बौद्ध महिला साधुओं का मठ

हिमालय में एक जगह है जहां महिला साधुओं के लिए 28 मठ हैं.

लद्दाख़

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इमेज कैप्शन, हिमालय की पर्वतमालाओं से घिरा लद्दाख़ भारत का एक दूरस्थ इलाका है. इस इलाके की अधिकतम आबादी बौद्ध है और इसके मठ हर साल हज़ारों पर्यटकों को आकर्षित करते हैं. लेकिन एक छोटी-सी जानकारी से कई लोग अनजान हैं कि इस इलाके में 28 महिला मठ भी हैं. दिल्ली की रहने वाली फ़ोटोग्राफ़र दीप्ति अस्थाना ने नयरमा नामक गांव में महिला साधुओं के मठों का दौरा कर वहां की तस्वीरें लीं.
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इमेज कैप्शन, बौद्ध धर्म में महिला साधुओं की परंपरा बुद्ध काल से रही है जो महिला अधिकारों की वक़ालत करती थीं. लेकिन वक्त के साथ-साथ महिला साधुओं की स्थिति भी बिगड़ती गई. पुरुष साधुओं के लिए मठ थे जहां वह रह सकते थे लेकिन महिला साधुओं के लिए ऐसी कोई जगह चिन्हित नहीं थी.
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इमेज कैप्शन, लेकिन साल 2012 में कई वरिष्ठ महिला साधुओं को चट्न्यानलिंग में अपना घर मिला. लद्दाख़ महिला साधु संगठन ने उनके लिए एक मठ बनाया. संगठन बनाने वाली डॉ. सेरिंग पाल्मो का कहना है कि इन महिलाओं साधुओं को मदद की बहुत ज़रूरत थी और इनके पास खाने को भी कुछ नहीं था.
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इमेज कैप्शन, लोबज़ंग डोलमा (85) चट्न्यानलिंग मठ की सबसे उम्रदराज महिला साधु हैं. यहां रहने से पहले वो खेतों में मज़दूर के रूप में काम करती थीं.
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इमेज कैप्शन, इस तस्वीर में डॉक्टर पाल्मो (सामने की पंक्ति में बीच में बैठी हैं) युवा महिला साधुओं के साथ नज़र आ रही हैं. ये महिला साधु बौद्ध दर्शन का अध्ययन कर रहीं हैं. पहले केवल पुरुष साधुओं को किसी अनुष्ठान के लिए बुलाया जाता था लेकिन अब इन महिला साधुओं को भी बुलाया जाने लगा है. ये अनुष्ठान ही उनके आय का मुख्य ज़रिया हैं.
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इमेज कैप्शन, आठ साल की कर्मा चुकसित इस मठ की सबसे युवा साधु हैं. जब वह 2008 में यहां आई थीं तब वह कुपोषित थीं. डॉक्टर पाल्मो का मानना है कि धार्मिक संस्थानों में लिंगभेद है और आधुनिक शिक्षा युवा महिला साधुओं में एक नया आत्मविश्वास भरेगा.
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इमेज कैप्शन, चंबा चट्न्यानलिंग में साइकिल चलाते हुए. इस मठ में सब्ज़ियों की खेती होती है और साथ ही यहां एक लाइब्रेरी भी है. डॉ. पाल्मो लड़कियों और युवा महिलाओं को खेल और सामाजिक गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित करती हैं.
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इमेज कैप्शन, सेरिंग कुंज़ोम तब सात वर्ष की थीं जब उन्होंने साधु बनने का फ़ैसला लिया था. डॉ. पाल्मो कहती हैं कि साधु बनने की इच्छा आत्मा से आती है और जब इसका फ़ैसला ले लिया जाता है तब उसे कोई नहीं रोक सकता.