डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ वाला केस फ्लोरिडा की अदालत ने ख़ारिज किया

फ्लोरिडा की एक अदालत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ वाले केस को खारिज कर दिया है.

सारांश

  • डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ वाला केस फ्लोरिडा की अदालत ने ख़ारिज किया.
  • इमरान ख़ान की व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल के ज़रिए अदालत में पेशी का उनके वकीलों ने विरोध किया.
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के नए प्रधानमंत्री केपी ओली को बधाई और शुभकामनाएं दीं.
  • झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली में मुलाक़ात की.

लाइव कवरेज

दीपक मंडल

  1. डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ वाला केस फ्लोरिडा की अदालत ने किया ख़ारिज

    गोपनीय दस्तावेज़

    इमेज स्रोत, DOJ

    इमेज कैप्शन, गोपनीय दस्तावेज़

    फ्लोरिडा की एक अदालत ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ख़िलाफ़ गोपनीय दस्तावेज़ों को अवैध रूप से रखने के मामले को ख़ारिज कर दिया है.

    जज एलीन कैनन ने फ़ैसला सुनाया कि अभियोजन के विशेष वकील जैक स्मिथ को उनकी भूमिका के लिए अवैध तरीक़े से नियुक्त किया गया था और उनके पास मामला लाने का अधिकार नहीं था.

    दिलचस्प बात ये है कि कैनन की नियुक्ति ट्रंप ने ही की थी. जज ने कहा कि स्मिथ की नियुक्ति ने संविधान का भी उल्लंघन किया है. इस मामले में जज ने कुल 93 पेज लंबा फ़ैसला सुनाया है.

    क्या कहा ट्रंप ने

    ट्रंप ने कहा कि इस मामले का ख़ारिज होना पहला कदम होना चाहिए था. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि उनके ख़िलाफ़ सभी चार आपराधिक मामलों को ख़त्म किया जाना चाहिए.

    अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में, ट्रंप ने कहा कि न्याय विभाग ने "इन सभी राजनीतिक हमलों का निपटारा किया है जो मेरे राजनीतिक विरोधियों की मेरे ख़िलाफ़ एक चुनावी साज़िश थी."

    ट्रंप पर अमेरिकी राष्ट्रपति का पद छोड़ने के बाद व्हाइट हाउस से अपने निजी निवास पर गोपनीय दस्तावेजों को ग़लत तरीक़े से ले जाने का आरोप था.

    इसके अलावा ट्रंप पर उन दस्तावेजों को दोबारा प्राप्त करने के लिए एफबीआई की कोशिशों में बाधा डालने का भी आरोप है.

    ट्रंप का यह काम अधिकतर राष्ट्रीय सूचनाओं को जानबूझ कर अपने पास रखना जासूसी अधिनियम के तहत भी आता है.

    इसके अलावा ट्रंप पर आठ अलग-अलग आरोप लगे थे. इन आरोपों में, न्याय में बाधा डालने की साजिश, दस्तावेज़ या रिकॉर्ड को रोकना और झूठे बयान देना जैसे आरोप शामिल हैं. हालांकि ट्रम्प ने सभी आरोपों में खुद को निर्दोष बताया.

  2. इमरान ख़ान की व्हॉट्सऐप कॉल के ज़रिए अदालत में पेशी

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान ख़ान की फ़ाइल फोटो

    पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ पार्टी के संस्थापक और देश के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान, पिछले साल 9 मई के हिंसक विरोध प्रदर्शन से संबंधित मामलों में सोमवार को लाहौर की आतंकवाद निरोधक अदालत में व्हॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए पेश हुए.

    कोर्ट में मौजूद स्थानीय पत्रकार वकास अवान के मुताबिक, “उन्होंने वीडियो लिंक के जरिए अपनी दलीलों में कोर्ट से कहा कि मेरे ऊपर लगे आरोप झूठे हैं. मैंने अपने राजनीतिक इतिहास में कभी भी हिंसक घटनाएं नहीं की."

    इमरान ख़ान ने आगे कहा, "मेरे घर पर हमला किया गया. मैंने शांतिपूर्ण विरोध किया था. 9 मई के घेराव की न्यायिक जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में अर्ज़ी दाख़िल की गई है. वे कहते हैं हमसे माफी मांगो. मैं आपसे कहता हूं कि आप मुझसे माफी मांगो, आपने ग़लत किया है."

    कोर्ट में मौजूद पत्रकार अली अरशद के मुताबिक, इमरान खान करीब दो मिनट तक अपने मोबाइल फोन पर व्हॉट्सऐप कॉल पर रहे और 9 मई की घटनाओं के बारे में जज को दलीलें देते रहे.

    इस बीच, इमरान खान को व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं करने पर उनके वकीलों ने आपत्ति जताई.

    वकील उस्मान रियाज़ गुल ने पक्ष रखा कि 'यह संभव नहीं है कि अभियुक्त अदालत के सामने मौजूद न हो और उसकी रिमांड की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए.

    उस्मान रियाज़ गुल और वकील अज़हर सिद्दीकी ने अदालत में पिछले कई फैसलों की मिसाल दी.

    वकील अज़हर सिद्दीकी ने कहा, "इस कोर्ट के पास ये अधिकार नहीं है, अगर होगा तो ये ग़ैरक़ानूनी होगा. हमारी आपत्ति है कि पहले यह तय किया जाए कि क्या ऐसी सुनवाई हो सकती है."

    जज ख़ालिद अरशद ने सरकारी वकील से पूछा कि 'आप इमरान खान को कोर्ट में पेश क्यों नहीं कर सकते?

    सरकारी वकील ने अपने जवाब में सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा कि इस बात की लिखित में जानकारी दी जा चुकी है.

    लाहौर की अदालत ने अपना फ़ैसला फ़िलहाल सुरक्षित रख लिया है, लेकिन जज ख़ालिद अरशद ने कहा कि रिमांड को लेकर बाद में फ़ैसला किया जाएगा.

  3. होमलैंड सिक्योरिटी के सेक्रेटरी का बयान, रैली के दौरान ट्रंप पर नहीं पड़नी चाहिए थी सीधी नज़र

    हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप

    होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी एलेजांद्रो मेयरकस ने पत्रकारों को बताया कि डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान कहां चूक रह गई.

    एबीसी न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा, "पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पर इस तरह की सीधी नज़र पड़ना सही नहीं है और इस घटना की जांच एक स्वतंत्र समीक्षा के तहत की जा रही है. इसकी घोषणा कल ही राष्ट्रपति जो बाइडेन ने की थी."

    यूएस सीक्रेट सर्विस ने भी अपने एक बयान में कहा है कि वह जांच के महत्व को समझती है और इसमें पूरी तरह से शामिल होगी.

    डोनाल्ड ट्रंप बीते शनिवार को पेनसिल्वेनिया में एक रैली में भाग ले रहे थे, तभी उन पर जानलेवा हमला हुआ था.

    हमलावर ने ट्रंप पर छत से लगभग 130 मीटर की दूरी से राइफ़ल के ज़रिए गोली चलाई थी. हालांकि इस बात पर भी सवाल उठ रहे हैं कि हमलावार आख़िर वहां तक पहुंचा कैसे?

  4. वायरल वीडियो पर हरभजन सिंह ने दी सफ़ाई

    भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह

    भारत के पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने आधिकारिक हैंडल से एक पोस्ट की, जो वायरल हो गई और अब उन्हें इस पर सफ़ाई देनी पड़ी है.

    इंग्लैंड में खेले गए वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के फ़ाइनल मुकाबले में इंडिया चैंपियन ने पाकिस्तान चैंपियन को पांच विकेट से हराकर ख़िताब पर कब्ज़ा जमाया था.

    इस जीत के बाद भारत के पूर्व क्रिकेट खिलाड़ियों- युवराज सिंह, हरभजन सिंह और सुरेश रैना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा.

    इस वीडियो में ये तीनों ही खिलाड़ी शारीरिक रूप से अक्षम लोगों की नकल करते नज़र आए, जिसके लिए उनकी आलोचना भी हुई. इसी पर अब हरभजन सिंह ने अपनी सफ़ाई दी है.

    हरभजन सिंह ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “मैं बस अपने लोगों को, जो इंग्लैंड में जीती चैंपियनशिप के बाद सोशल मीडिया में वीडियो को लेकर शिकायत कर रहे हैं, उन्हें यह साफ़ करना चाहता हूं कि हम किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं चाहते थे.”

    हरभजन सिंह ने अपनी सफ़ाई में आगे कहा कि "हम हर किसी व्यक्ति और समुदाय का सम्मान करते हैं और यह वीडियो बस हमारी उस शारीरिक अवस्था को दिखाने के लिए था, जो 15 दिन तक लगातार क्रिकेट खेलने की वजह से थी."

    उन्होंने आगे लिखा, “हमारी कोशिश किसी को अपमानित करने की नहीं थी. लेकिन अगर फिर भी लोगों को लगता है कि हमने कुछ ग़लत किया है, तो हम अपनी तरफ से आप सभी से माफ़ी मांगते हैं. कृपया अब इसे यहीं रोक दें और आगे बढ़े. खुश रहें और स्वस्थ रहें. आप सभी को प्यार.”

  5. ट्रंप पर गोली चलाने वाले को नहीं मिली थी हाई स्कूल की राइफ़ल टीम में जगह

    ट्रंप पर गोली चलाने वाला व्यक्ति

    इमेज स्रोत, REUTERS

    इमेज कैप्शन, ट्रंप पर गोली चलाने वाला व्यक्ति

    बीबीसी की पड़ताल में पता चला है कि ट्रंप पर गोली चलाने वाले 20 वर्षीय थॉमस क्रूक्स को हाई स्कूल राइफ़ल टीम में शामिल करने से मना कर दिया गया था.

    ट्रंप पर हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने क्रूक्स को भी गोली मार दी थी जिससे उसकी मौत हो गई.

    क्रूक्स के एक सहपाठी ने एबीसी न्यूज़ को बताया कि प्रीसेशन सीज़न के बाद हाई स्कूल ने क्रूक्स को वापस टीम में आने से मना कर दिया था.

    जेम्सन मायर्स ने कहा, "क्रूक्स टीम में जगह भी नहीं बना पाया और उसे टीम में वापस ना आने के लिए भी कहा गया. इसकी वजह थी कि उसका शॉट काफी ख़राब और ख़तरनाक माना गया था."

    वहीं उसकी टीम के एक और सदस्य ने बताया कि थॉमस क्रूक्स कितने ख़राब शॉट लगाता था और वह राइफ़ल टीम में शामिल होने के लिए बिलकुल भी फिट नहीं था.

    स्कूल डिस्ट्रिक्ट ने भी बताया कि क्रूक्स ने दोबारा कभी टीम में शामिल होने की कोशिश नहीं की और ना ही कभी वो रोस्टर में शामिल हुआ.

    हालांकि क्रूक्स कम से कम एक साल तक स्थानीय शूटिंग क्लब क्लेयरटन स्पोर्ट्समेन्स क्लब से जुड़ा रहा.

  6. भोजशाला परिसर पर एएसआई ने हाई कोर्ट में पेश की अपनी सर्वे रिपोर्ट, जानिए पूरा मामला, शुरैह नियाज़ी, बीबीसी हिंदी के लिए, भोपाल से

    भोजशाला परिसर

    इमेज स्रोत, SHURAIH NIAZI

    इमेज कैप्शन, भोजशाला परिसर

    भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर पर अपनी सर्वे रिपोर्ट सोमवार को पेश कर दी.

    एएसआई ने भोजशाला के वैज्ञानिक सर्वेक्षण का आदेश इस साल 11 मार्च को दिया था.

    अदालत ने ‘हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस’ की याचिका पर ये फ़ैसला सुनाया था. इस रिपोर्ट में पता चलेगा की एएसआई को अपने सर्वे में क्या क्या मिला? यह रिपोर्ट तक़रीबन 2000 पेजों की है.

    कोर्ट के आदेश पर भोजशाला के सर्वे की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई थी. हालांकि अभी तक एएसआई ने नहीं बताया है कि उसे उस स्थान से क्या क्या मिला?

    लेकिन हिंदू पक्ष का दावा है कि भोजशाला में सर्वे के दौरान बहुत सारे हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां मिली हैं जिससे उनका दावा मज़बूत होता है. इस मामले की अगली सुनवाई 22 जुलाई को होगी.

    क्या है पूरा मामला

    धार स्थित भोजशाला

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, धार स्थित भोजशाला परिसर

    मध्य प्रदेश में भोजशाला का मामला अक्सर उठता रहा है. साल 2003 में एएसआई ने एक समाधान निकालते हुए यहां हिंदुओं को मंगलवार को पूजा, वहीं मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को नमाज़ पढ़ने की इजाज़त दी थी.

    इसके साथ ही ये भी व्यवस्था हुई कि हिंदू बसंत पंचमी के दिन यहां पूजा कर सकते हैं.

    ‘हिंदू फ़्रंट फ़ॉर जस्टिस’ ने एएसआई के आदेश को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में दो मई, 2022 को चुनौती दी.

    इनका कहना था कि भोजशाला परिसर पर सिर्फ़ हिंदू समुदाय के लोगों को पूजा करने का अधिकार है.

    भोजशाला के बारे में बताया जाता है कि इसकी स्थापना राजा भोज ने एक महाविद्यालय के रूप में की थी. जिसे बाद में भोजशाला के रूप में जाना जाने लगा.

    भोजशाला या सरस्वती मंदिर के अवशेष अब भी प्रसिद्ध कमाल मौला मस्जिद में देखे जा सकते हैं, जिसे धार के तत्कालीन मुस्लिम शासकों ने बनवाया था.

    मस्जिद में एक बड़ा खुला प्रांगण है, जिसके चारों ओर स्तंभों से सजा एक बरामदा और पीछे पश्चिम में एक प्रार्थना गृह स्थित है.

    यहां कमाल अल दीन का मज़ार है. वो चिश्ती संत हैं और फ़रीद अल-दीन गंज-ए शकर और निज़ामुद्दीन औलिया के अनुयायी थे.

    उनका मकबरा इस मस्जिद के पास है, जिसके बारे में दावा किया जाता है कि इसे मंदिर के हिस्सों से बनाया गया है.

  7. ट्रंप जानलेवा हमले के बाद सुरक्षाकर्मियों से क्यों मांगने लगे थे अपने जूते?

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

    पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खु़द पर हुए जानलेवा हमले के दौरान सुरक्षाकर्मियों से अपने जूतों के बारे में पूछा था.

    यह जानकारी ट्रंप के न्यूयॉर्क पोस्ट के साथ हुए एक इंटरव्यू से बाहर निकल कर आई है.

    ट्रंप पर हुए जानलेवा हमले के एक वीडियो में ट्रंप को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि 'मैं अपने जूते चाहता हूं.'

    इस बारे में ट्रंप ने न्यूयॉर्क पोस्ट को बताया कि जब उन पर गोली चली तो सुरक्षा एजेंसियों के एजेंटों ने उनको घेर लिया और ज़मीन पर लिटा दिया, वह सब इतनी जल्दी हुआ कि जूता पैर से निकल गया.

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Reuters

    उन्होंने अख़बार को बताया, "मेरा जूता टाइट था."

    इसके अलावा उस इंटरव्यू में ट्रंप ने सीक्रेट सर्विस की सराहना करते हुए हमलावर को गोली मारने के लिए उनकी तारीफ़ भी की.

  8. इमरान ख़ान की पार्टी पर बैन की योजना पर पीटीआई ने सेना पर साधा निशाना

    पीटीआई कार्यकर्ता

    इमेज स्रोत, EPA-EFE/REX/Shutterstock

    पाकिस्तान सरकार के तहरीक-ए-इंसाफ़ (पीटीआई) दल पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर पीटीआई ने जवाब दिया है.

    पीटीआई ने सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर सीधे पाकिस्तान के सेना प्रमुख को निशाने पर लिया है.

    पीटीआई ने लिखा है, “आठ फ़रवरी को तहरीक-ए-इंसाफ़ को मिले जनमत की वापसी से जनरल आसिम मुनीर और उनकी कठपुतली हुकूमत की बदहवासी बढ़ती जा रही है. जिसके बाद वो तहरीक-ए-इंसाफ़ पर पाबंदी लगाने का दिन में ख़्वाब देखना शुरू हो गए हैं.”

    “जनरल आसिम मुनीर होश में आएं और संविधान से खिलवाड़ बंद करके पाकिस्तान की बुनियादों को मत हिलाएं.”

    “कोई भी पाकिस्तानी देशभक्त देश के सबसे बड़े और लोकप्रिय संगठन पर पाबंदी नहीं सोच सकता. ये करना पाकिस्तान की बुनियादों को हिलाने और देश को गृह युद्ध में भेजने जैसा है.”

    “हमुदुर रहमान आयोग की रिपोर्ट से सीखें और आग से खेलना बंद करें.”

    “आपके अहंकार को संतुष्ट करने के लिए देश का नुक़सान देश बर्दाश्त नहीं करेगा.”

  9. अरविंद केजरीवाल के वज़न को लेकर आम आदमी पार्टी और बीजेपी में क्यों हुई बहस

    अरविंद केजरीवाल

    इमेज स्रोत, ANI

    तिहाड़ जेल में बंद दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का वज़न घटने के सवाल पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी के बीच बहस हुई है.

    आम आदमी पार्टी ने दावा किया था कि जेल में रहने के दौरान अरविंद केजरीवाल का वज़न साढ़े आठ किलो घट गया.

    हालांकि पीटीआई समाचार एजेंसी ने बताया है कि तिहाड़ जेल प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि उनका वज़न सिर्फ़ दो किलो घटा है. एम्स का मेडिकल बोर्ड लगातार उनके स्वास्थ्य पर नज़र रखे हुए है.

    सूत्रों ने बताया कि जेल प्रशासन ने दिल्ली सरकार के गृह विभाग को इस सिलसिले में चिट्ठी लिखी है.

    इसमें आम आदमी पार्टी के नेताओं और मंत्रियों की ओर से केजरीवाल के वज़न को लेकर उठाए जाने वाले सवालों को लेकर कहा गया है कि इस तरह की बातें लोगों को 'भ्रमित और गुमराह' करती हैं.

    तिहाड़ जेल प्रशासन के सूत्रों की ओर से केजरीवाल के वज़न में गिरावट की बात मानने के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह का बयान आया है.

    उन्होंने कहा, ''तिहाड़ जेल प्रशास ने माना है कि केजरीवाल जी का वज़न घट रहा है.''

    आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, ''जेल प्रशासन ने कई बार दिल्ली के सीएम की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक की है. किसी भी मरीज़ की मेडिकल रिपोर्ट सार्वजनिक करना अपराध है. इसका मतलब ये है कि अरविंद केजरीवाल की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है. इस मामले में तुरंत एक्शन लिया जाना चाहिए.''

    इस मामले में बीजेपी नेता शहज़ाद पूनावाला ने कहा कि मीडिया में दस्तावेजों और तथ्यों को दिखाया गया है कि अप्रैल में जेल जाने और अंतरिम राहत मिलने के बीच अरविंद केजरीवाल का वज़न आठ से साढ़े आठ किलो बढ़ गया है.

  10. पाकिस्तान की सरकार बोली- वो इमरान ख़ान की पार्टी पर बैन लगाएगी

    इमरान ख़ान (फ़ाइल फ़ोटो)

    इमेज स्रोत, Reuters

    इमेज कैप्शन, इमरान ख़ान (फ़ाइल फ़ोटो)

    पाकिस्तान सरकार ने तहरीक-ए-इंसाफ़ पर प्रतिबंध लगाने और इमरान ख़ान, आरिफ़ अल्वी और कासिम सूरी के ख़िलाफ़ अनुच्छेद छह की कार्यवाही की मांग करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने का फ़ैसला किया है.

    पाकिस्तान के केंद्रीय सूचना मंत्री अता तरार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पाकिस्तान सरकार में शामिल दलों का कहना है कि वो पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ की आरक्षित सीटों के संबंध में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ समीक्षा अपील दायर करेंगे.

    उन्होंने कहा, “इसके अलावा 9 मई का हमला, साइफ़र का मामला और अमेरिका के साथ समझौते समेत ऐसे सबूत हैं, जिनके आधार पर पीटीआई पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है. इसलिए सरकार ने फ़ैसला किया है कि सभी सबूतों को देखने के बाद सरकार तहरीक-ए-इंसाफ़ पर प्रतिबंध लगाएगी.”

    उन्होंने आरोप लगाया कि तहरीक-ए-इंसाफ़ ने तालिबान को पाकिस्तान के इलाक़ों में लाकर बसाया और देश के ख़िलाफ़ साज़िश रची.

    केंद्रीय सूचना मंत्री अता तरार ने कहा कि "पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ़ को विदेशी फंडिंग दी गई, जिसमें भारतीय और इसराइली फ़ंडिंग शामिल है."

    उन्होंने तहरीक-ए-इंसाफ़ के नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश-विरोधी ताक़तों को मज़बूत किया है.

    उन्होंने कहा कि इन मामलों में शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी और पासपोर्ट ज़ब्त करने सहित सख़्त क़दम उठाए जाएंगे.

  11. डोनाल्ड ट्रंप बोले- मुझे तो अभी मरा होना चाहिए था

    पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, पेंसिल्वेनिया के बटलर में ट्रंप पर जानलेवा हमला हुआ था

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ख़ुद पर हुए जानलेवा हमले को लेकर कहा है कि वो ख़ुद को मरा हुआ मान चुके थे.

    उन्होंने इस हत्या के प्रयास को एक ‘अवास्तविक अनुभव’ बताया है.

    मिलवाउकी में रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन के लिए जाते समय उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से ये बात की है.

    उन्होंने न्यूयॉर्क पोस्ट से कहा, “मुझे यहां नहीं होना चाहिए, मुझे तो मरा होना चाहिए.”

    पोस्ट ने कहा है कि ट्रंप के दाएं कान पर पट्टी बंधी हुई है और उनके सहयोगियों ने उनकी तस्वीर लेने से मना कर दिया.

    ट्रंप ने कहा, “अस्पताल में मौजूद डॉक्टर ने कहा कि उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा, उन्होंने इसे चमत्कार बताया.”

  12. पीएम मोदी ने केपी ओली को नेपाल का पीएम बनने पर दी बधाई, क्या कहा?

    केपी शर्मा ओली

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, केपी शर्मा ओली (फ़ाइल फ़ोटो)

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केपी शर्मा ओली को नेपाल का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई दी है. केपी शर्मा ओली चौथी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बने हैं.

    प्रधानमंत्री मोदी ने ओली को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''केपी शर्मा ओली जी को नेपाल का प्रधानमंत्री बनने पर बधाई. भारत और नेपाल के संबंधों को और मज़बूत बनाने के लिए मिलकर काम करने के लिए उत्साहित हूं."

    "दोनों देशों के संबंधों के विस्तार से भारत और नेपाल के लोगों के बीच समृद्धि आएगी.''

    नेपाल

    इमेज स्रोत, TWITTER

    नेपाल में केपी शर्मा ओली की पार्टी यूनाइटेड मार्क्सवादी-लेनिनवादी ने शेरबहादुर देऊबा की नेपाली कांग्रेस के साथ नया गठबंधन बना लिया था. इससे पुष्प कमल दाहाल प्रचंड की पार्टी अल्पमत में आ गई थी. प्रधानमंत्री प्रचंड सदन में विश्वासमत हासिल नहीं कर पाए थे.

    नेपाल की 275 सदस्यों वाली प्रतिनिधि सभा में प्रचंड की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) के महज़ 32 सदस्य थे.

    प्रचंड ने 2022 के नवंबर महीने में हुआ आम चुनाव नेपाली कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ा था. नेपाली कांग्रेस चुनाव में 89 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी.

  13. शपथ ग्रहण के बाद झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी से की मुलाक़ात, रवि प्रकाश, रांची से बीबीसी हिंदी के लिए

    पीएम मोदी के साथ हेमंत सोरेन

    इमेज स्रोत, X.com

    इमेज कैप्शन, पीएम मोदी के साथ हेमंत सोरेन

    झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शपथ ग्रहण के बाद आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात की है.

    हेमंत सोरेन ने पीएम मोदी के साथ मुलाक़ात की फोटो को सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स पर शेयर किया है.

    झारखंड हाईकोर्ट से ज़मानत मिलने के बाद हेमंत सोरेन ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है. सीएम पद ग्रहण करने के बाद वह इस वक्त दिल्ली पहुंचे हुए हैं.

    हेमंत सोरेन और पीएम मोदी की मुलाक़ात की जानकारी पीएम कार्यालय ने भी एक्स पर साझा की है.

    कथित ज़मीन घोटाला मामले में हेमंत सोरेन इस साल जनवरी से जेल में थे. हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर उन्हें झूठे मामले में फंसाए जाने का आरोप लगाया था.

    हेमंत सोरेन ने दो दिन पहले कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल और आप सांसद संजय सिंह से भी मुलाकात की थी.

    इसके बाद हेमंत सोरेन वाराणसी पहुंचे और काशी विश्वनाथ और दूसरे मंदिरों में पूजा की. सोरेन ने मिर्ज़ापुर स्थित विंध्याचल धाम में भी पूजा की थी.

    हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाक़ात की है. उस समय हेमंत सोरेन के साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी थीं.

  14. विक्रम मिसरी ने संभाला विदेश सचिव का ज़िम्मा, विदेश मंत्री ने ऐसे किया स्वागत

    विदेश सचिव विक्रम मिसरी

    इमेज स्रोत, X.com

    इमेज कैप्शन, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर

    भारत के नए विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने आज से अपना कार्यभार संभाल लिया है.

    विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नए विदेश सचिव विक्रम मिसरी को शुभकामनाएं दी हैं.

    विदेश मंत्री ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि "मैं उनके सफल कार्यकाल की कामना करता हूं."

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने भी विदेश सचिव विक्रम मिसरी को शुमकामनाएं दी हैं.

    उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा है कि नए विदेश सचिव का हार्दिक स्वागत है. साथ ही उनके सफल कार्यकाल को लेकर शुभकामनाएं दी गई हैं.

    केंद्र सरकार ने विक्रम मिसरी को भारत का नया विदेश सचिव बनाया है. जिन्हें 15 जुलाई से पद पर नियुक्त किया गया है. वह विनय क्वात्रा की जगह लेंगे.

    विक्रम मिसरी 1989 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. इनका जन्म नवंबर 1964 को श्रीनगर में हुआ था. मिसरी प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के साथ भी काम कर चुके हैं. मिसरी इससे पहले विदेश मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय में भी काम कर चुके हैं.

    जनवरी 2022 में उन्हें भारत का उप राष्ट्रीय सुरक्षा सहालकार बनाया गया था. विक्रम मिसरी 2019 से 2021 तक चीन में भारत के राजदूत रह चुके हैं. इससे पहले म्यांमार में भी भारत के राजदूत रह चुके हैं.

  15. ट्रंप पर जानलेवा हमले का क्या मक़सद था, एफ़बीआई ने क्या दी जानकारी

    ट्रंप

    इमेज स्रोत, Reuters

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाले थॉमस मैथ्यू क्रुक्स को लेकर अमेरिका की जांच एजेंसी एफ़बीआई ने बयान जारी किया है.

    एफ़बीआई ने कहा है कि क्रुक्स का इस घटना को अंजाम देने का क्या मक़सद था ये अभी तक साफ़ नहीं है.

    जांच एजेंसी ने बयान में कहा है कि वो इस पूरी घटना की कड़ियां जोड़ने पर काम कर रही और शूटर के शूटिंग से पहले के सारे मूवमेंट्स को नज़र में रखते हुए इकट्ठा किए गए सुबूतों की समीक्षा हो रही है.

    बयान में कहा गया है, “अभी तक हुई जांच इशारा करती है कि शूटर अकेला था. एफ़बीआई इसकी जांच करना भी जारी रखेगी कि इस हमले में कहीं कोई सहयोगी साज़िशकर्ता था भी या नहीं.”

    क्रुक्स का कोई भी आपराधिक इतिहास नहीं है और शूटिंग में इस्तेमाल बंदूक़ भी उन्होंने वैध तरीक़े से ख़रीदी थी.

    एफ़बीआई का कहना है, “फ़िलहास सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर कोई चिंता की बात नहीं है.”

  16. कौन था ट्रंप पर जानलेवा हमला करने वाला थॉमस मैथ्यू क्रुक्स

    थॉमस मैथ्यू क्रुक्स

    इमेज स्रोत, CBS NEWS

    इमेज कैप्शन, थॉमस मैथ्यू क्रुक्स (फ़ाइल फ़ोटो)

    अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमला करने वाले युवक की पहचान हो चुकी है. हमलावर की पहचान बीस वर्षीय थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई है.

    हमलावर स्थानीय नर्सिंग होम के किचन में काम करता था. उसकी तस्वीर भी सामने आ चुकी है.

    रविवार को पेंसिल्वेनिया के बटलर में एक रैली के दौरान ट्रंप पर गोलियां चलाई गई थीं.

    इनमें से एक गोली उनके कान को छेदते हुए निकल गई थी. इसके बाद ट्रंप के चेहरे पर ख़ून दिखा था.

    सुरक्षा एंजेंसियों ने हमलावर को मौके़ पर ही मार दिया था. इस हमले में एक शख़्स की मौत हो गई थी जबकि दो लोग घायल हो गए थे.

    अब हमलावर की पहचान कर ली गई है. हमलावर का नाम थॉमस मैथ्यू क्रुक्स है जो कि पेंसिल्वेनिया के बेथल पार्क का रहने वाला था. जांच एजेंसियों ने डीएनए और फेशियल रिकग्निशन तकनीक से हमलावर की पहचान की है.

    जांचकर्ताओं का मानना है कि हमलावर ने सेमी ऑटोमैटिक राइफ़ल एआर-15 से फ़ायरिंग की थी. राइफ़ल हमलावर के पिता की थी. ये छह महीने पहले ही ख़रीदी गई थी.

    स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ स्थानीय वोटर लिस्ट से पता चला है कि हमलावर रिपब्लिकन पार्टी का ही सदस्य था.

  17. दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में मरीज़ की हत्या मामले में आम आदमी पार्टी ने उप-राज्यपाल को घेरा

    दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना

    दिल्ली के जीटीबी अस्पताल (गुरु तेग बहादुर अस्पताल) में पेट के संक्रमण का इलाज करा रहे एक 32 साल के मरीज़ की वार्ड में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई. घटना रविवार दोपहर की है.

    मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारियों ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि अभी तक हमलावर की पहचान नहीं हो पाई है.

    पुलिस ने मृतक की पहचान मोहम्मद रियाज़ुद्दीन के तौर पर की है, जो खजूरी खास के रहने वाले थे और डेंटल क्लीनिक चलाते थे.

    वो जीटीबी के वार्ड नंबर 24 में भर्ती थे. जिस समय उन्हें गोली मारी गई उस वक़्त उनकी बहन वहीं मौजूद थीं. उनके साथ एक मेडिकल अटेंडेंट भी था.

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हमलावर ने रियाज़ुद्दीन पर एक साथ कई गोलियां दागी थीं. हमलावर के साथ दो और लोग थे.

    गोली मारने के बाद तीनों वहां से फ़रार हो गए. अभी तक उनकी पहचान और गिरफ़्तारी नहीं हो पाई है.

    इस हत्याकांड के बाद आम आदमी पार्टी ने बीजेपी पर हमला करते हुए दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया है.

    आम आदमी पार्टी सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना की आलोचना करते हुए कहा है कि दिल्ली में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है, जब से उन्होंने प्रशासन संभाला है हालात लगातार खराब हुए हैं.

    पार्टी के सांसद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''बीजेपी ने दिल्ली को बर्बाद करने का संकल्प ले लिया है. देश की राजधानी में कहीं गैंगवार हो रहा है कहीं बलात्कार और नृशंस हत्या, अब तो अस्पताल भी सुरक्षित नहीं."

    "जीटीबी में रियाज़ुद्दीन की हत्या मोदी के क़ानून व्यवस्था की कलई खोलता है. आप से नफ़रत के चक्कर में दिल्ली को बर्बाद न करो मोदी जी.''

    छोड़िए X पोस्ट, 2
    X सामग्री की इजाज़त?

    इस लेख में X से मिली सामग्री शामिल है. कुछ भी लोड होने से पहले हम आपकी इजाज़त मांगते हैं क्योंकि उनमें कुकीज़ और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया हो सकता है. आप स्वीकार करने से पहले X cookie policy और को पढ़ना चाहेंगे. इस सामग्री को देखने के लिए 'अनुमति देंऔर जारी रखें' को चुनें.

    चेतावनी: बीबीसी दूसरी वेबसाइट्स की सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.

    पोस्ट X समाप्त, 2

  18. अर्जेंटीना ने कोलंबिया को 1-0 से हरा कर जीता कोपा अमेरिका फुटबॉल कप

    कोपा अमेरिका

    इमेज स्रोत, Getty Images

    अर्जेंटीना ने कोपा अमेरिका फुटबॉल टूर्नामेंट एक बार फिर जीत लिया है. कोलंबिया के ख़िलाफ़ खेले गए मैच में अर्जेंटीना 1-0 से विजयी रहा.

    अर्जेंटीना ने ये जीत स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी के दूसरे हॉफ़ में बाहर होने के बावजूद हासिल की. चोट की वजह से मेसी के बदले दूसरे खिलाड़ी को उतारा गया था.

    कोलंबिया के ख़िलाफ़ ये मुक़ाबला निर्धारित समय तक 0-0 की बराबरी पर था.

    पहले एक्स्ट्रा हॉफ़ में भी दोनों टीमें गोल नहीं कर सकी थीं. लेकिन 112वें मिनट में अर्जेंटीना के लिए लुतारो मार्तिनेज ने अपनी टीम के लिए पहला गोल किया.

    अर्जेंटीना ने आखिर तक ये लीड बनाए रखी. अर्जेंटीना ने 16वीं बार इस टूर्नामेंट को अपने नाम किया है. 2021 में उसने ब्राजील को हरा कर ये कप जीता था.

  19. जानलेवा हमले के बाद ट्रंप ने मीडिया को दिए अपने पहले इंटरव्यू में क्या कहा

    डोनाल्ड ट्रंप

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, डोनाल्ड ट्रंप (फाइल फोटो)

    अपने ऊपर जानलेवा हमले के बाद पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहली बार इंटरव्यू दिया है.

    अपने पहले इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के सम्मेलन में दिए जाने वाले भाषण को पूरी तरह नए सिरे से लिखा है. इसमें उन्होंने बाइडन की आलोचना के बजाय ‘’एकता’’ का संदेश देने पर फोकस किया है.

    डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने मिलवाउकी पहुंचे हैं. मंगलवार से यहां पार्टी का चार दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो रहा है. इसमें ट्रंप आधिकारिक तौर पर रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित होंगे.

    उन्होंने मीडिया आउटलेट ‘वॉशिंगटन एक्जामिनर’ को दिए इंटरव्यू में कहा कि वो जो भाषण देने जा रहे हैं वो ज़बरदस्त होगा.

    उन्होंने कहा, ''अगर ये नहीं होता (हमला) तो ये अब तक के सबसे असाधारण भाषणों में से एक होता. इसमें राष्ट्रपति बाइडन की नीतियों की आलोचना होती. लेकिन अब ईमानदारी से कहूं तो अब ये बिल्कुल अलग भाषण होने जा रहा है. ये देश को एक साथ लेने का मौका है. मुझे ये मौका मिला है.''

    उन्होंने कहा कि शनिवार को जो हुआ उसकी वास्तविकता अब सामने आ रही है. उन्होंने उस वक़्त के बारे में बताया जब उन्हें गोली मारी गई थी.

    ट्रंप ने कहा कि 'उनके अंदर जो ऊर्जा दिख रही है वो जनता से आ रही है. रैली में जो लोग उस वक़्त थे ये उन्हीं के उत्साह का नतीजा है.'

  20. इसराइली सेना का दावा, ग़ज़ा पर हमले में मारे गए हमास कमांडर रफा सलामा

    इसराइल-फ़लस्तीन

    इमेज स्रोत, IDF

    इसराइली सेना ने कहा है कि शनिवार को ग़ज़ा में उसके हवाई हमले में हमास के सीनियर कमांडर रफा सलामा मारे गए हैं. हालांकि हमास ने इसकी पुष्टि नहीं की है.

    इसराइली सेना ने कहा है कि सलामा ख़ान यूनिस ब्रिगेड के कमांडर थे. सेना का कहना है कि सलामा 7 अक्टूबर को इसराइल पर हमास के हमले के ‘मास्टरमाइंड्स’ में शामिल थे. वो हमास के सैन्य दस्ते के कमांडर मोहम्मद डेफड के क़रीबी सहयोगी थे.

    जबकि हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि इसराइल ने ग़ज़ा में ख़ान यूनिस के एक ऐसे शरणार्थी कैंप पर हमला किया जो मानवीय जोन में था.

    हमास

    इमेज स्रोत, REUTERS/MOHAMMED SALEM

    इमेज कैप्शन, हमले में तबाह हुई जगह के पास एक फ़लस्तीनी महिला. अल-मवासी इलाक़े को हमले के पहले तक सुरक्षित माना जा रहा था.

    मंत्रालय ने दावा किया है कि ख़ान यूनिस के नज़दीक अल-मसावी इलाके़ में हुए हमले में 114 फ़लस्तीनी मारे गए हैं और 400 घायल हुए हैं.

    इसराइल ने हमले को जायज ठहराया है. उसने कहा है कि यहां हमास के सीनियर लीडर में मौजूद थे और वो उन्हें ही निशाना बना रहा था.

    लेकिन हमास नेताओं ने कहा है कि इसराइल का ये दावा गलत है.

    हमास नेताओं की मौजूदगी का बहाना बना कर वो नागरिकों को निशाना बना रहा है.