क्या जेनेटिक बीमारियों से बचने का रास्ता निकल आया है?- दुनिया जहान
अमेरिका के फिलाडेल्फिया के अस्पताल में बीते साल एक बच्चे का जन्म हुआ, जो देखने में तो स्वस्थ लग रहा था, लेकिन जल्द ही पता चल गया कि वो स्वस्थ नहीं है क्योंकि वो काफ़ी ज़्यादा सो रहा था.
ब्लड टेस्ट से पता चला कि केजे नाम के इस बच्चे के शरीर में अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक थी.
इसकी वजह उसके शरीर में एक जीन का म्यूटेशन या ग़लत बदलाव था जो उसके लिवर यानी यकृत को अमोनिया बाहर निकालने से रोक रहा था.
इससे पहले कि केजे कोमा में चला जाए डॉक्टर और वैज्ञानिकों को उसका इलाज ढूंढना था.
चंद महीनों के भीतर उन्होंने सरकार से जीन एडिटिंग करने वाली दवा के लिए मान्यता प्राप्त कर ली.
यह दवा ख़ासतौर पर इसी बच्चे के लिए बनाई गई थी.
इस साल की शुरुआत में केजे को कई बार जीन एडिटिंग की दवा दी गई.
इलाज के कुछ महीने बाद ही उसकी स्थिति में बड़ा सुधार आया.
इसलिए इस सप्ताह दुनिया जहान में हम यही जानने की कोशिश करेंगे कि क्या जेनेटिक बीमारियों से बचने का रास्ता निकल आया है?
प्रेज़ेंटरः सारिका सिंह
प्रोडक्शनः काशिफ़ सिद्दीक़ी
ऑडियो मिक्सिंगः तिलकराज भाटिया
वीडियो एडिटिंगः अक्षित गुप्ता
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित



