केवाईवी नहीं किया तो टोल पर फंस सकती है गाड़ी, समझिए केवाईवी की प्रक्रिया

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केवाईवी नहीं किया तो टोल पर फंस सकती है गाड़ी, समझिए केवाईवी की प्रक्रिया
टोल प्लाज़ा

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अगर आपके पास कोई वाहन है और उस पर फास्टैग लगा है तो साबित करें कि ये सही है और असली है?

जी हां... बिल्कुल सही सुना आपने... जिस तरह बैंक अकाउंट्स को वैरिफ़ाई करने के लिए आपको केवाईसी यानी नो योर कस्टमर कराना होता है. उसी तरह वाहनों में लगे फास्टैग के लिए अब केवाईवी यानी नो योर व्हीकल करना ज़रूरी है.

आख़िर KYV क्या बला है, क्यों ज़रूरी है, कैसे काम करता है... जानते हैं इन सभी सवालों के जवाब

केवाईवी की ज़रूरत क्यों पड़ी

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दरअसल, नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया यानी NHAI को फास्टैग के दुरुपयोग की कई शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद पिछले साल KYV को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में लागू किया गया है.

देश के सभी वाहन मालिकों को इसका पालन करना होगा और जिस किसी भी वाहन पर फास्टैग लगा है, उसका केवाईवी ज़रूरी है.

अगर आपने वाहनों का केवाईवी नहीं किया तो फास्टैग नहीं माना जाएगा और टोल पर पूरा पैसा देना होगा.

सवाल ये है कि सड़क परिवहन मंत्रालय को फास्टैग को वैरिफाई करने के लिए केवाईवी सिस्टम की ज़रूरत क्यों पड़ी?

पहला तो फास्टैग के दुरुपयोग को रोकने के लिए ही. कुछ मामलों में एक वाहन का फास्टैग लोग दूसरे वाहन पर इस्तेमाल कर रहे थे, इसके अलावा कुछ फर्जी टैग की शिकायतें भी आ रही थी.

कई मामलों में ट्रक ड्राइवर कारों के फास्टैग इस्तेमाल करते हुए पाए गए. एनएचएआई का कहना है कि फास्टैग सिस्टम को और सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए केवाईवी लागू किया गया है. इससे फास्टैग को सैनेटाइज करने में मदद मिलेगी.

क्या फास्टैग वाले सभी वाहनों को केवाईवी करना होगा?

हां, एनपीसीआई यानी भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के सर्कुलर में कहा गया है कि सभी फास्टैग को केवाईवी स्टैंडर्ड्स का पालन करना होगा.

इस प्रक्रिया के तहत फास्टैग को विशिष्ट वाहन पंजीकरण संख्या से जोड़ना जरूरी होगा.

फ़ास्टैग वाले किसी भी व्यक्ति को अपना वाहन रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी आरसी अपलोड करनी होगी, अपने वाहन की सामने से एक तस्वीर लेनी होगी. उसे फ़ास्टटैग और नंबर प्लेट के साथ अपलोड करना होगा.

साथ ही टैग और वाहन के एक्सल के साथ एक साइड इमेज भी अपलोड करनी होगी.

क्या केवाईवी नहीं करने पर वाहन टोल पर रोके जा रहे हैं?

हां, ऐसा हो रहा है. कुछ वाहनों को टोल प्लाजा पर रोककर बताया गया कि केवाईवी नहीं करने की वजह से उनका फास्टैग काम नहीं कर रहा है.

हालांकि ज्यादातर लोगों की शिकायत है कि ये अपलोड करने पर सही तरीके से हो नहीं पा रहा है. इसे लेकर शिकायतें भी आ रही हैं.

केवाईवी प्रक्रिया इस तरह पूरी होगी

अपने फास्टैग प्रोवाइडर की वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करें.

"Update KYV" या "Know Your Vehicle" सेक्शन पर क्लिक करें. Vehicle Number और फास्टैग आईडी डालें. मांगे गए दस्तावेज RC, ID Proof आदि अपलोड करें. ओटीपी या ईमेल वेरिफिकेशन पूरा करें. वेरिफिकेशन के बाद आपका फास्टैग "Active and Verified" दिखेगा.

क्या केवाईवी फ्री है या इसके लिए फ़ीस देनी होगी?

अभी तक केवाईवी प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त है. इसके लिए कोई चार्ज नहीं है.

रही बात इसकी वैलिडिटी की तो केवाईवी तीन साल के लिए वैलिड है. और तीन साल बाद इस प्रोसेस को फिर से दोहराना होगा.

दावा है कि केवाईवी के कई फ़ायदे हैं.

इससे फास्टैग का गलत इस्तेमाल रुकेगा.

अब एक टैग सिर्फ़ उसी वाहन पर चलेगा, जिसके लिए वह जारी हुआ है.

वाहन के चोरी होने की स्थिति में ट्रेसिंग आसान होगी. अगर कोई गाड़ी बेच दी गई है, तो नया मालिक नया टैग जारी कराएगा.

गलत श्रेणी वाले टैग (जैसे ट्रक पर कार टैग) की गड़बड़ी खत्म होगी.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित

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