वाराणसी में लड़कियों का गुरुकुल

भारत में कुछ ही शहरों में छात्राओं के लिए गुरुकुल हैं, वाराणसी इनमें एक है.

वाराणसी

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इमेज कैप्शन, वाराणसी में लड़कियों के लिए पारंपरिक गुरुकुल है.
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इमेज कैप्शन, मां आनंदमयी कन्यापीठ की स्थापना 69 साल पहले वाराणसी में की गई थी. लड़कियों के इस गुरुकुल में शिक्षा और पारंपरिक धार्मिक शिक्षा दी जाती है.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल में लड़कियों और शिक्षिकाओं के रहने की भी व्यवस्था होती है.
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इमेज कैप्शन, हर दिन सुबह चार बजे गुरुकुल में छात्राओं और शिक्षिकाओं की दिनचर्या शुरू हो जाती है. अलग-अलग विषयों के अध्ययन के अलावा आध्यात्मिक शिक्षा भी छात्राओं के जीवन का अहम हिस्सा होती है.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल में पांच साल की उम्र तक की लड़कियों को दाखिला दिया जाता है, वयस्क होने तक लड़कियों को यहां शिक्षा दी जाती है.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल में छात्राओं को दिन में दो बार वेद और अन्य हिंदू धार्मिक ग्रंथ पढ़ाए जाते हैं. संस्कृत व्याकरण, अंग्रेज़ी, हिंदी और गणित के अलावा इतिहास, भूगोल, समाजशास्त्र और अर्थशास्त्र भी पढ़ाए जाते हैं. इस तस्वीर में लड़कियां अपनी कक्षा के पहले दिन अपनी मेज़ लगा रही हैं.
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इमेज कैप्शन, छात्राओं को दिन में दो घंटों का समय खेल-कूद के लिए दिया जाता है. स्कूल की वेबसाइट के मुताबिक संगीत, कला, खाना बनाना जैसी कई और चीज़ें छात्राओं को सिखाई जाती हैं.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल में छात्राओं के लिए ख़ास ड्रेस कोड है और बड़े होने पर इन्हें सफेद साड़ी पहननी होती है, बाल भी छोटे-छोटे कटवा दिए जाते हैं.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल में पढ़ाई ख़त्म होने के बाद लड़कियां जो चाहें वो पेशा अपना सकती हैं.
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इमेज कैप्शन, गुरुकुल की कुछ छात्राएं यहीं रहना पसंद करती हैं और शिक्षा ख़त्म होने के बाद वो यहीं पर काम करती हैं.