हिमालय से भी पुरानी अरावली पहाड़ियों का इतिहास, जो इसकी अहमियत की गवाही देता है

वीडियो कैप्शन, भूगोलविदों का कहना है कि हिमालय युवा है, बढ़ रहा है; अरावली बूढ़ी है.
हिमालय से भी पुरानी अरावली पहाड़ियों का इतिहास, जो इसकी अहमियत की गवाही देता है

भारत के चार राज्यों से होकर गुज़रने वाली अरावली पहाड़ियां ना तो उन गगनचुंबी पहाड़ों की तरह ऊंची हैं और ना ही इनके शिखर बर्फ़ से ढकी चोटियों की तस्वीर बनाते हैं, लेकिन ये फिर भी ख़ूबसूरत हैं.

पर्यावरण के लिहाज़ से इनकी अहमियत इन ध्वस्त पहाड़ियों को ख़ूबसूरत की पारंपरिक परिभाषा में ना फिट बैठते हुए भी इन्हें बेहद खास बना देती हैं.

ये पहाड़ियां, धूल रोकने से लेकर पानी रीचार्ज करने, जैव विविधता की रक्षा करने और अपनी गोद में वन्यजीवों का लालन-पालन करने जैसे कई अहम काम करती हैं.

अरावली पहाड़ियों की अहमियत, इसके बनने से लेकर विकास के नाम पर होते निर्माण, इससे होने वाले नुकसानों पर भूगोलविद क्या कह रहे हैं, विस्तार से सुनिए.

रिपोर्ट: त्रिभुवन, वरिष्ठ पत्रकार बीबीसी हिंदी के लिए

आवाज़: मोहन लाल शर्मा

वीडियो एडिटः रोहित लोहिया

(बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित)