You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.

Take me to the main website

अज़रबैजान एयरलाइंस ने बताया, क्यों हादसे का शिकार हुआ उसका विमान?

अज़रबैजान एयरलाइंस का कहना है कि 25 दिसंबर को कज़ाकिस्तान में उसका विमान बाहरी तकनीकी दखल की वजह से हादसे का शिकार हुआ था.

सारांश

  • पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर भारत सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है
  • पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के मुताबिक अवैध रूप से विदेश जाने वाले 10,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को साल 2024 में ईरान में गिरफ़्तार किया गया
  • भारत की महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज़ को पांच विकेट से हराकर सिरीज़ 3-0 से जीत ली है
  • दक्षिण कोरिया में कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू के ख़िलाफ़ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के लिए मतदान पूरा हो गया है
  • मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड और हाफ़िज़ सईद के साले हाफ़िज़ अब्दुल रहमान मक्की की शुक्रवार को मौत हो गई है
  • मनमोहन सिंह: उदारीकरण के नायक से लेकर प्रधानमंत्री तक का सफ़र

लाइव कवरेज

संदीप राय, कीर्ति रावत

  1. नमस्कार!

    अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत को दीजिए इजाज़त.

    शनिवार को हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर से हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल के लिए हमारे पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरें हैं, जिन्हें आप नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं.

    - मनमोहन सिंह साल 2004 से लेकर साल 2014 तक भारत के प्रधानमंत्री रहे. इन दस सालों में उन्होंने कुछ ऐसे फैसले लिए जिसने भारत को हमेशा के लिए बदल दिया. पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के उन फैसलों के बारे में पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के एक स्पेसक्राफ़्ट ने सूरज के बेहद नज़दीक पहुंच कर भी सामान्य तौर पर काम करके इतिहास रच दिया है. इससे पहले कोई अंतरिक्ष यान सूरज के इतने करीब नहीं गया था. नासा के इस स्पेसक्राफ़्ट के बारे में पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - ब्रिटिश-भारतीय उपन्यासकार सलमान रुश्दी की पुस्तक 'द सैटेनिक वर्सेज़' के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया था लेकिन 36 साल बाद दिल्ली में ‘बहरीसन्स बुकसेलर्स’ में इस किताब की वापसी हुई है. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - मनमोहन सिंह साल 2019 में पाकिस्तान गए भी लेकिन करतारपुर जाने वाले तीर्थयात्रियों के साथ एक श्रद्धालु के तौर पर. पाकिस्तान में अपने जन्मस्थान को एक बार फिर से देखने की उनकी इच्छा पूरी नहीं हो सकी. इस खास रिपोर्ट को पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  2. अज़रबैजान एयरलाइंस ने बताया, क्यों हादसे का शिकार हुआ उसका विमान?

    अज़रबैजान एयरलाइंस का कहना है कि 25 दिसंबर को कज़ाकिस्तान में उसका विमान बाहरी तकनीकी दखल की वजह से हादसे का शिकार हुआ था.

    इस क्रैश में 38 लोगों की मौत हो गई जब एम्ब्रेयर विमान तेज गति से नीचे आया और अक्ताऊ हवाई अड्डे पर रनवे से 3 किमी पहले ही आग की लपटों में घिर गया .

    विमान ने मूल रूप से दक्षिणी रूस के ग्रोज़नी हवाई अड्डे पर उतरने की कोशिश की थी.

    रूस की नागरिक उड्डयन एजेंसी के प्रमुख ने शुक्रवार को कहा कि चेचेन्या की राजधानी में स्थिति बहुत जटिल थी और वहां हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया था.

    इस विमान क्रैश के बाद अज़रबैजान एयरलाइंस ने रूस के सात शहरों के लिए उड़ानों को निलंबित कर दिया है.

    यूक्रेन के खुफिया निदेशालय के प्रमुख ने भी इस विमान क्रैश के लिए रूस को दोषी ठहराया है.

    रिपोर्टरों के साथ एक टेलीफ़ोन ब्रीफ़िंग में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव से आरोपों के बारे में पूछा गया.

    उन्होंने कहा, "मैं एक बार फिर दोहराता हूं, मैंने जो कुछ कहा है, उसमें मुझे और कुछ नहीं जोड़ना है. इस विमान दुर्घटना की जांच चल रही है और जब तक जांच के नतीजों से कोई निष्कर्ष नहीं निकल जाता, हम खुद को कोई आकलन देने का हकदार नहीं मानते और ऐसा नहीं करेंगे."

  3. मनमोहन सिंह का सफ़र देखें तस्वीरों में

    मनमोहन सिंह का जन्म 1932 में जिस गाँव में हुआ था, वो अविभाजित भारत का हिस्सा था. अब ये गाँव पाकिस्तान में है.

    कैंब्रिज और ऑक्सफ़ोर्ड से पढ़ाई के बाद मनमोहन सिंह ने कुछ सालों तक संयुक्त राष्ट्र में काम किया और फिर 1969 में भारत लौटे थे.

    1971 में मनमोहन सिंह वाणिज्य मंत्रालय में आर्थिक सलाहकार बने और इसके बाद आरबीआई गवर्नर समेत कई अहम ज़िम्मेदारियां संभालीं.

    पहले कार्यकाल में मनरेगा जैसी चर्चित योजनाएं लागू करने के लिए और 2008 की मंदी में भारत की अर्थव्यवस्था को पटरी पर बनाए रखने के लिए मनमोहन सरकार की काफ़ी तारीफ़ हुई.

    हालांकि दूसरा कार्यकाल मनमोहन सिंह के लिए आसान नहीं रहा.

  4. मध्यप्रदेश : छतरपुर में 50 साल के दलित व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या, विष्णुकांत तिवारी, बीबीसी संवाददाता

    मध्यप्रदेश के छतरपुर में गुरुवार ( 26 दिसंबर) को एक 50 साल के दलित व्यक्ति की कथित तौर पर ऊंची जाति के लोगों ने पीट-पीट कर हत्या कर दी.

    मृतक की पहचान छतरपुर जिला मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित बरेठी गांव के मनीराम अहिरवार के रूप में हुई है.

    घटना के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इसमें दिख रहा है कि मृतक मनीराम अपने घर के अंदर जमीन पर लहूलुहान पड़े हैं और उनकी पत्नी वीडियो में रोती हुई कह रही हैं कि उनके पति की जान ले ली गई.

    छतरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने कहा “इस मामले में दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. इस मामले में जितने लोगों के नाम सामने आएंगे उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. हम इस पूरे मामले में नज़र बनाए हुए हैं. हमारी टीम लगातार परिजनों के संपर्क में है. किसी भी तरह की कोई लापरवाही नहीं बरती जा रही है.”

    उन्होंने कहा, “मामला हत्या का है. हम इस बात की बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या ये हत्या जमीन के विवाद में की गई है.''

    मनीराम की पत्नी रामरती अहिरवार की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा गया है “हम लोगों ने खेत पर पहुंचकर वहां बनी टपरी में खाना खाया. मेरे पति खेत पर जाने के लिये टपरी के बाहर खड़े थे."

    "मैं टपरी के अंदर थी कि तभी मेरे ही गांव के रामप्रताप सिंह परमार और ज्ञानेंंद्र सिंह परमार टपरी के बाहर आये और मेरे पति से कहने लगे कि तुमने जो 2018 में ज्ञानेंद्र के ख़िलाफ़ रिपोर्ट लिखाई थी. उसमें समझौता कर लो और गंदी-गंदी गालियां देकर मेरे पति मनीराम पर लाठी डंडों और कुदाल से हमला कर दिया. मैंने बचाने का प्रयास किया तो मुझे धक्का मार कर एक तरफ धकेल दिया.”

    तीन बेटों और दो बेटियों के पिता मनीराम अहिरवार के परिजनों का कहना है उनकी ज़मीन पर गांव की ऊंची जाति के कुछ लोग कब्ज़ा करना चाहते थे.

    इसको लेकर साल 2018 में मनीराम ने आरोपियों के ख़िलाफ़ बमीठा थाने में मारपीट का मामला दर्ज कराया था. इस प्रकरण में एससी एसटी एक्ट की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज हुआ था.

    बीबीसी से बात करते हुए मनीराम के बेटे ओमप्रकाश अहिरवार ने आरोप लगाया, '' 2018 में गांव के ही ज्ञानेंद्र सिंह ने हमारे खेत पर कब्जा कर लिया था. जब मेरे पिता ने मना किया तो उनके साथ मारपीट की गई थी. इस मामले में केस दर्ज हुआ था और दलित उत्पीड़न की धाराएं भी लगी थी. उसी केस में समझौता करने के लिए ज्ञानेंद्र और गांव के अन्य ऊंची जाति के लोग दबाव बना रहे थे.”

    ओमप्रकाश ने आगे बताया, “कल पिता जी फसल की देखभाल करने के लिए खेत में बनी कुटिया में गए हुए थे. मेरी मम्मी रात में खाना लेकर गई थी. दोनों ने खाना खाया और फिर पानी लगाने के लिए पिता जी निकले उसी वक्त कुछ लोग आए और उन्होंने राजीनामा के लिए फिर से दबाव बनाना चालू किया. जब पिता जी ने मना किया तो उन्होंने मारना चालू कर दिया. बहुत मारा था उन्हें उनके पूरे शरीर से खून बह रहा था.”

  5. मल्लिकार्जुन खड़गे ने पीएम मोदी से मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने की मांग की

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है.

    उन्होंने लिखा, "आदरणीय प्रधानमंत्री, मैं ये पत्र भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के दुखद निधन के संदर्भ में लिख रहा हूं. आज सुबह हमारी टेलीफोन पर हुई बातचीत के संदर्भ में, मैंने डॉ. मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार को उनके अंतिम विश्राम स्थल पर आयोजित करने का अनुरोध किया था, जो कल यानी 28 दिसंबर 2024 को होगा. ये जगह भारत के इस महान सपूत की याद के लिए एक पवित्र स्थल होगा. ये राजनेताओं और पूर्व प्रधानमंत्रियों के स्मारकों को उनके अंतिम संस्कार स्थल पर बनाने की परंपरा के अनुरूप है."

    उन्होंने पत्र में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के योगदान और उनकी उपलब्धियों के बारे में भी लिखा है.

    उन्होंने अपने पत्र में ये भी जिक़्र किया है कि वित्त मंत्री रहते हुए मनमोहन सिंह ने कैसे देश को आर्थिक संकट से बाहर निकाला था. उनकी नीतियों से देश आर्थिक समृद्धि और स्थिरता की ओर आगे बढ़ा.

    खड़गे ने लिखा है, "मैं आशा और विश्वास करता हूं कि डॉ. मनमोहन सिंह के कद के अनुरूप, ऊपर पत्र में किए गए अनुरोध को स्वीकार किया जाएगा, ताकि डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार ऐसी जगह पर किया जा सके, जहां उनकी याद में एक स्मारक बनाया जाए."

  6. ईरान में पाकिस्तान के 10 हज़ार से अधिक नागरिकों को क्यों किया गया गिरफ़्तार?

    पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) का कहना है कि इस साल ईरान में 10,000 से अधिक पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग अवैध रूप से विदेश पहुंचना चाहते थे.

    एफआईए अधिकारियों के मुताबिक, साल 2024 में 1 जनवरी से 15 दिसंबर तक ईरान में 10, 454 पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है. ये लोग बलूचिस्तान के अनजाने रास्तों से ईरान में दाखिल हुए थे.

    पाकिस्तान के अधिकारियों का कहना है कि ईरान के अधिकारियों ने अलग-अलग समय पर इन लोगों को गिरफ़्तार करने के बाद चगाई जिले के सीमावर्ती शहर ताफ्तान में पाकिस्तान को सौंप दिया था.

    पाकिस्तानियों के अलावा अफ़ग़ान नागरिक भी बलूचिस्तान के रास्ते बेहतर भविष्य की तलाश में यूरोपीय देशों में जाने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि, ईरान में बड़ी संख्या में ऐसे लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

    एफआईए अधिकारियों के अनुसार, साल 2024 में ईरान में गिरफ़्तारियों की दर साल 2023 की तुलना में ज्यादा थी. साल 2023 में ईरान में गिरफ़्तार किए गए पाकिस्तानी नागरिकों की संख्या 8 हजार 272 थी.

    एफआईए के आंकड़ों के अनुसार, साल 2020 से साल 2024 तक पांच सालों के दौरान पाकिस्तान से अवैध रूप से ईरान में प्रवेश करने वाले 62,000 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया था.

    ईरान में गिरफ़्तार किए गए ज़्यादातर पाकिस्तानी नागरिक पंजाब प्रांत के हैं.

    बलूचिस्तान के पांच जिले ईरान के साथ सीमा साझा करते हैं, जिनमें चगाई, वाशिक, पंजगुर, केच और ग्वादर शामिल हैं.

    पाकिस्तान के अलग-अलग इलाकों के अलावा अफ़ग़ानिस्तान के लोग भी इन जिलों में पहुंचते हैं जहां से मानव तस्कर उन्हें ईरान ले जाते हैं और वहां से तुर्की के रास्ते ग्रीस ले जाते हैं.

    सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, पहले बड़ी संख्या में लोग केच और ग्वादर से ईरान में प्रवेश करते थे, लेकिन वहां चरमपंथी हमलों के कारण अब ज्यादातर लोग चगाई और वाशक के रास्ते ईरान में घुसते हैं.

    इस कोशिश के दौरान जहां बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ़्तार किया जाता है, वहीं रास्ते की कठिनाइयों के कारण कई लोगों की जान भी चली जाती है.

  7. दिनभर: इतिहास पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को कैसे याद रखेगा?

    दिनभर- पूरा दिन, पूरी ख़बर मानसी दाश और सुमिरन प्रीत कौर से.

    फ़ेसबुक पर सुनने के लिए यहां क्लिक करें.

  8. सोनिया गांधी ने मनमोहन सिंह के निधन पर लिखा संदेश, कहा- वह मेरे दोस्त और मार्गदर्शक थे

    कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर एक संदेश जारी किया है और इसे अपनी निजी क्षति बताया है. मनमोहन सिंह जिस समय प्रधानमंत्री थे, उस समय सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष थीं.

    सोनिया गांधी ने संदेश में लिखा है, "डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन से हमने एक ऐसे नेता को खो दिया है जो ज्ञान, बड़प्पन और विनम्रता के प्रतीक थे. जिन्होंने पूरे दिलोदिमाग से हमारे देश की सेवा की. कांग्रेस पार्टी के लिए प्रिय और उज्ज्वल मार्गदर्शक. उनकी दूरदृष्टि ने लाखों भारतीयों के जीवन को बदल दिया और उन्हें सशक्त बनाया."

    सोनिया गांधी ने लिखा है कि भारत के लोग मनमोहन सिंह के साफ़ दिल और दिमाग की वजह से उनसे प्यार करते थे. उनकी सलाह और विचारों को हमारे देश के राजनीतिक फलक में अहमियत दी जाती थी और उनका बहुत सम्मान था. दुनियाभर के नेता और विद्वान उनका सम्मान और प्रशंसा करते थे. मनमोहन सिंह ने जो भी ऊंचा पद संभाला, उसमें खास छाप छोड़ी. उन्होंने भारत को गौरव और सम्मान दिलाया.

    सोनिया गांधी लिखती हैं, "मेरे लिए डॉक्टर मनमोहन सिंह का निधन निजी क्षति है. वह मेरे दोस्त और मार्गदर्शक थे. उनका व्यवहार बेहद सौम्य था लेकिन वह अपनी मान्यताओं के प्रति उतने ही दृढ़ थे. सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए उनकी प्रतिबद्धता गहरी और अटूट थी. कोई उनके साथ कुछ समय बिताने पर ही उनके ज्ञान और बुद्धिमता, ईमानदारी और निष्ठा से प्रभावित हो जाता था."

    सोनिया गांधी ने लिखा है, "उन्होंने हमारे देश में ऐसा खालीपन छोड़ा है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकता. कांग्रेस पार्टी में हम और भारत के लोग हमेशा इस बात पर गर्व करेंगे और आभारी रहेंगे कि हमारे पास डॉक्टर मनमोहन सिंह जैसे नेता थे, जिनका भारत की प्रगति और विकास में योगदान अतुलनीय है."

  9. भारतीय महिला क्रिकेट टीम का शानदार प्रदर्शन, वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ जीत की हैट्रिक

    भारत की महिला क्रिकेट टीम ने तीसरे वनडे मैच में वेस्टइंडीज़ को पाँच विकेट से हराकर सिरीज़ 3-0 से जीत ली है.

    वडोदरा में हुए इस मैच में वेस्टइंडीज़ की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया.

    वेस्टइंडीज़ की टीम 38.5 ओवर में 162 रन बनाकर आउट हो गई. वेस्टइंडीज़ की ओर से शिनेल हेनरी ने सबसे ज़्यादा 61 रन बनाए.

    भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने छह विकेट लिए, जबकि रेणुका सिंह ने चार विकेट झटके. भारतीय टीम को जीत के लिए 163 रनों का लक्ष्य मिला.

    लेकिन भारत की टीम ने 28.2 ओवर में पाँच विकेट के नुक़सान पर जीत हासिल कर ली.

    भारत की ओर से दीप्ति शर्मा ने 39 और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 32 रन बनाए.

    दीप्ति शर्मा को उनके ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया. जबकि वनडे सिरीज़ में शानदार गेंदबाज़ी के लिए रेणुका सिंह को प्लेयर ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया.

    रेणुका सिंह ने तीन वनडे मैचों की सिरीज़ में 10 विकेट लिए.

    वनडे सिरीज़ में जीत के अलावा भारतीय महिला टीम ने टी-20 सिरीज़ में भी 2-1 से जीत हासिल की थी.

  10. मोरक्को में नाव डूबने से हुई 69 लोगों की मौत

    पश्चिमी अफ़्रीका से स्पेन जा रही एक नाव के मोरक्को में पलटने से कम से कम 69 लोगों की मौत हो गई. मारे गए लोगों में से 25 माली के नागरिक थे.

    ये 'अस्थायी नाव' करीब 80 लोगों को लेकर जा रही थी, जिनमें से सिर्फ़ 11 लोग बच सके हैं. माली के अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है.

    हादसे में जो 11 लोग बचे हैं उनमें से नौ माली के हैं.

    ये नाव पिछले सप्ताह डूबी थी, लेकिन माली ने इसकी पुष्टि अब की है. माली ने अपने क्राइसिस यूनिट को हालात का जायज़ा लेने के लिए भेजा है.

    माली लंबे समय से जिहादी और अलगाववादी हिंसा का शिकार रहा है. इसकी वजह से देश में साल 2020 और 2021 में सैन्य तख्तापलट हुए.

    सैन्य सरकार ने मार्च 2024 में आम चुनाव के लिए वादा किया था लेकिन ये चुनाव अभी तक नहीं हुए हैं.

    देश के हालात के मद्देनज़र बहुत बड़ी संख्या में लोग अवैध तरीके से यूरोप पहुंचने के लिए अटलांटिक रूट का इस्तेमाल कर रहे हैं.

  11. श्रीलंका के राष्ट्रपति ने डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर क्या कहा?

    श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया है.

    उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, "मैं श्रीलंका के लोगों और अपनी ओर से भारत के डॉ. मनमोहन सिंह के परिवार और दुनिया भर में उनके अनगिनत प्रशंसकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. एक दूरदर्शी नेता, डॉ. सिंह का प्रभाव राष्ट्रीय सीमाओं से परे था."

    "साल 2004 से 2014 तक प्रधानमंत्री के तौर पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम और महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना जैसी उनकी परिवर्तनकारी नीतियों ने समानता और समावेशिता के प्रति उनकी दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाया है."

    दिसानायके ने ब्रिक्स में मनमोहन सिंह के योगदान और भारत-अमेरिका परमाणु समझौते को उनकी कूटनीति का अच्छा उदाहरण बताया.

    दिसानायके ने ये भी लिखा, "उनकी विनम्रता, बुद्धिमता और सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा."

    गुरुवार को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा.

    ये भी पढ़ें:

  12. इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा के अहम अस्पताल को खाली कराया, अमीर नादेर, बीबीसी न्यूज़

    स्वास्थ्यकर्मियों ने कहा है कि इसराइली सेना ने उत्तरी ग़ज़ा के कमाल अदवान अस्पताल को जबरन खाली करा दिया है.

    ये अस्पताल उत्तरी ग़ज़ा में उन चंद अस्पतालों में शामिल है, जहां अभी तक मरीज़ों का इलाज चल रहा था.

    इससे पहले अस्पताल के चारों ओर इलाके में इसराइली सेना के हवाई हमले में कथित तौर पर कई लोग मारे गए थे.

    कमाल अदवान अस्पताल में नर्सिंग विभाग की प्रमुख डॉ. ईद सबा ने बीबीसी को बताया कि शुक्रवार को सुबह लगभग सात बजे सेना ने अस्पताल प्रशासन को मरीज़ों और कर्मचारियों को उनके कमरे से बाहर निकालने के लिए सिर्फ़ 15 मिनट की मोहलत दी थी.

    डॉ. सबा ने कहा कि सेना इसके बाद अस्पताल में घुस गई और कमरों में मौजूद बाकी मरीज़ों को भी निकालने लगी. वो अब भी मरीज़ों का निकाल रही है.

    दूसरी ओर, इसराइली सेना ने कहा कि उन्हें इस इलाके में हवाई हमले के बारे में जानकारी नहीं है. वो इस हमले में मेडिकल कर्मियों की मौतों की रिपोर्टों को देख रही है.

    कमाल अदवान अस्पताल के निदेशक ने दावा किया था अस्पताल के आसपास इसराइली हवाई हमले में लगभग 50 लोग मारे गए हैं. इनमें पांच मेडिकल स्टाफ हैं.

    बेत लाहिया इलाके में मौजूद कमाल अदवान अस्पताल अक्टूबर में उत्तरी ग़ज़ा पर लागू इसराइली नाकेबंदी के दायरे में रहा है.

    इसराइली सेना का कहना है कि यहां हमास के लड़ाके दोबारा गोलबंदी में लगे थे. इसीलिए उसने यहां हमले शुरू किए हैं.

    हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक़ पिछले साल 7 अक्टूबर को हमास लड़ाकों की ओर से इसराइल पर हमले के बाद की गई जवाबी कार्रवाई में 45 हजार से ज्यादा फ़लस्तीनियों की मौत हो चुकी है.

    ये भी पढ़ें:

  13. कार्टून: इतिहास, अर्थशास्त्र और मनमोहन सिंह

  14. दक्षिण कोरिया : कार्यवाहक राष्ट्रपति डक-सू के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पर वोटिंग, आगे क्या होगा?

    दक्षिण कोरिया में कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू के ख़िलाफ़ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव के लिए मतदान पूरा हो गया है.

    महाभियोग के प्रस्ताव पर कुल 192 सांसदों ने मतदान किया है. इसे पारित होने के लिए 151 वोटों से ज्यादा वोटों की ज़रूरत है.

    अब कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू के ख़िलाफ़ महाभियोग को भी संवैधानिक अदालत के पुष्टि की आवश्यकता है और इस महाभियोग को बरकरार रखने के लिए अदालत के पास 180 दिन का समय है.

    शुक्रवार को कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने कहा, "मैं नेशनल असेंबली के फैसले का सम्मान करता हूं और मैं संवैधानिक अदालत के फैसले का इंतजार करूंगा."

    पूर्व राष्ट्रपति यून सुक-योल ने 3 दिसंबर को दक्षिण कोरिया में मार्शल लॉ लागू किया था जो कि असफल रहा.

    उनकी ओर से मार्शल लॉ लागू करने के असफल प्रयास के कारण संसद में उनके ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव पास लिया गया था.

    जिसके बाद प्रधानमंत्री हान ने उनका पद संभाला.

    कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू के ख़िलाफ़ महाभियोग प्रस्ताव लाने के पीछे विपक्षी सांसदों ने ये तर्क दिया कि वो पूर्व राष्ट्रपति यून के ख़िलाफ़ महाभियोग की प्रक्रिया को पूरा करने वाली मांगों को स्वीकार नहीं कर रहे थे.

    शुक्रवार को संसद में महाभियोग पर मतदान के दौरान काफी हंगामा हुआ.

  15. गंगा-जमुनी तहज़ीब के प्रतीक थे मनमोहन सिंह: सैयदा हमीद

    सामाजिक कार्यकर्ता और योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद ने भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर श्रद्धांजलि दी है.

    उन्होंने मनमोहन सिंह को याद करते हुए लिखा है, ''डॉ. मनमोहन सिंह के निधन की ख़बर ने मुझे स्तब्ध कर दिया है. ऐसा लगता है कि मेरे अंदर की सांसें थम गई हैं.''

    सैयदा हमीद ने लिखा, ''मैं पिछले दो दशक से डॉ. सिंह के दायरे में रही हूं. 2004 में योजना आयोग की सदस्य के तौर पर शपथ लेते हुए मैं उनके सामने खड़ी थी. 2024 में मैं एक बार फिर उनके सामने खड़ी थी. अपनी आत्मकथा ‘ड्रॉप इन द ओशन’ लेकर. उन्होंने इसके कवर पर बड़ी ही खूबसूरत लाइनें लिखी थीं.''

    उन्होंने लिखा , ''डॉ. सिंह से दो दशक की जान-पहचान और नज़दीकी के बाद आज अचानक मेरे समेत पूरे भारत और दुनिया के सामने एक शून्य आ खड़ा हुआ है. बहुत सारे लोगों को आज इस बात का अहसास होगा कि आख़िर वो भारत के लिए क्या थे. मैं उनके साथ अपने निजी अनुभवों को साझा कर रही हूं. पाठक इसे पढ़ कर एक बड़े फलक पर चीजों को देख पाएंगे.''

    सैयदा हमीद ने लिखा, ''योजना आयोग में अर्थशास्त्रियों और प्रशासकों से घिरी मैं अपने अपर्याप्त ज्ञान को लेकर बेहद परेशान थी. मुझे सिर्फ लिखना आता था और मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता थी. दस साल तक मैं योजना भवन में सिर्फ एक मात्र महिला सदस्य थी. लेकिन इस दौरान जिस एक शख़्स ने मेरी मदद की और मेरी बात सुनी वो थे योजना आयोग के अध्यक्ष डॉ. मनमोहन सिंह. उन्होंंने फील्ड से भेजी मेरी कुछ रिपोर्टों को देखा. इन्हें उनके पास योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह आहलूवालिया ने भेजा था.''

    सैयदा हमीद लिखती हैं, '' डॉ. सिंह बेहद कम बोलते थे. बेहद नपे-तुले अंदाज़ में. उनके कुछ शब्द ही मेरे दिल को छू गए. उन्होंंने कहा था कि बाहर निकलिए और देश में घूमिये, इसे पहचानिए. जो देखिएगा उसे लिखिएगा. कुसुम नैयर ने ‘ब्लॉसम इन द डस्ट’ लिखा था. ये 1961 की बात है. अब इसे अपडेट करने की ज़रूरत है.''

    उन्होंने लिखा है, ''मेरी लिखी 45 रिपोर्टों में से दो पर मुझे गर्व है क्योंकि ये नीतियों में बदलाव की वजह बनीं. गढ़चिरौली पर मेरी एक रिपोर्ट मोंटेक सिंह आहलूवालिया को भेजी गई. दस दिन बाद मेरे पास संदेश आया कि इस पर बात होनी चाहिए कि क्या रूरल हेल्थ मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर अहम जिम्मेदारी दी जा सकती है. इससे पहले मेवात पर लिखी मेरी रिपोर्ट के बाद इसे मनरेगा के दायरे में लाया गया. गढ़चिरौली को नेशनल रूरल हेल्थ मिशन के तहत लाया गया. ये सब सिर्फ इसलिए हुआ कि मनमोहन सिंह ने मेरी बातों को सुना और इस पर गौर किया.''

    उन्होंने लिखा है. '' डॉ. सिंह हमारे देश की गंगा-जमुनी तहज़ीब के प्रतीक थे. 2008 का वक़्त था और मैं पीएम हाउस में गई थी. उस दौरान पाकिस्तान के चकवाल ज़िले के उनके गांव गाह से एक आदमी आया था.सीमा पार कर वो अपने स्कूल के दोस्त ‘मोहना’ से मिलने आया था. वो शख़्स उस गांव का पानी और मिट्टी लेकर आया था. अली राजा मोहम्मद और मनमोहन सिंह 1947 में अलग हुए थे लेकिन 2008 में वो फिर मिले. न सिर्फ ये इलाका बल्कि पूरा दक्षिण एशिया डॉ. सिंह का बेहद अपना था.''

    ये भी पढ़ें:

  16. नमस्कार!

    अब बीबीसी संवाददाता संदीप राय को दीजिए इजाज़त.

    अब से रात दस बजे तक बीबीसी संवाददाता कीर्ति रावत आप तक ख़बरें पहुंचाएंगी.

    फ़िलहाल बीबीसी हिंदी के पेज पर मौजूद कुछ बड़ी ख़बरों को आप नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं.

    - मनमोहन सिंह ने प्रधानमंत्री बनने के बाद कई बार पत्रकारों के सवालों का सामना किया था लेकिन उनकी आख़िरी प्रेस कॉन्फ़्रेस में कई मुश्किल सवाल किए गए थे, जिनका उन्होंने सामना भी किया था और जवाब भी दिया था. पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - मनमोहन सिंह के निधन के बाद अंतरराष्ट्रीय मीडिया में उनकी कई बातों की चर्चा हो रही है. आखिर मनमोहन सिंह के किस साहस की चर्चा विदेशी मीडिया में ख़ूब हो रही है? पढ़ने के लिए क्लिक करें.

    - अफ़ग़ानिस्तान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान की सेना ने अफ़ग़ान प्रांत पकतीका के ज़िला बरमल में वायु सीमा का उल्लंघन करते हुए एक शरणार्थी कैंप पर बमबारी की. वहीं पाकिस्तानी सेना ने अभी इस पर कुछ नहीं कहा है. पूरी रिपोर्ट पढ़ने के लिए क्लिक करें.

  17. ब्रेकिंग न्यूज़, मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड माने जाने वाले अब्दुल रहमान मक्की की लाहौर में हार्ट अटैक से मौत

    मुंबई हमलों के कथित मास्टरमाइंड और हाफ़िज़ सईद के साले हाफ़िज़ अब्दुल रहमान मक्की की शुक्रवार को मौत हो गई है.

    मक्की प्रतिबंधित संगठन जमात उद-दावा के प्रमुख थे. मक्की की भतीजी तल्हा सईद ने बीबीसी उर्दू से उनकी मौत की पुष्टि की है.

    तल्हा सईद ने बताया कि मक्की लंबे समय से डायबिटीज़ के मरीज़ थे और दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हुई है.

    उन्होंने ये भी बताया कि पंजाब (पाकिस्तान) सरकार के आदेश पर साल 2019 में मक्की को गिरफ़्तार किया गया. मक्की को टेरर फाइनेंसिंस से जुड़े मामले में आतंकवाद रोधी अदालत ने छह महीने की सज़ा सुनाई गई थी.

    हालांकि, रिहाई के बाद से वह बीमार थे और सार्वजनिक जीवन से उन्होंने दूरी बना ली थी.

    साल 2023 में मक्की को संयुक्त राष्ट्र ने वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था.

    26 नवंबर 2008 को लश्कर-ए-तैयाब के दस चरमपंथियों ने मुंबई की कई जगहों और प्रतिष्ठित इमारतों पर हमला कर दिया था. ये हमला चार दिन तक चला और इसमें 160 से अधिक लोगों की जान गई थी.

  18. मेलबर्न टेस्ट में भारत की मुश्किलें बढ़ीं, 164 रन पर गिरे पाँच विकेट

    ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ बॉक्सिंग डे टेस्ट के दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने अपनी पहली पारी में पाँच विकेट पर 164 रन बनाए हैं.

    ऋषभ पंत छह और रवींद्र जडेजा चार रन पर नाबाद हैं.

    इससे पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम 474 रन बनाकर आउट हो गई. ऑस्ट्रेलिया की ओर से स्टीवेन स्मिथ ने सर्वाधिक 140 रन बनाए.

    जबकि भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह ने चार विकेट और रवींद्र जडेजा ने तीन विकेट लिए.

    पहली पारी के आधार पर भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया से अब भी 310 रन पीछे है.

    ऑस्ट्रेलिया के 474 रन के जवाब में भारत ने काफ़ी ख़राब शुरुआत की. कप्तान रोहित शर्मा एक बार फिर बल्ले से नाकाम रहे.

    वे सिर्फ़ तीन रन बनाकर आउट हो गए. केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल ने भारतीय पारी संभाली.

    लेकिन राहुल 24 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद विराट कोहली और यशस्वी जायसवाल ने अच्छी बल्लेबाज़ी की.

    वे भारत का स्कोर 153 तक ले गए. उनके बीच 102 रनों की साझेदारी हुई. लेकिन यशस्वी जायसवाल के दुर्भाग्यपूर्ण तरीक़े से रन आउट होने के बाद भारत फिर मुश्किल में पड़ गया.

    यशस्वी जायसवाल 82 रन बनाकर आउट हुए. उनके तुरंत बाद विराट कोहली भी 36 रन बनाकर आउट हो गए. जबकि आकाश दीप अपना खाता भी नहीं खोल पाए.

    मेलबर्न में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिरीज़ का चौथा टेस्ट मैच खेला जा रहा है. इस सिरीज़ में दोनों टीमें एक-एक टेस्ट जीत चुकी है, जबकि एक टेस्ट ड्रॉ समाप्त हुआ था.

  19. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मनमोहन सिंह के निधन पर क्या कहा

    भारत के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन पर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शोक संदेश जारी किया है.

    अपने एक्स हैंडल पर मैक्रों ने कहा, “डॉ. मनमोहन सिंह के रूप में भारत ने एक महान व्यक्ति और फ्रांस ने एक सच्चा दोस्त खो दिया है. उन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी को देश के नाम कर दिया था. उनके परिवार और भारत के लोगों प्रति हमारी संवेदनाएं हैं.”

    अमेरिका ने भी मनमोहन सिंह के निधन पर शोक जताते हुए उन्हें भारत-अमेरिका संबंधों का शिल्पकार क़रार दिया है.

    भारत के अमेरिकी राजदूत एरिक गार्सेटी ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के निःस्वार्थ योगदान को याद करते हुए लिखा, "उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों में ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत की. भारत के विकास और समृद्धि के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमें प्रेरणा देती रहेगी. उनके महान नेतृत्व और विज़न के लिए हम आभारी हैं."

    गुरुवार को मनमोहन सिंह का दिल्ली के एम्स अस्पताल में निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा.

  20. मनमोहन सिंह के कार्यकाल में रेल मंत्री रहे लालू प्रसाद यादव ने उनके निधन पर ये कहा

    यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे लालू यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निधन को देश के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है.

    समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उन्होंने कहा, “उनके जाने से देश को बहुत बड़ी क्षति हुई है. डॉ. मनमोहन सिंह जैसे ईमानदार, निष्ठावान नेता विरले ही मिल सकता है; जिनपर कोई आरोप नहीं लगा. मैं उन्हीं के मंत्रीमंडल में मंत्री था और रेल मंत्री रहते हुए उनका मुझे बहुत बड़ा सहयोग मिला.”

    लालू प्रसाद यादव ने कहा, “उनके निधन का समाचार सुन कर गहरा आघात लगा है. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे.”

    लालू यादव ने एक्स पर भी शोक संदेश में लिखा, “सरदार मनमोहन सिंह जी ईमानदारी, सादगी, सज्जनता, सरलता, विनम्रता, बुद्धिमत्ता और दूरदर्शिता की प्रतिमूर्ति थे. आर्थिक उदारीकरण के शिल्पकार सरदार मनमोहन सिंह ने आधुनिक और स्वावलंबी भारत की नींव रखी.”

    बिहार को दिए सहयोग को याद करते हुए उन्होंने लिखा, “साल 2004 से 2014 के बीच उन्होंने बिहार और भारत को बेहतरीन और स्वर्णिम दशक दिया. रेलमंत्री के रूप में हमारे आग्रह पर उन्होंने बिहार को विकास कार्यों के लिए एक लाख 44 हज़ार करोड़ रुपये की धनराशि और परियोजनाएं दीं. कोसी विभीषिका के हमारे निवेदन पर बिहार आए और हज़ारों करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दी.”

    बिहार में सत्तारूढ़ पार्टी जेडीयू नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, "डॉ. मनमोहन सिंह जी कई मामलों में राजनीतिक दबाव में काम करने वाले व्यक्ति नहीं थे. आने वाले इतिहास में डॉ. मनमोहन सिंह जी देश की अर्थव्यवस्था में आर्थिक स्थिति को सुधारने वाले के रूप में जाने जाएंगे और उनका नाम आदर के साथ लिया जाएगा."

    गुरुवार रात मनमोहन सिंह का निधन हो गया. उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा. भारत सरकार ने सात दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.