मॉस्को के पास रूसी यात्री विमान क्रैश, तीन क्रू मेंबर्स की मौत की संभावना
रूस के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि मरम्मत कार्य के बाद परीक्षण उड़ान के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
सारांश
नेपाल में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' की सरकार गिरी
भारत सरकार ने 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अंतरिम ज़मानत दे दी है.
नेपाल: दो यात्री बसें त्रिशूली नदी में गिरीं, 62 लोगों के बहने की आशंका.
फ़िट दिखने की कोशिश में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने पत्रकारों से बात की, लेकिन फिर लड़खड़ाए.
क़ानून के पाठ्यक्रम में मनुस्मृति शामिल करने से पीछे हटा दिल्ली विश्वविद्यालय.
लाइव कवरेज
संदीप राय, अरशद
मॉस्को के पास रूसी यात्री विमान क्रैश, तीन क्रू मेंबर्स की मौत की संभावना
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रूस का एक यात्री विमान शुक्रवार को मॉस्को के पास जंगल में क्रैश हो गया.
रूसी आपातकालीन मंत्रालय के मुताबिक़, विमान में सिर्फ़ क्रू मेंबर्स सवार थे.
मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर बताया कि, "सुखोई सुपरजेट 100 एक जंगल में क्रैश हो गया और ऐसा माना जा रहा है कि विमान में मौजूद सभी तीन क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है."
रूस के सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि मरम्मत कार्य के बाद परीक्षण उड़ान के दौरान विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ.
रूस कुछ समय से पश्चिमी देशों द्वारा निर्मित विमानों को बदलने के लिए एक स्वदेशी विमान सुखोई सुपरजेट विकसित कर रहा है.
साल 2022 में यूक्रेन पर किए गए हमले के बाद रूस को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा है. पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों की वज़ह से रूस को अपने पुराने विमान बेड़े को बदलने के लिए संघर्ष करना पड़ा है.
यूरोपीय संघ ने कहा- 'एक्स' के ब्लू टिक अकाउंट में यूजर्स को धोखा देने की क्षमता
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एलन मस्क की सोशल मीडिया साइट एक्स पर यूरोपीय संघ (ईयू) ने अपने ऑनलाइन कंटेंट नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है.
ईयू का कहना है कि 'सत्यापित' ब्लू टिक अकाउंट में यूजर्स को धोखा देने की क्षमता है.
ईयू के तकनीकी नियामक ने कहा, "एक्स यूजर्स को यह सोचकर धोखा दिया जा सकता है कि ब्लू टिक मार्क वाले लोगों की पहचान सत्यापित है, जबकि वास्तव में कोई भी व्यक्ति भुगतान कर ब्लू टिक ले सकता है. हमें कुछ ग़लत लोगों के जरिए सिस्टम का दुरुपयोग करने के सबूत मिले हैं."
तकनीकी नियामक ने एक्स पर दिखाए जाने वाले विज्ञापन के पारदर्शिता में भी कमी पाई है. नियामक ने कहा, "एक्स ने यूरोपीय संघ के नियमों के तहत रिसर्च उपयोग के लिए ज़रूरी डेटा नहीं दिया."
इसकी वज़ह से एक्स को उसके वैश्विक वार्षिक कारोबार का 6 फ़ीसदी तक जुर्माना लगाया जा सकता है और उसे ईयू में काम करने के तरीके को बदलने के लिए मजबूर किया जा सकता है.
एनडीए गठबंधन को महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में 11 में से 9 सीटें मिली
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महाराष्ट्र विधान परिषद की 11 सीटों पर हुए चुनाव के नतीजे आ गए हैं.
इसमें बीजेपी की पंकजा मुंडे समेत सत्तारूढ़ गठबंधन के 9 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की. कांग्रेस की प्रज्ञा सातव ने भी जीत हासिल की है.
आख़िरी सीट के लिए दूसरे दौर में उद्धव ठाकरे गुट के मिलिंद नार्वेकर और शरद पवार गुट समर्थित भारतीय किसान और श्रमिक पार्टी के नेता जयंत पाटिल के बीच टक्कर हुई. लेकिन आख़िरकार मिलिंद नार्वेकर ने जयंत पटल को हराकर जीत हासिल की.
अब तक सामने आए वोटों के आंकड़ों को देखकर अनुमान लगाया जा रहा है कि कांग्रेस के पांच वोट बंट गए हैं.
इसके पीछे का गणित इस प्रकार है. कांग्रेस के पास कुल 37 विधायक हैं. इनमें से 25 विधायकों ने अपनी पहली वरीयता का वोट प्रज्ञा सातव को दिया. यानी कांग्रेस के 12 प्रथम वरीयता के वोट रह गये.
उद्धव ठाकरे के मिलिंद नार्वेकर को प्रथम वरीयता के 22 वोट मिले. इसमें ठाकरे ग्रुप के पास 15 वोट हैं. अगर कांग्रेस के बाकी सात वोट नार्वेकर को मिले है तो भी पांच वोटों का सवाल बना हुआ है.
भारतीय किसान और श्रमिक पार्टी के जयंत पाटिल को प्रथम वरीयता के 12 वोट मिले. ये 12 वोट शरद पवार गुट के हैं.
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने जीत के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि, "5 विधायकों ने हमे सपोर्ट किया है. उनका मैं शुक्रिया अदा करना चाहता हूं."
उन्होंने कहा कि, "हमारी कोशिश रहेगी कि महायुति गठबंधन को विधानसभा में भी ऐसी ही सफ़लता मिले."
बाइडन की उम्मीदवारी के ख़िलाफ़ डेमोक्रेटिक पार्टी के तीन और नेता सामने आए
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जो बाइडन ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस की. उन्होंने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़ोर देकर कहा कि वह अभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति पद के लिए फिट हैं.
लेकिन वो अपनी ही पार्टी के आलोचकों को चुप कराने में विफल रहे हैं.
तीन और डेमोक्रेटिक नेताओं ने बाइडन से अमेरिकी राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर होने की मांग की है.
पिछले महीने रिपब्लिकन पार्टी के प्रत्याशी डोनाल्ड ट्रम्प के साथ प्रेज़िडेंशियल डिबेट में अच्छा प्रदर्शन नहीं करने के बाद से 81 वर्षीय बाइडन को चुनावी रेस से हटाने की मांग शुरू गई है.
गुरुवार की रात को प्रेस कॉन्फ़्रेंस में बाइडन पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए अधिक स्थिर और धाराप्रवाह दिखे, लेकिन कुछ गलतियाँ भी थीं.
पहले प्रश्न का उत्तर देते समय उन्होंने ग़लती से अपनी डिप्टी कमला हैरिस को "उपराष्ट्रपति ट्रंप" कह दिया.
प्रेस कॉन्फ़्रेंस से दो घंटे पहले नेटो के एक कार्यक्रम में उन्होंने यूक्रेन के नेता वोलोदिमीर ज़ेलेंस्की को 'राष्ट्रपति पुतिन' के नाम से संबोधित किया. हालांकि तुरंत उन्होंने ग़लती सही की.
अभिनेता जॉर्ज क्लूनी सहित कुछ डोनर्स (बाइडन को चंदा देने वाले) ने यह कहते हुए अपनी वित्तीय सहायता वापस ले ली है कि वह अगले चार साल का कार्यकाल पूरा करने में सक्षम नहीं हैं.
इसका मतलब है कि बाइडन की उम्मीदवारी अभी भी ख़तरे में है, अगले कुछ दिनों में और अधिक दलबदल की संभावना है.
बाइडन के लिए के लिए आगे बढ़ने में एक समस्या यह भी है कि हर कार्यक्रम में लोगों की उनपर पैनी नज़र होगी.
ब्रेकिंग न्यूज़, नेपाल में प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' की सरकार गिरी
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नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल 'प्रचंड' शुक्रवार को नेपाली संसद में विश्वासमत हासिल नहीं कर सके. विश्वासमत खोने के बाद प्रधानमंत्री प्रचंड अपने पद हट गए हैं.
अब वह नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति होने तक अंतरिम पद पर बने रहेंगे.
नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 100 (3) के अनुसार, जो प्रधानमंत्री संसद में विश्वास मत प्राप्त करने में विफल रहता है, वह स्वतः ही बर्खास्त हो जाता है.
सरकार के गठन के बाद से पिछले 18 महीनों में प्रतिनिधि सभा ने शुक्रवार को पांचवीं बार विश्वास प्रस्ताव पर मतदान किया.
शुक्रवार को बुलाई गई नेपाली संसद की बैठक में 194 सांसदों ने प्रचंड के ख़िलाफ़ वोट किया और सिर्फ़ 63 सांसदों ने विश्वास मत में प्रधानमंत्री प्रचंड का साथ दिया.
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ बीजेपी के विरोध प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया क्या बोले, इमरान क़ुरैशी, बेंगलुरु से बीबीसी हिंदी के लिए
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कर्नाटक बीजेपी अध्यक्ष बीवाई विजेंद्र और पार्टी के कई अन्य नेताओं को मैसूर में कथित भूमि घोटाले के विरोध में प्रदर्शन करने पर पुलिस ने गिरफ़्तार किया है.
बीजेपी के नेता कथित भूमि घोटाले में बेंगलुरु-मैसूर एक्सप्रेसवे पर रैली निकाल कर सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे.
बीजेपी के प्रदर्शन के बाद कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी मैसूर में रैली निकाल कर बीजेपी के ख़िलाफ़ प्रदर्शन किया.
बीजेपी के कार्यकर्ता मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (एमयूडीए) द्वारा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की पत्नी पार्वती को कथित नियमों को ताक पर रखकर ज़मीन के आवंटन के मामले में प्रदर्शन कर रहे थे.
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र ने पत्रकारों से कहा, "मुख्यमंत्री के परिवार के ख़िलाफ़ इतने गंभीर आरोप लगे हैं कि मुख्यमंत्री खुद अपने परिवार का बचाव नहीं कर पा रहे हैं. बीजेपी ने एमयूडीए में पांच हज़ार करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार को उजागर किया है. यह मुख्यमंत्री का कर्तव्य है कि वो इसकी जांच खुद सीबीआई को सौंपे."
इस विवाद पर पहली बार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जवाब दिया.
उन्होंने कहा, "सभी को जलन हो रही है कि एक ओबीसी समुदाय से आने वाला सिद्धारमैया दो बार मुख्यमंत्री बन गया. इसलिए साज़िश रची जा रही है. मैं नहीं डरूंगा."
दरअसल सिद्धारमैया चरवाहा समुदाय से आते हैं.
सिद्धारमैया ने कहा है कि, "उनके बहनोई पीएम मल्लिकार्जुन स्वामी ने साल 2004 में एमयूडीए से 3.16 एकड़ जमीन खरीदी थी."
सिद्धारमैया ने कहा, "मैसूर के डिप्टी कमिश्नर ने साल 2005 में मल्लिकार्जुन स्वामी की कृषि भूमि को परिवर्तित कर दिया. लेकिन जब उन्होंने इसे 2010 में मेरी पत्नी को उपहार में दिया था तब इसे विकसित नहीं किया गया था. एमयूडीए ने साल 2014 में इसे अवैध रूप से अधिग्रहित किया और साइट विकसित कर इसे वितरित किया."
"जब भाजपा कर्नाटक में सत्ता में थी, तब मुआवजे के तौर पर साल 2021 में विजयनगर के विकसित इलाके में दूसरी ज़मीन दी गई थी. उस समय मैं विपक्ष का नेता था. क्या उस समय मुझ से पूछकर किया गया."
"जब बीजेपी सत्ता में थी तब एमयूडीए ने ग़लती की तो इसके लिए मैं ज़िम्मेदार कैसे हुआ. परिवार ने मुआवजा मांगा था लेकिन विशेष रूप से विकसित क्षेत्र में जगह की मांग नहीं की थी."
सिद्धारमैया का तर्क यह है कि पार्वती को भूमि के मूल मालिकों को अधिग्रहित स्थलों में से 50 प्रतिशत प्रदान करने की भाजपा सरकार की योजना के तहत 14 स्थल आवंटित किए गए थे. पिछले साल सत्ता में आने पर कांग्रेस पार्टी ने इस 50:50 योजना को ख़त्म कर दिया था.
उन्होंने ज़मीन को वापस करने की पेशकश की है यदि सरकार उन भूखंडों के बाज़ार मूल्य 67 करोड़ रुपये का भुगतान करने के लिए तैयार है.
विपक्ष के नेता आर अशोक ने दावा किया है कि एमयूडीए द्वारा भूखंडों के वितरण का पूरा मुद्दा 4,000 करोड़ रुपये का था.
ब्रेकिंग न्यूज़, भारत सरकार 25 जून को मनाएगी 'संविधान हत्या दिवस'
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भारत सरकार ने 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने की घोषणा की है.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर गजट पत्र जारी करते हुए लिखा, "25 जून, 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था."
"लाखों लोगों को बिना किसी वज़ह के जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज़ को दबा दिया गया. भारत सरकार ने हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय किया है."
उन्होंने लिखा, "यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण कराएगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था."
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उन्होंने लिखा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान करना है, जिन्होंने तानाशाही सरकार की असंख्य यातनाओं व उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष किया."
अमित शाह ने लिखा, "संविधान हत्या दिवस हर भारतीय के अंदर लोकतंत्र की रक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अमर ज्योति को जीवित रखने का काम करेगा, ताकि कांग्रेस जैसी कोई भी तानाशाही मानसिकता भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न कर पाए."
स्मृति इरानी के बारे में राहुल गांधी ने की ये अपील
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राहुल गांधी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और अमेठी से भाजपा प्रत्याशी स्मृति इरानी के ख़िलाफ़ अपमानजनक भाषा प्रयोग करने से मना किया है.
उन्होंने लिखा, "मैं सभी से आग्रह करता हूं कि वे स्मृति इरानी और किसी भी नेता के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने और बुरा व्यवहार करने से बचें."
"किसी भी व्यक्ति का अपमान करना और नीचा दिखाना कमज़ोरी की निशानी है."
ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को शंभू बॉर्डर खोलने का दिया आदेश
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सुप्रीम कोर्ट ने हाईवे पर महीनों तक बैरिकेड लगाए रखने के लिए हरियाणा सरकार की खिंचाई की है और सरकार को शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश दिया है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार से पूछा कि कोई सरकार हाईवे कैसे ब्लॉक कर सकती है?
साथ ही सर्वोच्च अदालत ने सरकार की ओर से लगाए गए बैरिकेड को हटाने के निर्देश दिए और हाईवे को ट्रैफ़िक के लिए खोलने को कहा है.
अंबाला-दिल्ली हाईवे पर किसान प्रदर्शनकारी बीते 13 फ़रवरी से ही बैठे हुए हैं. वो दिल्ली जाने की मांग कर रहे हैं.
एक दिन पहले गुरुवार को ही हाईकोर्ट ने शंभू बॉर्डर खोलने का आदेश जारी किया था, जिसे हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी.
याचिकाकर्ता उदय प्रताप ने पीटीआई से कहा, "10 जुलाई को हाईकोर्ट ने शंभू बॉर्डर को खोलने का आदेश दिया था. इस आदेश को हरियाणा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी."
उन्होंने कहा, "सुप्रीम कोर्ट ने हमारी दलील पर ग़ौर किया और कहा कि सड़क खोलने की ज़िम्मेदारी सरकार की है. सर्वोच्च अदालत ने हरियाणा सरकार से पूछा कि धरना दे रहे किसान भी भारत के नागरिक हैं, उन्हें कहीं भी जाने का अधिकार है."
उदय प्रताप ने कहा, "कोर्ट ने कहा कि यह सरकार की ज़िम्मेदारी है कि वो रास्ता को खोले, जबकि यहां वे खुद ही बंद किए हुए हैं."
अरविंद केजरीवाल की ज़मानत पर आम आदमी पार्टी और बीजेपी ने क्या कहा?
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शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ज़मानत दिए जाने को जहां आम आदमी पार्टी ने 'सत्य की जीत' बताया है वहीं बीजेपी ने कहा है कि 'ज़मानत का मतलब अपराधमुक्त होना नहीं होता.'
दिल्ली शराब नीति में कथित घोटाले में ईडी की ओर से केजरीवाल की गिरफ़्तारी पर यह फ़ैसला आया है, लेकिन सीबीआई की ओर से दर्ज मामले में वो अभी भी जेल में ही रहेंगे. इस मामले की सुनवाई दिल्ली हाईकोर्ट में 17 जुलाई को होनी है.
फ़ैसले के बाद आम आदमी पार्टी नेता और दिल्ली की मंत्री अतिशी ने कहा, "जब बीजेपी को पता था कि अरविंद केजरीवाल को राउज़ एवेन्यू कोर्ट से ज़मानत मिल गई है, सुप्रीम कोर्ट से भी ज़मानत मिल जाएगी, इसीलिए उन्होंने एक और षडयंत्र रचा और जिस दिन सुप्रीम कोर्ट की ज़मानत पर फै़सला आना था, उसी दिन अपने एक और राजनीतिक हथियार सीबीआई से अरविंद केजरीवाल को गिरफ़्तार करा दिया."
"सिर्फ इसलिए कि अगर ईडी केस में ज़मानत मिल गई तो अरविंद केजरीवाल बाहर आकर दस गुना ताक़त से दिल्ली के लोगों का काम करने लग जाएंगे."
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आतिशी ने बीजेपी की तरफ इसारा करते हुए कहा, "इस देश के एक के बाद एक हर न्यायलय ने आपके षडयंत्र को बेनकाब किया है और कहा है कि अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ सबूत नहीं है. और एक के बाद एक उन्हें ज़मानत मिल रही है."
उन्होंने बीजेपी के लिए कहा कि "अपना अहंकार ख़त्म करिए और बाकी पार्टियों और लोकतंत्र के ख़िलाफ़ साज़िश रचना बंद करिए. सत्य परेशान हो सकता है पराजित नहीं हो सकता है."
वहीं आप नेता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, "पीएमएलए कोर्ट ने निर्दोष पाया और आज सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी. यह बड़ी बात है कि पीएमएलए जैसे संगीन कानून में अरविंद केजरीवाल के ख़िलाफ़ कुछ भी नहीं मिला."
बीजेपी ने क्या कहा?
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष विरेंद्र सचदेवा ने कहा, "जांच एजेंसी और न्यायपालिका के बीच का ये मामला है. और अंतरिम ज़मानत मिलने का यह मतलब नहीं होता कि आप अपराधमुक्त हो गए हैं.
उन्होंने कहा, "दिल्ली की जनता जानती है कि जिस तरह अरविंद केजरीवाल ने शराब नीति में घोटाला किया है, उसी तरह एक स्कैम बिजली का जिसमें जनता को लूटने की साज़िश की जा रही है."
ब्रेकिंग न्यूज़, सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को अंतरिम ज़मानत दी, लेकिन...
उमंग पोद्दार
क़ानूनी मामलों के बीबीसी संवाददाता
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दिल्ली आबकारी नीति मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को अंतरिम ज़मानत दे दी है.
दो जजों की बेंच ने कहा कि इस मामले में कुछ सवाल हैं जिसे एक बड़ी बेंच द्वारा देखे जाने की ज़रूरत है.
जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, "अरविंद केजरीवाल 90 से अधिक दिनों से जेल में बंद हैं."
उन्होंने कहा कि चुनावों के दौरान जिन शर्तों पर वो रिहा किए गए थे उन्हीं शर्तों पर उन्हें रिहा किया जाएगा.
बेंच ने कहा कि वो एक चुने हुए नेता हैं. हालांकि बेंच ने ये भी कहा कि केजरीवाल मुख्यमंत्री बने रहेंगे या नहीं, इस बारे में निर्देश नहीं दिया जा सकता.
जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा, "इस पर फै़सला लेने की ज़िम्मेदारी हम अरविंद केजरीवाल पर छोड़ते हैं."
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लेकिन जेल से बाहर नहीं आएंगे केजरीवाल
हालांकि केजरीवाल अभी ज़मानत पर जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे क्योंकि सर्वोच्च न्यायाल ने उन्हें ईडी की ओर से की गई गिरफ़्तारी के मामले में अंतरिम ज़मानत दी है.
कुछ दिन पहले सीबीआई ने उन्हें गिरफ़्तार किया था.
केजरीवाल ने सीबीआई की ओर से हुई गिरफ़्तारी मामले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी है. इस मामले की सुनवाई 17 जुलाई को होनी है.
वकीलों ने क्या कहा
कोर्ट में सीएम केजरीवाल की ओर से पेश हुए वकील शादान फ़रासत ने कहा कि कोर्ट ने कहा कि जहां तक गिरफ़्तारी का संबंध है, गिरफ़्तारी से जुड़े कुछ ज़रूरी पहलू हैं..उन्होंने कहा कि केजरीवाल पहले ही लंबे समय से जेल में गुजार चुके हैं और इसलिए ईडी मामले में उन्हें तत्काल रिहा करने और ज़मानत देने का आदेश दिया.
केजरीवाल के दूसरे वकील ऋषिकेश कुमार ने कहा कि 'सेक्शन 19 के तहत गिरफ़्तारी की ज़रूरत पर विचार करने के लिए कोर्ट ने एक बड़ी बेंच के पास मामला भेज दिया है. सीबीआई का केस लंबित है इसलिए अभी केजरीवाल जेल में ही रहेंगे.'
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क्या था मामला?
दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले के आरोप में अरविंद केजरीवाल को बीते 21 मार्च को गिरफ़्तार किया गया था.
गिरफ़्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जो ख़ारिज हो गई. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को फै़सला सुरक्षित रख लिया था.
मई में लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को चुनाव प्रचार के लिए अरविंद केजरीवाल को फौरी राहत देते हुए 21 दिनों के लिए दो जून तक अंतरिम ज़मानत दी थी.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में मनुस्मृति पढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर वाइस चांसलर योगेश सिंह ने क्या कहा?
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दिल्ली यूनिवर्सिटी के एलएलबी छात्रों के पाठ्यक्रम में स्टडी मैटीरियल के रूप में मनुस्मृति को शामिल किए जाने की ख़बरों पर वीसी योगेश सिंह ने सफ़ाई दी है.
गुरुवार को विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर योगेश सिंह ने कहा कि इस संबंध में प्रस्ताव आया था जिसे ख़ारिज कर दिया गया. छात्रों को मनुस्मृति नहीं पढ़ाई जाएगी.
एक वीडियो संदेश जारी कर वीसी योगेश सिंह ने कहा, "लॉ फ़ैकल्टी का एक प्रस्ताव मिला था जिसमें उन्होंने ज्यूरिसप्रुडेंस-1 कोर्स में कुछ बदलाव का सुझाव दिया था."
"एक बदलाव था- मेधातिथि- कॉन्सेप्ट ऑफ़ स्टेट एंड लॉ. इसको पढ़ाने के लिए दो टेक्स्ट सुझाए गए थे. पहला मनुस्मृति के मनुभाष्य और दूसरा, कमेंट्री ऑफ़ मनुस्मृति."
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव के सुझावों को विश्वविद्यालय ने ख़ारिज कर दिया और ऐसा कुछ भी दिल्ली विश्वविद्याल में नहीं पढ़ाया जाएगा.
वीसी ने कहा कि 'काफ़ी विचार विमर्श' के बाद फ़ैकल्टी ऑफ़ लॉ के प्रस्ताव को ख़ारिज किया गया.
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इस प्रस्ताव की आलोचना यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफ़ेसरों ने की थी और इसे असंवैधानिक कहा था.
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसे डॉ. अम्बेडकर की विरासत और संविधान पर हमला बताया था.
सोशल मीडिया पर भी इसे लेकर कई लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी.
आलोचकों का कहना है कि अकादमिक काउंसिल की बैठक से पहले ही डीयू वेबसाइट पर इस प्रस्ताव को अपलोड कर दिया गया था.
हालांकि बाद में गुरुवार की शाम को हुई बैठक के बाद योगेश सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव को ख़ारिज कर दिया गया है और अगस्त में शुरू हो रहे अकादमिक सत्र में इसे लागू नहीं किया जाएगा.
नेपाल: दो यात्री बसें त्रिशूली नदी में गिरीं, 62 लोगों के बहने की आशंका
बीबीसी नेपाली सेवा
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नेपाल में भूस्खलन के कारण दो बसें त्रिशूली नदी में गिरकर बह गईं हैं, जिसमें कई दर्जन लोगों के बह जाने की आशंका है.
भूस्खलन की घटना नारायणगढ़-मुगलिन सड़क मार्ग पर हुई है.
छितवन के मुख्य ज़िला अधिकारी इंद्रदेव यादव ने कहा कि शुक्रवार को तड़के 3.30 बजे दो बसें त्रिशूली नदी में गिर गईं.
उन्होंने कहा कि एक बस बीरगंज से काठमांडू और दूसरी बस काठमांडू से गौर जा रही थी.
छितवन के उप मुख्य ज़िला अधिकारी चिरंजीवी शर्मा ने बीबीसी नेपाली सेवा को बताया कि बीरगंज से काठमांडू जा रही बस में कम से कम 21 लोग और काठमांडू से गौर जा रही बस में 41 यात्री सवार थे.
उनके अनुसार, सुरक्षा एजेंसी ने कहा है कि एक बस नदी में मिल गई है, लेकिन लापता यात्रियों का पता नहीं लग पाया है.
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अधिकारियों का कहना है कि त्रिशूली नदी का बहाव तेज होने के कारण राहत और बचाव कार्य में बाधा आ रही है.
प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहाल 'प्रचंड' ने इस दुर्घटना पर खेद व्यक्त किया है.
शुक्रवार की सुबह उन्होंने फ़ेसबुक पोस्ट में लिखा, "लापता लोगों को तलाश करने और बचाव कार्य के लिए मैंने गृह मंत्रालय समेत सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिए हैं."
उन्होंने संघीय, प्रांतीय और स्थानीय प्रशासन से सहयोग और तालमेल करने की अपील की है.
इसराइली सेना बोली, हमास के हमले से किबुत्ज़ बेरी को बचाने में हम नाकाम रहे
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इसराइली सेना ने सात अक्तूबर को हुए हमास के हमले को लेकर अपनी इंक्वायरी रिपोर्ट में स्वीकार किया है कि हमले से किबुत्ज़ बेरी को बचाने में वो नाकाम रही थी. यहां 101 लोग मारे गए थे.
इसराइली रक्षा मंत्री योआव गैलांट ने हमले के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की तैयारी की जांच की मांग की है.
सेना ने अपने आधिकारिक इंक्वायरी रिपोर्ट में बताया है कि सेना कैसे किबुत्ज़ बेरी की सुरक्षा करती थी.
रिपोर्ट के अनुसार जब हमास ने हमला किया था, ग़ज़ा और इसराइल को बांटने वाली बाड़ के नज़दीक स्थित किबुत्ज़ में सबसे अधिक मारे गए थे.
योआव गैलांट ने प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू समेत सभी शीर्ष लोगों के एक्शन की पड़ताल करने के लिए एक राष्ट्रीय जांच की मांग की है.
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सेना की इंक्वायरी रिपोर्ट में क्या है?
रिपोर्ट में उस घटना का भी ज़िक्र है जिसमें एक टैंक को उस घर पर गोलाबारी करने का आदेश दिया गया जिसमें 13 लोगों को बंधक बनाकर रखा गया था.
रिपोर्ट के नतीज़े में कहा गया कि, "जांच टीम ने पाया कि किबुत्ज़ बेरी के निवासियों को बचाने के अपने मिशन में सेना नाकाम रही."
हमलों की दोपहर तक स्पष्ट, सटीक और परिस्थितियों का सही आकलन करने में सेना को काफ़ी जूझना पड़ा.
सेना के कमान और नियंत्रण और तालमेल की कमी थी.
सेना असमंजस की स्थिति में थी और किबुत्ज़ के गेट पर पहुंचने के बाद भी सैनिक तत्काल अंदर नहीं गए, जबकि हमास लड़ाके लोगों को मार रहे थे.
हालांकि रिपोर्ट में सैन्य बलों, कमांडरों और सुरक्षाकर्मियों की वीरता और साहस की तारीफ़ की, जिन्होंने कई निवासियों को बचाया था.
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हमास के हमले में 1200 इसराइली मारे गए थे और 251 लोगों को बंधक बनाकर हमास के लड़ाके अपने साथ ग़ज़ा ले गए थे.
इसके बाद शुरू हुई इसराइली सैन्य कार्रवाई में, हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, अब तक 38,000 से अधिक फ़लस्तीनी मारे गए हैं.
किबुत्ज़ बेरी के निवासियों ने कहा कि इसराइली डिफ़ेंस फ़ोर्सेज़ ने सुरक्षा न देने पाने की बात स्वीकार की है और वो अब राष्ट्रीय जांच की मांग कर रहे हैं.
बाइडन मीडिया के सामने एक बार फिर लड़खड़ाए, कमला हैरिस को कह दिया 'ट्रंप'
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने गुरुवार को एक प्रेस कांफ़्रेंस में उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस की जगह 'उप-राष्ट्रपति ट्रंप' कह दिया.
राष्ट्रपति जो बाइडन को फ़िट दिखाने की कोशिश में यह विशेष प्रेस कांफ्रेंस आयोजित की गई थी जिसमें बाइडन पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे.
लेकिन प्रेस कांफ्रेंस ख़त्म होने के बाद बाइडन ने तीन और डेमोक्रेट नेताओं, कैलिफ़ोर्निया के कांग्रेसमैन स्कॉट पीटर्स, इलिनॉय के एरिक सोरेन और वॉशिंगटन से मैरी ग्लूसेनकैंप पेरेज़ का समर्थन खो दिया.
एक घंटे तक चली इस प्रेस कांफ़्रेंस में कमला हैरिस और ट्रंप के नामों के लेकर हुई ग़लती को बाइडन भांप भी नहीं पाए.
इससे पहले एक कार्यक्रम में उन्होंने यूक्रेन के नेता ज़ेलेंस्की को 'राष्ट्रपति पुतिन' कह दिया था. हालांकि बाद में उन्होंने हंसते हुए इस ग़लती को सुधारा.
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बाइडन ने पत्रकारों से कहा कि वो इस चुनावी दौड़ में बने रहने को लेकर 'दृढ़' हैं और वो अपने प्रतिद्वंद्वी ट्रंप को 'दोबारा हराएंगे.'
पहले प्रेसिडेंशियल डिबेट में ख़राब प्रदर्शन को लेकर बाइडन ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला दिया था और कहा कि वो बीती बात है और वो अब पहले से अधिक तैयार हैं.
राष्ट्रपति पद के लिए डमोक्रेट उम्मीदवार के तौर पर रेस में शामिल राष्ट्रपति बाइडन की सेहत को लेकर डेमोक्रेट सदस्यों में चिंता और बढ़ रही है.
इस प्रेस कांफ़्रेंस के बाद डेमोक्रेट नेता, स्कॉट पीटर्स ने 81 साल के बाइडन से उम्मीदवारी वापस लेने की अपील की.
इससे पहले पूर्व हाऊस स्पीकर नैंसी पेलोसी, डेमोक्रेट फ़ंडरेज़र और जाने माने हॉलीवुड अभिनेता जॉर्ज क्लूनी ने बाइडन की सेहत को लेकर सवाल उठाए थे.
इसके अलावा वरमॉन्ट से अमेरिकी सीनेटर पीटर वेल्श ने वॉशिंगटन पोस्ट अख़बार में लेख लिखकर बाइडन से 'देश हित में उम्मीदवारी छोड़ने' की अपील की थी.
केजरीवाल की गिरफ़्तारी की वैधता पर आज आएगा सुप्रीम कोर्ट का फै़सला
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट अपना फै़सला सुनाएगा.
फै़सला जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ सुनाएगी.
दिल्ली की शराब नीति में कथित घोटाले के आरोप में अरविंद केजरीवाल को बीते 21 मार्च को गिरफ़्तार किया गया था.
गिरफ़्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जो ख़ारिज हो गई. इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा.
सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 17 मई को फै़सला सुरक्षित रख लिया था.
इस मामले में केजरीवाल की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सवाल उठाया था कि केजरीवाल को फंसाने के लिए ईडी ने गवाहों के नौ बयानों को नज़रअंदाज़ कर दिया जबकि एक बयान को वरीयता दी.
उन्होंने गवाह के बयान की सच्चाई पर भी सवाल उठाए थे और कहा था कि केजरीवाल के ख़िलाफ़ बयान देने वाली पी शरत रेड्डी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के ज़रिये भारतीय जनता पार्टी को चंदा दिया था.
ईडी ने आरोप लगाया है कि रिश्वत के पैसे का इस्तेमाल गोवा और पंजाब के विधानसभा चुनावों में किया गया था.
मई में लोकसभा चुनावों के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को चुनाव प्रचार के लिए अरविंद केजरीवाल को फौरी राहत देते हुए 21 दिनों के लिए दो जून तक अंतरिम ज़मानत दी थी.
अरविंद केजरीवाल की सीबीआई के हाथों गिरफ़्तारी के क्या मायने हैं
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