You’re viewing a text-only version of this website that uses less data. View the main version of the website including all images and videos.
डकैतों के ग्लैमर से परे, क्या हैं चम्बल घाटी के असल चुनावी मुद्दे?
2019 का लोकसभा चुनाव आज़ादी के बाद का वह पहला चुनाव है जब चंबल घाटी में डाकू पूरी तरह ख़त्म हो चुके हैं.
इस बात का श्रेय लेने की होड़ भाजपा और कांग्रेस दोनो पार्टियों में लगातार देखी जा सकती है. दूर से यह तस्वीर अच्छी भी लगती है. लेकिन ज़मीनी सच यह है कि लगातार फैलते बीहड़ों और घटते ज़मीनी रकबे की वजह से डाकू बनने और बनाने की परिस्थितियां यहां आज भी मौजूद हैं.