पंजाब से महाराष्ट्र तक, उन लोगों की कहानियां जिन्हें संविधान ने दी जीने की वजह

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पंजाब से महाराष्ट्र तक, उन लोगों की कहानियां जिन्हें संविधान ने दी जीने की वजह

संविधान सभा ने 26 नवंबर साल 1949 को संविधान अपनाया था. उसके 75 साल पूरे हो चुके हैं.

ये जनता के लिए तैयार एक ऐसा दस्तावेज़ है, जो न्याय सुनिश्चित करता है.

पंजाब के रहने वाले अजीत सिंह के बेटे की 1991 में फ़र्ज़ी एनकाउंटर में हत्या कर दी गई थी.

अपने बेटे को न्याय दिलाने के लिए उन्होंने 34 साल तक क़ानूनी लड़ाई लड़ी. जिसके बाद अदालत ने 47 पुलिसकर्मियों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई.

उन्होंने अपनी इस लड़ाई के बारे में विस्तार से बताया. उनके अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से जुड़े कुछ लोगों ने भी अपनी कहानियां सुनाई हैं.

इस वीडियो के ज़रिए हम आपको कुछ ऐसे ही लोगों की कहानियां दिखा रहे हैं, जिन्हें संविधान से न्याय, समानता से रहने का अधिकार मिला.

प्रोड्यूसर: शैली भट्ट

वीडियो एडिट: केन्ज़ उल मुनीर

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