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मुज़फ़्फ़रनगर ग्राउंड रिपोर्ट: दुकानों पर नाम लिखे जाने का फैसला तो पलटा लेकिन अब कैसा है माहौल?
मुज़फ़्फ़रनगर ग्राउंड रिपोर्ट: दुकानों पर नाम लिखे जाने का फैसला तो पलटा लेकिन अब कैसा है माहौल?
हाल ही में मुज़फ़्फ़रनगर प्रशासन ने क़ानून व्यवस्था का हवाला देकर ढाबों, होटलों और खाने-पीने के सामान बेचने वाली दुकानों पर मालिकों और उसमें काम करने वाले कर्मचारियों का नाम लिखवाने का आदेश दिया था.
यानी लोगों को अपनी दुकानों पर अपनी मज़हबी पहचान ज़ाहिर करने को कहा गया था.
विवाद बढ़ने के बाद मामला सुप्रीम कोर्ट गया और सर्वोच्च अदालत ने यूपी सरकार के इस फ़ैसले पर रोक लगा दी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील दी कि कांवड़ यात्रा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए ये फ़ैसला लिया गया था.
इस बीच इस पूरे मामले कांवड़िए, स्थानीय मुसलमान और जानकार किस तरह देख रहे हैं?
वीडियो: अभिनव गोयल और शाद मिद्हत