पाकिस्तान ने किया अमेरिका, ब्रिटेन और चीन का शुक्रिया, जानिए पीएम शहबाज़ शरीफ़ ने और क्या कहा?

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भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम परसहमति बनने की घोषणा के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने शनिवार देर रात राष्ट्र का संबोधित किया.
शहबाज़ शरीफ़ ने पाकिस्तानी सेना, नौसेना और सशस्त्र बलों के अधिकारियों का नाम लेकर उन्हें बधाई दी और कहा, "ये पाकिस्तान की ऐतिहासिक जीत है". उन्होंने विपक्षी दलों का भी आभार व्यक्त किया.
शरीफ़ ने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, "यदि कोई हमारी स्वतंत्रता को चुनौती देता है, तो हम अपनी रक्षा के लिए कुछ भी करेंगे."
उन्होंने दावा किया कि उनके देश के खिलाफ़ लगाए जा रहे आरोप "निराधार" हैं और वह इसकी जांच चाहते हैं.
शहबाज़ शरीफ़ के संबोधन पर भारत ने अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.
हालांकि इससे कुछ वक्त पहले ही भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक स्पेशल प्रेस ब्रीफिंग कर कहा था कि "पाकिस्तान की तरफ से इस समझौते का घोर उल्लंघन हो रहा है."
पाक पीएम ने और क्या-क्या कहा?
अपने संबोधन में शहबाज़ शरीफ़ ने यह भी दावा किया कि पिछले दिनों पाकिस्तान पर हुए ड्रोन हमले में "मस्जिदों को नष्ट किया गया" और निर्दोष लोगों की जान ली गई.
उन्होंने दावा किया, "पाकिस्तान के सुरक्षा बलों ने इस स्थिति में भारतीय सशस्त्र बलों को माकूल जवाब दिया. हम अपने सिद्धांतों के पालन में सफल रहे हैं."
शनिवार रात शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि संघर्षविराम का समझौता सभी के लाभ के लिए हुआ है. उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान में लाखों लोग हैं सभी के लाभ के लिए हमने संघर्षविराम पर यह समझौता किया है और हम इसे लेकर सकारात्मक हैं."
शरीफ ने कहा, "मैं राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति आभार व्यक्त करना चाहता हूं. वॉशिंगटन ने संघर्षविराम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है." उन्होंने "सलाह देने" के लिए ब्रिटेन का भी धन्यवाद दिया.
शहबाज़ शरीफ़ ने चीन का ख़ास तौर पर ज़िक्र किया और कहा कि वो "अपने बहुत प्यारे, बहुत भरोसेमंद और बहुत प्रिय मित्र चीन का भी धन्यवाद करते हैं."
शरीफ़ ने अन्य देशों को धन्यवाद देते हुए कहा, "हमें पूरा विश्वास है कि जल बंटवारा, कश्मीर और अन्य सभी विवादास्पद मुद्दों का समाधान हो सकेगा."






















