मज़दूर दिवसः चलते रहने का नाम ज़िंदगी

एक मई को पूरे देश और दुनिया में मज़दूर दिवस मनाया जाता है. इस अवसर पर मज़दूरों की ज़िंदगी में झांकतीं ये तस्वीरें उनके जीने की चाहत की बानगी हैं.

मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, ये मज़दूर भले ही औरों के लिए आशियाने बनाते हैं पर इनकी और इनके परिवारों की ज़िंदगी सड़क किनारे ही गुज़रती है.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, और कभी आँख लग गई तो जहाँ जगह मिली वहीं सो गए.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, चाँदनी चौक से सटे जामा मस्जिद इलाक़े मे रहमान कबाब की दुकान चलाते हैं पर मज़दूर दिवस क्या होता है ये उन्हें नहीं पता.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, इन मज़दूरों के बच्चे स्कूल नहीं जाते पर अगर कोई किताब मिल गई तो तस्वीरें देखने में ज़रूर मज़ा आता है.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, यहाँ काम करने वालों में से ज़्यादातर लोगों का अपना घर नहीं होता और आसरे के लिए जो मिले उसी से काम चलाना पड़ता है.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, मथुरा निवासी रामजी कई सालों से दिल्ली में मज़दूरी कर रहे हैं. मज़दूर दिवस के बारे उन्हें पता तो है पर कहते हैं इसका उनके जीवन पर कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, कई ने कहा कि 1 मई को भी वो रोज़ की तरह काम पर जाएँगे.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, और जब कभी फ़ुर्सत के कुछ पल मिले तो सारी चिंताओं को धुएँ में उड़ा दिया.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, दिल्ली से सटे नोएडा में आजकल बड़ी इमारतों का निर्माण तेज़ी से चल रहा है और कामगार देश के कोने कोने से आते हैं.
मज़दूर दिवस
इमेज कैप्शन, दिल्ली के चाँदनी चौक में रोज़ दिन करोड़ों का कारोबार होता है. पर तंग गलियां में गाड़ियां नहीं घुस सकतीं तो सामान की ढुलाई के लिए मज़दूरों का ही सहारा होता है.