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ग़ज़ा में संघर्ष विराम के लिए मिस्र में वार्ता का एक और दौर जारी
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ग़ज़ा से इसराइली बंधकों की रिहाई और युद्ध में संघर्ष विराम के लिए मिस्र में शांति वार्ता का एक और दौर चल रहा है. इस वार्ता में प्रगति के संकेत भी मिले हैं.
हमास के वार्ताकार क़ाहिरा में है जहां मिस्र, अमेरिका और क़तर के मध्यस्थ इसराइल की तरफ़ से दिए गए ताज़ा शांति समझौता प्रस्ताव पर हमास की प्रतिक्रिया का इंतेज़ार कर रहे हैं.
एक फ़लस्तीनी अधिकारी ने कहा है कि समझौता इस बात पर निर्भर करता है कि इसराइल ने क्या ऐसा प्रस्ताव दिया है जिसे हमास स्वीकार कर ले.
अभी ये भी स्पष्ट नहीं है कि क्या हमास अस्थायी के बजाये स्थायी संघर्ष विराम की अपनी मुख्य मांग में बदलाव करता है या नहीं.
वहीं दूसरी तरफ़ इसराइल की सरकार ये कहती रही है कि समझौता होता है या नहीं, वह रफ़ाह पर आक्रमण की अपनी योजना पर आगे बढ़ेगी.
इसराइल ने दक्षिणी ग़ज़ा के रफ़ाह शहर पर हमले की योजना बनाई है. यहां 12 लाख से अधिक ग़ज़ा वासी शरण लिए हुए हैं.
ब्रेकिंग न्यूज़, कर्नाटक: अंतरिम ज़मानत नहीं मिलने के बाद एचडी रेवन्ना को हिरासत में लिया गया, इमरान क़ुरैशी, बीबीसी के लिए, बेंगलुरु से
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इमेज कैप्शन, एक फ़ाइल फोटो में बेटे प्रजव्ल रेवन्ना के साथ एचडी रेवन्ना
कर्नाटक के कथित अश्लील वीडियो मामले में सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पिता एचडी रेवन्ना को एसआईटी ने हिरासत में ले लिया है.
पुलिस के मुताबिक़, एचडी रेवन्ना को पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के निवास से हिरासत में लिया गया है.
अदालत में रेवन्ना की अंतरिम ज़मानत की अर्ज़ी खारिज हो गई थी.
गुरुवार को ही एक पीड़ित महिला के बेटे ने एचडी रेवन्ना और उनके साथियों के ख़िलाफ़ अपहरण का मामला दर्ज करवाया था.
ये महिला उन कई महिलाओं में शामिल हैं जिनका कथित तौर पर रेवन्ना ने यौन उत्पीड़न किया है.
एचडी रेवन्ना पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के बेटे हैं और कर्नाटक सरकार में मंत्री रहे हैं. इस समय वो विधायक हैं.
पुलिस के मुताबिक़ पीड़ित महिला पुलिस को हुनसूर से मिली हैं और पुलिस इस समय उनसे जानकारियां जुटा रही है.
इसी बीच पुलिस ने अपहरण के इस मामले में रेवन्ना के सहयोगी सतीश बाबू उर्फ़ सतीश बाबन्ना को गिरफ़्तार किया. बाबन्ना को चौदह दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
एचडी रेवन्ना के पुत्र और हासन से सांसद प्रज्वल रेवन्ना पर आरोप है कि उन्होंने कई महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और उनके अश्लील वीडियो रिकॉर्ड किए.
पैदावार बढ़ने के बाद भारत ने प्याज़ के निर्यात पर लगी रोक हटाई
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भारत ने प्याज़ के निर्यात पर लगी रोक हटा दी है.
भारत सरकार ने साल 2024 में रबी सत्र के दौरान प्याज़ का उत्पादन बढ़ने के बाद ये निर्णय लिया है.
एक प्रेस वार्ता में उपभोक्ता विभाग की सचिव निधि खरे ने शनिवार को कहा, "आज से प्याज़ के निर्यात पर लगी सभी पाबंदियों को हटा दिया गया है."
उपभोक्ता विभाग की सचिव के मुताबिक़ इस साल रबी सत्र में भारत में प्याज़ का उत्पादन बढ़ा है और ख़रीफ़ सत्र के दौरान भी अधिक पैदावार होने की उम्मीद ज़ाहिर की जा रही है.
सरकारी अनुमानों के मुताबिक़, रबी 2024 के दौरान प्याज़ की पैदावार 191 लाख टन रही है जबकि भारत में प्रति माह औसतन 17 लाख टन प्याज़ की खपत होती है.
सरकार ने दिसंबर 2023 में प्याज़ के निर्यात पर रोक लगा दी थी. निर्यात पर रोक से भारत में प्याज़ के दाम नियंत्रित रहे थे.
कौशाम्बी: जिन छेद्दू चमार के साथ डीएसपी ने की थी बदसलूकी, उनका पर्चा भी हुआ ख़ारिज
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इमेज कैप्शन, छेद्दू चमार डुगडुगी बचाकर अपना चुनाव प्रचार करते हैं. इससे पहले वो कई बार चुनाव लड़ चुके हैं
उत्तर प्रदेश के कौशांबी से निर्दलीय दावेदारी पेश कर रहे उम्मीदवार छेद्दू चमार का नामांकन रद्द हो गया है.
कौशांबी के ज़िलाधिकारी ने बीबीसी से छेद्दू चमार का पर्चा निरस्त होने की पुष्टि की है.
छेद्दू चमार का नामांकन के समय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
इस वीडियो में ज़िले के डिप्टी एसपी उन्हें धकियाते हुए दिख रहे थे.
छेद्दू चमार इससे पहले भी कई बार चुनाव में दावेदारी पेश कर चुके हैं.
पर्चा निरस्त होने के बाद उनका एक और वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है, इस वीडियो में वो छाती पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं.
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अपना नामांकन ख़ारिज होने के बाद उन्होंने कहा है कि उनका पर्चा ज़बरदस्ती ख़ारिज कराया गया है.
इससे पहले कई बार नामांकन करा चुके छेद्दू चमार का कहना है कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया की पूरी तरह जानकारी है और उन्होंने कोई कमी नहीं छोड़ी है.
छेद्दू चमार ने कहा, “मैं ग़रीब आदमी हूं, इसलिए मेरा पर्चा ख़ारिज कर दिया गया है.”
पर्चा ख़ारिज होने के बाद छेद्दू चमार रोते हुए भी नज़र आए. उन्होंने कहा कि वो आगे किसी से शिकायत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें आगे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है.
अरविंदर सिंह लवली कई नेताओं के साथ बीजेपी में शामिल हुए
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हाल ही में दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देने वाले अरविंदर सिंह लवली भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं.
अरविंदर सिंह लवली पूर्व मंत्री राज कुमार चौहान, पूर्व मंत्री नसीब सिंह, नीरज बासोया और अमित सिंह के साथ बीजेपी दफ़्तर पहुंचे और बीजेपी के साथ जुड़ने की घोषणा की.
अरविंदर सिंह लवली दो बार दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष रहे हैं, चार बार विधायक और दस साल तक शीला दीक्षीत की सरकार में मंत्री रहे हैं.
राज कुमार चौहान भी लंबे समय तक मंत्री रहे हैं. नसीब सिंह भी कांग्रेस सरकार में मंत्री रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के अध्यक्ष रहे अमित सिंह भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं. अमित सिंह एनएसयूआई से जुड़े रहे हैं.
अरविंदर सिंह लवली ने हाल ही में कांग्रेस से इस्तीफ़ा दिया था, तब से ही उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाये जा रहे थे.
ग़रीबी का ज़िक्र कर भावुक हुए मोदी, बोले- 'मौज नहीं मिशन के लिए काम कर रहा हूं'
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक और राजनैतिक रैली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को शहज़ादा कहकर तंज़ किया और अपने संघर्ष और ग़रीबी का ज़िक्र किया.
प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा, "आपके आशीर्वाद से 25 साल हो गए. मोदी पर एक पैसे के घोटाले का आरोप नहीं लगा है. मेरे लिए तो मेरी ये मां-बहनें बैठी हैं, उनकी दुआ और आशीर्वाद ही मेरे लिए काफ़ी है, मुझे जीवन में किसी और चीज़ की ज़रूरत नहीं है. मैं आज भी पद-प्रतिष्ठा, सुख-समृद्धि इन सबसे दूर वैसा ही हूं जैसा आपने मुझे यहां भेजा था.
उन्होंने कहा, "मोदी, मौज नहीं मिशन के लिए पैदा हुआ है. जेएमम, कांग्रेस के नेताओं ने भ्रष्टाचार से अपारा धन संपदा खड़ी की है. मेरे पास अपनी साइकिल भी नहीं है, ना मेरा कोई घर है. संपत्ति हो, राजनीति हो, सबकुछ ये अपने-अपने बच्चों के लिए अर्जित कर रहे हैं."
"ये उनके लिए विरासत में ढेर सारी काली कमाई छोड़ कर जाएंगे. लेकिन मोदी को किसके लिए छोड़ना है भाई, ना आगे कुछ है, ना पीछे कुछ है. मेरे वारिस आप सब ही हैं. आपके बच्चे, आपके नाती-पोते यही मेरे वारिस हैं."
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर अपने संघर्षपूर्ण बचपन का ज़िक्र करते हुए कहा, "मेरे जीवन को आप भली भांति जानते हैं, मैं ग़रीबी का जीवन जीकर आया हूं, मैंने ग़रीबी को जिया हो, ग़रीब की ज़िंदगी कितनी तकलीफ़ वाली होती है उससे गुजरते-गुजरते मैं यहां आया हूं. इसलिए दस वर्षों में ग़रीब कल्याण की हर योजना ने मेरे अपने अनुभव से जन्म लिया है."
"मैं आज जब लाभार्थियों से मिलता हूं तो ख़ुशी के मारे मेरी आंख से आंसू निकल आते हैं. ये आंसू वही समझ सकता है, जिसने ग़रीबी देखी हो, जिसने कष्टमय जीवन गुजारा हो, जिसने मां को धुएं में खांसते देखा नहीं, उसको ये आंसू कभी भी समझ नहीं आ सकते हैं. जिसने अपना पेट बांधकर मां को सोते नहीं देखा, जिसने लोटा भर पानी पीकर मां को भूख मिटाते नहीं देखा, जिसने अपनी बीमारी को छिपाते नहीं देखा, शौचालय के अभाव में पीड़ा और अपमान सहती मां को नहीं देखा, वो मोदी के इन आंसुओं का मर्म नहीं समझेगा."
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राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन पर टिप्पणी करते हुए मोदी ने कहा, "ये कांग्रेस के शहज़ादे, मोदी के आंसुओं में अपनी ख़ुशी ढूंढ रहे हैं, कहते हैं मोदी के आंसू अच्छे लगते हैं. ये निराश-हताश लोग अब इतने कुंठित हो गए हैं."
प्रियंका गांधी बोलीं- पीएम मोदी मेरे भाई को 'शहजादा' बोलते हैं, मैं बताना चाहती हूं...
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कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी के राहुल गांधी को 'शहजादा' कहने पर प्रतिक्रिया दी है.
गुजरात में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, "पीएम मोदी मेरे भाई को शहजादा बोलते हैं. मैं बताना चाहती हूं कि मेरे भाई 4,000 किमी. पैदल चले, देश के लोगों से मिले और उनसे पूछा कि आपके जीवन में क्या समस्याएं हैं?''
''एक तरफ शहंशाह नरेंद्र मोदी जी महलों में रहते हैं. वह किसानों, महिलाओं की मजबूरी कैसे समझ पाएंगे?''
प्रियंका गांधी ने कहा, ''नरेंद्र मोदी सत्ता से घिरे हुए हैं. उनके आस-पास के लोग उनसे डरते हैं. उनको कोई कुछ नहीं कहता है. अगर कोई आवाज उठा भी ले, तो उस आवाज को दबा दिया जाता है.''
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस बार अमेठी की बजाय रायबरेली से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
राहुल गांधी को निशाने पर लेते हुए पीएम मोदी ने शुक्रवार को कहा था, ''मैंने पहले ही दावा किया था कि शहजादे हार के डर की वजह से दूसरी सीट खोज रहे हैं.''
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का बीजेपी से सवाल- क्या पीएम मोदी दो सीटों से चुनाव नहीं लड़े?
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इमेज कैप्शन, जयराम रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि क्या पीएम नरेंद्र मोदी ने दो लोकसभा सीटों से चुनाव नहीं लड़ा था?
दरअसल, पीएम मोदी और बीजेपी के नेताओं ने दावा किया है कि हार के डर की वजह से राहुल गांधी दो लोकसभा सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं.
जयराम रमेश ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''इन्होंने गलत भाषा का इस्तेमाल किया है. प्रधानमंत्री ने सोनिया गांधी के बारे में जो कहा वो निंदनीय है.''
''वो कह रहे हैं कि वो (सोनिया गांधी) राज्यसभा चली गईं. क्या अटल बिहारी, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली राज्यसभा नहीं गए थे. जेपी नड्डा हिमाचल के हैं और गुजरात से राज्यसभा गए हैं.''
''अमित शाह दो साल राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं. क्या ये सब भगोड़े हैं. ये गलत भाषा का इस्तेमाल किया गया है.''
जयराम रमेश ने कहा, ''क्या नरेंद्र मोदी दो सीटों से चुनाव नहीं लड़े थे. अटल बिहारी दो सीटों से चुनाव नहीं लड़े थे. सुषमा स्वराज दो सीटों से चुनाव नहीं लड़ी थीं.''
''अमित शाह ने खुद कहा है कि अमेठी और रायबरेली परंपरागत सीट है. तो परंपरागत सीटों से लड़ना वास्तविक है.''
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राहुल गांधी वायनाड के अलावा रायबरेली से भी लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं.
राहुल गांधी ने हालांकि इस बार अमेठी से चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया.
बीजेपी के नेता इसी बात को मुद्दा बनाकर राहुल गांधी पर निशाना साध रहे हैं.
कांग्रेस नेता सुचारिता मोहंती का दावा- उन्होंने पुरी लोकसभा सीट का टिकट लौटाया
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इमेज कैप्शन, सुचरिता मोहंती
कांग्रेस नेता सुचारिता मोहंती ने दावा किया है कि उन्होंने ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से टिकट वापस लौटा दिया है.
समाचार एजेंसी एएनआई से सुचारिता मोहंती ने कहा, ''पार्टी ने मुझे टिकट दिया था. लेकिन मैंने टिकट वापस कर दिया है, क्योंकि पार्टी मुझे फंड मुहैया नहीं करवा पा रही थी.''
''एक और वजह है. मेरे लोकसभा क्षेत्र की कुछ विधानसभा सीटों पर जिताऊ उम्मीदवारों की बजाय कमज़ोर उम्मीदवारों को टिकट दिया गया.''
सुचारिता मोहंती ने कहा, ''मेरे लिए इन दो स्थितियों में प्रचार कर पाना मुश्किल था.''
''अगर पार्टी की तरफ से पॉजिटिव संकेत मिलते तो मैं अपना टिकट वापस नहीं करती. मुझे कहा गया कि मुझे खुद फंड जुटाने होंगे और मुझे फंड नहीं दिया जाएगा.''
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पुरी लोकसभा सीट से बीजेपी के टिकट पर संबित पात्रा चुनाव लड़ रहे हैं.
पुरी लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 6 मई है.
ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट पर छठे चरण में 25 मई को मतदान होना है.
रोहित वेमुला के भाई वेमुला राजा ने कहा- सीएम ने न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया
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इमेज कैप्शन, रोहित वेमुला का पोस्टर
रोहित वेमुला के भाई वेमुला राजा ने कहा है कि सीएम रेवंत रेड्डी ने रोहित वेमुला मामले में न्याय दिलाने और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है.
रोहित वेमुला के भाई राजा ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''क्लोज़र रिपोर्ट जमा करने के बाद डीजीपी ने खुद बयान दिया है कि मामले की दोबारा जांच की जाएगी और इस संबंध में हाईकोर्ट में याचिका भी डाली जाएगी.''
''हमने सीएम को ज्ञापन दिया है और उन्होंने रोहित वेमुला को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है.''
वेमुला राजा ने कहा, ''कांग्रेस सरकार इस मामले की जांच करेगी और हमें भरोसा है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी. हम उसका इंतज़ार कर रहे हैं.''
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इससे पहले रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में मीडिया में चल रही ख़बरों पर तेलंगाना पुलिस ने बयान जारी किया था.
तेलंगाना पुलिस के डीजीपी का कहना है कि इस मामले में पहले आई क्लोज़र रिपोर्ट पर आगे जांच की जाएगी.
पहले हुई जांच पर रोहित वेमुला की मां और उनके क़रीबियों के सवाल उठाए जाने पर तेलंगाना पुलिस ने यह फैसला लिया है.
तेलंगाना पुलिस ने मार्च 2024 में रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में क्लोज़र रिपोर्ट दाख़िल की थी जिसमें सभी अभियुक्तों को क्लीन चिट दे दी गई है.
क्लोज़र रिपोर्ट के मुताबिक़, तेलंगाना पुलिस की जांच में पाया गया कि रोहित वेमुला दलित नहीं थे और उनकी मां ने फर्ज़ी प्रमाण पत्र बनवाया था.
अब इस क्लोज़र रिपोर्ट पर तेलंगाना पुलिस का बयान आया है.
डीजीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, ''रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया में कई रिपोर्ट्स चल रही हैं.''
''जिस रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है वो 2018 में तैयार की गई थी और उसे जांच अधिकारी के सामने 21 मार्च 2024 को पेश किया गया था.''
बयान में कहा गया, ''जो जांच हुई है उस पर रोहित वेमुला की मां द्वारा सवाल उठाए गए हैं और इसलिए हम इस मामले में आगे जांच करेंगे.''
''जांच आगे बढ़ाने को लेकर संबंधित न्यायलय में याचिका दाखिल करके अनुमति ली जाएगी.''
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इमेज कैप्शन, रोहित वेमुला
क्या था मामला
17 जनवरी 2016 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 26 वर्षीय दलित छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी.
रोहित यूनिवर्सिटी में आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्य थे. वो कैंपस में दलित छात्रों के अधिकार और न्याय के लिए भी लड़ते रहे थे.
रोहित और चार अन्य दलित छात्रों को विश्वविद्यालय के हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया था, उन्हें मेस भी इस्तेमाल नहीं करने दिया गया था.
आत्महत्या मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बंडारू दत्तात्रेय के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी और उन पर एससी-एसटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.
बंडारू दत्तात्रेय ने अगस्त, 2015 में मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखा था.
विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे आंबेडकर स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने बीजेपी से जुड़ी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अध्यक्ष सुशील कुमार के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की थी. इसके बाद दत्तात्रेय ने यह पत्र लिखा था.
दत्तात्रेय ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया था.
दत्तात्रेय के पत्र के बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को एक पैनल बनाने का आदेश दिया था जिसने निलंबन का फ़ैसला किया था.
इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और सिंकदराबाद के तत्कालीन सांसद बंडारू दत्तात्रेय, एमएलसी एन रामचंदर राव, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव को अभियुक्त बनाया गया था.
साल 2018 की इस क्लोज़र रिपोर्ट के साल 2024 में सामने आने के बाद सभी अभियुक्तों को दोष मुक्त पाया गया है जिस पर अब तेलंगाना पुलिस ने आगे की जांच की बात कही गई है.
यदि आपको आत्महत्या के विचार आ रहे हैं या आपकी जानकारी में किसी और के साथ ऐसा होता है, तो आप भारत में आसरा वेबसाइट या वैश्विक स्तर पर बीफ्रेंडर्स वर्ल्डवाइड के ज़रिए सहयोग ले सकते हैं.
ग़ज़ा में संघर्ष विराम से जुड़ी वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए हमास का प्रतिनिधिमंडल काहिरा जाएगा
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इमेज कैप्शन, ग़ज़ा का शहर रफाह
हमास ने पुष्टि की है कि ग़ज़ा में संघर्ष विराम से जुड़ी वार्ता दोबारा शुरू करने के लिए उसका प्रतिनिधिमंडल शनिवार को काहिरा जाएगा.
इसराइल ने 40 दिन के लिए संघर्ष विराम और बंधकों की रिहाई के बदले फ़लस्तीनी कैदियों की रिहाई का प्रस्ताव दिया है.
विदेशी मध्यस्थ इसराइल के इस प्रस्ताव पर हमास के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स ने दावा किया है कि इसराइल ने हमास को प्रस्ताव स्वीकार करने के लिए एक हफ्ते का वक्त दिया है.
इसराइल का कहना है कि अगर प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाता है तो फिर वह ग़ज़ा के दक्षिण स्थित शहर रफ़ाह पर हमला करेगा.
इसराइल के पीएम नेतन्याहू दावा कर रहे हैं कि हमास को मात देने के लिए रफाह पर हमला करना ज़रूरी है.
हालांकि इस बात की आशंका जताई जा रही है कि अगर इसराइल रफ़ाह पर हमला करता है तो लाखों फ़लस्तीनियों की जान दांव पर लग सकती है.
इमरान प्रतापगढ़ी बोले- गांधी परिवार के लिए अमेठी और रायबरेली एक ही हैं
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इमेज कैप्शन, इमरान प्रतापगढ़ी
कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी का कहना है कि कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के लिए अमेठी और रायबरेली एक ही हैं.
दरअसल, बीजेपी के नेता दावा कर रहे हैं कि हार के डर की वजह से राहुल गांधी अमेठी की बजाए रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं.
समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, ''पीएम मोदी और रक्षा मंत्री के लिए अमेठी और रायबरेली अलग-अलग होगा.''
''कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार के लिए अमेठी और रायबरेली एक ही हैं. राहुल गांधी के दिल में अमेठी और रायबरेली के लिए बराबर सम्मान और प्यार है.''
इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा, ''राजनाथ सिंह गाजियाबाद से लखनऊ गए. पार्टी का आदेश हुआ है इसलिए राहुल गांधी रायबरेली से चुनाव लड़ रहे हैं. ये उनकी मां की विरासत है.''
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पहली बार अमेठी की बजाए रायबरेली से चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
कांग्रेस पार्टी ने अमेठी से गांधी परिवार के नज़दीकी केएल शर्मा को उम्मीदवार बनाया है.
शुक्रवार को राहुल गांधी ने अमेठी से नामांकन पत्र दाखिल किया. पीएम मोदी ने शुक्रवार को एक सभा में बोलते हुए कहा कि राहुल गांधी ने अमेठी में हार के डर की वजह से रायबरेली की सीट खोजी है.
रोहित वेमुला को दलित न बताने वाली पुलिस की क्लोज़र रिपोर्ट पर तेलंगाना पुलिस का आया बयान
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रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में मीडिया में चल रही ख़बरों पर तेलंगाना पुलिस ने बयान जारी किया है.
तेलंगाना पुलिस के डीजीपी का कहना है कि इस मामले में पहले आई क्लोज़र रिपोर्ट पर आगे जांच की जाएगी.
पहले हुई जांच पर रोहित वेमुला की मां और उनके क़रीबियों के सवाल उठाए जाने पर तेलंगाना पुलिस ने यह फैसला लिया है.
शुक्रवार को कई मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थीं जिसमें बताया गया था कि तेलंगाना पुलिस ने रोहित वेमुला की आत्महत्या मामले में क्लोज़र रिपोर्ट दाख़िल की है जिसमें सभी अभियुक्तों को क्लीन चिट दे दी गई है.
क्लोज़र रिपोर्ट के मुताबिक़, तेलंगाना पुलिस की जांच में पाया गया कि रोहित वेमुला दलित नहीं थे और उनकी मां ने फर्ज़ी प्रमाण पत्र बनवाया था.
अब इस क्लोज़र रिपोर्ट पर तेलंगाना पुलिस का बयान आया है.
डीजीपी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि, ''रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में प्रिंट, डिजिटल और सोशल मीडिया में कई रिपोर्ट्स चल रही हैं.''
''जिस रिपोर्ट का हवाला दिया जा रहा है वो 2018 में तैयार की गई थी और उसे जांच अधिकारी के सामने 21 मार्च 2024 को पेश किया गया था.''
बयान में कहा गया, ''जो जांच हुई है उस पर रोहित वेमुला की मां द्वारा सवाल उठाए गए हैं और इसलिए हम इस मामले में आगे जांच करेंगे.''
''जांच आगे बढ़ाने को लेकर संबंधित न्यायलय में याचिका दाखिल करके अनुमति ली जाएगी.''
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क्या था मामला
17 जनवरी 2016 को हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी में 26 वर्षीय दलित छात्र रोहित वेमुला ने आत्महत्या कर ली थी.
रोहित युनिवर्सिटी में आंबेडकर स्टूडेंट्स एसोसिएशन के सदस्य थे. वो कैंपस में दलित छात्रों के अधिकार और न्याय के लिए भी लड़ते रहे थे.
रोहित और चार अन्य दलित छात्रों को विश्वविद्यालय के हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया था.
आत्महत्या मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री बंडारु दत्तात्रेय के खिलाफ़ एफ़आईआर दर्ज की गई थी और उन पर एससी-एसटी कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.
बंडारु दत्तात्रेय ने अगस्त, 2015 में मानव संसाधन मंत्री स्मृति इरानी को पत्र लिखा था.
विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर रहे अंबेडकर स्टूडेन्ट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भाजपा से जुड़ी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अध्यक्ष सुशील कुमार के साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की थी. इसके बाद दत्तात्रेय ने यह पत्र लिखा था.
दत्तात्रेय ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर मूकदर्शक बने रहने का आरोप लगाया था.
दत्तात्रेय के पत्र के बाद मानव संसाधन मंत्रालय ने विश्वविद्यालय को एक पैनल बनाने का आदेश दिया था जिसने निलंबन का फ़ैसला किया था.
इस मामले में तत्कालीन केंद्रीय मंत्री और सिंकदराबाद के तत्कालीन सांसद बंडारू दत्तात्रेय, एमएलसी एन रामचंदर राव, हैदराबाद विश्वविद्यालय के कुलपति अप्पा राव को अभियुक्त बनाया गया था.
साल 2018 की इस क्लोज़र रिपोर्ट के साल 2024 में सामने आने के बाद सभी अभियुक्तों को दोष मुक्त पाया गया है जिस पर अब तेलंगाना पुलिस ने आगे की जांच की बात कही गई है.
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ब्रिटेन बोला- रूस के ख़िलाफ़ ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल यूक्रेन ख़ुद तय करेगा
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इमेज कैप्शन, लॉर्ड कैमरून ने गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति से मुलाकात की
ब्रिटेन के विदेश मंत्री लॉर्ड कैमरून ने कहा है कि ब्रिटिश हथियारों का इस्तेमाल कैसे करना है, यह बात यूक्रेन खुद तय करेगा.
लॉर्ड कैमरून ने यह भी कहा कि यूक्रेन के पास रूस के अधिकार क्षेत्र में हमला करने का अधिकार है.
यूक्रेन की यात्रा के दौरान लॉर्ड कैमरून ने दावा किया जब तक ज़रूरत होगी तब तक ब्रिटेन हर साल यूक्रेन को तीन अरब यूरो की मदद करेगा.
लॉर्ड कैमरून ने कहा, ''यूक्रेन की धरती पर रूस हमले कर रहा है. आप समझ सकते हैं कि यूक्रेन को अपना बचाव करने के लिए क्या करने की ज़रूरत है.''
रूस ने इस बात की आलोचना की है और इसे 'एक और खतरनाक बयान' बताया है.
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, ''यह सीधे तौर पर यूक्रेन के आस-पास तनाव में बढ़ोतरी है और यह यूरोप की सुरक्षा को खतरा पैदा कर सकता है.''
हाल ही में अमेरिकी संसद में भी यूक्रेन को 61 अरब डॉलर की सैन्य मदद देने का प्रस्ताव पास हुआ है.
इसराइल की जेल में फ़लस्तीनी डॉक्टर की मौत
इमेज कैप्शन, डॉक्टर अदनान अल-बुर्श
फ़लस्तीनी प्रिज़नर्स एसोसिएशन ने कहा है कि इसराइल की जेल में करीब चार महीने तक बंद रहने के बाद एक फ़लस्तीनी डॉक्टर की मौत हो गई है.
डॉक्टर अदनान अल-बुर्श की उम्र 50 साल थी और वो अल शिफा अस्पताल में सर्जरी विभाग के प्रमुख थे.
इसराइली जेल सर्विस ने 19 अप्रैल को एक बयान जारी करते हुए पुष्टि की थी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनज़र हिरासत में लिए गए एक कैदी की मौत हो गई है. जिनकी मौत हुई वो डॉक्टर अल-बुर्श थे.
इसराइली जेल सर्विस की ओर से मामले की इससे ज़्यादा जानकारी नहीं दी गई और कहा गया कि मामले की जांच की जा रही है.
फ़लस्तीनी प्रिज़नर्स एसोसिएशन ने बयान जारी करते हुए कहा कि डॉक्टर अल-बुर्श की मौत 'हत्या' है और उनका शव अभी भी इसराइल की हिरासत में है.
डॉक्टर अदनान अल-बुर्श जिस अल शिफा अस्पताल के सर्जरी प्रमुख थे वहां बीते कुछ महीनों में इसराइली सेना ने कई बार छापेमारी की है.
इसराइली सेना ने उस वक्त डॉक्टर अल-बुर्श को हिरासत में लिया जब वो उत्तरी ग़ज़ा के अल अवदा अस्पताल में अस्थाई तौर पर काम कर रहे थे.
हमास के ख़िलाफ़ ग़ज़ा में इसराइल के हमलों के चलते 34 हज़ार से ज़्यादा फ़लस्तीनियों की जान जा चुकी है.