तानाशाहों की सनक और क्रूरता की अजीबोग़रीब दास्तां - विवेचना
तानाशाहों के बारे में कहा जाता है कि उन्हें अपने ही लोगों से डर लगता है.

इमेज स्रोत, Getty Images
तानाशाहों के बारे में कहा जाता है कि उन्हें अपने ही लोगों से डर लगता है. वो कमज़ोर लोग होते हैं.
अगर वो ताक़तवर होते तो उन्हें सत्ता में आने के लिए ताकत का सहारा नहीं लेना पड़ता और वो बहुमत से चुनकर सत्ता में आते.
चाहे हिटलर हों या स्टालिन या फिर माओं तानाशाहों का इतिहास बताता है कि उन्होंने विदेशी लोगों से कहीं अधिक अपने ही लोगों को मरवाया है.
उनके बारे में एक और बात सच है कि हर तानाशाह की एक एक्सपायरी डेट होती है. एक समय के बाद उसका पतन निश्चित होता है. विवेचना में रेहान फ़ज़ल सुना रहे हैं किस्से दुनिया के कुछ चुनिंदा तानाशाहों के.
वीडियो: सदफ़ ख़ान
(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)



