दीप्ति जीवानजी: लोगों के तानों को अनसुना कर देश के लिए जीता मेडल
दीप्ति जीवानजी: लोगों के तानों को अनसुना कर देश के लिए जीता मेडल
'अर्जुन अवॉर्ड' विजेता और पैरा-एथलीट दीप्ति जीवानजी को एक समय अपने शहर में कड़वी बातें सुननी पड़ती थीं.
लोग तो उनके माता-पिता को उनकी शक्ल की वजह से उन्हें अनाथालय में छोड़ने की सलाह भी देते थे. आज, वे उनके साथ उत्सुकता से सेल्फ़ी लेते हैं.
22 साल की दीप्ति जीवानजी ने इन सभी तानों को ऐसे पीछे छोड़ा जैसे रेस में वह अपने प्रतिद्वंदी को पीछे छोड़ती हैं.
बीबीसी न्यूज़ हिन्दी ने दीप्ति से बात की और उनके सफ़र के बारे में जाना.
रिपोर्ट: सुशीला सिंह
वीडियो: दीपक जसरोटिया, अंशुल वर्मा
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.



