लाइव, अमेरिकी राजदूत बोले- आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमेरिका भारत के लोगों के साथ

इससे पहले भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भी संवेदना व्यक्त की.

सारांश

लाइव कवरेज

अरशद मिसाल, रौनक भैड़ा

  1. अमेरिकी राजदूत बोले- आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमेरिका भारत के लोगों के साथ

    राजदूत सर्जियो गोर

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    इमेज कैप्शन, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (फ़ाइल फोटो)

    पहलगाम हमले की पहली बरसी पर भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की.

    भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने एक्स पर लिखा, “पहलगाम में हुए भयावह हमले की पहली बरसी पर हम निर्दोष पीड़ितों को याद करते हैं और उनके परिवारों के साथ शोक व्यक्त करते हैं. अमेरिका आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के लोगों के साथ खड़ा है.”

    इससे पहले भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भी संवेदना व्यक्त की.

    उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद किया और कहा कि 'इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है.'

  2. नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा दिया, बताई ये वजह

    सुदन गुरंग

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    इमेज कैप्शन, सुदन गुरुंग ने सोशल मीडिया पर इस्तीफ़े की घोषणा की

    नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपनी संपत्ति के स्रोत को लेकर उठे सवालों के बाद नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है.

    गुरुंग ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वह खुद पर लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच के लिए और पद पर रहते हुए किसी भी प्रकार के हितों के टकराव को रोकने के लिए इस्तीफा दे रहे हैं.

    बीबीसी नेपाली के मुताबिक, प्रधानमंत्री की प्रेस सलाहकार दीपा दहल ने बताया कि गुरुंग ने बुधवार को प्रधानमंत्री बालेन शाह से मुलाक़ात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा.

    उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री शाह ने गृह मंत्रालय को फिलहाल अपने पास रखा है.

  3. ईरान ने 'मोसाद के लिए जासूसी करने' के आरोप में एक शख़्स को फांसी दी

    मेहदी फ़रीद

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    इमेज कैप्शन, ईरान में महेदी फ़रीद नाम के शख़्स को जासूसी के आरोप में फांसी दे दी गई है. मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फांसी की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है.

    ईरान में एक शख़्स को 'इसराइल के लिए जासूसी' के आरोप में फांसी दी गई.

    ईरान की न्यायपालिका के मुताबिक़, 'मेहदी फ़रीद नाम के शख़्स ने देश की संवेदनशील जानकारी इसराइली एजेंसी मोसाद को दी थी.'

    ईरानी अदालत के अनुसार, "मेहदी फ़रीद पैसिव डिफ़ेंस कमेटी के मैनेजमेंट विभाग में काम करते थे, जो देश का एक अहम संगठन है. उन्होंने इंटरनेट के ज़रिए इसराइल से संपर्क किया और उनके पद की वजह से मोसाद के एक अधिकारी ने उन्हें चुना."

    दूसरी ओर, मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अमेरिका-इसराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद फाँसी की बढ़ती संख्या पर चिंता जताई है.

    उनका कहना है कि मुक़दमे की प्रक्रिया और ऐसी सज़ा देना मानवाधिकारों का उल्लंघन है.

    बीबीसी फ़ारसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, युद्ध शुरू होने के बाद हुई फ़ांसी सिर्फ़ जासूसी के अभियुक्तों तक सीमित नहीं हैं. कुछ लोगों को जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े होने के मामले में भी फांसी दी गई.

  4. नमस्कार!

    अब तक बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा आप तक ख़बरें पहुंचा रहे थे. अब से रात 10 बजे तक बीबीसी संवाददाता अरशद मिसाल आप तक अहम ख़बरें पहुंचाएंगे.

    बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के पन्ने पर लगी कुछ अहम ख़बरें पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  5. राजनाथ सिंह बोले- 'मध्य पूर्व में शांति के लिए भारत ने कोशिश की, लेकिन...'

    राजनाथ सिंह

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    इमेज कैप्शन, भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह जर्मनी के दौरे पर हैं

    भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए भारत ने कोशिशें की हैं.

    राजनाथ सिंह जर्मनी के दौरे पर हैं. यहां पर उनसे पूछा गया, 'क्या भारत का मध्य पूर्व संकट में शांति लाने में कोई रोल हो सकता है?'

    इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत ने कोशिश की है, लेकिन हर चीज़ का एक समय होता है. हो सकता है कि कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफलता भी पाए. इस संभावना को नकारा नहीं जा सकता."

    उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से युद्ध ख़त्म करने की अपील की है. हमारे प्रधानमंत्री का कूटनीतिक मामलों में बहुत संतुलित नज़रिया है."

    राजनाथ सिंह ने कहा, "भारत जिस तरह आगे बढ़ रहा है, आपने देखा होगा कि होर्मुज़ स्ट्रेट में किसी भी देश का जहाज़ नहीं निकल पा रहा था. अगर किसी ने अपने 7-8 जहाज़ को निकाल लिए, तो वह भारत था. ऐसा नहीं है कि अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है या ईरान भारत को दुश्मन मानता है. भारत का बहुत संतुलित नज़रिया है."

    गौरतलब है कि फ़िलहाल अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. हालांकि, दूसरे दौर की वार्ता पर अभी संशय बरक़रार है.

  6. पहलगाम हमले को एक साल होने पर इसराइल ने क्या कहा?

    गिदोन सार

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    इमेज कैप्शन, इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार और राजदूत रूवेन अज़ार ने दी प्रतिक्रिया (फ़ाइल फ़ोटो)

    पहलगाम हमले के एक साल होने पर इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने बयान जारी किया है.

    उन्होंने कहा कि 'इसराइल आतंकवाद के हर रूप के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में मज़बूत और अडिग' है.

    इसराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पहलगाम आतंकी हमले को एक साल पूरा होने पर इसराइल की ओर से हम जान गंवाने वालों को याद करते हैं और दुख में उनके परिवारों के साथ खड़े हैं."

    उन्होंने आगे लिखा, "इसराइल आतंकवाद के हर रूप के ख़िलाफ़ अपनी लड़ाई में मज़बूत और अडिग है. भारत के साथ मिलकर हम इस ख़तरे का डटकर सामना करने और शांति, सुरक्षा और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपना सहयोग और मज़बूत करेंगे."

    इससे पहले भारत में इसराइल के राजदूत रूवेन अज़ार ने भी अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं. उन्होंने हमले में मारे गए लोगों को याद किया और दोहराया कि इसराइल आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है.

  7. 'ईरान ने होर्मुज़ स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज़ पर फ़ायरिंग की', रिपोर्ट में दावा

    जहाज़

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    इमेज कैप्शन, यह घटना ओमान से 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई बताई जा रही है (सांकेतिक तस्वीर)

    यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर (यूकेएमटीओ) के अनुसार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने होर्मुज़ स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज़ पर फ़ायरिंग की है.

    ब्रिटिश रॉयल नेवी की अगुवाई वाले यूकेएमटीओ ने बताया कि यह घटना ओमान से 15 नॉटिकल मील उत्तर-पूर्व में हुई.

    रिपोर्ट में कहा गया है कि आईआरजीसी की एक गन बोट जहाज़ के पास आई, लेकिन कोई रेडियो चेतावनी नहीं दी गई.

    इसके बाद गन बोट ने जहाज़ पर गोली चलाई, जिससे जहाज़ के कंट्रोल सेंटर को भारी नुकसान पहुंचा.

    ईरानी न्यूज़ एजेंसियों ने कहा कि जहाज़ ने ईरानी सेना की चेतावनी को 'नज़रअंदाज़' किया.

  8. आईटी कंपनियों के शेयरों में गिरावट, ये वजह सामने आई

    शेयर मार्केट

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    इमेज कैप्शन, बुधवार को शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक के शेयर क़रीब 10% गिर गए (फ़ाइल फ़ोटो)

    भारतीय शेयर बाज़ारों में बुधवार को एचसीएल टेक समेत कई आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई.

    बुधवार को शुरुआती कारोबार में एचसीएल टेक के शेयर क़रीब 10% गिर गए. वजह रही कंपनी के जनवरी-मार्च तिमाही के नतीजे. कंपनी ने अगले वित्तीय वर्ष की आय का आउटलुक 1 से 4 फ़ीसद दिया है. कई विश्लेषकों ने ये ग्रोथ 4 फ़ीसद तक होने की उम्मीद जताई थी.

    इस कारण निवेशकों ने नेगेटिव रिएक्शन दिया और शेयर में तेज़ गिरावट देखने को मिली.

    सुबह के कारोबार में एचसीएल टेक का शेयर 9.64% गिरकर ₹1,302 तक पहुंच गया. इसका असर बाक़ी आईटी कंपनियों पर भी पड़ा और उनके शेयर भी लुढ़क गए.

    शुरुआती कारोबार में इंफ़ोसिस का शेयर 2.8%, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 1.9% और टेक महिंद्रा का शेयर 4.2% गिरा.

  9. ट्रंप ने जिन आठ महिलाओं को रिहा करने की अपील की थी उनके बारे में ईरान क्या बोला, बीबीसी मॉनिटरिंग

    डोनाल्ड ट्रंप

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    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आठ ईरानी महिलाओं को ''ईरान की क़ैद से रिहा'' करने की मांग की थी. अब ईरान की न्यायपालिका ने उन रिपोर्ट्स को ख़ारिज किया है, जिनमें इन्हें जल्द फ़ांसी देने का दावा किया जा रहा था.

    ईरान ने ऐसी ख़बरों को ‘दुश्मन मीडिया’ की फैलाई जा रही फ़ेक न्यूज़ क़रार दिया है.

    दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने एक सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करते हुए ईरानी अधिकारियों से मांग की थी कि इन महिलाओं को जल्द रिहा किया जाए.

    इस पोस्ट में इन महिलाओं की तस्वीरों के साथ लिखा गया था, "ईरान इन्हें जल्द सज़ा-ए-मौत देने की तैयारी कर रहा है." साथ ही पोस्ट में मानवाधिकार संगठनों की इस मामले में चुप्पी पर हैरानी जताई गई थी.

    ईरान में न्यायपालिका से जुड़े मामले रिपोर्ट करने वाली संस्था मिज़ान न्यूज़ ने कहा, "इन महिलाओं के मामलों की सावधानी से समीक्षा करने पर पता चला कि उनमें से कुछ पहले ही रिहा हो चुकी हैं."

    आगे कहा गया, "जबकि बाकी पर ऐसे आरोप हैं, जो अदालत में साबित होने पर भी उन्हें क़ैद होगी, फ़ांसी नहीं. किसी भी महिला को अब तक ऐसी सज़ा नहीं सुनाई गई है, जिससे उन्हें फ़ांसी का ख़तरा हो. ट्रंप एक बार फिर ‘फ़ेक न्यूज़’ के झांसे में आ गए."

  10. पहलगाम हमले का एक साल, पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह ने क्या कहा?

    पीएम मोदी

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    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी ने पहलगाम हमले के एक साल पूरा होने पर सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है (फ़ाइल फ़ोटो)

    पहलगाम हमले को आज एक साल हो गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि 'आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे.'

    पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "पिछले साल आज ही के दिन पहलगाम में हुए भयानक आतंकी हमले में जान गंवाने वाले निर्दोष लोगों को याद कर रहा हूं. उन्हें कभी भुलाया नहीं जाएगा. एक राष्ट्र के तौर पर, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं."

    उन्होंने कहा, "भारत आतंकवाद के किसी भी रूप के आगे कभी नहीं झुकेगा. आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे."

    गृह मंत्री अमित शाह ने भी पहलगाम हमले के एक साल होने पर एक्स पर पोस्ट किया.

    अमित शाह ने लिखा, "आज के दिन हम पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले में खोई गई मासूम ज़िंदगियों को गंभीरता से याद करते हैं. अपने लोगों को खोने का दुख और पीड़ा हर भारतीय के दिल में आज भी है."

    उन्होंने आगे लिखा, "आतंकवाद इंसानियत का सबसे बड़ा दुश्मन है, जिसके ख़िलाफ़ हमें एकजुट होकर लड़ना और उसे हराना है. भारत आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के ख़िलाफ़ अपनी सख़्त नीति जारी रखेगा."

  11. अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने के लिए किया ये अहम फ़ैसला

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के एलान से पहले हुई कार्रवाई (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरान, तुर्की और यूएई में मौजूद 14 लोगों, कंपनियों और विमानों पर पाबंदी लगाई है.

    इन पर आरोप है कि ये ईरान सरकार के लिए हथियार या हथियारों के पुर्ज़े ख़रीदने और पहुंचाने का काम कर रहे थे.

    अमेरिका की ओर से ये कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के एलान से पहले हुई. इसके तहत अमेरिका ने ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव बनाए रखने की कोशिश की है.

    जिन लोगों या कंपनियों पर पाबंदी लगाई गई है, उनकी जो भी संपत्ति या कारोबार अमेरिका में है या किसी अमेरिकी के पास है, वो अब रोक दिए जाएंगे.

    अगर कोई कंपनी इन पर आधा (50%) या उससे ज़्यादा मालिकाना हक़ रखती है, तो उस पर भी यही नियम लागू होगा.

  12. ग़ालिबाफ़ के सलाहकार ने कहा- 'ट्रंप का युद्धविराम बढ़ाना किसी काम का नहीं'

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़

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    इमेज कैप्शन, ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने एक्स पर पोस्ट किया (तस्वीर: मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़)

    ईरानी संसद के स्पीकर के एडवाइज़र ने ट्रंप के युद्धविराम से जुड़े नए एलान पर संदेह जताया है.

    मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़ के सलाहकार महदी मोहम्मदी ने कहा है कि ट्रंप का युद्धविराम बढ़ाना 'किसी काम का नहीं' है.

    महदी मोहम्मदी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "हारने वाला पक्ष शर्तें नहीं तय कर सकता. घेराबंदी जारी रखना बमबारी से अलग नहीं है और इसका जवाब सैन्य कार्रवाई से देना होगा."

    उन्होंने लिखा, "ट्रंप ने युद्धविराम इसलिए बढ़ाया है ताकि अचानक से हमला करने की तैयारी कर सकें. अब समय आ गया है कि ईरान इसकी पहल करे."

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 22 अप्रैल को युद्धविराम की मियाद को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दी है.

    ट्रंप का कहना है कि उनसे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने इसकी मांग की थी.

  13. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के लिए कहा- वो बस अपनी इज़्ज़त बचाना चाहते हैं

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद नहीं रखना चाहता (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने का कहना है कि ईरान होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला रखना चाहता है. ट्रंप का दावा है कि ईरान इसे बंद रखने की बात इसलिए कहता है क्योंकि वह अपनी 'इज़्ज़त बचाना' चाहता है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने यह बयान तब दिया है, जब उन्होंने ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चित समय के लिए बढ़ा दिया है.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा, "ईरान नहीं चाहता कि होर्मुज़ स्ट्रेट बंद हो, बल्कि वो चाहते हैं कि यह खुला रहे ताकि रोज़ 500 मिलियन डॉलर कमा सकें (अगर यह बंद है तो उतना ही नुकसान हो रहा है)."

    ट्रंप ने लिखा, "वो सिर्फ़ कहते हैं कि इसे बंद करना चाहिए क्योंकि मैंने इसे पूरी तरह से रोक दिया है. वो बस अपनी इज़्ज़त बचाना चाहते हैं."

    उन्होंने आगे लिखा, "चार दिन पहले लोग मेरे पास आए और बोले- 'सर, ईरान तुरंत होर्मुज़ स्ट्रेट खोलना चाहता है.' लेकिन अगर हम ऐसा करते हैं, तो ईरान के साथ कभी कोई समझौता नहीं हो सकता."

    गौरतलब है कि ट्रंप ने युद्धविराम भले आगे बढ़ा दिया हो लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने की बात भी कही है. दूसरी ओर, ईरान इसे युद्धविराम का उल्लंघन बताता रहा है.

  14. पाकिस्तान के पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने डोनाल्ड ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए कही ये बात

    शहबाज़ शरीफ़ और डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शांति की उम्मीद जताई है (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम ख़त्म होने से ठीक पहले इसे अनिश्चित समय तक बढ़ाने का एलान किया. इस पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने ट्रंप का शुक्रिया अदा किया है.

    पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "मैं दिल से राष्ट्रपति ट्रंप का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने हमारी गुज़ारिश मानकर युद्धविराम बढ़ाया, ताकि कूटनीतिक कोशिशें आगे बढ़ सकें."

    शरीफ़ ने कहा, "पाकिस्तान भरोसे और विश्वास के साथ बातचीत से हल निकालने की कोशिश जारी रखेगा. मुझे उम्मीद है कि दोनों पक्ष युद्धविराम का पालन करेंगे और इस्लामाबाद में होने वाली दूसरे दौर की बातचीत में एक स्थायी 'शांति समझौता' कर पाएंगे, जिससे संघर्ष का हमेशा के लिए अंत हो सके."

    हालांकि, पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस्लामाबाद में दूसरे दौर की वार्ता कब होगी.

    इससे पहले अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपना पाकिस्तान दौरा रद्द कर दिया, क्योंकि ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ.

  15. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ सीज़फ़ायर आगे बढ़ाया, पाकिस्तान का ज़िक्र करते हुए ये कहा?

    डोनाल्ड ट्रंप

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    इमेज कैप्शन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर युद्धविराम को आगे बढ़ाने का एलान किया

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने युद्धविराम को और बढ़ा दिया है. हालांकि, उन्होंने कहा है कि नाकाबंदी अभी भी जारी रहेगी.

    डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, "ईरान की सरकार अंदरूनी तौर पर बंटी हुई है, जैसी उम्मीद थी. पाकिस्तान के फ़ील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने मांग की है कि ईरान पर हमला तब तक रोके रखें जब तक उनके नेता और प्रतिनिधि एक साझा प्रस्ताव लेकर नहीं आते."

    ट्रंप ने लिखा, "इसलिए मैंने हमारी सेना को आदेश दिया है कि नाकाबंदी जारी रखी जाए और बाकी मामलों में पूरी तरह तैयार रहें. युद्धविराम को तब तक बढ़ाया जाएगा जब तक उनका प्रस्ताव सामने नहीं आता और बातचीत पूरी नहीं होती, चाहे नतीजा कुछ भी हो."

    इसके बाद व्हाइट हाउस ने यह पुष्टि की है कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी गई है.

    वेंस इस महीने दूसरी बार इस्लामाबाद जाने वाले थे. वह बुधवार को पहुंचने वाले थे ताकि ईरानी अधिकारियों के साथ समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके.

  16. बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लाइव पेज पर आपका स्वागत है. मैं बीबीसी संवाददाता रौनक भैड़ा अब से दोपहर दो बजे तक आप तक अहम ख़बरें पहुंचाऊंगा.

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