मणिपुर में बढ़ी हिंसा के बीच पीएम मोदी से मिले सीएम खेमचंद्र ने बताया, शांति के लिए क्या करेंगे, दिलीप कुमार शर्मा, गुवाहाटी से बीबीसी न्यूज़ हिन्दी के लिए

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मणिपुर में बढ़ती हिंसा के बीच मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने प्रदेश में स्थायी शांति कायम करने के उद्देश्य से एक राज्यव्यापी समिति (कमेटी) गठित करने का प्रस्ताव रखा है.
उन्होंने कहा कि इस समिति में राज्य के सभी 36 समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. इनमें आधिकारिक तौर पर 33 अनुसूचित जनजातियां भी शामिल हैं.
खेमचंद सिंह ने शनिवार को इंफाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई बैठक में ऐसी शांति समिति की आवश्यकता पर चर्चा हुई थी.
दरअसल, प्रदेश के मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने इसी महीने 10 अक्तूबर को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी.
संयोग से उसी दिन मणिपुर में सबसे अधिक हिंसा भी दर्ज की गई थी. कामजोंग, कांगपोकपी और उखरुल जिलों में 12 घंटे के भीतर हुई हिंसक घटनाओं में 9 लोगों की जान गई थी.
3 मई 2023 से मैतेई समुदाय और कुकी जनजाति के बीच जारी हिंसा में इस वर्ष कुछ कमी देखने को मिली थी. हालांकि, फ़रवरी में उखरुल जिले में कुकी और नगा समुदाय के कुछ युवकों के बीच कहासुनी के बाद हालात फिर बिगड़ गए.
करीब आठ महीने पहले शुरू हुए नगा-कुकी संघर्ष में अब तक कम से कम 22 नगा और 31 कुकी लोगों की मौत हो चुकी है. ऐसे में मैतेई, कुकी और नगा समुदायों के बीच त्रिकोणीय तनाव ने राज्य सरकार की चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.


















