पहले विश्व युद्ध के सैनिक रहे दादा को खोजने निकले परपोतों की कहानी
पहले विश्व युद्ध के सैनिक रहे दादा को खोजने निकले परपोतों की कहानी
दो भाई जिन्हें अपने परदादा हज़ारा सिंह के बारे में बस इतना ही पता था कि पहले विश्व युद्ध में अंग्रेज़ों के लिए लड़ते हुए उनकी मौत हो गई थी.
काफ़ी कोशिशों के बाद वे ये जानने में कामयाब रहे कि उनके परदादा हज़ारा सिंह का नाम फ़्रांस के न्यूवे चैपल मेमोरियल में लिखा हुआ है और वे इसे देखने के लिए निकल पड़े. देखिए, उनकी ये कहानी.
रिपोर्टः नवजोत कौर और गुरप्रीत चावला
शूटः मयंक मोंगिया
एडिटः राजन पपनेजा

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित
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