीसदी सालाना सूद के साथ वेतन लौटने का भी आदेश दिया गया है.

    हाई कोर्ट ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच जारी रखेगी और वह अतिरिक्त पदों के सृजन में शामिल लोगों से भी पूछताछ कर सकती है.

    राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में दलील दी है कि करीब पांच हजार लोगों पर घोटाले का आरोप है. लेकिन उसकी सजा बाकी 20 हजार लोगों को क्यों दी जानी चाहिए? पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को रद्द करना कहां तक उचित है?

    मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इसके लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराते हुए पीड़ितों के साथ खड़े होने का एलान किया है.

  9. नेताओं के परिवार वालों को टिकट देने के सवाल पर क्या बोलीं मीसा भारती

    मीसा भारती

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    इमेज कैप्शन, मीसा भारती (फाइल फोटो)

    राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू यादव और सांसद मीसा भारती ने लोकसभा चुनाव में टिकट बांटने में पार्टी की ओर से परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोपों का जवाब दिया है.

    मीसा भारती पाटलिपुत्र सीट से राष्ट्रीय जनता दल की उम्मीदवार हैं.

    पत्रकारों की ओर से टिकट देने में परिवार वालों को तवज्जो दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा, "इंडिया गठबंधन का हर कैंडिडेट किसी नेता के परिवार का सदस्य नहीं है. क्या बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) ने पार्टी नेताओं के परिवार वालों को टिकट नहीं दिया है."

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    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो मौका मिला. लेकिन उन्होंने बेरोज़गारी के सवाल पर कुछ नहीं कहा. उन्होंने वादा किया था किसानों की आय दोगुना कर देंगे. लेकिन कुछ नहीं हुआ. उन्होंने बिहार में फैक्ट्री खुलवाने का वादा किया था लेकिन यहां से पलायन अब भी जारी है. हम लोगों तक इन मुद्दों को लेकर जा रहे हैं. दूसरे चरण के चुनाव नतीजों में इसका असर दिखेगा. इस दौर के चुनाव में महागठबंधन को बड़ी जीत मिलेगी.''

  10. पटना के होटल में लगी आग, तीन महिलाओं समेत छह लोगों की मौत

    पटना

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    बिहार में पटना के गोलबंर कोतवाली पुलिस थाने इलाके के एक होटल में लगी आग में छह लोगों की मौत हो गई है.

    इनमें से तीन महिलाएं हैं. दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं. पटना सिटी के पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर ने इसकी पुष्टि करते हुए समाजार एजेंसी पीटीआई को बताया कि आग बुझाने के लिए दमकल गाड़ियां पहुंच गई हैं.

    बारह लोगों को बचा कर पटना मेडिकल कॉलज अस्पताल पहुंचाया गया है. उनमें से कुछ का इलाज चल रहा है.

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    बिहार में फायर डिपार्टमेंट की डीजी शोभा अहोतकर ने बताया कि पहली नज़र में ये हादसा गैस सिलेंडर फटने का नतीजा लगता है.

    उन्होंने कहा उनका विभाग लगातार ऐसे इलाकों में फायर ऑडिट कर रहे हैं. हम लोगों को ऐसे हादसों से बचाने के लिए लगातार जनजागरूकता अभियान भी चला रहे हैं.

  11. आगरा रैली में बोले पीएम मोदी- 'शहजादे की एक्सरे मशीन....'

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगरा में बीजेपी की एक रैली में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है.

    प्रधानमंत्री ने रैली में आए लोगों से कहा, "अगर कांग्रेस और सामाजवादी पार्टी की इंडी गठबंधन की सरकार आएगी तो आपकी संपत्तियों की जांच होगी. अब कांग्रेस के शहजादे की एक्सरे मशीन बहनों-बेटियों की अलमारियों में पहुंचेगी. अगर किसी गरीब मां ने अपनी बेटी के लिए ज्वार बाजरे के डिब्बे में रखा होगा तो वहां भी उनकी एक्सरे मशीन पहुंचेगी. थोड़ा बहुत जेवर गहना जो रखा होगा वो सपा-कांग्रेस की सरकार आई तो उस पर डाका डालेगी."

    उन्होंने कहा, "ये मैं नहीं कह रहा. उनके दिग्गज कर रहे हैं. शहजादे कह रहे हैं. माताएं-बहनें बताएं कि आपके पास जो स्त्री धन है, मंगलसूत्र है वो आप किसी को लेनी देंगी. सिर कटवा देगी लेकिन ये किसी को नहीं लेने देंगी. ये इनको मालूम नहीं है."

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    उन्होंने विरासत टैक्स से जुड़े कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा के बयान पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा, "अब कांग्रेस-सपा वाले इंडी गठबंधन का कहना है कि वो आपकी विरासत को भी लूटेंगे. यानी आपके दादा-दादी, माता-पिता ने मेहनत कर जो बचा कर रखा है. वो आपके परिवार के लोगों वालों को मिलने से 55 फीसदी आधे से ज्यादा पर कब्जा कर लेंगे."

    उन्होंने कहा, "क्या आपके माता-पिता की मेहनत को लूटने देंगे. आज जो संपत्ति आप आने वाली पीढ़ियों के लिए जोड़ रहे हैं. उसमें से भी आधे से ज्यादा टैक्स लगा कर ये लोग लूटना चाहते हैं. आपने चार कमरों का जो मकान बनाया है उसमें दो कमरे आपके बच्चे को मिलेंगे. दो कमरे कांग्रेस-सपा की जो सरकार बनेगी वो ले लेगी."

  12. चुनाव आयोग ने आदर्श आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत को लेकर बीजेपी और कांग्रेस अध्यक्ष को भेजा नोटिस

    चुनाव आयोग

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    केंद्रीय चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन का संज्ञान लेते हुए बीजेपी और कांग्रेस के अध्यक्षों को नोटिस भेजा है.

    कांग्रेस और बीजेपी दोनों की ओर से एक-दूसरे के नेताओं पर चुनावी प्रचार के दौरान नफ़रत फैलाने, धर्म, जाति, समुदाय और भाषा के आधार पर बांटने का आरोप लगाया गया है.

    दोनों पार्टियों की ओर से इस बारे में चुनाव आयोग से शिकायत की गई थी.

    इसके बाद चुनाव आयोग ने कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और बीजेपी अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को नोटिस भेजा है और 29 अप्रैल तक जवाब मांगा है.

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    चुनाव आयोग ने इस नोटिस में कहा है कि राष्ट्रीय पार्टी होने के नाते ये उम्मीद की जाती है कि इनके नेता चुनावी प्रचार के दौरान आदर्श आचार संहिता के पालन को लेकर उच्च मानक बनाएं.

    "हालांकि, आयोग को ये जानकारी मिली है कि आपके कुछ स्टार कैंपेनरों ने भाषणों से आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है. आयोग के आगे ये बात भी सामने आई है कि स्टार कैंपेनर अपने भाषणों के लिए ज़िम्मेदार हैं."

  13. अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से नामांकन दाख़िल किया

    अखिलेश यादव

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    समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से गुरुवार को नामांकन दाख़िल कर दिया.

    इस सीट से पहले समाजवादी पार्टी की ओर से तेज प्रताप यादव के नाम की घोषणा की थी लेकिन अब अखिलेश यादव यहां से चुनावी मैदान में हैं.

    नामांकन दाख़िल करने के बाद अखिलेश यादव ने पत्रकारों से कहा कि ‘कन्नौज के ज़िम्मेदार कार्यकर्ता और लोगों की भावना ये थी कि समाजवादी पार्टी की तरफ़ से मुझे चुनाव लड़ाया जाए. मैं जनता का आभार व्यक्त करता हूं जो उन्होंने कहा कि मुझे कन्नौज से एक बार फिर चुनाव लड़ना चाहिए.’

    “मुझे उम्मीद है जनता का आशीर्वाद मुझे मिलेगा. मैं जब राजनीति में पहली बार आया था तब नेताजी ने मुझे यहां पहली बार चुनाव लड़ाने का फ़ैसला लिया था. आज फिर मैं कन्नौज की जनता के बीच में जा रहा हूं. उस समय भी जनता ने मुझे आशीर्वाद दिया था और उम्मीद है कि एक बार फिर मुझे आशीर्वाद देगी.”

    “मैं कन्नौज के विकास के लिए काम करूंगा. इसकी पहचान और बड़ी बन जाए उसके लिए काम करूंगा. यहां पर दुनिया की बेहतरीन सड़क समाजवादियों ने दी.”

  14. बीजेपी ने कैसरगंज सीट पर क्यों नहीं किया उम्मीदवार का एलान, बृजभूषण शरण सिंह ने दिया ये जवाब

    बृजभूषण शरण सिंह

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    कैसरगंज से बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की ओर से अभी तक उम्मीदवार का एलान न किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा है कि कैसरगंज में भारतीय जनता पार्टी की किसी से लड़ाई नहीं है.

    उन्होंने कहा, "अभी हम प्रत्याशी तो हैं नहीं लेकिन कैसरगंज लोकसभा के अंदर भारतीय जनता पार्टी की किसी से लड़ाई नहीं है. दो लाख 87 हज़ार के अंतर से पिछली बार जीते थे, इस बार कार्यकर्ताओं ने नारा दिया है पाँच लाख का."

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    ये पूछे जाने पर कि क्या इस बार भी पार्टी उन्हें ही उम्मीदवार बनाएगी, उन्होंने कहा "अब अगर ईश्वर ने तय कर रखा है कुछ तो क्या कर सकते हैं लेकिन हम प्रबल दावेदार हैं. हम तो 99.9 फ़ीसदी लड़ेंगे, 0.1 फ़ीसदी बाकी रहेगा."

    टिकट फ़ाइनल करने में देरी की वजह पर उन्होंने कहा, "विपक्ष ने अभी तक उम्मीदवार का एलान नहीं किया है इसलिए बीजेपी ने भी नहीं किया है. भारतीय जनता पार्टी को लगता है कि कैसरगंज बीजेपी की सीट है. यहां एक घंटा पहले भी प्रत्याशी घोषित करेंगे तो कैसरगंज मोदी जी को वोट करेगा."

    उन्होंने कहा कि 'पार्टी ने अभी तक उनका टिकट नहीं काटा है. कैसरगंज के लिए मोदी जी को विचार करने की आवश्यकता नहीं है.'

    बृजभूषण शरण सिंह बीते साल उस समय चर्चा में आए थे जब देश की कई जानी-मानी महिला पहलवानों ने उन पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ़्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में लंबे समय तक धरना-प्रदर्शन किया था.

    बृजभूषण सिंह भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष थे लेकिन बाद में उन्हें ये पद छोड़ना पड़ा था. उनकी लोकसभा सीट पर बीजेपी ने उम्मीदवार का एलान नहीं किया है, जिससे उनके टिकट कटने की अटकलें तेज़ हो गई हैं.

  15. ईरान के रैपर को सुनाई गई सज़ा-ए-मौत, क्या है वजह?

    तूमज सालेही

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    ईरान के एक रैपर को सरकार विरोधी प्रदर्शन का समर्थन करने के लिए मौत की सज़ा सुनाई गई है. उनके वकील ने इसकी पुष्टि की है.

    साल 2022 में पुलिस की हिरासत में महसा अमीनी की मौत के बाद शुरू हुए विरोध प्रदर्शन को तूमज सालेही ने अपने गानों के ज़रिए समर्थन दिया था.

    सालेही के वकीलों में से एक आमिर रईसियन ने कहा कि उनके मुवक्किल इस सज़ा के ख़िलाफ़ अपील करेंगे.

    ईरानी प्रशासन ने अभी तक इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है.

    सालेही को पहली दफ़ा अक्टूबर 2022 में गिरफ़्तार किया गया था. उस समय सालेही ने प्रदर्शनों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से बयान दिया था. उन पर कई आरोप लगे थे.

    जुलाई 2023 में उन्हें छह साल और तीन महीने की जेल की सज़ा सुनाई गई थी.

    उनके वकील ने बताया कि लेकिन इसी साल जनवरी में इस्फ़हान की रिवॉल्यूशनरी कोर्ट ने सालेही पर नए आरोप तय किए.

    सालेही को अदालत ने भ्रष्टाचार, सरकार के ख़िलाफ़ प्रोपेगेंडा फैलाने और दंगे भड़काने सहित कई आरोपों का दोषी पाया. अब उनके पास इस मौत की सज़ा के ख़िलाफ़ अपील दायर करने के लिए 20 दिन हैं.

  16. बिहार में जेडीयू के नेता की गोली मारकर हत्या, पुलिस ने क्या बताया

    एसडीपीओ कन्हैया सिंह

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    बिहार की सत्तारुढ़ पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) के एक नेता सौरभ कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार सौरभ कुमार बुधवार देर रात एक शादी से लौट रहे थे जब पटना के पास पुनपुन इलाके में अज्ञात लोगों ने उन पर गोली चलाई.

    सब डिविज़नल पुलिस ऑफ़िसर (एसडीपीओ) कन्हैया सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, "सौरभ कुमार अपने दोस्तों के साथ एक रिसेप्शन फंक्शन में गए थे. वहां से लौटने के दौरान रात करीब सवा 12 बजे उन्हें मोटरसाइकिल सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी. उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन उनकी मृत्यु हो चुकी थी. उनके साथ मुनमुन कुमार भी घायल हुए हैं, जिन्हें कंकड़बाग अस्पताल ले जाया गया."

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    इस पूरे मामले को दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय बताते हुए जेडीयू नेता अभिषेक झा ने कहा, "गहन तफ़्तीश हो रही है. एक बात तय है कि इस हत्या के पीछे कोई भी हो कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी. उनकी जगह सलाखों के पीछे रहेगी. नीतीश कुमार के शासन में कोई ये सोचेगा कि इस तरह की घटना को अंजाम देकर बच जाए, तो वो संभव नहीं है."

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    बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता की हत्या निंदनीय है. अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, "सरकार को चाहिए कि तुरंत इस पर कार्रवाई करे, सच तक पहुंचे और जो भी दोषी हो उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिले."

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  17. मलाला यूसुफ़ज़ई को ग़ज़ा के लोगों के लिए अपने समर्थन पर क्यों देनी पड़ी सफ़ाई?

    मलाला यूसुफ़ज़ई

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    एक म्यूज़िकल थिएटर प्रोग्राम के लिए हिलेरी क्लिंटन के साथ साझेदारी पर घिरीं नोबेल विजेता मलाला यूसुफ़ज़ई ने इसराइल की निंदा करते हुए ग़ज़ा के प्रति अपने समर्थन को दोहराया है.

    दरअसल, अमेरिका की पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ एक इवेंट में हिस्सा लेने के लिए मलाला यूसुफ़ज़ई की उनके देश पाकिस्तान में ख़ूब आलोचना हो रही थी. हिलेरी क्लिंटन हमास के ख़िलाफ़ इसराइल की जंग की खुली समर्थक रही हैं.

    इस म्यूज़िकल कार्यक्रम का शीर्षक 'सफ़्स' था, जिसमें अमेरिकी महिलाओं द्वारा 20वीं सदी में मताधिकार के लिए चलाए गए उनके आंदोलन को दिखाया गया है. बीते सप्ताह से ये अमेरिका के न्यूयॉर्क में दिखाया जा रहा है.

    आलोचना के बाद मलाला यूसुफ़ज़ई ने एक्स पर एक बयान जारी किया.

    उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि ग़ज़ा के लोगों के प्रति मेरे समर्थन के बारे में कोई भ्रम न रहे. ये समझने के लिए कि संघर्षविराम तत्काल ज़रूरी है हमें और शव, बमबारी की ज़द में आए स्कूल और भूख से तड़पते बच्चों को नहीं देखना."

    उन्होंने कहा, "मैं अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन करने और युद्ध अपराधों के लिए इसराइली सरकार की निंदा करती हूं और करती रहूंगी."

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    पाकिस्तान की जानी-मानी पत्रकार मेहर तरार ने एक्स पर लिखा, "हिलेरी क्लिंटन- जो फ़लस्तीनियों के नरसंहार को समर्थन देती रही हैं- के साथ मिलकर यूसुफ़ज़ई का थिएटर करना, एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के तौर पर उनकी विश्वसनीयता के लिए बड़ा धक्का है. मैं इसे बेहद दुःखद मानती हूं."

    वहीं पाकिस्तानी लेखक निदा किरमानी ने कहा कि क्लिंटन के साथ साझेदारी करने का यूसुफ़ज़ई का फ़ैसला न सिर्फ़ दिमाग खराब करने वाला है बल्कि इससे दिल भी टूटा है. उन्होंने इसे बेहद निराशाजनक बताया.

  18. अमेरिका में बैन के ख़तरे को लेकर टिकटॉक ने दी ये प्रतिक्रिया, यूज़र्स से भी की अपील

    टिकटॉक

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    टिकटॉक ने कहा है कि वह उस 'असंवैधानिक' क़ानून को अदालत में चुनौती देगा, जिसके परिणामस्वरूप उसे अमेरिका में प्रतिबंधित किया जा सकता है.

    राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक विधेयक पर हस्ताक्षर किए हैं, टिकटॉक के मालिकाना हक वाली चीनी कंपनी बाइट डांस को नौ महीने का समय दिया गया है ताकि वह या तो इस ऐप से निवेश वापस ले ले या अमेरिका में प्रतिबंध झेले.

    ये क़ानून उन चिंताओं के कारण लाया गया है कि शायद टिकटॉक यूज़र डेटा को चीन की सरकार के साथ साझा कर रहा है. हालांकि, चीनी कंपनी ने इस दावे को हमेशा ख़ारिज किया है.

    टिकटॉक के बॉस शू ज़ी चू ने कहा, "हमें पूरा यकीन है और हम अदालत में अपने हक़ की लड़ाई लड़ते रहेंगे."

    उन्होंने कहा, "तथ्य और संविधान हमारे पक्ष में हैं...बाकी आप आश्वस्त रहें कि हम कहीं नहीं जा रहे."

    टिकटॉक पर जारी एक वीडियो में वह इस विधेयक पर जमकर बरसे और लोगों से अपनी कहानियां शेयर करने को कहा कि कैसे टिकटॉक ने उनके जीवन को सुधारा है.

    उन्होंने कहा, "कोई गलती न करें, ये बैन है- टिकटॉक पर बैन और आप पर पाबंदी, आपकी आवाज़ पर पाबंदी."

    एक अलग बयान में टिकटॉक ने कहा है, "सच ये है कि हमने अमेरिका के डेटा को सुरक्षित रखने के लिए अरबों डॉलर निवेश किए हैं और हमारा प्लेटफॉर्म किसी भी तरह के दबाव से मुक्त है."

  19. स्पेन के प्रधानमंत्री ने पत्नी के ख़िलाफ़ जांच शुरू होने के बाद सार्वजनिक काम रोका

    स्पेन के पीएम अपनी पत्नी के साथ

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    स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने एक अदालत की ओर से उनकी पत्नी के ख़िलाफ़ प्रारंभिक जाँच शुरू करने के बाद अपनी पब्लिक ड्यूटीज़ को फिलहाल रोक दिया है. इस दौरान वह ये विचार करेंगे कि उन्हें पद पर बने रहना चाहिए या रुक जाना चाहिए.

    पीएम पेद्रो सांचेज़ ने एक बयान में कहा कि उन्हें जल्द से जल्द ये फ़ैसला करने की ज़रूरत है कि "क्या मुझे सरकार का नेतृत्व करना जारी रखना चाहिए ये सम्मानित पद छोड़ देना चाहिए."

    अदालत ने कहा कि वह बेगोना गोमेज़ के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई कर रही है.

    पीएम सांचेज़ ने कहा कि उनकी पत्नी न्यायालय में अपने सम्मान और काम का बचाव करेंगी.

    बेगोना गोमेज़ के ख़िलाफ़ शिकायत भ्रष्टाचार विरोधी कैंपेनर मानोस लिम्पियास ने की थी, जिन्होंने हालिया सालों में कई हाई प्रोफ़ाइल अदालती मुक़दमों में हिस्सा लिया है.

    स्पेन के प्रधानमंत्री ने कहा है कि वह अपने भविष्य को लेकर किया गया निर्णय 29 मई को मीडिया के सामने रखेंगे.

    एक्स पर लिखे एक लंबे बयान में सांचेज़ ने शिकायत की कि उन्हें और उनकी पत्नी को राजनीतिक और निजी तौर पर कमज़ोर करने के इरादे से महीनों से "उत्पीड़न की रणनीति" अपनाई जा रही है.

    अदालत ने बेगोना गोमेज़ पर लगे आरोपों की विस्तृत जानकारी नहीं दी है.

  20. अमेरिका ने गुप्त रूप से यूक्रेन की मदद के लिए दी लंबी दूरी वाली मिसाइलें, कैथरीन आर्मस्ट्रॉन्ग, बीबीसी न्यूज़

    अमेरिका ने यूक्रेन को दी लंबी दूरी वाली मिसाइलें

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    रूसी सुरक्षाबलों का सामना करने के लिए यूक्रेन ने अमेरिका की ओर से गुप्त रूप से दी गई लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. अमेरिकी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है.

    ये हथियार अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन की ओर से बीती मार्च में यूक्रेन को दी गई 30 करोड़ डॉलर की मदद का हिस्सा हैं और इस महीने यूक्रेन पहुंचना शुरू हुए हैं.

    अमेरिकी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार इनका इस्तेमाल रूस के कब्ज़े वाले क्राइमिया में उसके ठिकानों पर एक बार हमला करने के लिए किया जा चुका है.

    बाइडन ने अब यूक्रेन को 61 अरब डॉलर की सहायता पैकेज को भी मंज़ूरी दे दी है.

    अमेरिका पहले यूक्रेन को आर्मी टैक्टिकल मिसाइल सिस्टम्स (एटीएसीएमएस) के मध्यम-दूरी वाले हथियार दे चुका है लेकिन वह अभी तक यूक्रेन को कोई बड़ा और शक्तिशाली हथियार देने से बचता रहा था.

    हालांकि, अब ये कहा जा रहा है कि बाइडन ने बीती फ़रवरी में गुप्त रूप से लंबी दूरी वाली मिसाइलें यूक्रेन को देने वाले प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी. ये मिसाइलें 300 किलोमीटर की दूरी तर मार कर सकती हैं.

    अमेरिका के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वेदांत पटेल ने कहा, "मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूं कि अमेरिका ने यूक्रेन को राष्ट्रपति के निर्देशों के तहत लंबी दूरी वाली एटीएसीएमएस मुहैया कराई थी. अमेरिका ने इसकी जानकारी यूक्रेन की निवेदन पर सार्वजनिक नहीं की थी."

    अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कितने हथियार भेजे जा चुके हैं लेकिन अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा कि वॉशिंगटन यूक्रेन को और हथियार भेजने की योजना में है.