विम्बल्डन वुमेंस सिंगल्स के पहले राउंड में ही पिछली बार की चैंपियन मार्केता वोंद्रोसोवा हारीं

विम्बल्डन वुमेंस सिंगल्स में पिछली बार की चैंपियन मार्केटा वोंड्रोसोवा सेंटर कोर्ट पर पहले ही राउंड में बाहर हो गईं.

सारांश

  • उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 100 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत.
  • हाथरस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को यूपी सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मुआवज़े का एलान
  • पीएम मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण में कांग्रेस पर अराजकता फैलाने का लगाया आरोप.
  • एंडी मरे ने स्वास्थ्य समस्याओं के चलते विम्बल्डन सिंगल्स में खेलने से खुद को अलग कर लिया है.

लाइव कवरेज

  1. विम्बल्डन वुमेंस सिंगल्स के पहले राउंड में ही पिछली बार की चैंपियन मार्केता वोंद्रोसोवा हारीं

    मार्केता वोंद्रोसोवा

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    विम्बल्डन वुमेंस सिंगल्स में पिछली बार की चैंपियन मार्केता वोंद्रोसोवा सेंटर कोर्ट पर पहले ही राउंड में बाहर हो गईं.

    इसके साथ ही वो बीते 30 साल में विंबलडन के पहले दौर में हारने वाली पहली महिला डिफेंडिंग चैंपियन बन गई हैं.

    तीस साल पहले 1994 में पहली बार स्टेफ़ी ग्राफ़ को लोरी मैकनील ने इसी तरह विम्बल्डन के शुरुआती राउंड में ही बाहर का रास्ता दिखाया था.

    चेक रिपब्लिक की 25 साल की मार्केता वोंद्रोसोवा सीधे सेटों में विश्व की 83वीं रैंक की खिलाड़ी स्पेन की 21 साल की जेसिका बूज़ास मैनीरो से हार गईं.

    मार्केता वोंद्रोसोवा 67 मिनट के अंदर मैनीरो से 6-4, 6-2 से मात खा गईं.

    अपनी 2023 की सफलता से पहले, मार्केता वोंद्रोसोवा ने एसडब्ल्यू19 में केवल एक मुख्य-ड्रा मैच जीता था और दो सप्ताह पहले बर्लिन में उन्हें चोट लगी थी.

    दुनिया की छठे नंबर की वोंद्रोसोवा ने टूर्नामेंट से पहले जोर देकर कहा था कि वह पूरी तरह से फिट हैं, लेकिन उनके पहले सर्विस गेम में तीन डबल-फॉल्ट हुए. इसके बाद वो संभल नहीं पाईं.

  2. हाथरस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों को यूपी सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मुआवज़े का एलान

    हाथरस हादसा

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    यूपी के हाथरस हादसे में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर 100 हो गई है. एडीजी आगरा के कार्यालय ने इसकी पुष्टि की है.

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक,मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है.

    इस बीच प्रधानमंत्री कार्यालय और यूपी सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों और घायलों को मुआवज़ा देने की घोषणा की गई है.

    पीएमओ कार्यालय से जानकारी दी गई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतक के परिजनों को दो दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये की आर्थिक मदद देने का एलान किया है.

    इसके अलावा यूपी सरकार के सीएम ऑफ़िस ने भी मृतकों के परिजनों को दो दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हज़ार रुपये देने की घोषणा की है.

    गृहमंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया एक्स लिखा, "उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से घटना की जानकारी ली है और हर संभव मदद का आश्वासन दिया है. शीघ्र ही एनडीआरएफ़ की मेडिकल टीम हाथरस पहुंच रही है."

    हाथरस हादसा

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    समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने इस घटना पर सरकार पर सवाल उठाए हैं.

    उन्होंनेकहा, "इतने बड़े पैमाने पर लोगों की जान चली गई, आखिर सरकार क्या कर रही थी. सरकार की जानकारी के बावजूद इतने बड़े हादसे का होना दुखद है. सबसे बड़ा सवाल है कि सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए क्या इंतज़ाम किए थे."

    समाजवादी पार्टी नेता शिवपाल यादव ने ज़िम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की है.

    विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हादसे के पीड़ितों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की हैं और कहा है कि

  3. हाथरस सत्संग हादसे पर पीएम मोदी ने लोकसभा में दिया बयान, हर संभव मदद का दिया आश्वासन

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में अपने भाषण के अंत में हाथरस हादसे को लेकर बयान दिया है.

    लोकसभा में हाथरस हादसे पर पीएम मोदी ने कहा, "इस समय चर्चा के बीच मुझे एक दुखद खबर भी दी गई है. यूपी के हाथरस में जो भगदड़ हुई उसमें अनेकों लोगों की दुखद मृत्यु होने की जानकारी आ रही है."

    उन्होंने कहा, "जिन लोगों की इस हादसे में जान गई है मैं उनके प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैं सभी घायलों के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करता हूं. राज्य सरकार की देखरेख में प्रशासन राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है. मैं इस सदन के माध्यम से सभी को भरोसा देता हूं कि पीड़ितों की हर तरीके से मदद की जाएगी."

    आगरा एडीजी कार्यालय ने बीबीसी संवाददाता दिलनवाज़ पाशा को बताया कि हादसे में 100 से अधिक लोगों के मारे जाने की आंशका है.

    योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "संबंधित अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों के युद्ध स्तर पर संचालन और घायलों के समुचित उपचार हेतु निर्देश दिए हैं. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, संदीप सिंह घटना स्थल के लिए रवाना हो चुके हैं."

    उन्होंने लिखा, "प्रदेश के मुख्य सचिव व पुलिस महानिदेशक को घटना स्थल पर पहुंचने हेतु निर्देशित किया है. एडीजी, आगरा और कमिश्नर, अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश भी दिए हैं."

  4. पीएम मोदी का लोकसभा में भाषण, नेता प्रतिपक्ष पर 'बालकबुद्धि' कहकर साधा निशाना

    नरेंद्र मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जब बोलना शुरू किया, तो विपक्ष की ओर से लगातार नारेबाज़ी होती रही.

    पीएम मोदी के पूरे भाषण के दौरान विपक्ष की ओर से मणिपुर.. वी वांट जस्टिस... तानाशाही नहीं चलेगी...भारत जोड़ो....जैसे नारे लगाए जाते रहे.

    नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में चुनाव, तीसरी बार लगातार सरकार बनने, मंगलवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण, तुष्टीकरण नीति, भ्रष्टाचार को लेकर ज़ीरो टॉलरेंस की अपनी सरकार की नीति पर बात रखी.

    उन्होंने विपक्ष पर सदन की गरिमा से खिलवाड़ करने, अराजकता फैलाने और झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे हालात में देश संकट की ओर जाने का यह संकेत है. और स्पीकर से इसे गंभीरता से लेने की अपील की.

    एक दिन पहले विपक्ष के नेता राहुल गांधी के भाषण पर निशाना साधते हुए पीएम मोदी ने कहा, "कल जो हुआ है वो गंभीरता से लिए बिना संसदीय लोकतंत्र को संरक्षित नहीं कर पाएंगे. इन हरकतों को बालकबुद्धि कहकर और मानकर के नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए. क्योंकि इसके पीछे इरादे नेक नहीं गंभीर ख़तरे के हैं."

    उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा, "कांग्रेस देश में आर्थिक अराजकता फैलाने की सोची समझी चाल चल रही है. मंचों से साफ़ साफ़ घोषणा की गई कि अगर इनके मन मुताबिक परिणाम नहीं आया तो चार जून को आग लगा दी जाएगी. इसका अधिकृत रूप से आह्वान किया गया."

    नरेंद्र मोदी

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    राहुल गांधी पर स्पीकर तल्ख़

    जब पीएम मोदी ने अपना भाषण शुरू किया तभी विपक्ष की ओर से शोर होना शुरू हो गया.

    कुछ देर के लिए पीएम मोदी के भाषण को रोककर स्पीकर ओम बिरला ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को संबोधित किया.

    स्पीकर ने विपक्ष के नेता से कहा, "आप वेल में लोगों को आने के लिए कहते हैं यह सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं है."

    इसके बाद नरेंद्र मोदी ने अपना भाषण जारी रखते हुए कहा, "दुनिया के सबसे बड़े चुनावी अभियान में जनता ने हमें चुना है. मैं कुछ लोगों की पीड़ा समझ सकता हूं कि लगातार झूठ चलाने के बावजूद भी उनकी घोर पराजय हुई."

    पीएम मोदी ने अपनी सरकार के ट्रैक रिकॉर्ड का ज़िक्र किया और कहा कि इसे देख कर ही जनता ने उन्हें जीत दिलाई है.

    उन्होंने अपने पहले कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए कहा कि 'भ्रष्टाचार के प्रति ज़ीरो टालेरेंस की वजह से ही जनता ने आशीर्वाद दिया.'

    प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में उन्होंने इमरजेंसी के 50वें वर्षगांठ का ज़िक्र किया और इंदिरा गांधी के तत्कालीन शासन पर निशाना साधा.

  5. ब्रेकिंग न्यूज़, हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ में कई लोगों के मारे जाने की आशंका

    हाथरस भगदड़

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    उत्तर प्रदेश के हाथरस में एक सत्संग के दौरान मची भगदड़ में 27 श्रद्धालुओं के मारे जाने की ख़बर है.

    इसकी पुष्टि एटा के एसएसपी ने की है.

    एटा एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने कहा, "एक दुखद घटना हुई है, हाथरस जनपद में सिकंद्राराऊ के पास मुगलगढ़ी गांव में भोले बाबा का कार्यक्रम चल रहा था, भगदड़ के कारण लोगों की मौतें हुई हैं. हमारे यहां एटा के अस्पताल में 27 शव आए हैं जिनमें 23 महिलाएं, तीन बच्चे और एक पुरुष के शव हैं. घायल अभी नहीं पहुंचे हैं."

    सीएमओ एटा उमेश कुमनार ने त्रिपाठी ने कहा, "अभी तक 27 शव पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे हैं, जिनमें दो 25 महिलाएं और दो पुरुष हैं. कई घायलों को भी भर्ती कराया गया है. जांच के बाद आगे की जानकारी दी जाएगी."

    सिकंद्राराऊ ट्रामा सेंटर

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    उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में पता चला है कि धार्मिक आयोजन के दौरान भगदड़ के कारण ये घटना घटी है.

    सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर यूपी सीएमओ ने एक बयान जारी कर हाथरस में हुए हादसे में मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है.

    बयान के अनुसार, "मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है. उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनके समुचित उपचार कराने और मौके पर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने एडीजी आगरा और कमिश्नर अलीगढ़ के नेतृत्व में घटना के कारणों की जांच के निर्देश दिए हैं."

    सिकंद्राराऊ ट्रामा सेंटर पर घायलों को पहुंचाया जा रहा है.

    ट्रॉमा सेंटर

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    बीबीसी के सहयोगी पत्रकार धर्मेंद्र चौधरी ने ट्रॉमा सेंटर से कुछ वीडियो भेजे हैं जिनमें परिजन आक्रोश जताते साफ़ देखे जा सकते हैं.

    ट्रॉमा सेंटर पर मौजूद पीड़ितों के एक परिजन ने कहा, "इतना बड़ा हादसा हो गया है लेकिन एक भी सीनियर अधिकारी यहां मौजूद नहीं है. भोले बाबा को किसने यहां इतना बड़ा कार्यक्रम करने की परमिशन दी थी. प्रशासन कहां है?"

    घायलों और मृतकों को ट्रॉमा सेंटर पर ट्रकों, टैंपो और एंबुलेंस में लाया गया.

    वीडियो में ट्रॉमा सेंटर के बाहर महिलाओं के शवों को फ़र्श पर लिटाये हुए देखा जा सकता हैं.

    ट्रॉमा सेंटर के बाहर अफ़रातफ़री का माहौल है और लोग अपने प्रियजनों की तलाश में वहां पहुंच रहे हैं.

  6. एंडी मरे ने विम्बल्डन सिंगल्स से खुद को अलग किया, भाई के साथ खेलेंगे फ़ेयरवेल मैच

    एंडी मरे

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    ब्रिटेन के टेनिस खिलाड़ी एंडी मरे ने स्वास्थ्य समस्याओं के चलते विम्बल्डन सिंगल्स में खेलने से खुद को अलग कर लिया है.

    वे इसके बजाय ऑल इंग्लैंड क्लब में अपना फ़ेयरवेल मैच अपने भाई जेमी के साथ डबल्स खेलेंगे.

    उन्होंने कहा था कि वो इस साल के अंत में रिटायर होने वाले हैं और 10 दिन पहले पीठ के दर्द को लेकर एक सर्जरी कराई थी.

    37 साल के एंडी मरे ने 2013 और 2016 में विम्बल्डन जीता था और मंगलवार को सेंटर कोर्ट पर चेक रिपब्लिक के टामस मैकेक के साथ खेलने वाले थे.

    पूर्व नवंबर वन खिलाड़ी मरे की रीढ़ के पास एक सिस्ट था जिसे शनिवार को सर्जरी करके निकाला गया क्योंकि इसकी वजह से उनके दाहिने पैर में दर्द उभर गया था.

    मरे की टीम ने कहा है, "यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सप्ताह अपने ऑपरेशन से उबरने के लिए कड़ी मेहनत करने के बावजूद एंडी को इस साल के सिंगल्स से हटने का फैसला लेना पड़ा."

  7. ओवैसी की 'मोदी के बुलडोज़र' और 'मॉब लिंचिंग' टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा

    ओवैसी

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    मंगलवार को एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी नेता के 'मोदी के बुलडोज़र' टिप्पणी पर लोकसभा में हंगामा खड़ा हो गया.

    ओवैसी ने कहा था, "चार जून के बाद देश में छह मुसलमान व्यक्तियों की लिंचिंग की गई है और मध्य प्रदेश में 11 घरों को मोडी के बुल्डोज़रों ने नेस्तानाबूद कर दिया. हिमाचल प्रदेश में एक मुसलमान की दुकान को लूट लिया गया. विपक्षी पार्टियों की तरफ़ से सन्नाटा है."

    हालांकि इस बीच सत्ता पक्ष के सांसदों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और श्रम एवं रोज़गार मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने हस्तक्षेप करते हुए 'मोदी के बुलडोज़र' शब्द और 'मॉब लिंचिंग' के आरोपों पर आपत्ति की और उसे सत्यापित करने का अनुरोध किया.

    नोकझोंक के बीच ओवैसी ने कहा, "मोडी को जो जनादेश मिला है वो सिर्फ और सिर्फ मुसलमानों की नफ़रत पर हिंदुत्वा को मिला है."

    उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि "यह आपकी नैतिक जीत नहीं नहीं बल्कि बहुसंख्यकवाद की जीत है."

    मंगलवार को लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान ओवैसी बोल रहे थे और इस दौरान मुसलमानों की संसद में भागीदार पर सवाल उठाया.

    'क्या मुसलमान सिर्फ वोट बैंक हैं?'

    ओवैसी ने कहा, "सदन में ओबीसी के एमपी अब उच्च जाति के एमपी के बराबर हो चुके हैं लेकिन देश की 14 फ़ीसदी मुसलमानों में से सिर्फ चार फीसदी जीतकर आते हैं."

    उन्होंने कहा, "संविधान सिर्फ एक किताब नहीं जिसे सिर्फ चूमा जाए, जिसे दिखाया जाए, यह एक ऐसी किताब है जिसे हमारे संस्थापकों ने इस तरह समझा कि मुल्क को चलाने के लिए सभी समुदाय के लोगों की राय को शामिल किया जाएगा. मगर इस सदन में सिर्फ चार फीसदी मुसलमान जीत कर आते हैं."

    उन्होंने तंज करते हुए कहा, "इस वतन का मुस्तकबिल कैसा होगा जब बीजेपी मुझे (मुसलमानों को) ग़ायब करना चाहती है और बाकी विपक्षी पार्टियों के लिए मेरा वज़ूद सिर्फ वोट डालने और अपनी कब्र में जाकर सो जाना है."

    उन्होंने कहा, "सीएसडीएस का डेटा बताता है कि इस मुल्क में जो एकमुश्त वोट डालने वाला वोट बैंक है वो उच्च जातियों का है, मुसलमान न वोटबैंक था न रहेगा."

    उन्होंने कहा, "यह हरेक के लिए आत्मनिरीक्षण का विषय है कि मुसलमानों को वाजिब हिस्सेदारी क्यों नहीं मिलती है, क्या हम यहां केवल आपको वोट डालने के लिए हैं?"

    उन्होंने रोज़गार और पेपर लीक के मुद्दे को उठाते हुए कहा कि "इसराइल को भारत की ओर से 27 टन हथियार भेजा जा रहा है और उसने 47000 से अधिक फ़लस्तीनियों को मार दिया है, भारत सरकार की क्या पॉलिसी है?"

  8. हिंडनबर्ग का दावा- अदानी के शेयर शॉर्ट करने के लिए कोटक ग्रुप की कंपनी का इस्तेमाल किया गया

    हिंडनबर्ग

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    अमेरिकी शॉर्ट सेलिंग कंपनी हिंडनबर्ग ने सेबी के कारण बताओ नोटिस पर कहा है कि उनसे अदानी ग्रुप के स्टॉक को शॉर्ट करने के लिए अपने निवेशक के एक ऑफ शोर फंड स्ट्रक्चर का इस्तेमाल किया और इस फंड स्ट्रक्चर को बनाने और इसकी देखरेख करने का काम कोटक महिंद्रा बैंक का था.

    कोटेक मंहिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक हैं. ये एक प्राइवेट बैंक और ब्रोकरेज फर्म है. हालांकि हिंडनबर्ग ने अपने निवेशक का नाम नहीं बताया.

    हिंडनबर्ग को सेबी ने अदानी ग्रुप पर उनकी रिपोर्ट को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया था. नोटिस को शॉर्ट सेलिंग कंपनी ने 'बेतुका' बताया है.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ अपने जवाब में हिंडनबर्ग ने लिखा, "भारत में सबसे शक्तिशाली लोगों की ओर से भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी को उजागर करने वालों को चुप कराने तथा डराने का प्रयास है."

    "क्या हिंडनबर्ग ने अदानी को नुक़सान पहुंचाने के लिए दर्जनों कंपनियों के साथ काम किया, जिससे करोड़ों डॉलर कमाए? नहीं…हमारे पास एक निवेशक पार्टनर थे और लागतों के बाद हम अदानी 'शॉर्ट' पर 'ब्रेक-ईवन' से ऊपर नहीं आ पाएं."

    "आज तक अदानी (समूह) हमारी रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का जवाब नहीं दे पाया है. इसके बजाय उन्होंने हर सवाल जो हमने उठाए उसे नजरअंदाज करते हुए मीडिया में हमारी रिपोर्ट का खंडन किया है."

    "सेबी ने हम पर अधिकार क्षेत्र का दावा करने के लिए खुद को उलझा लिया, लेकिन इसके नोटिस में स्पष्ट रूप से उस पार्टी का नाम नहीं बताया गया जिसका भारत से असल में संबंध है- कोटक बैंक, भारत के सबसे बड़े बैंकों और ब्रोकरेज फर्मों में से एक, जिसकी स्थापना उदय कोटक ने की थी, इस कंपनी ने हमारे निवेशक पार्टनर के लिए एक ऑफ शोर फंड स्ट्रक्चर बनाया और इसकी देखरेख का काम किया, इस स्ट्रक्चर का इस्तेमाल हमारे निवेशक पार्टनर ने अडानी के खिलाफ़ बेटिंग में किया. लेकिन सेबी ने कोटक का नाम नहीं लिया. उसने केवल के-इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड का नाम दिया और 'कोटक' नाम को 'केएमआईएल' के शॉर्टफॉर्म नाम से छिपा दिया."

    केएमआईएल का पूरा नाम है कोटक महिंद्रा इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड है.

    हिंडनबर्ग ने आरोप लगाया कि सेबी के कोटक का नाम न लेने के पीछे शायद बिजनेसमैन को जांच दायरे से बचाना वजह हो सकती है.

    जनवरी 2023 में हिंडनबर्ग ने अदानी ग्रुप को लेकर एक रिपोर्ट छापी थी, जिसमें अदानी समूह पर अपने शेयरों के भाव में हेराफेरी और वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया था. रिपोर्ट के बाद अदानी ग्रुप के शेयर तेज़ी से गिरे थे.

  9. राहुल गांधी ने भाषण के हिस्से हटाए जाने पर लोकसभा स्पीकर को लिखी चिट्ठी

    राहुल गांधी

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    विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को चिट्ठी लिखकर सदन में उनके भाषण के कुछ अंशों को हटाए जाने पर चिंता व्यक्त की.

    राहुल गांधी ने कहा कि भाषण को "चुनिंदा ढंग से हटाया जाना" तर्क से परे है और उनके बयान के हिस्सों को हटाया ना जाए.

    विपक्ष के नेता के तौर पर अपने पहले भाषण में राहुल गांधी ने बीजेपी की राजनीति करने के तरीके पर जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि बीजेपी लोगों के बीच 'धर्म के नाम पर नफ़रत और हिंसा फैलाती है.'

    अपने भाषण में उन्होंने जो कहा उसके कुछ हिस्से को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है.

    इस पर गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को चिट्ठी लिखी और कहा कि स्पीकर के पास शक्ति होती है कि वो भाषण को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा सकते हैं. लेकिन उन्हीं शब्दों या बयानों को हटाया जा सकता है जिसका ज़िक्र लोकसभा की प्रक्रिया और कार्य संचालन नियम 380 में है.

    उन्होंने लिखा-"मैं यह देखकर हैरान हूं कि किस तरह मेरे भाषण के काफी हिस्से को कार्यवाही से निकाल दिया गया. जो अंश हटाया गया है वो नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं. मैं सदन में जो बताना चाहता था,वह ज़मीनी हक़ीक़त और तथ्यात्मक रूप से सही है. सदन के प्रत्येक सदस्य जो जनता की आवाज का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्हे भारत के संविधान के अनुच्छेद 105(1) में तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है.”

    उन्होंने कहा कि ये हर सदस्य का कर्तव्य है कि वह लोगों की आवाज़ को फ्लोर पर उठाए.

  10. राहुल गांधी अपने भाषण के कुछ अंश हटाने जाने की ख़बर पर बोले

    राहुल गांधी

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    सोमवार को लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 18वीं लोकसभा में पहला भाषण दिया. इस भाषण को लेकर काफ़ी चर्चा है. इसके कुछ हिस्सों को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है.

    अपने भाषण के हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाए जाने के सवाल पर राहुल गांधी ने कहा है कि मोदी जी की दुनिया से सच हटाया जा सकता है, लेकिन हक़ीक़त से सच नहीं हटाया जा सकता.

    उन्होंने मंगलवार को संसद के बाहर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा- “मोदी जी की दुनिया में सच्चाई एक्सपंज (हटायी) हो सकती है लेकिन हक़ीक़त में सच्चाई हटाई नहीं जा सकती. जो मुझे कहना था कह दिया जितना हटाना है, हटा दीजिए. जो सच्चाई है, वो सच्चाई ही रहेगी.”

    सोमवार को लोकसभा में राहुल गांधी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे.

    यहां राहुल गांधी ने बीजेपी और उसकी राजनीति को निशाने पर लिया.

    उन्होंने कहा कि "शिवजी कहते हैं डरो मत,डराओ मत. अभय मुद्रा दिखाते हैं (दाहिना हाथ सीधा रखते हुए हथेली दिखाते हैं),अहिंसा की बात करते हैं लेकिन जो लोग अपने आप को हिंदू कहते हैं,वे चौबीसों घंटे नफ़रत,हिंसा और झूठ फैलाते हैं.”

    उनके भाषण को बीच में ही रोक कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताई.

    अमित शाह ने सदन के स्पीकर ओम बिड़ला से कहा कि जो कुछ भी नेता प्रतिपक्ष कह रहे हैं उसे सत्यापित किया जाना चाहिए. इसके बाद स्पीकर ने कहा कि वह भाषण को सत्यापित किए जाने का आदेश दे रहे हैं.

    अब बताया जा रहा है कि राहुल गांधी के भाषण के कुछ हिस्सों को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया गया है.

    राहुल गांधी के भाषण को बीच में रोकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कहा कि“ नेता प्रतिपक्ष हिंदू समुदाय को हिंसक कह रहे हैं.”

    इसके जवाब में तुरंत राहुल गांधी ने कहा, “सिर्फ़ नरेंद्र मोदी,बीजेपी और आरएसएस हिंदू समाज नहीं हैं,हम सब भी हिंदू हैं.”

    राहुल गांधी ने अपने भाषण में धर्म,मंहगाई,अग्निवीर योजना,नीट पेपर लीक केस और किसानों के मुद्दों पर बात की.

  11. अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा- यूपी की 80 सीटें जीत जाएं तो भी ईवीएम पर भरोसा नहीं

    अखिलेश यादव

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    राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद मंगलवार को धन्यवाद प्रस्ताव पर लोकसभा में बोलते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

    अखिलेश यादव ने कहा कि 1947 में भारत को औपनिवेशिक शासन से मुक्ति मिली थी लेकिन चार जून 2024 को भारत को सांप्रदायिक शासन से मुक्ति मिली. अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या ने भी स्पष्ट संदेश दिया है,यहाँ मर्यादा की जीत हुई है.

    अखिलेश यादव ने कहा कि उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर भरोसा तब भी नहीं था और अब भी नहीं है.

    अखिलेश यादव ने कहा, ''हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश में 80 में से 80 सीटें भी जीत जाए तब भी ईवीएम पर भरोसा नहीं करेंगे. इंडिया गठबंधन ईवीएम से चुनाव जीतकर ईवीएम हटाएगा. सरकार ने अग्निवीर स्कीम के ज़रिए देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया है. जब भी इंडिया गठबंधन सत्ता में आएगा,अग्निवीर स्कीम को ख़त्म कर देगा. अब इस सरकार की मनमर्जी नहीं चलेगी बल्कि जनमर्ज़ी चलेगी. आरक्षण के साथ इस सरकार ने सबसे ज़्यादा खिलवाड़ किया है. उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर नौजवान बेरोज़गार हैं. सरकार ख़ाली पदों को नहीं भर रही है क्योंकि आरक्षण देना पड़ेगा.''

    उन्होंने कहा कि अयोध्या की जीत जनता के राजनीतिक परिपक्वता की जीत है.

    “हम तो यही सुनते आए हैं ‘होइ वही जो राम रचि राखा’ ये उसका फ़ैसला है, जिसकी लाठी में नहीं होती आवाज. जो करते थे किसी को लाने का दावा वो ख़ुद है किसी के सहारे के लाचार. ”

    अखिलेश यादव
  12. झारखंड हाई कोर्ट ने बीएनएस में लिंचिंग की धारा में बताई ग़लती

    भारतीय न्याय संहिता

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    झारखंड हाई कोर्ट ने सोमवार को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के यूनिवर्सल लेक्सिसनेक्सिस एडिशन (इंटरनेट पर मौजूद संस्करण) में ग़लतियों पर स्वत: संज्ञान लिया है.

    लेक्सिसनेक्सिस क़ानूनी और बिज़नेस से जुटी जानकारी का सबसे बड़ा डेटाबेस है.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस आनंद सेन और जस्टिस सुभाष चंद की बेंच ने बताया कि इस एडिशन में लिंचिंग के प्रावधान बीएनएस धारा 103 (2) को ग़लत तरीके से दर्ज किया गया है.

    बीएनएस धारा 103 (2)कहती है, “जब पांच या अधिक व्यक्तियों का समूह मिलकर नस्ल,जाति या समुदाय,लिंग,जन्म स्थान,भाषा,अपने व्यक्तिगत धारणा या किसी अन्य ऐसे ही आधार पर किसी की हत्या करते हैं तो ऐसे समूह के हर सदस्य को मौत की सज़ा या आजीवन कारावास की सज़ा दी जाएगी और साथ ही जुर्माना भी देना होगा.”

    लेकिन लेक्सिसनेक्सिस एडिशन में ‘ऐसे ही अन्य आधार’ की जगह ‘किसी भी आधार’ शब्द का इस्तेमाल किया गया है.

    कोर्ट ने अपने आकलन में कहा है कि इस ग़लती के ‘गंभीर परिणाम’ हो सकते हैं. बेंच ने पब्लिशर को राष्ट्रीय और क्षेत्रीय अखबारों में भूल-सुधार नोट छापने को कहा है.

    एक जुलाई से देश में नए आपराधिक क़ानून लागू हो चुके हैं.

    सोमवार से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, भारतीय दंड संहिता 1860, दंड प्रक्रिया संहिता,1973 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की जगह ले चुके हैं.

  13. राहुल गांधी के बाद आज संसद में पीएम नरेंद्र मोदी देंगे भाषण

    मोदी

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    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के बाद अब मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलेंगे.

    सोमवार को राहुल गांधी ने संसद में बतौर नेता प्रतिपक्ष अपना पहला भाषण दिया और उनके डेढ़ घंटे चले इस भाषण की काफ़ी चर्चा हो रही है.

    पीएम मोदी आज लोकसभा में अपने तीसरे कार्यकाल में पहली बार भाषण देंगे.

    बीजेपी और उसके सहयोगी दलों का आरोप है कि राहुल गांधी मे अपने भाषण में ‘हिंदुओं का अपमान’ किया.

    सदन में राहुल गांधी ने अपने भाषण में बीजेपी और उसकी राजनीति को निशाने पर लिया था.

    उन्होंने राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था, “शिवजी कहते हैं डरो मत,डराओ मत. अभय मुद्रा दिखाते हैं (दाहिना हाथ सीधा रखते हुए हथेली दिखाते हैं),अहिंसा की बात करते हैं लेकिन जो लोग अपने आप को हिंदू कहते हैं,वे चौबीसों घंटे नफ़रत,हिंसा और झूठ फैलाते हैं.”

    राहुल गांधी के इस भाषण को बीच में रोकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि“ये बड़ा आरोप लगा रहा हैं,नेता प्रतिपक्ष हिंदू समुदाय को हिंसक कह रहे हैं.”

    इसके जवाब में तुरंत राहुल गांधी ने कहा, “सिर्फ़ नरेंद्र मोदी,बीजेपी और आरएसएस हिंदू समाज नहीं हैं,हम सब भी हिंदू हैं.”

    बीजेपी ने राहुल गांधी के भाषण पर बीच-बीच में कई बार आपत्ति जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि‘उन्हें सदन से इस बयान पर माफ़ी मांगनी चाहिए.’

    राहुल गांधी ने अपने भाषण में धर्म,मंहगाई,अग्निवीर योजना, नीट पेपर लीक केस और किसानों के मुद्दों पर बात की.

  14. यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने बोला- कार्यकर्ताओं के सम्मान से कोई समझौता नहीं

    बृजेश पाठक

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    उत्तर प्रदेश में वीआईपी कल्चर को ख़त्म करने के लिये चल रहे चेकिंग अभियान को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह से के अभियान से हम सहमत नहीं हैं, इसे रोका जाना चाहिए.

    राज्य से वीआईपी कल्चर को ख़त्म करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे प्रदेश में अभियान चलाने के आदेश दिए हैं और पुलिस बीजेपी नेताओं की गाड़ी रोककर भी हूटर,फ्लैश लाइट,शीशों परकाली फिल्म उतार रही है.

    बीते दिनों कानपुर के गोविंदनगर में पुलिस बीजेपी नेता शैलेंद्र त्रिपाठी की गाड़ी का हुटर उतरवा रही थी जिससे नाराज शैलेंद्र त्रिपाठी पुलिस वालों से भिड़ गए, इस मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ. इसे लेकर पुलिस ने शैलेंद्र त्रिपाठी पर केस दर्ज कर लिया है.

    डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने पत्रकारों से इसी वाकये पर बात करते हुए कहा, “मुझे पता चला है इस बारे में, कल मैंने सीपी महोदय से भी बात की थी. कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से हम कोई समझौता नहीं करेंगे. मुक़दमा ख़त्म होगा और इस तरह से गाड़ी रोक कर जो अभियान चल रहा है इससे हम सहमत नहीं हैं, इस अभियान को रोका जाना चाहिए.”

  15. रॉकेट हमले के बाद इसराइल ने फ़लस्तीनियों से दक्षिणी ग़ज़ा खाली करने को कहा

    ग़ज़ा

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    इसराइली सेना ने फ़लस्तीनियों को दक्षिणी ग़ज़ा के ख़ान यूनिस के पूर्वी हिस्से को खाली करने का आदेश दिया है. ये आदेश इसराइल की ओर रॉकेट छोड़े जाने के बाद दिया गया है.

    यहां रह रहे लोगों को पहले ऑडियो मैसेज मिला जिसमें उन्हें ये इलाका खाली करने को कहा गया. इसके बाद इसराइली सेना ने सोशल मीडिया पर अरबी भाषा में इसे लेकर पोस्ट शेयर की.

    चश्मदीदों का कहना है कि कई लोग पहले ही यहां से भाग रहे हैं.

    इसराइल की ओर छोड़े गए 20 रॉकेटों के बाद इसराइली सेना ने ये फ़ैसला लिया है.

    बीते कई महीनों में इसराइल की ओर ये पहला बड़ा हमला है. इन मिसाइलों को इसराइल ने मार गिराया और कुछ रॉकेट खाली ज़मीन पर गिरे. हमले में कोई हताहत नहीं हुआ.

    फ़लस्तीनी इस्लामिक जिहाद (पीआईजे) ने कहा कि उसने इसराइल के "अपराधों" के जवाब में यह बमबारी की.

    जहां से लोगों को निकलने के आदेश दिए गए हैं ये खान यूनिस के दक्षिण-पूर्व में यूरोपीय अस्पताल के आसपास का क्षेत्र है.

    स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार,अस्पताल के कर्मचारियों ने खान यूनिस के नासिर अस्पताल में कुछ महत्वपूर्ण उपकरण ले जाना शुरू कर दिया है और कुछ कर्मचारी और मरीज भी वहां से चले गए हैं.

    दूसरी ओर,ग़ज़ा के उत्तर में शेजैया में पांचवें दिन भी भीषण लड़ाई जारी रही और दक्षिणी राफ़ाह में एक इजराइली सैनिक मारा गया.

    रविवार को इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहूने कहा कि उनके सैनिक पूरे फ़लिस्तीनी क्षेत्र में“कठिन लड़ाई”में लगे हुए हैं.

    ग़ज़ा के हमास संचालित स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार,7 अक्टूबर के बाद इसराइल के हमलों में अब तक ग़ज़ा में 37,900 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं,पिछले 24 घंटों में 23 लोग मारे गए हैं.

  16. राहुल गांधी के भाषण पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने क्या कहा

    विदेश मंत्री एस जयशंकर

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    लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के सदन में सोमवार को दिए गए भाषण पर काफ़ी बहस हो रही है.

    बीजेपी आरोप लगा रही है कि राहुल गांधी ने अपने भाषण में ‘हिंदुओं का अपमान किया’ हैं. अब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी कहा है कि नेता प्रतिपक्ष ने अपने भाषण में ‘हिंदुओं पर हमला’ किया.

    राहुल गांधी के भाषण के बाद विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- “ये नेता प्रतिपक्ष हैं, जो भाईचारे की बात करते हुए हिंदुओं पर हमला करते हैं. जो भारतीय सेना के कल्याण को लेकर लिए चिंता व्यक्त करते हुए उनकी बहादुरी का अपमान करते हैं. जो संविधान के सम्मान का ज्ञान देते हैं और ख़ुद कैबिनेट के फ़ैसले को फाड़ देते है. कांग्रेस की राजनीति में आपका स्वागत है.”

    राहुल गांधी सदन में राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद धन्यवाद प्रस्ताव पर बोल रहे थे.

    सदन में राहुल गांधी ने लगभग डेढ़ घंटे के भाषण में बीजेपी और उसकी राजनीति को निशाने पर लिया था.

    राहुल गांधी ने अपने भाषण में कहा था, “शिवजी कहते हैं डरो मत, डराओ मत. अभय मुद्रा दिखाते हैं (दाहिना हाथ सीधा रखते हुए हथेली दिखाते हैं),अहिंसा की बात करते हैं लेकिन जो लोग अपने आप को हिंदू कहते हैं, वे चौबीसों घंटे नफ़रत,हिंसा और झूठ फैलाते हैं.”

    राहुल गांधी के इस भाषण को बीच में रोकते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि “ये बड़ा आरोप लगा रहा हैं, नेता प्रतिपक्ष हिंदू समुदाय को हिंसक कह रहे हैं.”

    इसके जवाब में तुरंत राहुल गांधी ने कहा, “सिर्फ़ नरेंद्र मोदी, बीजेपी और आरएसएस हिंदू समाज नहीं हैं, हम सब भी हिंदू हैं.”

    बीजेपी ने राहुल गांधी के भाषण पर बीच-बीच में कई बार आपत्ति जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर गृह मंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा कि ‘उन्हें सदन से इस बयान पर माफ़ी मांगनी चाहिए.’

    राहुल गांधी ने अपने भाषण में धर्म, मंहगाई, अग्निवीर योजना, किसानों के मुद्दों पर बात की.

  17. नमस्कार,

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