यूक्रेन की हक़ीक़त बयां करती ये क़ब्रें

यूक्रेन की हक़ीक़त बयां करती ये क़ब्रें

जंग में कोई भी पक्ष ये बताना पसंद नहीं करता कि उसके कितने लोग मारे गए क्योंकि इससे दुश्मन का हौसला बढ़ सकता है या ख़ुद की हिम्मत भी कमज़ोर पड़ सकती है.

शायद यही वजह है कि 18 महीने की भीषण लड़ाई के बाद भी ये साफ़ नहीं है कि दोनों पक्षों के कितने सैनिक मारे जा चुके हैं. अमेरिका का अनुमान है कि यूक्रेन ने कुछ महीने पहले जबसे जवाबी हमले करने शुरू किए हैं तबसे मृतकों की संख्या नाटकीय रूप से बढ़ गई है और यूक्रेन में हर दिन सैकड़ों नई क़ब्रें खोदी जा रही हैं.

बीबीसी संवाददाता क्वेंटिन सॉमरविल पूर्वी यूक्रेन में फ्रंटलाइन पर गए जहां सूरजमुखी के खेतों के बीच कब्रिस्तान बनाए गए हैं. इस रिपोर्ट के कुछ हिस्से आपको परेशान कर सकते हैं.

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