इसराइल ने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 14 चिकित्सकों की मौत पर क्या कहा?

इसराइली सेना ने कहा है कि पिछले महीने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 14 चिकित्सकों की मौत "ग़लतफहमी" की वजह से हुई थी.

सारांश

लाइव कवरेज

अश्वनी पासवान और इफ़्तेख़ार अली

  1. अब इस लाइव पेज को विराम देने का वक़्त आ गया है. बीबीसी संवाददाता इफ़्तेख़ार अली को दीजिए इजाज़त.

    कल हम बीबीसी लाइव पेज के ज़रिए दिन भर की बड़ी ख़बरों को लेकर फिर हाज़िर होंगे.

    फ़िलहाल, हमारे होम पेज पर मौजूद कुछ अहम ख़बरों को पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक्स पर क्लिक करें.

  2. इसराइल ने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 14 चिकित्सकों की मौत पर क्या कहा?

    इसराइल-ग़ज़ा
    इमेज कैप्शन, एक मृतक के मोबाइल फ़ोन में मौजूद वीडियो से पता चला कि घटना के वक़्त एंबुलेंस की लाइट जल रही थी.

    इसराइली सेना ने कहा है कि पिछले महीने ग़ज़ा में इमरजेंसी सेवा के 14 चिकित्सकों की मौत "ग़लतफहमी" की वजह से हुई थी.

    इस घटना की जांच के दौरान इसराइली सेना (आईडीएफ) ने कई खामियां पाईं.

    सेना ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि संबंधित यूनिट के डिप्टी कमांडर को "पूछताछ के दौरान अधूरी और ग़लत रिपोर्ट देने के कारण" बर्खास्त कर दिया गया है.

    23 मार्च यानी पिछले महीने फ़लस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (पीआरसीएस) के एम्बुलेंस के काफिले, जिसमें संयुक्त राष्ट्र की एक कार और एक दमकल ट्रक भी शामिल था, उस पर इसराइली सेना की गोलीबारी हुई ती.

    इस घटना में इमरजेंसी सेवा के 14 कर्मचारियों और यूएन के एक कर्मचारी की मौत हो गई थी.

    इसराइल ने पहले ये दावा किया था कि यह काफिला हेडलाइट या फ्लैश लाइट के बिना अंधेरे में "संदिग्ध रूप से" आगे बढ़ रहा था, इसलिए इसराइली सैनिकों ने इस पर गोलीबारी की.

    कहा गया था कि इन वाहनों की आवाजाही के पहले सेना को जानकारी नहीं दी गई थी या इसके लिए सेना के साथ सहमति नहीं हुई थी.

    इसके कुछ दिनों बाद इसराइल की सेना ने स्वीकार किया कि 23 मार्च को दक्षिणी ग़ज़ा में आपातकालीन सेवा के 15 कर्मचारियों की मौत के मामले में उनके सैनिकों से ग़लती हुई है.

    इस घटना के बारे में पूरी जानकारी मारे गए पैरामेडिक्स में से एक के मोबाइल फ़ोन से रिकॉर्ड की गई वीडियो फुटेज से पता चला था.

  3. कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की उनके घर पर हत्या, पुलिस ने क्या बताया?, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए

    पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश (फ़ाइल फ़ोटो)

    कर्नाटक के पूर्व डीजीपी ओम प्रकाश की रविवार को बेंगलुरु के एक पॉश इलाके़ में स्थित उनके घर पर हत्या कर दी गई.

    बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर बी दयानंद ने बीबीसी हिंदी से कहा, "उनका शव उनके आवास पर पाया गया. जैसे ही सूचना पुलिस तक पहुंची, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया."

    उन्होंने कहा, "इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू हो गई है."

    ओम प्रकाश के शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए.

    नाम न बताने की शर्त पर अन्य पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उनकी शादीशुदा ज़िंदगी में तनाव था.

    एक अधिकारी ने कहा, "जांच में इन सभी पहलुओं पर भी गौर किया जाएगा."

    पुलिस ओम प्रकाश की पत्नी पल्लवी से पूछताछ कर रही है, जो मौक़े पर घर में मौजूद थीं.

    पुलिस का अनुमान है कि पति-पत्नी के बीच तीखी बहस के बाद शाम 4.30 से 5 बजे के बीच हत्या की गई होगी.

    बताया जाता है कि प्रकाश अपनी पत्नी से अलग रह रहे थे लेकिन कुछ समय पहले ही वह घर वापस आए थे.

    ओम प्रकाश 1981 बैच के आईपीएस अधिकारी थे. उन्हें मार्च 2015 में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया गया था. वह बिहार के थे.

  4. जम्मू-कश्मीर: रामबन में फिर शुरू हुई बारिश, एसएसपी ने ये बताया

    रामबन

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, रामबन में बारिश की वजह से राहत कार्य को रोकना पड़ा है

    जम्मू-कश्मीर के रामबन में दोबारा बारिश शुरू होने के कारण राहत कार्य को रोक दिया गया है.

    यह जानकारी रामबन के एसएसपी कुलबीर सिंह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दी है.

    उन्होंने कहा, "बारिश दोबारा शुरू हो गई है जिसकी वजह से हमारे राहत कार्य में थोड़ी दिक्कत आ रही है. अगर मौसम सुबह तक ठीक रहा तो इस काम में हम दोबारा तेज़ी लाएंगे."

    रामबन के कई इलाकों में रविवार को तड़के भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई.

    बाढ़ के कारण कई घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं. साथ ही जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर नशरी से बनिहाल के बीच क़रीब दर्जनभर जगहों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की भी घटनाएं हुई हैं.

    इसके कारण हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही पर भी असर पड़ा है.

  5. अखिलेश यादव का सीएम योगी पर निशाना, कहा- ऐसे बनते हैं योगी

    अखिलेश यादव

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, अखिलेश यादव ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर निशाना साधा है.

    समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके भारतीय जनता पार्टी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है.

    समाजवादी पार्टी के सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स अकाउंट पर प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़, अखिलेश यादव ने कहा, "समाज को कभी धर्म और कभी जाति के नाम पर बांटना ही भाजपा का काम है."

    सपा नेता ने कहा, "अगर 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 400 सीटें जीत जाती तो आज सड़कों पर राइफल और तलवार लहरा रही होती."

    प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश ने प्रदेश की योगी सरकार पर कुंभ में हुई भगदड़ में मरने वालों का आंकड़ा छिपाने का भी आरोप लगाया है.

    उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री जी झूठे प्रचार, झूठे आंकड़े देने और सच छिपाने में लगे रहे. सरकार महाकुंभ में संगम नोज पर हुई भगदड़ की सच्चाई छिपाती रही. मृतकों की सही संख्या नहीं बताई."

    प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक़, अखिलेश ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "कोई कपड़े पहनने से योगी नहीं होता है. भाषा, व्यवहार और विचार से योगी बनते हैं."

  6. नेपाल: काठमांडू में राजशाही की बहाली और हिंदू राष्ट्र की मांग को लेकर फिर प्रदर्शन

    नेपाल में प्रदर्शन

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, राजशाही ख़त्म कर साल 2008 में लोकतांत्रिक गणराज्य बने नेपाल को हिंदू राष्ट्र बनाने और राजशाही की वापसी के लिए आवाज़ें उठ रही हैं.

    नेपाल की राजधानी काठमांडू में राजशाही की बहाली के समर्थन में रविवार को प्रदर्शन हुए हैं.

    इन प्रदर्शनों को देखते हुए सरकारी इमारतों के आस-पास बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.

    पुलिस ने राजतंत्र समर्थक राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के कई प्रमुख सदस्यों को सुरक्षा के लिए लगाए गए बैरिकेड को तोड़ने के बाद हिरासत में ले लिया है, जिनमें इसके नेता राजेंद्र लिंगदेन भी शामिल हैं.

    इससे पहले नेपाल के गृह मंत्रालय ने क़ानून की अवहेलना करने के ख़िलाफ़ चेतावनी दी थी.

    नेपाल में साल 2001 में दरबार हत्याकांड में राजा ​बीरेंद्र बीर विक्रम सिंह शाह देव के साथ ही राजपरिवार के अधिकतर सदस्यों की हत्या हो गई थी.

    इसके बाद, ज्ञानेंद्र शाह को राजा बनाया गया. संवैधानिक राजशाही के बाद साल 2005 में राजा ज्ञानेंद्र शाह ने सरकार को हटाकर पूरी तरह से सत्ता अपने हाथ में ले ली थी.

    उनका कहना था कि माओवादियों को पूरी तरह से ख़त्म करने के लिए यह ज़रूरी है.

    इसके बाद राजा के ख़िलाफ़ बड़े प्रदर्शन हुए और अंत में साल 2008 में नेपाली संसद ने राजशाही समाप्त करने का प्रस्ताव पारित किया था. इसी तरह से नेपाल ​एक हिंदू राष्ट्र से एक धर्मनिरपेक्ष गणतंत्र बन गया.

    लेकिन हाल ही में हुई राजनीतिक अस्थिरता की वजह से नेपाल में एक बार फिर से राजशाही के प्रति समर्थन बढ़ा है और देश को दोबारा एक हिंदू राष्ट्र घोषित करने की मांग भी हो रही है.

  7. ब्रेकिंग न्यूज़, आईपीएल: आरसीबी ने पंजाब से लिया पिछली हार का बदला, कोहली ने बनाए 73 रन

    विराट कोहली

    इमेज स्रोत, Getty Images

    आईपीएल 2025 के मोहाली में खेले गए एक मैच में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पंजाब किंग्स को 7 विकेट से हरा दिया.

    जीत के लिए 158 रनों के लक्ष्य का सामना करने उतरी आरसीबी की टीम ने 18.5 ओवरों में तीन विकेट खोकर ही ये लक्ष्य हासिल कर लिया.

    आरसीबी की ओर से विराट कोहली ने 54 गेंदों पर एक छक्के और सात चौकों की मदद से 73 रन बनाए.

    वहीं देवदत्त पडिक्कल ने सिर्फ़ 35 गेंदों पर चार छक्कों और पांच चौकों की मदद से 61 रन बनाए.

    इससे पहले पंजाब ने प्रभसिमरन सिंह के 33 रन और शशांक सिंह के 31 रनों की मदद से 20 ओवरों में 6 विकेट के नुक़सान पर 157 रन बनाए.

  8. दिल्ली: मुस्तफ़ाबाद में इमारत ढहने के मामले में मेयर का दावा- कोई कार्रवाई नहीं हुई

    दिल्ली के मेयर महेश कुमार

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, दिल्ली के मेयर महेश कुमार

    दिल्ली के मुस्तफ़ाबाद इलाक़े में शनिवार तड़के एक चार मंज़िला इमारत ढह गई. इस मामले में दिल्ली के मेयर महेश कुमार ने रविवार को प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

    मेयर महेश कुमार ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा, "कल मुस्तफ़ाबाद में चार मंजिला इमारत गिर गई है. इस घटना से हम बहुत दुखी हैं. जिन लोगों की मृत्यु हुई उनके परिवारों के लिए हम गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं."

    उन्होंने कहा, "हमने कमिश्नर से बात भी बात की है कि यह जो घटना घटी है जो भी इसमें कोई भी अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उसके ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाए. यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."

    "लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसलिए, आज हमने कमिश्नर को पत्र लिखा है कि इस घटना में जो भी अधिकारी लिप्त हैं उन्हें तुरंत सस्पेंड किया जाए."

  9. जम्मू-कश्मीर: रामबन में अचानक आई बाढ़ से तबाही, देखिए तस्वीरें

    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, रामबन के धरम कुंड गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण क़रीब 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए.

    जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले के कई इलाक़ों में रविवार तड़के भारी बारिश के बाद अचानक बाढ़ आई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई है.

    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, कई वाहन पूरी तरह से कीचड़ के नीचे दबे हुए दिखाई दे रहे हैं
    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, लगातार बारिश की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर नशरी से बनिहाल के बीच क़रीब दर्जनभर जगहों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की भी घटनाएं हुईं हैं.
    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, हादसे में तीन लोगों की मौत हुई, जिसमें दो बच्चे भी शामिल हैं.
    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ से कई इलाक़ों को नुक़सान हुआ है.
    रामबन बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है.
  10. मुर्शिदाबाद हिंसा पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा- उस मंजर को कभी भूल नहीं सकती

    मुर्शिदाबाद में वक़्फ़ क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन के बाद हिंसा

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक़्फ़ क़ानून के ख़िलाफ़ हो रहे प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी.

    राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की टीम पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हिंसा प्रभावित इलाक़ों में गई थी.

    प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर एनसीडब्ल्यू की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा, "जो चीज़ें मैंने देखी और वहां जो बात की, उस मंजर को कभी भूल नहीं सकती."

    उन्होंने कहा, "अनेक महिलाओं के साथ बात की तो ध्यान में ये आया कि ऐसी जो सांप्रदायिक हिंसा होती है, तो इसका सबसे बुरा असर महिलाओं और बच्चों पर होता है."

    विजया रहाटकर ने कहा, "इस दंगे की वजह सैकड़ों घर बर्बाद हुए. उनके घर जलाए गए, लूटे गए. इतना ही नहीं उन्हें बहुत ख़राब तरह से धमकियां भी मिलीं."

    उन्होंने बताया कि बहुत महिलाओं ने उनसे ये भी कहा कि उनके सपने जल गए.

    उन्होंने कहा महिलाओं ने उन्हें बताया कि, "सब कुछ जल गया, अब बचा कुछ नहीं है, पर हमारी इज़्ज़त हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है. हमारी सुरक्षा बहुत अच्छे तरीक़े से होनी चाहिए, इसलिए हम बार-बार बीएसएफ की मांग कर रहे हैं."

  11. निशिकांत दुबे के बयान पर डिंपल यादव और तेजस्वी ने क्या कहा?

    डिंपल यादव

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, सांसद निशिकांत दुबे के बयान पर डिंपल यादव ने प्रतिक्रिया दी है.

    भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे के सुप्रीम कोर्ट और चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना पर दिए गए बयान के बाद विपक्ष हमलावर है.

    दुबे के बयान पर समाजवादी पार्टी की नेता डिंपल यादव और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर निशाना साधा है.

    डिंपल यादव ने पत्रकारों से कहा, "भारतीय जनता पार्टी नहीं चाहती है कि देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था रहे. इनके जितने नेता हैं वह इस तरह की बातें कर रहे हैं तो इस बात से साफ़ नज़र आता है कि ये लोग लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान नहीं करते."

    सपा नेता ने कहा कि, "आप सुप्रीम कोर्ट को अगर मान्यता नहीं दे रहे हैं तो किस तरह की व्यवस्था को देश में लागू करना चाहते हैं."

    उन्होंने कहा, "इनके (बीजेपी) जो नेता टिप्पणी कर रहे हैं अगर आप उनसे पूछे कि हमारे देश में बेरोज़गारी कितनी कम हो रही है, महिलाओं की स्थिति देश में क्या है, तो ये इसका जवाब नहीं देंगे."

    वहीं राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) नेता तेजस्वी यादव ने भी दुबे के बयान पर प्रतिक्रिया दी है.

    उन्होंने कहा, "कोर्ट पर इस तरह की टिप्पणी नहीं करना चाहिए. अगर इस तरह की टिप्पणी कोई करता है तो अवमानना होनी चाहिए."

    निशिकांत दुबे ने क्या कहा था?

    झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, "देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है. अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसे बंद कर देना चाहिए."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा, "इस देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं, उसके ज़िम्मेदार केवल चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना साहब हैं."

    हालांकि उनके इस बयान ने बीजेपी ने किनारा कर लिया है. बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कहा है कि पार्टी का इस बयान से कोई लेना देना नहीं है, यह उनका व्यक्तिगत बयान है.

  12. जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले में अचानक आई बाढ़, 3 की मौत, कई घर तबाह

    रामबन ज़िले में आई बाढ़

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, रामबन ज़िले में आई बाढ़ के कारण कई घर पूरी तरह तबाह हो गए हैं.

    जम्मू-कश्मीर के रामबन ज़िले के कई इलाक़ों में रविवार तड़के भारी बारिश के बाद अचानक आई बाढ़ में तीन लोगों की मौत हो गई और 100 से ज़यादा लोगों का रेस्क्यू किया गया है.

    रामबन के डिप्टी कमिश्नर बसीर उल-हक़ चौधरी ने बीबीसी से इस बात की पुष्टि की है कि इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है. उनका कहना है कि इनमें दो बच्चे और एक बुजु़र्ग शामिल है.

    उन्होंने कहा, "रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा हो गया है और क़रीब 250 लोगों को सुरक्षित जगहों पर लाया गया है."

    रामबन के धरम कुंड गांव में अचानक आई बाढ़ के कारण क़रीब 40 मकान क्षतिग्रस्त हो गए और दस मकान पूरी तरह तबाह हो गए.

    लगातार बारिश की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर नशरी से बनिहाल के बीच क़रीब दर्जनभर जगहों पर भूस्खलन और मिट्टी धंसने की भी घटनाएं हुईं हैं. इसके कारण हाईवे पर गाड़ियों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोक दी गई है.

  13. राज और उद्धव ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर बोले देवेंद्र फडणवीस- अच्छी बात

    देवेंद्र फडणवीस

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के साथ आने की अटकलों को लेकर देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि इससे उन्हें खुशी होगी.

    महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने कहा, "पहली बात तो ये है कि अगर वो (उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे) साथ में आते हैं तो हमें उसकी खुशी है."

    "कोई भी अगर बिछड़े हुए लोग साथ में आते हैं या किसी का विवाद समाप्त होता है तो अच्छी बात है. इसमें बुरा मानने वाली क्या बात है."

    राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे चचेरे भाई हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के फिर से साथ आने की अटकलों को उस समय बल मिला, जब दोनों के बयानों से संकेत मिला कि वो मामूली मुद्दों को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं.

  14. यूक्रेनी राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने युद्धविराम के बीच रूस पर अब क्या कहा?

    वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, रूस और यूक्रेन के बीच फ़रवरी 2022 से जंग जारी है

    यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस 'युद्धविराम का दिखावा' कर रहा है और यूक्रेन के कुछ इलाक़ों में अब भी सैन्य कार्रवाई जारी रखे हुए हैं.

    ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूसी सेना ने 387 बार गोलाबारी, 19 हमले और 290 बार ड्रोन का इस्तेमाल किया.

    हालांकि, बीबीसी इन रिपोर्ट की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका है.

    कुछ घंटे पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईस्टर को देखते हुए युद्धविराम की घोषणा की है.

    ये युद्धविराम शनिवार को मॉस्को समयानुसार शाम छह बजे (भारतीय समयानुसार रात साढ़े आठ बजे) से ईस्टर रविवार के बाद मध्यरात्रि (भारतीय समयानुसार रविवार रात ढाई बजे) तक चलना है.

  15. राज और उद्धव ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर क्या बोले संजय राउत?

    संजय राउत

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, संजय राउत ने कहा है कि साथ आने को लेकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे तय करेंगे

    एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने रविवार को प्रतिक्रिया दी.

    उन्होंने कहा, "राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे दोनों भाई हैं. हम सालों-साल एक साथ रहे हैं और आज भी भाई का, मित्रों का रिश्ता कायम है. ये टूटा नहीं है."

    संजय राउत ने कहा कि "दोनों भाई तय करेंगे. उद्धव ठाकरे की हमने बात मानी है कि महाराष्ट्र के हित के लिए अगर हमको एक साथ आना पड़ेगा तो हम अपने आपसी मतभेद भूल सकते हैं."

    साथ आने को लेकर उद्धव ठाकरे की शर्तों पर उन्होंने कहा, "उद्धव ठाकरे ने शर्तों की बात नहीं की है. उन्होंने कहा है कि कुछ राजनीतिक दल ऐसे हैं जो सत्ता पार्टी में हैं, वो खुद को महाराष्ट्र का हितैषी समझते हैं. लेकिन वो महाराष्ट्र के दुश्मन हैं. ऐसे किसी दल के साथ हमारा संबंध नहीं होना चाहिए. ये कोई शर्त नहीं है, ये राज्य के लोगों की भावना है."

    राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे चचेरे भाई हैं. बीते दिनों दोनों के बयानों के बाद से कयास लगाए जाने लगे कि दोनों साथ आ सकते हैं.

    न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के फिर से साथ आने की अटकलों को उस समय बल मिला, जब दोनों के बयानों से संकेत मिला कि वो मामूली मुद्दों को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं.

  16. निशिकांत दुबे का अब नया बयान, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त को बताया 'मुस्लिम आयुक्त'

    निशिकांत दुबे

    इमेज स्रोत, ANI

    इमेज कैप्शन, निशिकांत दुबे ने एसवाई क़ुरैशी के वक़्फ़ क़ानून को लेकर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कई दावे किए हैं

    पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई क़ुरैशी के वक़्फ़ क़ानून को लेकर एक्स पर किए गए पोस्ट के बाद बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने उन पर कई आरोप लगाए हैं.

    निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "आप चुनाव आयुक्त नहीं, मुस्लिम आयुक्त थे. झारखंड के संथाल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठियों को वोटर सबसे ज़्यादा आपके कार्यकाल में ही बनाया गया."

    "पैग़ंबर मुहम्मद साहब का इस्लाम भारत में 712 में आया. इसके पहले तो यह ज़मीन हिंदुओं की या उस आस्था से जुड़ी आदिवासी, जैन या बौद्ध धर्मावलंबी की थी. मेरे गांव विक्रमशिला को बख्तियार ख़िलजी ने 1189 में जलाया. विक्रमशिला विश्वविद्यालय ने दुनिया को पहला कुलपति दिया अतिश दीपांकर के तौर पर. इस देश को जोड़ो, इतिहास पढ़ो, तोड़ने से पाकिस्तान बना.अब बंटवारा नहीं होगा."

    निशिकांत दुबे ने ये बयान ऐसे समय दिया है जब सुप्रीम कोर्ट और चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना पर दिए गए उनके बयान पर विवाद हो रहा है.

    इन बयानों को लेकर उन्होंने कोई सफ़ाई अभी तक नहीं दी.

    एसवाई क़ुरैशी ने हाल ही में एक्स पर पोस्ट किया था कि वक़्फ़ क़ानून सरकार की एक खुली और दुर्भावनापूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय की ज़मीनों पर क़ब्ज़ा करना है. मुझे विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट इसे ज़रूर संज्ञान में लेगा.

    निशिकांत दुबे एसवाई कुरैशी के बयान पर पोस्ट किया

    इमेज स्रोत, @nishikant_dubey

    इमेज कैप्शन, निशिकांत दुबे का पोस्ट

    निशिकांत दुबे ने सुप्रीम कोर्ट पर क्या कहा?

    झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, "देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है. अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसे बंद कर देना चाहिए."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा, "इस देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं, उसके ज़िम्मेदार केवल चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना साहब हैं."

    ये भी पढ़ें-

  17. ममता बनर्जी ने अपने खुले ख़त में लिखा- अशांति के लिए बीजेपी और आरएसएस ज़िम्मेदार, प्रभाकर मणि तिवारी, कोलकाता से बीबीसी हिंदी के लिए

    ममता बनर्जी

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और आरएसएस पश्चिम बंगाल में 'फूट डालो और राज करो' का खेल खेल रही है

    पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद ज़िले में वक़्फ़ क़ानून के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान बीते सप्ताह हिंसा भड़क गई थी. हिंसा और आगजनी में तीन लोगों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार देर रात जारी एक खुले पत्र में राज्य के लोगों से शांत रहने की अपील की है.

    उन्होंने इस अशांति के लिए बीजेपी और आरएसएस को ज़िम्मेदार ठहराया है.

    ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी और आरएसएस ने पश्चिम बंगाल में दुर्भावनापूर्ण झूठा अभियान शुरू किया है. उन्होंने मुर्शिदाबाद हिंसा का ज़िक्र करते हुए कहा कि ये ताक़तें उकसावे पर हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना का इस्तेमाल विभाजन की राजनीति के लिए कर रही हैं.

    उन्होंने पत्र में लिखा, "मैंने इससे पहले कभी आरएसएस का नाम नहीं लिया था, लेकिन अब मजबूरन कहना पड़ रहा है कि राज्य में जारी कुप्रचार के पीछे इसी संगठन का हाथ है."

    मुख्यमंत्री का आरोप है कि बीजेपी और आरएसएस पश्चिम बंगाल में 'फूट डालो और राज करो' का खेल खेल रही है.

    ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा है कि बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक समुदायों को एक-दूसरे का ख़याल रखना चाहिए.

    उन्होंने लिखा है, "हम सांप्रदायिक दंगों की निंदा करते हैं और उनको रोकना चाहिए. दंगों में शामिल अपराधियों से सख्ती से निपटा जा रहा है, लेकिन हमें आपसी अविश्वास से बचना चाहिए."

    उन्होंने पत्र में कई बीजेपी शासित राज्यों का नाम लेकर वहां की स्थिति का भी ज़िक्र किया है.

    ममता बनर्जी का लिखा हुआ पत्र

    इमेज स्रोत, Mamata banerjee

    इमेज कैप्शन, ममता बनर्जी ने अपने पत्र में कई बीजेपी शासित राज्यों का नाम लिया है वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के सुजन चक्रवर्ती ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना की है.

    आरएसएस ने अब तक ममता बनर्जी के आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन बीजेपी नेता जगन्नाथ चटर्जी ने कहा है कि मुख्यमंत्री के खुले पत्र के हर हिस्से से विभाजन की राजनीति की बू आती है. पहले किसने उकसाया था?

    कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत में उनका आरोप था कि तृणमूल कांग्रेस ने ही वक़्फ़ क़ानून के विरोध के नाम पर समाज के एक तबके को आग से खेलने की अनुमति दी थी. इस वजह से मुर्शिदाबाद में हिंदू आतंक में जी रहे हैं. राज्य पुलिस और प्रशासन के सुरक्षा मुहैया कराने में नाकाम रहने के कारण ही वहां केंद्रीय बल के जवानों को तैनात करना पड़ा.

    कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और सीपीएम के सुजन चक्रवर्ती ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना की है.

    दोनों नेताओं का कहना था कि ममता बनर्जी ने ही बंगाल में बीजेपी और आरएसएस की जगह बनाने में मदद की थी. वो अब जिस खतरनाक खेल की बात कर रही हैं, उसका बीज तो उन्होंने ही रोपा था.

  18. निशिकांत दुबे के बयान के बाद महुआ मोइत्रा बोलीं- पूरा देश देख रहा है

    महुआ मोइत्रा

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, महुआ मोइत्रा ने कहा कि ये न्यायपालिका को डराने-धमकाने का शर्मनाक प्रयास है.

    बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे के सुप्रीम कोर्ट और चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना पर दिए गए बयान के बाद तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की प्रतिक्रिया सामने आई है.

    महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया है कि अच्छा है कि पूरा देश देख रहा है कि बीजेपी न्यायपालिका पर किस तरह से प्रॉक्सी हमले कर रही है.

    उन्होंने कहा कि ये न्यायपालिका को डराने-धमकाने का शर्मनाक प्रयास है. हालांकि, उन्होंने सीधा निशिकांत दुबे का ज़िक्र अपनी पोस्ट में नहीं किया है.

    निशिकांत दुबे ने क्या कहा?

    झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था, "देश में धार्मिक युद्ध भड़काने के लिए सुप्रीम कोर्ट ज़िम्मेदार है. सुप्रीम कोर्ट अपनी सीमा से बाहर जा रहा है. अगर हर बात के लिए सुप्रीम कोर्ट जाना है तो संसद और विधानसभा का कोई मतलब नहीं है, इसे बंद कर देना चाहिए."

    इसके साथ ही उन्होंने कहा, "इस देश में जितने गृह युद्ध हो रहे हैं, उसके ज़िम्मेदार केवल चीफ़ जस्टिस ऑफ़ इंडिया संजीव खन्ना साहब हैं."

  19. ईस्टर के मौके़ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, पीएम मोदी और राहुल गांधी ने क्या कहा?

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

    इमेज स्रोत, Getty Images

    इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा है कि ईसा मसीह के बलिदान से हमें त्याग और क्षमा की सीख मिलती है

    राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने ईस्टर के मौके पर रविवार को शुभकामनाएं दीं.

    राष्ट्रपति ने कहा, “ईस्टर के पावन अवसर पर मैं सभी देशवासियों, विशेषकर भारत और विदेशों में रहने वाले ईसाई समुदाय के सदस्‍यों को बधाई और शुभकामनाएं देती हूँ."

    "प्रभु ईसा मसीह के पुनर्जीवन की याद में मनाया जाने वाला ईस्टर का पवित्र त्योहार हमें निस्वार्थ प्रेम और सेवा का संदेश देता है. ईसा मसीह के बलिदान से हमें त्याग और क्षमा की सीख मिलती है. उनके जीवन से मानवता को सत्य, न्याय और करुणा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है."

    द्रौपदी मुर्मु ने कहा, "आइए, इस उल्‍लासपूर्ण अवसर पर हम उनके जीवन-मूल्यों का अनुसरण करें, जिससे समाज में शांति और समृद्धि का संचार होता रहे.”

    पीएम मोदी ने कहा, "सभी को शुभ और आनंदमय ईस्टर की शुभकामनाएं. यह ईस्टर विशेष है क्योंकि पूरे विश्व में जुबली वर्ष बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. यह पवित्र अवसर हर व्यक्ति के भीतर आशा, नवचेतना और करुणा की भावना जगाए. चारों ओर आनंद और समरसता बनी रहे."

    राहुल गांधी ने कहा, "आपको और आपके प्रियजनों को ईस्टर की हार्दिक शुभकामनाएं. यह आनंदमय अवसर सभी के जीवन में नया आरंभ, नयी आशा और स्थायी सुख-शांति लेकर आए."

    ये भी पढ़ें-