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जलियांवाला जनसंहार: जिन्होंने अपनों को खो दिया
13 अप्रैल को जलियांवाला बाग़ हत्याकांड की सौवीं बरसी है. इसी दिन साल 1919 को जनरल डायर के आदेश पर ब्रिटिश सैनिकों ने अमृतसर के जलियांवाला बाग़ में मौजूद निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गई थीं जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे. ब्रितानी प्रधानमंत्री टेरीज़ा मे ने कल संसद में इसपर अफ़सोस जताया और इसे ब्रिटेन के लिए धब्बा बताया. इस पर जलियांवाला बाग़ शताब्दी समारोह समिति के सदस्य हर्षेव बैन्स ने कहा कि उन्हें भी अफ़सोस है कि ब्रितानी सरकार ने औपचारिक माफ़ी का मौका गंवा दिया. बीबीसी संवाददाता अरविंद छाबड़ा ने कुछ ऐसे परिवारों से अमृतसर में मुलाक़ात की जिनके पुरखों को इस नरसंहार में गोली लगी थी.