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एलटीटीई फिर 'आतंकवादी सूची' में
अमरीका ने श्रीलंका के तमिल चरमपंथी संगठन लिब्रेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम यानि एलटीटीई को इस साल फिर 'विदेशी आतंकवादी संगठनों' की सूची में रखा है. एलटीटीई का नाम 1997 से अमरीका की इस सूची में है. हर साल एलटीटीई की गतिविधियों की समीक्षा के बाद उसे फिर इस सूची में शामिल कर लिया जाता है. इस सूची में एलटीटीई का नाम होने का मतलब है कि अमरीका में मौजूद कोई भी व्यक्ति या संगठन यदि एलटीटीई को आर्थिक मदद देता है तो ये ग़ैरक़ानूनी होगा. ये फ़ैसला ऐसे समय आया है जब एलटीटीई के नेता, श्रीलंका सरकार के साथ रुकी हुई बातचीत फिर शुरु करने के लिए आयरलैंड जाने की तैयारी में हैं. अमरीका बंद हुई वार्ता दोबारा शुरु करने के लिए दोनो पक्षों पर दबाव डालता रहा है. डबलिन में बातचीत समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार अमरीका ने कुल 25 संगठनों को 'विदेशी आतंकवादी संगठनों' की सूची में रखा है. इसके बाद अमरीका की वित्तीय संस्थाओं की ये ज़िम्मेदारी बन जाती है कि वे इन संगठनों को जाने वाला पैसा रोक दें.
समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रिचर्ड बाऊचर के हवाले से कहा है, "एलटीटीई श्रीलंका की सरकार के साथ शांति वार्ता से जुड़े होने के बावजूद आतंकवादी गतिविधियाँ कर रहा है." उनका कहना था कि एलटीटीई को 'आतंकवादी संगठनों की सूची' से तब ही हटाया जा सकता है जब वह ये गतिविधियाँ पूरी तरह त्याग दे. माना जा रहा है कि आयरलैंड की राजधानी डबलिन में हो रही वार्ता में एलटीटीई सरकार के जुलाई में दिए सझावों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करेगी जिनके तहत अक्तूबर के मध्य तक अंतरिम प्रशासन स्थापित करने का प्रस्ताव है. समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार, तमिल विद्रोहियों की टीम के नेता एस पी तमिलसेल्वन ने कहा, "अपने क़ानूनी सलाहकारों और नेता प्रभाकरण से बातचीत करने के बाद इस विषय मुख्य बिंदुओं पर सहमति हो गई है. डबलिन में तो समझौते को अंतिम रूप दिया जाएगा." तमिल विद्रोहियों ने वार्ता दोबारा शुरु करने की शर्त ये रखी थी कि पहले श्रीलंका के तमिल बहुल उत्तरी और पूर्वी क्षेत्र में अंतरिम प्रशासन कायम किया जाए. |
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