चलिए पटना के पुस्तक मेले में

बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में इन दिनों पुस्तक मेला लगा हुआ है. यह मेला 24 नवंबर तक चलेगा. इस बार मेले की थीम ‘युवा प्रतिनिधित्व’ है.

पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, 27 अक्तूबर के बम धमाकों के खौफ को पीछे छोड़ रोज हजारों की तादाद में पुस्तक प्रेमी गांधी मैदान पहुंच रहे हैं जिनमें स्कूली बच्चे भी शामिल हैं.
पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, पटना पुस्तक मेले के प्रभाव के कारण ही अब प्रकाशकों, खासकर हिंदी के प्रकाशकों ने बिहारी लेखकों को भी अवसर देना शुरु किया है. इस बार मेले में कवयित्री और पत्रकार निवेदिता झा के पहले कविता संग्रह ‘जख्म जितने थे’ का विमाचन भी हुआ.
पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, इन नाटकों को देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक भी जुटते हैं. इस बार मेला रंगशाला का नाम प्रसिद्ध मराठी नाटककार दिवंगत गोविंद पुरुषोत्तम देशपांडे के नाटक ‘धवस्त धर्मशाला’ के नाम पर रखा गया है.
पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, मेले में हर दिन आयोजित होने वाले नुक्कड़ नाटकों ने न सिर्फ इसे लोकप्रिय बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है बल्कि इसने कई नाट्य संस्थाओं को नुक्कड़ नाटक करने के लिए प्रेरित भी किया है.
पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, मेला घूमने के बाद आराम फरमाते दो बजुर्ग. पुस्तक मेले में हर उम्र के लोग शामिल होते हैं.
पटना पुस्तक मेला
इमेज कैप्शन, मेले में कई तरह की दूसरी सृजनात्मक गतिविधियां भी साथ-साथ चलती हैं. मेला घूमने आया एक व्यक्ति इस तस्वीर में अपनी पेंसिल स्कैच बनवा रहा है. पुस्तक मेले की ये तस्वीरें पटना से स्थानीय पत्रकार मनीष शांडिल्य ने बीबीसी हिंदी डॉटकॉम के लिए भेजी हैं.