भारत के रुख़ से दुख हुआ: प्रचंड
नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना हो चुकी है. नेपाल के राष्ट्रपति ने आधिकारिक तौर पर नए संविधान को लागू कर दिया है.
लेकिन नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के लिए वर्षों चले आंदोलन के मुखिया रहे पुष्प कमल दहल 'प्रचंड' भारत के रुख़ से दुखी हैं.
बीबीसी नेपाली सेवा के महेश आचार्य से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें भारत से जिस गर्मजोशी की उम्मीद थी वैसी प्रतिक्रिया उन्हें नहीं मिली.
सुनिए उनसे पूरी बातचीत.