पाकिस्तानः हज़ारों साल के मौसम का इतिहास समेटे एक जंगल
जूनिपर पेड़ों का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा और सबसे पुराना जंगल ख़तरे में है.
इमेज कैप्शन, यहां हज़ारों साल पुराने पेड़ हैं, जिन्हें ‘जीवित जीवाश्म’ का ख़िताब मिला हुआ है. यह जंगल पहाड़ों के बीच समुद्र तल से एक हज़ार से लेकर साढ़े तीन हज़ार मीटर ऊंचाई पर स्थित है.
इमेज कैप्शन, हज़ारों साल पुराने पेड़ों से पहले के मौसम के बारे में पता लगाया जा सकता है. यहां की प्रजातियां जलवायु परिवर्तन और पारिस्थितिक अध्ययन के लिए बेहतर मानी जाती हैं.
इमेज कैप्शन, पाकिस्तान ने साल 2013 में इसे बायोस्फीयर रिज़र्व घोषित किया था. यहां के जंगलों में काले भालू, भेड़िये और एक ख़ास तरह की जंगली बकरियां पाई जाती हैं. जूनिपर के बेर अपने स्वाद के लिए जाने जाते हैं और उनके तेल का उपयोग कई तरह से किया जाता है.
इमेज कैप्शन, ज़ियारत का जंगल पर्यटन के लिहाज़ से बेहतर माना जाता है. पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना ने स्वास्थ्य लाभ के लिए जीवन का अंतिम समय यहां गुजारा था.
इमेज कैप्शन, लेकिन आज जंगल का इलाक़ा घटता जा रहा है. बीबीसी उर्दू संवाददाता शुमाइला जाफ़री के मुताबिक यहां के अधिकारी इसके संरक्षण के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठा रहे हैं. स्थानीय लोग यहां के सूखे पेड़ों का इस्तेमाल जलाऊ लड़की के रूप में करते हैं.
इमेज कैप्शन, यहां अवैध रूप से पेड़ों की कटाई की जा रही है, लेकिन इसका असर बहुत व्यापक नहीं है. स्थानीय एनजीओ के बचाव के लिए जागरूकता अभियान भी चलाते हैं.
इमेज कैप्शन, वन अधिकारियों के मुताबिक वृक्षारोपण में कमी की वजह से पेड़ घट रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक 10 फ़ीसदी ही नए पौधे जीवित रह पाते हैं. पिछले साल 20 हज़ार पौधे लगाए थे, जिनमें से दो हज़ार ही पेड़ बन पाए.